श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को हुआ ब्रेन हेमरेज

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अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को 2 फरवरी 2025 की शाम अचानक ब्रेन हेमरेज का अटैक आया। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल रेफर किया गया। आचार्य सत्येंद्र दास की यह तबीयत खराब होने का मामला मंदिर के श्रद्धालुओं और उनके भक्तों के बीच चिंता का कारण बन गया है।

हुए अचानक बीमार, ब्लड प्रेशर बढ़ा
2 फरवरी की शाम लगभग 7 बजे आचार्य सत्येंद्र दास का ब्लड प्रेशर अचानक से बहुत बढ़ गया, जिससे उनकी हालत बिगड़ी। तुरंत उन्हें अयोध्या के श्री राम अस्पताल ले जाया गया, जहां पर प्रारंभिक उपचार किया गया। बाद में, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए, उन्हें लखनऊ के सिटी न्यूरो केयर अस्पताल रेफर किया गया, ताकि उनका इलाज बेहतर तरीके से किया जा सके।

ब्रेन हेमरेज की पुष्टि, स्थिति गंभीर
लखनऊ में सीटी स्कैन करवाने के बाद डॉक्टरों ने पाया कि आचार्य सत्येंद्र दास के दिमाग में 17 जगह ब्लड क्लॉटिंग हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि वे गंभीर ब्रेन हेमरेज से पीड़ित हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर नहीं है और डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम उनकी सेहत पर लगातार निगरानी रखे हुए है। डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है और इलाज जारी है।

रामलला के प्रति समर्पण
आचार्य सत्येंद्र दास का जीवन रामलला की पूजा-अर्चना में समर्पित रहा है। वे 1992 से श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी रहे हैं। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद, उन्होंने ही टेंट में रामलला की पूजा-अर्चना की थी। उनके समर्पण की कहानी आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है। जब 2020 में अस्थायी मंदिर में रामलला की मूर्तियों की स्थापना की गई, तब भी वे मुख्य पुजारी बने थे।

अक्टूबर 2024 में भी बिगड़ी थी तबीयत
आचार्य सत्येंद्र दास की तबीयत अक्टूबर 2024 में भी खराब हुई थी, जब उन्हें न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के संकेत मिले थे। उस समय उन्हें लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में भर्ती किया गया था। हालांकि, इलाज के बाद वे ठीक हो गए थे। अब एक बार फिर ब्रेन हेमरेज के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई है।

भक्तों और श्रद्धालुओं की प्रार्थना
आचार्य सत्येंद्र दास के इलाज के लिए उनकी सेहत पर नजर रखने वाले डॉक्टरों की टीम के अलावा, अयोध्या और अन्य जगहों पर लाखों भक्त उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। भक्तों का कहना है कि आचार्य जी के प्रति उनकी श्रद्धा और विश्वास अडिग है, और वे जल्द स्वस्थ होंगे।

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