केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं. इस दौरान वह मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ कई परियोजनाओं की घोषणा और उद्घाटन की. उन्होंने गौशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपए का अनुदान की घोषणा की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अलग से सहकारिता मंत्रालय बनाया है.
भोपाल. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने रिमोट का बटन दबाकर हितलाभ वितरण किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कई डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. उन्होंने उज्जैन में 255 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया. भोपाल में 16.5 करोड़ की लागत से प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया. भोपाल में 12.42 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ. शिवपुरी में 6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण हुआ. इन परियोजनाओं से प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण और डेयरी अधोसंरचना को विस्तार मिलेगा. तो वहीं रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा. उन्होंने 35 हजार गौपालकों की संबोधन भी किया.
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेसियों ने 75 साल तक केंद्र में सहकारिता विभाग नहीं बनने दिया. पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय बना. इस विभाग का सीधा फायदा किसानों को हुआ. अलग-अलग मुद्दे पर कांग्रेस विरोध करती है. दुनिया में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला देश भारत बना है. पांच राज्यों में कांग्रेस की नो एंट्री है. कांग्रेस ने कभी पशुपालकों का फायदा नहीं किया. कांग्रेस का काम विरोध करना, भ्रम फैलाना है. 50 लाख लीटर का संकल्प पूरा करना है. मैंने मुख्यमंत्री 50 एकड़ भूमि मांगी थी. उन्होंने सैद्धांतिक सहमति दे दी है. इस जमीन पर नस्ल सुधारने का काम किया जाएगा.” आखिर में अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ सीएम मोहन यादव खुद गौपालक हैं.

अमित शाह ने बताया पीएम मोदी का विजन
अमित शाह ने कहा, “यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के संकल्प से मध्यप्रदेश मिल्क कैपिटल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. 1926 नई दुग्ध समितियां, 801 समितियां पुनः सक्रिय और अब 7171 समितियां क्रियाशील हैं. दूध संकलन को 12 लाख से बढ़ाकर 52 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है. 2973 करोड़ रुपए की डेयरी विकास योजना, आधुनिक डेयरी संयंत्र और लखपति गोपालक दीदी जैसे प्रयास पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ सहकारिता को नई ताकत दे रहे हैं. सशक्त पशुपालक, समृद्ध किसान और वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता सांची, यही है नए मध्यप्रदेश की दुग्ध क्रांति.
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अमित शाह ने ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए डेयरी विकास को अहम बताया. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 2029 तक नशा मुक्त हो जाए ऐसी प्लानिंग की जा रही है. आने वाले समय में नशे की कोई जगह नहीं होगी.
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अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर काम की आलोचना करती है, जबकि मोदी सरकार ने बहुत काम किए हैं. श्वेत क्रांति की शुरुआत भाजपा ने की. अब 46000 डेयरी को सपोर्ट करेंगे. 75000 डेयरी में सबसे ज्यादा डेयरी मध्य प्रदेश में बनेंगी.
अमित शाह ने भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघ के सदस्यों को सिंगल क्लिक से बोनस राशि वितरित की. पंजीकृत गौशालाओं को सहायता राशि का वितरण की. इस दौरान दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ का लाभांश वितरित किया गया. उन्होंने सम्मेलन 5 गौपालक दीदियों को सम्मानित किया. डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए. सम्मेलन में ‘मध्यप्रदेश में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात’ एवं कृषि वर्ष विशेष पर फिल्मों का प्रदर्शन हुआ.
सीएम मोहन यादव ने बताया दुग्ध उत्पादन में एमपी तीसरे नंबर पर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2025 को रोजगार निवेश और 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जाएगा. किसानों को सबसे ज्यादा दूध से होती है. देश में दूध उत्पादन के मामले में मध्यप्रदेश तीसरे नंबर पर है. एमपी में 12 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है. 55 रुपए तक दूध का दाम किसानों को मिल रहा है. 255 करोड़ की लागत से 3 लाख प्रतिदिन क्षमता वाले प्लांट का लोकार्पण होगा. 50 लाख लीटर के टारगेट को पूरा करेंगे एमपी में 6 दुग्ध संघ हैं.


