NATIONAL : तंबू की जगह लोहे की दीवारें, सुरक्षा में 600 कंपनियां… अमरनाथ यात्रा से पहले पहलगाम के नुनवान बेस कैंप में हो रहीं खास तैयारियां

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अमरनाथ यात्रा 2025 की गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन इस बार सिर्फ श्रद्धालुओं की भीड़ ही नहीं बढ़ी है- बल्कि सुरक्षा और सुविधाओं का स्तर भी पहले से कहीं ज्यादा ऊंचा किया गया है. पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद इस बार केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहते. यात्रा के प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट नुनवान बेस कैंप में इस बार वह सब कुछ बदला गया है, जो पहले अस्थायी था. तंबुओं की जगह अब लोहे के मजबूत ढांचे खड़े हैं, और हर कोने पर सुरक्षा का ऐसा इंतजाम किया गया है, जो अमरनाथ यात्रा को एक सुरक्षित और व्यवस्थित तीर्थ का रूप दे रहा है.

अमरनाथ यात्रा 2025 के आगाज से पहले घाटी में सुरक्षा और सुविधा दोनों को लेकर अभूतपूर्व तैयारियां जारी हैं. बीते साल हुए आतंकवादी हमले के बाद इस बार सरकार और सुरक्षा एजेंसियां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं. यात्रा मार्ग के एक अहम हिस्से नुनवान बेस कैंप में खास तैयारियां की जा रही हैं. यहां व्यवस्थाएं एक war-footing पर की जा रही हैं.

नुनवान बेस कैंप, जो पहलगाम से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, हमेशा से अमरनाथ यात्रियों का प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट रहा है. पहले जहां यात्रियों के रुकने के लिए अस्थायी तंबू लगाए जाते थे, अब उनकी जगह भारी-भरकम iron prefab structures ने ले ली है. लोहे के इन मजबूत ढांचों में अब यात्रियों को बेहतर सुरक्षा, सुविधा और मौसम से बचाव मिलेगा. इन स्ट्रक्चर्स के भीतर बिजली, शौचालय, पीने का पानी और मेडिकल हेल्प भी शामिल है.

जम्मू-कश्मीर प्रशासन, केंद्र सरकार और श्राइन बोर्ड के बीच लगातार समन्वय बैठकों के बाद जो रोडमैप तय किया गया, वह नुनवान में जमीन पर उतरता दिख रहा है. पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति, बिजली विभाग, पर्यटन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की दिन-रात की मेहनत साफ नजर आती है. यहां काम बेहद तेज गति से चल रहा है.

सुरक्षा की बात करें तो इस बार करीब 600 अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को तैनात किया जा रहा है. इनमें CRPF, BSF, ITBP के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की इकाइयां भी शामिल हैं. सुरक्षा बल सिर्फ सड़क किनारे दिखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे रूट पर area domination और continuous patrolling की व्यवस्था है. सिक्योरिटी में Drone surveillance से लेकर sniffer dogs तक को शामिल किया गया है.

नुनवान में रहने वाले स्थानीय लोगों से जब बात की तो उनके चेहरे पर राहत और उम्मीद दोनों दिखीं. एक स्थानीय दुकानदार कहते हैं कि हमारे लिए अमरनाथ यात्रा सिर्फ व्यापार नहीं, सम्मान की बात है. पिछले साल जो कुछ हुआ, उससे सब डरे हुए थे, लेकिन इस बार सरकार ने जैसा इंतजाम किया है, उससे भरोसा लौटा है. वहीं एक स्थानीय महिला ने कहा कि पहले हर साल टूरिस्ट आते थे तो बच्चों के लिए भी रोजगार बनता था. उम्मीद है कि इस बार फिर वही रौनक लौटेगी.

नुनवान बेस कैंप के भीतर CCTV लगाए गए हैं. कंट्रोल रूम है, जहां से पूरे बेस कैंप और आने-जाने वाले रास्तों पर नजर रखी जा रही है. CRPF के अधिकारी लगातार mock drills कर रहे हैं, ताकि किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए टीमें तैयार रहें.

हालांकि अभी यात्रा शुरू होने में कुछ हफ्ते बाकी हैं, लेकिन नुनवान कैंप में स्थानीय गाइड, टट्टू वाले, और छोटे व्यापारी पहले से एक्टिव हो गए हैं. पहलगाम बाजार में भी हलचल बढ़ने लगी है. पर्यटकों की वापसी का संकेत स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए उम्मीद की किरण है.

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