अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हफ्ते की शुरुआत में आईफोन बनाने वाली कंपनी ऐप्पल से भारत में अपना प्रोडक्शन बंद करने को कहा था. ट्रंप ने कंपनी से अमेरिका में प्लांट लगाने और वहीं आईफोन बनाने की बात की थी. उन्होंने अमेरिका में निवेश बढ़ाने के लिए कहा था, लेकिन इसी बीच टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने होसुर प्लांट में iPhone 16 और iPhone 16e को असेंबल करना शुरू कर दिया है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे टाटा स्मार्टफोन सप्लाई चेन में एक बड़ा नाम बनकर सामने आ सकता है. जबकि अब तक फॉक्सकॉन जैसी ताइवान की कंपनियों का इस क्षेत्र में दबदबा रहा है. इससे साफ है कि ट्रंप के सुझाव को न तो ऐप्पल और न ही इसकी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां गंभीरता से ले रही हैं.
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का आगे ये है प्लान
टाटा ग्रुप के इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीजन ने मोबाइल फोन की असेंबली के लिए होसुर प्लांट में एक नए यूनिट की शुरुआत की है. अभी तक कंपनी अपने होसुर प्लांट में आईफोन के बाहरी ढांचे का प्रोडक्शन कर रही थी. अब यहां असेंबलिंग का काम भी शुरू हो चुका है. सूत्र के मुताबिक, इससे पहले टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कर्नाटक में अपने विस्ट्रॉन प्लांट में आईफोन असेंबल का काम शुरू किया था. कुछ महीने पहले, होसुर प्लांट में भी असेंबल का काम शुरू हुआ. कंपनी का प्लान आने वाले समय में कम से कम चार यूनिट शुरू करने का है.
अब ताइवान की कंपनी ने दिया ट्रंप को झटका
हर यूनिट में 2500 से अधिक श्रमिकों के काम करने की क्षमता है. एक बार अगर होसुर प्लांट में पूरे दम पर काम होना शुरू हुआ, तो यह ऑपरेशन के मामले में विस्ट्रॉन प्लांट से आगे निकल जाएगी. टाटा के साथ-साथ ताइवान की कंपनी होन हाई प्रिसिजन इंडस्ट्री ने भी ट्रंप को बड़ा झटका दिया है क्योंकि कंपनी चीन से अपना प्रोडक्शन कम कर भारत में निवेश बढ़ाना चाहती है. कंपनी ने भारत में 1.5 बिलियन डॉलर (करीब12,500 करोड़ रुपये) का निवेश करने की बात कही है. अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाते हुए होन भारत के दक्षिणी हिस्से में अपने प्लांट का निर्माण कर रही है.


