देश की सेवा में समर्पित हिमाचल का एक और वीर सपूत शहीद हो गया। कंडाघाट उपमंडल की तुंदल पंचायत के रहने वाले 32 वर्षीय सैनिक नायक दिनेश डोगरा का दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया। वे भारतीय सेना की 19 डोगरा रैजीमैंट में असम में कार्यरत थे और बीते दो महीनों से लिवर इन्फैक्शन की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। परिजनों के अनुसार दिनेश डोगरा को पीलिया हो गया था, जो धीरे-धीरे लिवर संक्रमण में बदल गया। चिकित्सकों ने उनकी हालत को गंभीर मानते हुए उन्हें दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में रैफर किया, जहां इलाज के दौरान 22 फरवरी की रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी शहादत की खबर से परिवार और पूरे गांव में मातम पसर गया।

रविवार को शहीद दिनेश डोगरा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया। इस दौरान पूरे इलाके में “जब तक सूरज-चांद रहेगा, दिनेश तेरा नाम रहेगा” जैसे नारे गूंजते रहे। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो परिजनों में चीखोपुकार मच गई। शहीद की मां अपने बेटे को अंतिम विदाई देते हुए बेसुध हो गईं। वहीं पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं शहीद की पत्नी भी बेसुध हालत में थी। इसके बाद शहीद के पार्थिव शरीर को पैतृक श्मशानघाट ले जाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण, सेना के जवान, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। शहीद दिनेश अपने पीछे माता-पिता, बड़े भाई, पत्नी और अढ़ाई साल के बेटे को छोड़ गए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रकट किया शोक, शहीद को दी श्रद्धांजलि
शहीद दिनेश डोगरा के असमय निधर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के वीर सपूतों ने हमेशा देश की रक्षा में अपनी जान की परवाह नहीं की है। देश की सेवा में दिनेश डोगरा के अविस्मरणीय योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।


