महाराष्ट्र के वाशी में धार्मिक जुलूस के दौरान आरती करने के विवाद के बाद आठ लोगों ने एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता और उसकी नाबालिग बेटी के साथ घर में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ की. आरोपियों पर BNS और पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, जांच जारी है.

महाराष्ट्र के वाशी इलाके में एक 40 वर्षीय महिला सामाजिक कार्यकर्ता और उनकी बेटी के साथ उनके घर में घुसकर कथित रूप से मारपीट और छेड़छाड़ की गई. पुलिस के अनुसार, यह घटना 25 मई को एक धार्मिक जुलूस के दौरान ‘आरती’ करने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई.
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि गांव की देवी की पालकी यात्रा के दौरान वह ‘आरती’ करना चाहती थीं, लेकिन कुछ लोगों ने इसका विरोध किया. इसके बाद आठ आरोपियों ने उनके घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की और उनकी बेटी के साथ भी बदसलूकी की. पीड़िता का आरोप है कि इन लोगों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी.
पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन सभी आठ आरोपी पहचाने जा चुके हैं. इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसमें महिला की मर्यादा भंग करने के उद्देश्य से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग, स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, और जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने की मंशा जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.इसके साथ ही, पीड़िता की बेटी नाबालिग है, इसलिए आरोपियों पर पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी.
वाशी में एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता और उनकी बेटी के साथ उनके घर में घुसकर आठ लोगों ने मारपीट और छेड़छाड़ की. यह घटना आरती करने के विवाद के बाद हुई. पुलिस ने BNS और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है, हालांकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. जांच जारी है.


