8 मार्च को दुनिया के कई हिस्सों में विमेंस डे मनाया जाता है. आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां पर इसे मनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है.हर साल 8 मार्च को दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में महिलाओं की कामयाबी को पहचानने और जेंडर इक्वलिटी के बारे में अवेयरनेस को बढ़ाने के लिए इंटरनेशनल विमेंस डे मनाया जाता है. कई देशों में इसे पब्लिक इवेंट, रैली, कल्चरल प्रोग्राम और महिलाओं के अधिकारों को हाईलाइट करने वाले कैंपेन के साथ मनाया जाता है. लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जहां पर इन सेलिब्रेशंस को आजादी से करने की इजाजत नहीं है. आइए जानते हैं कौन से हैं वे देश.
अफगानिस्तान
ईरान
पाकिस्तान
चीन

अफगानिस्तान – में 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से महिलाओं के लिए हालात काफी बदल गए हैं. महिलाओं के अधिकारों पर काफी ज्यादा पाबंदियां लगाई गई हैं. इसमें एजुकेशन, नौकरी और पब्लिक गैदरिंग पर लिमिटेशन शामिल हैं. तालिबान के धार्मिक कानूनों के मतलब के तहत महिलाओं को कई पब्लिक इवेंट्स ऑर्गेनाइज्ड करने या फिर उनमें हिस्सा लेने की इजाजत नहीं है. इन्हीं पाबंदियों की वजह से विमेंस डे पर होने वाले पब्लिक सेलिब्रेशन पर काफी हद तक बैन है. ऐसे इवेंट ऑर्गेनाइज करने की कोशिश करने वाले एक्टिविस्ट को कथित तौर पर अधिकारियों द्वारा लागू किए गए बुराई और अच्छाई नियमों के तहत अरेस्ट, डिटेंशन या सजा का सामना करना पड़ा है.
ईरान – में 8 मार्च ऑफीशियली नेशनल हॉलिडे नहीं मनाया जाता. जबकि विमेन राइट्स एक्टिविस्ट कभी-कभी इस दिन को मनाने की कोशिश करते हैं लेकिन पब्लिक प्रदर्शनों पर अक्सर रोक होती है. अधिकारी उन जमावड़ों पर कड़ी नजर रखते हैं जो विमेंस राइट्स की वकालत करते हैं. पहले भी रैलियां ऑर्गेनाइज करने की कोशिश को सिक्योरिटी फोर्स ने तितर बितर कर दिया था.
पाकिस्तान – में विमेंस डे के इवेंट होते हैं. जिनमें सबसे खास औरत मार्च होता है. हालांकि इन इवेंट्स को अक्सर कंजरवेटिव और धार्मिक ग्रुप के कड़े विरोध का सामना करना पड़ता है. ऑर्गेनाइजर को कभी-कभी अधिकारियों से ऑफिशियल परमिशन लेने में मुश्किल होती है. इतना ही नहीं बल्कि इसमें शामिल होने वालों को धमकियां मिल सकती है या फिर कानूनी शिकायतों का सामना भी करना पड़ सकता है.
चीन – में विमेंस डे को ऑफिशियल मान्यता मिली हुई है लेकिन इसे मनाने का तरीका कई दूसरे देशों से अलग है. महिलाओं को आमतौर पर 8 मार्च को कम से आधे दिन की छुट्टी दी जाती है लेकिन महिलाओं के अधिकारों से जुड़े बड़े प्रदर्शन या फिर विरोध प्रदर्शनों पर अधिकारी कड़ी नजर रखते हैं. कोई भी ऐसा इवेंट जो राजनीतिक रूप से सेंसिटिव या फिर सरकार की आलोचना करने वाला हो उस पर रोक लगाई जा सकती है.


