Weather: दिल्ली-एनसीआर में दो-तीन दिन में मानसून की उम्मीद, असम और अरुणाचल में बाढ़-बारिश से जनजीवन प्रभावित

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चिलचिलाती गर्मी से राहत देते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। रफ्तार पकड़ते हुए मानसून ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व लद्दाख में दस्तक दे दी। हालांकि भीषण गर्मी झेल रहे दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दो-तीन दिनों में पहुंचने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह छा गया है। अरुणाचल प्रदेश व असम में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे दोनों राज्यों का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बचे इलाकों को कवर कर लिया है।

वहीं, नौ दिन की देरी से पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने के साथ ही मानसून पूर्वांचल समेत लगभग आधे उत्तरी हिस्से में छा गया है। अभी मानसून की उत्तरी रेखा गुजरात के सूरत, मध्य प्रदेश के इंदौर, सागर, सीधी, और उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, अयोध्या व बरेली से होते हुए उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के मंडी तक पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के बचे इलाकों, हिमाचल प्रदेश व लद्दाख के बाकी हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली व पंजाब और राजस्थान में मानसून के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

आईएमडी के अनुसार, 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और एनसीआर में 6 जुलाई तक तेज हवाएं चलने के साथ ही गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3-5 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में बुधवार को बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी में मंगलवार को कई हिस्सों में बारिश होने से किसानों को बड़ी राहत मिली। बरेली में सर्वाधिक 157 मिमी और ललितपुर में 106 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लखीमपुर खीरी में 99.4 मिमी, अयोध्या में 69 मिमी, अंबेडकरनगर में 66 मिमी बारिश हुई। इससे कई जिलों में तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून में प्रदेश में सामान्य से 54 प्रतिशत कम बारिश हुई। पूर्वी यूपी में वर्षा 58 प्रतिशत और पश्चिमी यूपी में 47 प्रतिशत कम रही।

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