सोनीपत के नाथूपुर स्थित फैक्ट्री में दो सगे भाइयों की संदिग्ध हालात में मौत ने इलाके को झकझोर दिया. माउथ फ्रेशनर बनाने में इस्तेमाल होने वाला निकोटीन पीने से उनकी हालत बिगड़ी और इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया. पारिवारिक और आर्थिक तनाव इस दर्दनाक घटना की बड़ी वजह बताया जा रहा है.
हरियाणा में सोनीपत के गांव नाथूपुर स्थित फैक्ट्री में दो सगे भाइयों की जहरीला पदार्थ पीने से संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. बताया जा रहा है कि दोनों ने माउथ फ्रेशनर बनाने वाली फैक्टरी में निकोटीन पी लिया था, जिसके बाद अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. देर शाम प्याऊ मनियारी में दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया. माता-पिता के बीमार रहने के चलते दोनों मानसिक तनाव में थे.
दरअसल, सोनीपत के कुंडली क्षेत्र के प्याऊ मनियारी के रहने वाले 26 साल के अभिषेक और 24 साल के रितिक नाथूपुर स्थित न्यूट्रीकेयर फैक्टरी में काम करते थे. फैक्टरी में माउथ फ्रेशनर बनाया जाता है. बताया जा रहा है कि सोमवार को दोनों ने फैक्टरी के अंदर ही माउथ फ्रेशनर बनाने में प्रयोग होने वाला निकोटीन पी लिया. जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई.

मामले की सूचना परिजनों को देने के साथ ही दोनों को कुंडली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया. हालांकि उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया. दोनों का शव मंगलवार देर शाम प्याऊ मनियारी लाया गया. घटना के बाद क्षेत्र में मातम छा गया. रात करीब आठ बजे दोनों भाइयों का एक ही चिता में अंतिम संस्कार कर दिया गया. जिसे देख हर आंख नम हो उठी. परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था. बताया जा रहा है कि दोनों युवक लंबे समय से मानसिक तनाव में थे, जिसने इस दर्दनाक घटना को जन्म दिया.
बताया जा रहा है कि परिवार पहले से ही संकटों से जूझ रहा है. युवकों की मां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीडि़त है. पिता हृदय रोग से ग्रसित है. बड़े भाई की पत्नी भी साथ नहीं रहती. बताया जा रहा है कि आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों से घिरे दोनों युवकों ने यह कदम उठा लिया.क्षेत्रवासी ने बताया कि दोनों भाइयों की एक बहन व एक छोटा भाई भी है. उनके छोटे भाई निखिल को महज पांच माह की उम्र में ही उनकी बुआ ने गोद ले लिया था. उसके बाद से वह बुआ के साथ रहता है. घटना के बाद से परिवार का रोकर बुरा हाल है.
पुलिस जांच अधिकारी के अनुसार दो सगे भाइयों के फैक्टरी में जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी मिली थी. दिल्ली में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. परिवार में माता-पिता के बीमार रहने के चलते दोनों भाइयों के मानसिक रूप से परेशान रहने की जानकारी मिली है.


