अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर पर बनी सहमति के बीच चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. FBI ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चेतावनी दी थी कि ईरानी सरकार से अमेरिका में खतरा बढ़ गया है.
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग पर 40वें दिन ब्रेक लग गया है. यूएस-ईरान 14 दिन के बीच सीजफायर पर सहमति बनी है. ट्रंप ने अपनी तय डेडलाइन से महज 90 मिनट पहले संघर्ष विराम का फैसला किया. इसी बीच, एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से बताया कि पिछले महीने FBI ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चेतावनी दी थी कि ईरान की सरकार से अमेरिका के भीतर खतरा बढ़ गया है. यह चेतावनी तब आई जब व्हाइट हाउस इस तरह के हमले की संभावना को कम बता रहा था.
20 मार्च की रिपोर्ट में FBI और अन्य संघीय खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी थी कि ईरान की सरकार अमेरिकी सैना, सरकारी कर्मियों, इमारतों, यहूदी और इजरायली संस्थानों और अमेरिका में ईरानी के लिए लगातार खतरा बनी हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन चेतावनियों के बावजूद एफबीआई और राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी केंद्र ने अमेरिकी जनता के लिए बड़े खतरों की पहचान नहीं की थी.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘विभिन्न वैचारिक पृष्ठभूमि वाले हिंसक चरमपंथी, जिनमें अमेरिका या इजरायल का विरोध करने वाले भी शामिल हैं, इस संघर्ष को हिंसा के रूप में देख सकते हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरानी सिक्योरिटी सर्विसेज ने हाल के वर्षों में अमेरिकियों का अपहरण और हत्या करने का प्रयास किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि तेहरान ऐसे एजेंटों का इस्तेमाल करना पसंद करता है, जिनके पास अमेरिका में कानूनी दर्जा हो या जिनकी अमेरिका तक पहुंच हो. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकार ने फिशिंग ईमेल जैसी हैकिंग तकनीकों का भी इस्तेमाल किया है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इन खतरों को मामूली बताया है. 11 मार्च को जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अमेरिका में ईरान के हमले की चिंता है, तो उन्होंने कहा, ‘नहीं, मुझे नहीं है.’ हालांकि, इस हफ्ते उन्होंने ईरान को बड़ी कार्रवाई की धमकी देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला गया तो वह ईरान के ब्रिज, पावर प्लांट और अन्य बुनियादी ढांचों को तबाह कर देंगे. मंगलवार (7 अप्रैल) को उन्होंने कहा कि अगर ईरान उनकी मांगें पूरी नहीं करता है तो आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा, लेकिन बाद में उन्होंने धमकी भरे हमले को दो सप्ताह के लिए टाल दिया.
20 मार्च को जारी की गई रिपोर्ट का टाइटल ‘पब्लिक सेफ्टी अवेयरनेस रिपोर्ट’ है. व्हाइट हाउस के इसी तरह की खुफिया जानकारी को जारी करने से रोकने के हफ्तों बाद यह रिपोर्ट सामने आई है. उस समय व्हाइट हाउस ने कहा था कि वह यह तय कर रहा है कि किसी भी जानकारी को जारी करने से पहले उसकी ठीक से जांच की जाए.
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एबिगेल जैक्सन ने एक बयान में कहा, ‘ट्रम्प प्रशासन हमेशा देश और अमेरिकी जनता की रक्षा के लिए मिलकर काम कर रहा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मीडिया संस्थानों को व्यापक संदर्भ के अभाव में रिपोर्टिंग करके गैर जिम्मेदाराना तरीके से भय फैलाने का प्रयास नहीं करना चाहिए.’ FBI और एनसीटीसी ने भी अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन के प्रवक्ता अली करीमी मघम ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.


