ईरान ने जंग के बीच भारतीयों को सुरक्षित बताया है. ईरानी सरकार ने खास मैसेज देकर भारत सरकार को किसी तरह की टेंशन न लेने का संकेत दिया है.
अमेरिका-इजरायल से जंग लड़ रहे ईरान ने भारतीयों की सलामती को लेकर एक मैसेज भेजा है. भारत में ईरानी प्रतिनिधि ने कहा है कि हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता कि कोई बात नहीं है. ये संदेश ऐसे वक्त सामने आया है, जब मिडिल ईस्ट में बीते 1 महीने से भयानक जंग जारी है. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर एयरस्ट्राइक किया, जिसमें ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत अन्य नेताओं की मौत हो गई थी. जंग की शुरुआत के बाद ईरान ने भी जवाबी हमला करते हुए मिडिल ईस्ट में स्थिति कई अन्य देशों पर हमला किया. सऊदी अरब, कतर, बहरीन समेत अन्य देशों में स्थिति अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान ने निशाना बनाया.
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग आज दुनिया के सबसे बड़े और खतरनाक मुद्दों में से एक बन गई है. अमेरिका और इजरायल का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है, इसलिए उसने ईरान पर हमला किया है, जबकि ईरान बार-बार कहता रहा है कि उसका कार्यक्रम सिर्फ बिजली और दूसरे शांतिपूर्ण कामों के लिए है. इसी बात को लेकर कई सालों से तनाव चल रहा था, जो अब सीधे जंग में बदल गया है.

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी जंग में ईरान अपने सहयोगी समूहों का भी इस्तेमाल कर रहा है, जैसे लेबनान में हिज्बुल्लाह, यमन में हूती ईरान की मदद कर रहे हैं. जंग का तरीका भी बदल चुका है. इसमें हवाई हमले हो रहे हैं, मिसाइल और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं, साइबर हमले भी हो रहे हैं और समुद्र के रास्तों पर भी खतरा बढ़ गया है. इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे गंभीर मुद्दा है, जो तेल के लिए बहुत अहम रास्ता है. हालांकि, अभी तक जमीनी स्तर पर जंग शुरू नहीं हुई है, लेकिन इसका खतरा लगातार बना हुआ है. अमेरिका लगातार सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेज रहा है. इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. मिडिल ईस्ट से तेल और गैस आता है, इसलिए जैसे-जैसे जंग बढ़ता है, तेल के दाम बढ़ने लगते हैं. इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है.
भारत पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल महंगा होने पर यहां भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं. इसके अलावा खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन गया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार (30 मार्च 2026) जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अब तक 8 भारतीयों की मौत हो चुकी है, जबकि एक लापता है. अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार अब तक 3,461 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें 1,551 आम नागरिक और कम से कम 236 बच्चे शामिल हैं. वहीं इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रसेंट सोसाइटीज का कहना है कि कम से कम 1,900 लोग मारे गए हैं और करीब 20,000 लोग घायल हुए हैं.
लेबनान में 2 मार्च से शुरू हुए हमलों में वहां 1,238 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कम से कम 124 बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा हिज्बुल्लाह के 400 से ज्यादा लड़ाके भी मारे गए हैं और लेबनान की सेना के 8 जवानों की भी जान गई है. इराक में भी हालात खराब हैं. वहां अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें आम नागरिक, मिलिशिया के सदस्य और सैनिक शामिल हैं. इजरायल में ईरान और लेबनान की तरफ से दागी गई मिसाइलों के कारण वहां 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5 सैनिक भी मारे गए हैं.


