‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ भारतीय टेलीविजन का आइकॉनिक शो है. ये डेली सोप जुलाई 2000 से नवंबर 2008 तक स्टार प्लस पर टेलीकास्ट हुआ था और इसके कुल 1,833 एपिसोड आए थे. शो को शोभा कपूर और एकता कपूर ने अपने बैनर बालाजी टेलीफिल्म्स के तहत सह-निर्मित किया था. इस सीरियल की कहानी स्मृति ईरानी के तुलसी विरानी के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती थी जो अमीर विरानी परिवार की आदर्श बहू थी. वहीं एकता कपूर ने हाल ही में कंफर्म किया था कि वह क्योंकि सास भी कभी बहू थी का रीमेक बना रही हैं. वहीं अब स्मृति ईरानी ने इस पर रिएक्शन दिया है.

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में मुंबई में इंडिया ग्लोबल फ़ोरम में बोलते हुए, एकता ने पीटीआई को बताया था, “मैं अब तक का सबसे बड़ा शो फिर से बना रही हूं. इसने मुझे एक पहचान दी, और फिर मुझे अन्य चीज़ें बनाने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा. लेकिन यह वह बन गया जिसके लिए मैं जानी जाती थी. लेकिन एक अन्य बड़े कॉरपोरेट के साथ एक प्रोडक्शन हाउस चलाने के चलते, ये शो अपने 2000 एपिसोड को (एपिसोड मील का पत्थर) को पूरा नहीं कर पाया था. इस मील के पत्थर को पार करने में160 एपिसोड कम पड़ गए थे. इस शो के लिए हमें जो प्यार मिला है, उसने उन सभी को वापस ला दिया है जो इससे जुड़े हुए हैं ताकि वे केवल उन एपिसोड को पूरा करें और 2000 (संख्या) तक पहुंचे. शो इसका हकदार है.”
एकता ने ये भी कहा था, “हम एंटरटेनमेंट में पॉलिटिक्स ला रहे हैं या बेहतर होगा कि एंटरटेनमेंट में पॉलिटिशियन ला रहे हैं.” इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि एकता ने स्मृति ईरानी की इस आइकॉनिक शो में वापसी का हिंट दिया है.
क्योंकि सास…में कमबैक को लेकर स्मृति ईरानी ने क्या कहा?
अब, हाल ही में एक कार्यक्रम में, जब स्मृति ईरानी से टाइम्स नाउ ने पूछा कि अगर ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ फिर से शुरू होता है तो क्या वह फिर से तुलसी विरानी का किरदार निभाएंगी, तो उन्होंने बस इतना कहा, “हम्म्म्म्म”, जिससे दर्शकों को उनकी वापसी के बारे में अनुमान लगाना पड़ा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शो के रीमेक की आधिकारिक घोषणा मेकर्स जून 2025 में करेंगे।.ओजी शो में पहले दो सालों तक मिहिर विरानी का किरदार निभाने वाले अमर उपाध्याय के भी वापसी करने की उम्मीद है.
गौरतलब है कि स्मृति ईरानी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद अभिनय से ब्रेक ले लिया था और 2014 से 2024 तक महिला एवं बाल विकास मंत्री, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री और कपड़ा मंत्री के रूप में कई विभागों को संभाला था.


