विक्रमादित्य सिंह ने कहा, ”कंगना चुनाव जीतने के बाद दो मर्तबा ही प्रदेश में नजर आई, एक बार अपने निजी कैफे के उद्घाटन के अवसर पर, दूसरी बार किसी बैठक में. सांसद कंगना रनौत के पास DISHA की महत्वपूर्ण बैठकों में आने का भी समय नहीं है. सांसद होने के नाते उन्हें अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन करना चाहिए.”साथ ही उन्होंने वक्फ बिल पर कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों की बातों पर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है. कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने सदन में मजबूती के साथ अपना पक्ष रखा है.

केंद्र से मदद के मुद्दे पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को भूलने की बीमारी हो गई है. हाल ही में विधानसभा का बजट सत्र हुआ है सदन में ऑन रिकॉर्ड उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर बात करते हुए केंद्र से मिल रही मदद के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है.
2024 के लोकसभा चुनाव में अभिनेत्री कंगना रनौत ने विक्रमादित्य सिंह को हराया था. रनौत को 537,022 वोट मिले. वहीं विक्रमादित्य सिंह को 462,267 वोट मिले. चुनाव के दौरान दोनों ही नेताओं में खूब जुबानी जंग चले थे. विक्रमादित्य सिंह हिमाचल कांग्रेस के अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के बेटे हैं. विक्रमादित्य सिंह पिता वीरभद्र सिंह राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.


