यमुना प्राधिकरण ने नोएडा के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपनी योजना के तहत ‘लैंड बैंक’ तैयार करना शुरू कर दिया है। यह कदम नोएडा और उसके आसपास के क्षेत्रों में आगामी वर्षों में हो रहे विशाल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस योजना के तहत, 5065.145 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में 10 नए सेक्टर बनाए जाएंगे।
एयरपोर्ट के पास तेजी से विकास की संभावना
यमुना प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया है, जिसे गौतमबुद्ध नगर और अलीगढ़ जिलों के प्रशासन से प्रस्तावित किया गया है। इस भूमि अधिग्रहण के लिए 606300 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। हालांकि, इस काम में गति 17 अक्टूबर 2024 के बाद मिली, जब नोएडा मास्टर प्लान 2041 को स्वीकृति मिली। इस योजना के तहत विकसित होने वाले नए सेक्टर ज्यादातर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास होंगे, क्योंकि एयरपोर्ट के पास तेजी से विकास की संभावना बढ़ सकती है, जिससे अतिक्रमण की स्थिति पैदा हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए लैंड बैंक की प्रक्रिया तेज की गई है, ताकि भविष्य में विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो सके। अभी, इस समय टप्पल लाजिस्टिक पार्क और टप्पल बाजना अर्बन सेंटर के लिए जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। ये नए क्षेत्र प्राधिकरण द्वारा निर्धारित योजना के तहत विकसित किए जाएंगे, जिससे इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण और अन्य विकास कार्य संभव होगा।
एक आधुनिक और हाईटेक शहर नोएडा
नोएडा मास्टर प्लान 2041 का उद्देश्य नोएडा और उसके आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास करना है, ताकि यह क्षेत्र एक आधुनिक और हाईटेक शहर के रूप में उभर सके। यह योजना चार चरणों में पूरा होगी, जो 2041 तक सम्पन्न होने का अनुमान है। प्राधिकरण का लक्ष्य इस प्रोजेक्ट के माध्यम से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के अलावा, गुरुग्राम को भी चुनौती देने वाली एक स्मार्ट सिटी तैयार करना है। मास्टर प्लान 2041 में 84 गांवों का समावेश होगा, जो दादरी और बुलंदशहर क्षेत्रों में स्थित हैं। इस योजना के जरिए इस पूरे क्षेत्र का संपूर्ण विकास किया जाएगा, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पूरी नगरीय संरचना को एक नई दिशा मिलेगी। प्राधिकरण का कहना है कि इस प्रोजेक्ट में नोएडा को एक हाईटेक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, जो अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं और सुव्यवस्थित बुनियादी ढांचे से लैस होगा। इसके अलावा, मास्टर प्लान में एक स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, हरित क्षेत्र, आवासीय और व्यावसायिक ज़ोन का विकास, साथ ही सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार की योजना भी शामिल है।
क्या है विकास के प्रमुख पहलू
नोएडा मास्टर प्लान 2041 का प्रमुख उद्देश्य सिर्फ शहरी विकास नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है। इस प्रोजेक्ट के तहत, नोएडा क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों को बेहतर जीवन यापन के अवसर मिलेंगे। यहां पर रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा, यह प्रोजेक्ट दिल्ली और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों को कड़ी टक्कर देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के विकास में भी एक अहम भूमिका निभाएगा। मास्टर प्लान के अनुसार, नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे और वहां पर व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे नोएडा एक अहम व्यापारिक केंद्र के रूप में उभर सके। इसके अलावा, नई शहरी योजनाओं में एकीकृत जल आपूर्ति, सीवेज प्रणाली, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था में सुधार भी किया जाएगा, ताकि निवासियों को उच्च गुणवत्ता वाली जीवनशैली मिल सके। नोएडा मास्टर प्लान 2041 के तहत किए जा रहे इस व्यापक विकास कार्य से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार होंगे। इसमें विभिन्न क्षेत्रों का समग्र विकास और नोएडा को एक हाईटेक और स्मार्ट सिटी के रूप में प्रस्तुत करने का लक्ष्य है। इस योजना के तहत जहां एक ओर नए सेक्टरों का निर्माण होगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार के अवसर, आवासीय सुविधाएं और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस विकास के साथ-साथ नोएडा और आसपास के क्षेत्रों का विकास तेजी से होगा और यह दिल्ली-एनसीआर के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में स्थापित होगा।


