ईरान ने अमेरिका को युद्ध समाप्त करने के लिए 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा था। इसमें लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध के स्थायी अंत और होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नए नियम की मांग की गई थी। हालांकि, अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से भेजे गए नए शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस 14 सूत्रीय प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि यह उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता। यह प्रस्ताव वर्तमान संघर्ष विराम को अधिक टिकाऊ समाधान में बदलने की दिशा में एक कूटनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा था।
इ्स्राइली समाचार आउटलेट ‘कैन न्यूज’ से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि प्रस्ताव की विस्तृत समीक्षा के बाद भी वह इससे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए अस्वीकार्य है। मैंने इसको पढ़ा है, मैंने सब कुछ का पढ़ा है – यह अस्वीकार्य है।” द टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, “ईरान एक सौदा करना चाहते हैं, लेकिन मैं उनके प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हूं और कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनसे मैं सहमत नहीं हो सकता।”

ट्रंप बोले- ईरान ने अभी बड़ी कीमत नहीं चुकाई
डोनाल्ड ट्रंप का हालिया बयान ईरान के प्रस्ताव पर उनके संदेह की पुष्टि करता है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि ईरान ने मानवता और दुनिया के साथ पिछले 47 वर्षों में जो कुछ भी किया है, उसकी अभी बड़ी कीमत नहीं चुकाई है।
क्या है ईरान का 14-प्वाइंट प्रस्ताव?
ईरान का कहना है कि वह केवल युद्धविराम नहीं बल्कि पूरी तरह से युद्ध खत्म करना चाहता है। इसके लिए उसने 30 दिनों के भीतर सभी मुद्दों का समाधान करने की बात रखी है। इस प्रस्ताव में कुछ प्रमुख मांगें शामिल हैं-
अमेरिका और उसके सहयोगियों से भविष्य में हमला न करने की गारंटी
ईरान के आसपास से अमेरिकी सेना की वापसी
ईरान की जमी हुई अरबों डॉलर की संपत्ति को वापस करना
ईरान पर से सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाना
युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई (रेपरेशन)
लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में संघर्ष खत्म करना
होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नया नियंत्रण तंत्र
इसके अलावा, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखने का अधिकार भी मांगा है।
ट्रंप ने ईरान पर हमले फिर से शुरू करने की जताई संभावना
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ बातचीत विफल होने पर भविष्य में सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज नहीं किया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या हमले फिर से शुरू हो सकते हैं, तो उन्होंने कहा था, “अगर वे गड़बड़ करते हैं, अगर वे कुछ बुरा करते हैं तो यह एक संभावना है जो हो सकती है।”

