MP : जनवरी में होनी थी शादी… 29 की उम्र में 2 बार मिल चुके थे गैलेंट्री अवॉर्ड, नक्सल एनकाउंटर में शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की कहानी

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छत्तीसगढ़-MP बॉर्डर पर नक्सलियों के साथ एनकाउंटर में मध्य प्रदेश के पुलिस इंस्पेक्टर आशीष शर्मा शहीद हो गए. हॉकफोर्स की बालाघाट यूनिट के इंस्पेक्टर नरसिंहपुर के बोहानी गांव के निवासी थे. जनवरी में आशीष की शादी होनी थी. बालाघाट में पदस्थ DSP संतोष पटेल ने लिखा, ”नमन है उस मां को जो कल तक शाम को बेटे से बात करती रही होगी कि एक माह बाद शादी में क्या करेंगे..बहू का स्वागत ऐसे करेंगे और आज रो रही होंगी.”

शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा (29) के पिता देवेंद्र शर्मा किसान हैं और शर्मिला शर्मा गृहणी. छोटा भाई अंकित शर्मा पढ़ाई कर रहा है. 2016 में SAF में बतौर उप निरीक्षक (SI) भर्ती हुए आशीष 2018 में हॉकफोर्स में आए थे और नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन कर चुके थे.

इसके अलावा, 2023 में कुख्यात नक्सली महिला सरिता और सुनीता को ढेर करने का खिताब भी उनके नाम दर्ज है. इसी साल फरवरी में तीन महिला नक्सलियों को मार गिराने के बाद आशीष को ‘आउट ऑफ टर्न’ प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बनाया गया था. फिलहाल, इंस्पेक्टर आशीष शर्मा बालाघाट की किरनापुर थाना इलाके की कीन्ही चौकी में पदस्थ थे.

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) रेंज के IG अभिषेक शांडिल्य ने बताया, MMC यानी महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ जोन में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर दोनों राज्यों के सुरक्षाकर्मियों की एक जॉइंट टीम एंटी-नक्सल ऑपरेशन पर निकली थी. इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया गया था.
छत्तीसगढ़ के बोरतलाव इलाके से सटे कंघुर्रा के जंगल में फायरिंग हुई. इस दौरान MP पुलिस की हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा गोलीबारी में घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक, उन्हें इलाज के लिए छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ एयरलिफ्ट किया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.

MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शर्मा की मौत पर दुख जताया और कहा कि नियमों के मुताबिक उनके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी.
उन्होंने कहा, “हमें नरसिंहपुर जिले के हमारे बहादुर सैनिक आशीष शर्मा के बारे में बहुत दुखद खबर मिली, जो छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान शहीद हो गए. सरकार इस दुख की घड़ी में उनके दुखी परिवार के सदस्यों के साथ है.”

CM यादव ने रिपोर्टर्स से कहा, “शहीद सैनिक के छोटे भाई को सरकारी नौकरी में भर्ती किया जाएगा और परिवार को सरकारी पॉलिसी के अनुसार सभी सुविधाएं और मदद दी जाएगी.” लेकिन उन्होंने कहा कि यह घटना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने से सरकार को नहीं रोक पाएगी.

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