यस बैंक ने कहा कि उसे एसेसमेंट ईयर 2019-20 का 2209 करोड़ रुपये के टैक्स का नोटिस मिला है. बैंक की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि उसे आयकर विभाग से धारा 156 के तहत ये नोटिस मिला है और इसमें टैक्स देनदारी की मांग की गई है.

यस बैंक का कहना है कि वे आयकर विभाग के इस नोटिस के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाएंगे. बैंक ने आगे कहा कि इस टैक्स नोटिस का विश्लेषण कर रहे हैं और कानूनी और नियामक आवश्यकताओं के अनुसार उचित कदम उठाने के लिए परामर्श कर रहा है.
यस बैंक की तरफ से ये कहा गया है कि इस नोटिस की वजह से उसके फाइेंशियल, ऑपरेशंस या किसी अन्य गतिविधियों पर कोई प्रतिकूल असर की कोई संभावना नहीं है. यस बैंक का ये कहना है कि उसके पास पूरे मामले में अपनी स्थिति का प्रमाणित करना का उचित आधार है.
बैंक ने कहा कि एसेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 144 के अंतर्गत साल 2021 में 30 सितंबर को एक ऑर्डर मिला था. जिसमें पहले दाखिल इनकम टैक्स रिटर्न में क्लेम किए गए रिफंड के अनुरूप बैंक को रिफंड दिया गया था. अप्रैल 2023 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से इस संबंधित एसेमेंट ईयर को फिर से री-ओपन किया गया था.
बैंक की तरफ से जारी बयान में आगे कहा गया कि आयकर विभाग की फेसलेस यूनिट ने 2025 में 28 मार्च को री-एसेसमेंट ऑर्डर पास किया और इसमें कोई एडिशंस नहीं किए गए. ऐसे में बैंक के पास आयकर विभाग की तरफ से कोई बकाया टैक्स नहीं बचता है.


