झारखंड में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के तहत गिनती का काम पूरा होने के बाद बुधवार को चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की. इसमें 43.61 लाख से ज्यादा लोगों के नाम हटा दिए गए. झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि राज्य में SIR के तहत गिनती का चरण शुरू होने से पहले 2.64 करोड़ मतदाता थे. गिनती का चरण पूरा होने के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2.21 करोड़ वोटर शामिल हैं, जिनमें 1.12 करोड़ पुरुष, 1.08 करोड़ महिलाएं और 260 थर्ड जेंडर वोटर हैं.
उन्होंने बताया कि 29 जुलाई तक कुल 2,64,63,236 मतदाताओं में से 2,21,01,249 (83.51 प्रतिशत) मतदाताओं ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर दिए हैं, जो SIR के एन्यूमरेशन चरण में भारी भागीदारी को दर्शाता है.”

30 जून को शुरू हुआ था गिनती का काम
बता दें, वोटर लिस्ट के SIR के लिए गिनती का काम 30 जून को शुरू हुआ और 29 जुलाई तक चला. इस दौरान बीएलओ ने गिनती वाले फॉर्म बांटने, इकट्ठा करने और उनकी जांच करने के लिए घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया. ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट) सूची में आने वाले कुल 43,61,987 मतदाताओं को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है. सीईओ ने बताया कि 43.61 लाख वोटरों में से लगभग 7.63 लाख की मौत हो गई, 15.92 लाख लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए, 14.50 लाख का पता नहीं चल सका या वे इस प्रक्रिया के दौरान मौजूद नहीं थे. 4.38 लाख लोगों के नाम कई जगहों पर वोटर के तौर पर दर्ज पाए गए. उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा लगभग 1.16 लाख मतदाताओं ने गिनती वाले फ़ॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और गिनती के चरण के दौरान बूथ-लेवल अधिकारियों (BLOs) को अपने फॉर्म वापस नहीं किए.
उन्होंने कहा, “कोई भी योग्य वोटर, जिसका नाम 2026 की वोटर लिस्ट में था, लेकिन जिसने एन्यूमरेशन फ़ॉर्म जमा नहीं किया था, वह 5 अगस्त से 4 सितंबर के बीच ‘दावे और आपत्ति’ के समय फॉर्म-6 और एक डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करके वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा सकता है.
8, 9, 22 और 23 अगस्त को लगेंगे स्पेशल कैंप
1 अक्टूबर 2026 को 18 साल के हो चुके या 1 अक्टूबर 2026 तक 18 साल के होने वाले युवा वोटरों को फ़ॉर्म 6 में अपना आवेदन भरने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा, “ऐसे युवा वोटरों को रजिस्टर करने के लिए झारखंड भर में 8, 9, 22 और 23 अगस्त को स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे, ताकि भारत के सभी योग्य नागरिकों का नाम लिस्ट में शामिल किया जा सके और कोई भी छूट न जाए.” सुनवाई और वेरिफिकेशन के लिए नोटिस का दौर 3 अक्टूबर को खत्म होगा. फाइनल वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी.


