NATIONAL : पाकिस्तान से आ रहीं सूखी हवाओं ने बारिश रोकी, अब प्रशांत महासागर के सिस्टम से उम्मीद

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उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां मानसून की रफ्तार थमी है, वहीं पहाड़ी राज्यों में बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। शनिवार रात जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बादल फटने के बाद बाढ़ आई। कई खेत बर्बाद हो गए, सड़क बह गई।

उत्तराखंड के विकासनगर में भारी बारिश के कारण लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास लैंडस्लाइड हुआ। कई गाड़ियां और मशीनें मलबे में दब गईं।इधर, देश के लगभग 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब हो गए हैं। इसका कारण पाकिस्तान की ओर से आ रही सूखी हवाएं बताई जा रही हैंमौसम की वेबसाइट ऑल इंडिया वैदर की रिपोर्ट के अनुसार ये सूखी हवाएं अरब सागर, मध्य भारत और दक्षिण भारत तक फैल गई हैं।इनकी वजह से राजस्थान, दिल्ली-NCR, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में अगले 5 दिन तक बारिश की संभावना भी कम है।बारिश रुकने से मध्य प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान बढ़ गया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 42°C दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रशांत महासागर में 3 नए सिस्टम बन रहे हैं, अगर इनमें से एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया तो मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, देश के 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब होने के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम का कमजोर पड़ना है। 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी।

इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बादल और बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं।

फिलहाल बारिश मुख्य रूप से उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर तक सीमित है। IMD का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के फिर से एक्टिव होने की संभावना कम है।

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