ENTERTAINMENT : इस गुजराती फिल्म ने रच दिया इतिहास, छप्परफाड़ कमाई के साथ बना डाला ये तगड़ा रिकॉर्ड, हाथ मलते रह गए अजय देवगन- फरहान अख्तर

0
333

गुजराती सिनेमा अपने अब तक के सबसे शानदार पलों में से एक का गवाह बन रहा है, और इसका सारा क्रेडिट अंकित सखिया की ‘लालो-कृष्णा सदा सहायते’ को जाता है. करण जोशी, रीवा राछ, श्रुहाद गोस्वामी, अंशु जोशी और किन्नल नायक स्टारर इस फिल्म ने इतिहास रच दिया है. रिलीज के 47 दिनों में छप्परफाड़ कमाई कर चुकी ‘लालो-कृष्णा सदा सहायते’ ने एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. हैरानी की बात ये है कि ये अजय देवगन की दे दे प्यार दे 2 और फरहान अख्तर की 120 बहादुर सहित कई फिल्मों के आग डंके की चोट पर नोट छाप रही है.

जब क्षेत्रीय सिनेमा की बात आती है तो आमतौर पर तेलुगु या तमिल या कन्नड़ सिनेमा का दबदबा होता है, लेकिन यह पहली बार है जब किसी गुजराती फिल्म ने सभी को चौंका दिया है और इंडस्ट्री की ध्यान खींचा है. दरअसल हम बात कर रहे हैं ‘लालो-कृष्णा सदा सहायते’ की जिसने 47 दिनों में 76.55 करोड़ रुपये की चौंका देने वाली कमाई कर डाली है. इसी के साथ ये न केवल अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली गुजराती फिल्म बन गई है, बल्कि 2025 की 36वीं सबसे बड़ी भारतीय हिट के रूप में नेशनल चार्ट में भी एंट्री कर गई है.

50 लाख रुपये के मामूली बजट पर बनी इस फिल्म ने ‘लालो-कृष्णा सदा सहायते’ को पहले ही एक ऑलटाइम ब्लॉकबस्टर बना दिया है. दिलचस्प बात ये हैं कि ऐसी इंडस्ट्री में जहां ज़्यादातर फ़िल्में पहले कुछ हफ़्तों में ही टॉप पर पहुंच जाती हैं वहां ‘लालो-कृष्णा सदा सहायते’ का सफ़र उल्टा रहा. दरअसल फिल्म ने पहले हफ़्ते में 33 लाख रुपये और दूसरे हफ़्ते में 27 लाख रुपये की कमाई के साथ मामूली शुरुआत की. आमतौर पर, ऐसे आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि फ़िल्म सिनेमाघरों से बाहर हो जाएगी, लेकिन यहीं से इस फ़िल्म की किस्मत बदल गई. पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ और दर्शकों के साथ इमोशनल कनेक्शन के दम पर, लालो ने तीसरे हफ़्ते में 62 लाख रुपये की कमाई के साथ एक शानदार ग्रोथ दिखाई.

फिर इस फिल्म की चौथे हफ्ते की कमाई किसी चमत्कार की तरह 12.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो किसी गुजराती भाषा की फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी छलांग है. पांचवें हफ्ते में 25.70 करोड़ रुपये की सनसनीखेज कमाई करने के बाद तो ये ब्लॉकबस्टर बन गई. इसके बाद छठे हफ्ते में इसने 24.40 करोड़ रुपये कमाए. जिससे साबित हुआ कि लालो लगभग पूरी तरह से बार-बार देखने वालों और जनता के जबरदस्त सपोर्ट के दम पर चल रही है.

फिल्म की ये शानदार दौड़ सातवें हफ्ते में भी जारी रही. फिल्म ने अकेले सातवें वीकेंड में 9.95 करोड़ रुपये जोड़े. 46वें दिन (सोमवार) को लालो ने 1.50 करोड़ रुपये कमाए और इसके एक दिन बाद, 47वें दिन, फिल्म ने 1.70 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया जिससे इसकी कुल कमाई अब 76.55 करोड़ रुपये हो गई है.

इसके साथ ही, लालो – कृष्णा सदा सहायता ने राजकुमार राव और वामिका गब्बी की भूल चूक माफ (72.3 करोड़ रुपये) के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है. इसने प्रदीप रंगानाथन की ड्यूड के 73.13 करोड़ रुपये के कलेक्शन को भी मात दे दी है. यह अब सभी भारतीय भाषाओं में इस साल की 36वीं सबसे बड़ी हिट है, जो गुजराती सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. ट्रेंड को देखते हुए फिल्म का थिएटर रन अभी खत्म होने से बहुत दूर है, उम्मीद है कि फिल्म जल्द ही 80 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगी और 85 करोड़ रुपये के आंकड़े की ओर बढ़ेगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here