अयोध्या में स्थित राम मंदिर से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालुओं द्वारा राम मंदिर में अपनी श्रद्धा से दान में रुपये, पैसे और बहुमूल्य वस्तुएं दी जाती हैं। अब राम मंदिर में दिए गए दान की धनराशि को चोरी करने का मामला उजागर हुआ है, इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
करणी सेना इस मामले में चुप नहीं बैठेगी, हमारा सवाल है कि अब तक इस मामले में एफआईआर क्यों नहीं की गई है, चंदा चोरी करने वालों के घर बुलडोजर कब चलाया जाएगा। यह बातें करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने मंगलवार को आरडीसी में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी।
इसके बाद कविनगर थाने में करणी सेना की ओर से चंदा चोरी प्रकरण में एफआइआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है, तहरीर में राम मंदिर निर्माण समिति और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।

सूरजपाल अम्मू ने कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी कब से हो रही है, यह कौन बताएगा। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों से वीडियो डिलीट करने का मामला भी सामने आया है, इससे साफ पता चलता है कि मंदिर के अंदर से चंदा चोरी कर करोड़ों लाेगों की आस्था को चोट पहुंचाने का कार्य किया गया है।
इससे ट्रस्ट के पदाधिकारी सवालों के घेरे में है, ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद भी शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह पूर्व में भाजपा के प्रवक्ता रह चुके हैं लेकिन वर्तमान में सरकार द्वारा तानाशाही की जा रही है। जनता को डराया जा रहा है लेकिन डर की राजनीति अब और नहीं चलेगी।
चंदा चोरी प्रकरण में एफआईआर की मांग
इसलिए करणी सेना ने चंदा चोरी प्रकरण में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। करणी सेना ने 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के 40 जिलों में 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है, प्रत्याशी के चयन के लिए 11 सदस्यीय कोर कमेटी गठित की गई है। सभी वर्ग के लोगों को टिकट दिया जाएगा, यदि कोई राष्ट्रवादी मुस्लिम व्यक्ति भी टिकट के लिए आवेदन करेगा तो करणी सेना उसको भी टिकट देगी।


