UP News: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी सुरक्षा योजना व महिला नसबंदी प्रोत्साहन राशि फर्जीवाड़ा मामले में कार्रवाई की गई है. मामले मे दो कर्मचारियों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

आगरा स्वास्थ्य्य विभाग में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी सुरक्षा योजना व महिला नसबंदी प्रोत्साहन राशि में फर्जीवाड़ा का चौकाने वाला मामला सामने आया है. दो वर्ष के वित्तीय ऑडिट में फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसमें एक महिला का 25 बार प्रसव और 5 बार नसबंदी की गई. अब इस मामले मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराया है . आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की प्रसूताओं को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये सरकार की ओर से दिए जाते है.
आगरा के फतेहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का वित्तीय ऑडिट के दौरान चौकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है. एक महिला का 25 बार प्रसव हुआ और 5 बार नसबंदी कराई गई और महिला को 45000 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर, नर्स और कर्मचारियों की मिलीभगत का अंदेशा जताया जा रहा था. इस मामले के लिए सीएमओ ने जांच कराई और दोषियों के खिलाफ मुकदमा कराया. स्वास्थ्य विभाग के दो कर्मचारियों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है.
आगरा में सामुदायिक स्वास्थ्य्य केंद्र, लेडी लायन महिला अस्पताल और एसएस मेडिकल कॉलेज में 38.95 लाख रुपये का भुगतान संदिग्ध पाया गया जिसकी जांच के आदेश दिए गए है. आगरा के फतेहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक की भी भूमिका की भी जांच होगी. आगरा के सीएमओ अरुण श्रीवास्तव ने इस मामले की विस्तृत जांच के लिए टीम का गठन किया है. सीएमओ आगरा अरुण श्रीवास्तव ने दोषियों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है जिसमें कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों सहित तीन को गिरफ्तार किया गया है. आगरा में हुए इस बड़े फर्जीवाड़े की जांच जारी है, सीएमओ खुद जांच की देखरेख कर रहे हैं.

