किसानों के माथे पर शिकन: कैथल में औसतन 6.8 MM बारिश, खेतों में फिर बिछी गेहूं व सरसों की फसल

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जिलेभर में शनिवार अलसुबह हुई बेमौसमी बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। बारिश व तेज हवाओं ने किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल को बिछा दिया है, जिससे किसानों को काफी नुक्सान होने की आशंका है।

विदित रहे कि अप्रैल के शुरूआती दिनों में गेहूं पक कर तैयार हो जाती है तथा हाथ से कटाई शुरू हो जाती है, लेकिन अब बारिश के बाद फसल गिरने से सूखने का ज्यादा खतरा रहेगा। करीब 10 दिन पहले भी ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को काफी नुक्सान पहुंचाया था। बेल वाली सब्जियों के लिए भी यह बारिश नुक्सानदायक साबित हुई है। बारिश होने के कारण सुबह के समय गलियों में कई जगह  निकासी न होने से पानी खड़ा हो गया। इस कारण दोपहिया वाहन चालकों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। सुबह बारिश के बाद दिनभर सूर्यदेव व बादलों के बीच आंख-मिचौली का खेल जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार कैथल जिले में औसतन 6.8 एम.एम. बारिश हुई है। जिले में सबसे ज्यादा बारिश पूंडरी क्षेत्र में 15 एम.एम., जबकि सबसे कम कैथल ब्लाॅक क्षेत्र में 2 एम.एम. बारिश हुई। गुहला में 3 एम.एम., कलायत 3 एम.एम., राजौंद 5 एम.एम.,  ढांड 8 एम.एम. व सीवन में 12 एम.एम. बारिश हुई है।

आगामी दिनों में बढ़ेगी गर्मी 

आगामी दिनों में अब गर्मी बढ़ने का अनुमान है। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी बढ़ौतरी होगी और धीरे-धीरे गर्मी अपना असर दिखाएगी। शनिवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री व न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सैल्सियस रहा। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि आगामी दिनों में तापमान में वृद्धि होगी। शनिवार को हुई बारिश से गेहूं की फसल को नुक्सान हुआ है। कृषि विभाग के एस.डी.ओ. सतीश नारा ने बताया कि किसान मौसम के अनुसार फसलों की देखभाल करें। बदलते मौसम में फसलों में बीमारी आने का खतरा रहता है, इसलिए सुबह-शाम अपनी गेहूं की फसल को जरूर देखें। हल्की-सी बीमारी मिलने पर तुरंत कृषि विभाग के डॉक्टरों की सलाह लें, ताकि समय पर बीमारी को कंट्रोल किया जा सके।

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