ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान की तरफ से किए गए हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान फितना अल-खारीज जैसे आतंकवादी समूहों से किसी भी तरह की धमकी बर्दाश्त नहीं करेगा.अफगानिस्तान और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के साथ तनाव और मिडिल ईस्ट के हालात पर चिंता जताते हुए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने देश का रक्षा बजट बढ़ाने आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि देश के आसपास जो हालात हैं, और पिछले दिनों बलूचों और अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में जिस तरह हमले किए, उसको और देश की सुरक्षा के लिए चुनौतियों को देखते हुए जरूरी है कि रक्षा बजट बढ़ाया जाए.
पाकिस्तानी न्यूज चैनल समा टीवी के साथ बात करते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि मौजूदा हालात देखते हुए, यह जरूरी है कि हम रक्षा बजटा बढ़ाएं ताकि हम हर तरह की स्थिति के लिए तैयार रह सकें। उन्होंने मिडिल ईस्ट संकट के भू-राजनीतिक प्रभाव पर बात करते हुए कहा कि वैश्विक तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट होर्मुज से होकर गुजरता है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है.’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूरोपीय देश अमेरिका और इजरायल का समर्थन करने से बच रहे हैं, क्योंकि वैश्विक स्तर पर व्यापक रूस से इसको अच्छा नहीं कहा जा रहा है.

ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान की तरफ से किए गए हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान फितना अल-खारीज जैसे आतंकवादी समूहों से किसी भी तरह की धमकी बर्दाश्त नहीं करेगा. ख्वाजा आसिफ ने कहा, ‘अफगान सरकार और वहां के लोगों का मौजूदा व्यवहार न तो अतीत में स्वीकार्य था, न वर्तमान में और न ही भविष्य में.’
ख्वाजा आसिफ ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ बातचीत के जरिए सुरक्षा मुद्दों को सुलझाने के कई प्रयास किए हैं, लेकिन उन्होंने इन प्रयासों को अविश्वसनीय बताया. उन्होंने कहा, ‘हम उनसे दो बार मिल चुके हैं, फिर भी धमकियां बरकरार हैं. जब तक खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक अभियान जारी रहना चाहिए.’उन्होंने अफगानिस्तान पर ऐतिहासिक रूप से आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप लगाया और दावा किया कि अफगान समर्थन के बिना, पाकिस्तान की सेना ने इन समूहों को पहले ही खत्म कर दिया होता. रक्षा मंत्री ने कहा, ‘वर्तमान स्थिति को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना आवश्यक है.’


