ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आ रही स्लीपर बस में किशोरी से गैंगरेप केस में पुलिस ने 398 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। बस से मिले सीमन और बाल के जैविक नमूने आरोपियों के खिलाफ मुख्य सबूत बने हैं।
ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आ रही स्लीपर बस में 17 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीस हजारी अदालत में बस चालक कुलदीप और परिचालक संदीप के खिलाफ 398 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 70(2) (सामूहिक दुष्कर्म), 137 (अपहरण) और पॉक्सो की धारा के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपपत्र में 50 सरकारी गवाहों के बयान, चिकित्सीय और फॉरेंसिक रिपोर्ट समेत जांच से जुड़े अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
सीमन और बाल के नमूने बने अहम सबूत
जांच में बस से मिले सीमन (वीर्य) और बाल के नमूनों समेत जैविक साक्ष्यों को आरोपियों के खिलाफ अहम सबूत माना गया है। अदालत चार्जशीट पर संज्ञान ले चुकी है। अदालत के इस कदम के साथ ही दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

ड्राइवर और कंडक्टर पर आरोप
घटना अगस्त में हुई थी। आरोप है कि सफर के दौरान बस चालक और परिचालक ने 17 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। करीब 47 किलोमीटर चलने के बाद उसे आईएसबीटी कश्मीरी गेट के पास बस से उतार दिया गया था।
सीसीटीवी फुटेज की मदद से खोज निकाला
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से बस को तिमारपुर की पार्किंग में खोज निकाला और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। बस को जांच के लिए जब्त किया गया था। उससे मिले जैविक नमूने फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजे गए। इनमें सीमन और बाल के नमूने आरोपियों के खिलाफ अहम सबूत बने।
बस पर लंबित थे 11 चालान
जांच में बस से जुड़े कई सुरक्षा नियमों पर भी सवाल उठे हैं। पुलिस को बस के खिलाफ 11 लंबित चालान मिले, जिनमें से सात केवल जुलाई में ही जारी हुए थे। इनमें गति सीमा और परमिट संबंधी उल्लंघन शामिल थे।
चालक और परिचालक को नौकरी देने से पहले पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया गया था। बस का सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहा था और खिड़कियों पर मोटे पर्दे लगे थे, जिससे बाहर से अंदर देखना मुश्किल था। पुलिस यह भी जांच रही है कि बस में जीपीएस या अन्य ट्रैकिंग सिस्टम और पैनिक बटन लगे थे या नहीं और घटना के समय वे काम कर रहे थे या नहीं।
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


