डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump )सोमवार को अपने दूसरे कार्यकाल के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ (US Presidential Oath) लेंगे। इस बार कड़ाके की ठंड के कारण परंपरा में बदलाव करते हुए शपथ ग्रहण समारोह कैपिटल बिल्डिंग के अंदर स्थित कैपिटल रोटुंडा में आयोजित किया जाएगा। यह फैसला तापमान में रिकॉर्ड गिरावट के मद्देनजर लिया गया है। गौरतलब है कि पिछली बार ऐसा 1985 में हुआ था, जब रोनाल्ड रीगन ने इसी हॉल में शपथ ली थी।

जगह का ऐतिहासिक महत्व
कैपिटल रोटुंडा कैपिटल बिल्डिंग का गुंबददार केंद्रीय कक्ष है, जो अमेरिकी संसद के दोनों सदनों सीनेट और प्रतिनिधि सभा को जोड़ता है। यह जगह ऐतिहासिक महत्व रखती है और प्रमुख कार्यक्रमों के लिए प्रयोग में लाई जाती है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर शुक्रवार को कहा, “वॉशिंगटन डीसी में तापमान रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर पहुंच सकता है। ठंड के कारण मैंने शपथ ग्रहण समारोह कैपिटल रोटुंडा में कराने का आदेश दिया है।” रोटुंडा में शपथ ग्रहण के बावजूद अन्य कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि रविवार दोपहर कैपिटल वन एरेना में आयोजित होने वाली विजय रैली समेत सभी कार्यक्रम पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार होंगे। लोग शपथ ग्रहण समारोह को एरेना के अंदर स्क्रीन पर देख सकेंगे।
नीता और मुकेश अंबानी भी होंगे
इस शपथ ग्रहण समारोह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी भी शामिल होंगे। वे 18 जनवरी को वॉशिंगटन डीसी पहुंचेंगे। शपथ ग्रहण से एक रात पहले अंबानी दंपती राष्ट्रपति ट्रंप के साथ “कैंडललाइट डिनर” में भी शामिल होंगे। इसके अलावा वे समारोह के बाद आयोजित रिसेप्शन में भी शिरकत करेंगे।
क्वाड देशों की बैठक 21 जनवरी को होगी
ट्रंप के शपथ ग्रहण के ठीक अगले दिन, यानी 21 जनवरी को, क्वाड देशों (भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका) के विदेश मंत्रियों की बैठक वॉशिंगटन डीसी में आयोजित की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य यह संदेश देना है कि **हिंद-प्रशांत क्षेत्र** के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता नई सरकार के तहत भी बनी रहेगी।
कौन-कौन होगा शामिल?
– भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे।
– ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया भी बैठक में शामिल होंगे।
– अमेरिका के नए विदेश मंत्री मार्को रूबियो के शपथ लेने के बाद उनके भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।
शपथ ग्रहण पर राजनीतिक विवाद
हालांकि, इस समारोह से पहले अमेरिका में राजनीतिक माहौल गर्म है। डेमोक्रेटिक पार्टी और कुछ मीडिया संस्थानों ने ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के भारी खर्च और उनके कड़े फैसलों को लेकर सवाल उठाए हैं। इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि अमेरिकी हितों और परंपराओं के संरक्षण के लिए यह आयोजन विशेष महत्व रखता है।






क्या है स्वामित्व योजना?
मौनी बाबा ने संकल्प लिया है कि जिस तरीके से अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण हुआ है। उसी तरीके से काशी और मथुरा में भी मंदिर का निर्माण हो। इसके लिए वह अनोखी साधना में मग्न रहते हैं। ऐसे में बाबा ने पौष पूर्णिमा से लेकर माघी पूर्णिमा तक दो लाख से अधिक दीप दान का भी संकल्प लिया है। इस शिविर में 12 बड़ी शिवलिंग भी हैं। जिसको 5 करोड़ 51 लाख से अधिक रुद्राक्ष के दानों से ढका गया है। । इस शिविर में अनोखी एक और खास बात यह है कि इस शिविर में 4 तरीके के अलग-अलग रंग के त्रिशूल भी हैं। जो आकर्षण का केंद्र बने हैं। देश में आतंकी हमला ना हो, देश में शांति बनी रहे , देश की अर्थव्यवस्था दुरुस्त रहे और महंगाई और वैश्विक महामारी न फैले इसके लिए लगाए गए हैं। हर रोज मौनी बाबा पूजा के दौरान अनोखे अंदाज से पूरे शिविर की परिक्रमा खास पूजा और लेट करके हैं। शिविर में कई कुंड भी बनाए गए हैं। जहां पर मौनी बाबा हर दिन हवन पूजा करते हैं। इस दौरान हर रोज भारी संख्या में कल्पवासी या कहें कि श्रद्धालु उनकी इस साधना के गवाह भी बनते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मौनी बाबा द्वारा की जा रही इस अनोखी साधना या कहें कि पूजा पाठ से सभी काफी प्रभावित हैं।

क्या है विवाद?
