हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत संरचना में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना का नाम है “प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया” (PM Shri योजना)। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के स्कूलों को आधुनिक तकनीक, सुविधाओं और संसाधनों से लैस करना है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके। केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को 33 करोड़ 83 लाख 78 हजार रुपए का बजट जारी किया है। इस राशि का उपयोग प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को सुधारने और उन्हें उन्नत बनाने के लिए किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने इस राशि को जिलावार आबंटित किया है, ताकि प्रत्येक स्कूल को इस योजना का लाभ मिल सके। विशेष रूप से, इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम, आधुनिक साइंस लैब, और अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा। इसके अलावा, बच्चों को शिक्षा से जुड़ी नई और उन्नत तकनीकी सुविधाएं प्रदान करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
निजी स्कूलों की तर्ज पर, सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम बनाने की योजना बनाई गई है। यह कदम बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। स्मार्ट क्लास रूम में इंटरेक्टिव बोर्ड, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, और अन्य डिजिटल संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्राप्त होगी। इसके अलावा, स्कूलों में आधुनिक साइंस लैब्स भी स्थापित की जाएंगी, ताकि बच्चों को विज्ञान की शिक्षा व्यावहारिक रूप से प्राप्त हो सके।
योजना के तहत, हिमाचल प्रदेश के स्कूलों को ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित करने की भी योजना बनाई गई है। इसके तहत स्मार्ट अपशिष्ट निपटान, जल संरक्षण, और सौर पैनल जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। स्कूलों में बिजली की बचत के लिए सौर पैनल लगाए जाएंगे और जल संचयन प्रणाली का भी निर्माण किया जाएगा। इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि स्कूलों की ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा।


