मां की गोद में जब एक नन्हा सा जीवन पहली बार करवट बदलता है, तो उसका हर स्पर्श, हर एहसास खास होता है. नवजात शिशु की देखभाल किसी कला से कम नहीं है और उसमें सबसे अहम होता है, उसकी नरम त्वचा की मालिश. भारत में पीढ़ियों से मालिश को सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि बच्चे के विकास का आधार माना गया है. लेकिन आज के समय में जब बाजार में सैकड़ों तरह के तेल मौजूद हैं, तो सवाल उठता है कि “कौन सा तेल नवजात के लिए सबसे सही है?”

नवजात शिशु की मालिश क्यों जरूरी है?
- रक्त संचार बेहतर होता है
- हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है
- बच्चा शांत और बेहतर नींद लेता है
- मां और बच्चे के बीच का बंधन गहरा होता है
कौन से तेल का इस्तेमाल करें?
नारियल तेल: हल्का, जल्दी सोखने वाला और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर, ये तेल गर्मियों के लिए सबसे उपयुक्त है. ड्राई स्किन और रैशेज में फायदेमंद भी है.
बादाम का तेल: विटामिन E से भरपूर, त्वचा को पोषण देने वाला है. ये तेल सर्दियों में त्वचा को मॉइस्चराइज करता है. हल्की खुशबू और नॉन-स्टिकी भी रहता है.
मेडिकेटेड बेबी ऑयल्स: बाजार में उपलब्ध फार्मूलेटेड बेबी ऑयल्स होते हैं. लेकिन इसमें. डॉक्टर द्वारा सुझाए गए विकल्प ही चुनें.
किस बात का ध्यान रखें?
- मालिश हमेशा हल्के गर्म कमरे में करें
- तेल को हल्का गर्म करके लगाएं
- बच्चे की त्वचा पर अगर कोई रिएक्शन दिखे तो तुरंत तेल बदलें
- हर नए तेल को पहले पैच टेस्ट जरूर करें
हर शिशु अलग होता हैऔर उसकी त्वचा की जरूरतें भी अलग होती है. इसलिए सही तेल चुनना बहुत जरूरी है. माता-पिता बिना ब्रांड या दिखावे के पीछे न भागे, तेल की शुद्धता, मौसमी उपयुक्तता और बच्चे की त्वचा की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें.

