Thursday, February 5, 2026
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40 साल बाद अमेरिका दोहराएगा इतिहास ! बदला गया ट्रंप का शपथ ग्रहण समारोह स्थल

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डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump )सोमवार को अपने दूसरे कार्यकाल के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ (US Presidential Oath) लेंगे। इस बार कड़ाके की ठंड के कारण परंपरा में बदलाव करते हुए शपथ ग्रहण समारोह कैपिटल बिल्डिंग के अंदर स्थित कैपिटल रोटुंडा में आयोजित किया जाएगा। यह फैसला तापमान में रिकॉर्ड गिरावट के मद्देनजर लिया गया है। गौरतलब है कि पिछली बार ऐसा 1985 में हुआ था, जब रोनाल्ड रीगन ने इसी हॉल में शपथ ली थी।

जगह का ऐतिहासिक महत्व
कैपिटल रोटुंडा कैपिटल बिल्डिंग का गुंबददार केंद्रीय कक्ष है, जो अमेरिकी संसद के दोनों सदनों सीनेट और प्रतिनिधि सभा को जोड़ता है। यह जगह ऐतिहासिक महत्व रखती है और प्रमुख कार्यक्रमों के लिए प्रयोग में लाई जाती है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  ट्रुथ सोशल पर शुक्रवार को कहा,  “वॉशिंगटन डीसी में तापमान रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर पहुंच सकता है। ठंड के कारण मैंने शपथ ग्रहण समारोह कैपिटल रोटुंडा में कराने का आदेश दिया है।” रोटुंडा में शपथ ग्रहण के बावजूद अन्य कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि रविवार दोपहर कैपिटल वन एरेना में आयोजित होने वाली विजय रैली समेत सभी कार्यक्रम पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार होंगे। लोग शपथ ग्रहण समारोह को एरेना के अंदर स्क्रीन पर देख सकेंगे।

नीता और मुकेश अंबानी भी होंगे
इस शपथ ग्रहण समारोह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी भी शामिल होंगे। वे 18 जनवरी को वॉशिंगटन डीसी पहुंचेंगे। शपथ ग्रहण से एक रात पहले अंबानी दंपती राष्ट्रपति ट्रंप के साथ “कैंडललाइट डिनर” में भी शामिल होंगे। इसके अलावा वे समारोह के बाद आयोजित रिसेप्शन में भी शिरकत करेंगे।

 क्वाड देशों की बैठक 21 जनवरी को होगी  
ट्रंप के शपथ ग्रहण के ठीक अगले दिन, यानी 21 जनवरी को,  क्वाड देशों  (भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका) के विदेश मंत्रियों की बैठक वॉशिंगटन डीसी में आयोजित की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य यह संदेश देना है कि **हिंद-प्रशांत क्षेत्र** के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता नई सरकार के तहत भी बनी रहेगी।

 कौन-कौन होगा शामिल? 
– भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर  करेंगे।
– ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री  पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया भी बैठक में शामिल होंगे।
– अमेरिका के नए विदेश मंत्री  मार्को रूबियो के शपथ लेने के बाद उनके भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।

 शपथ ग्रहण पर राजनीतिक विवाद 
हालांकि, इस समारोह से पहले अमेरिका में राजनीतिक माहौल गर्म है। डेमोक्रेटिक पार्टी और कुछ मीडिया संस्थानों ने ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के भारी खर्च और उनके कड़े फैसलों को लेकर सवाल उठाए हैं। इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि  अमेरिकी हितों और परंपराओं के संरक्षण  के लिए यह आयोजन विशेष महत्व रखता है।

2030 तक GenAI अपनाने से भारत में 3.8 करोड़ नौकरियों में होंगे बदलाव

GenAI को अपनाने से 2030 तक भारत में कम से कम 38 मिलियन (3.8 करोड़) नौकरियों में बदलाव आने का अनुमान है। इससे संगठित क्षेत्र में लाभ के माध्यम से अर्थव्यवस्था में 2.61% प्रोडक्शन को बढ़ावा मिलेगा और असंगठित क्षेत्र द्वारा GenAI को अपनाने से अतिरिक्त 2.82% की वृद्धि होगी, मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा गया। EY India की रिपोर्ट के अनुसार, उद्योगों में कम से कम 24 % कार्यों में ऑटोमेशन की क्षमता है, जबकि अन्य 42 % को AI के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है। GenAI हर नौकरी को बदलने के लिए तैयार है, जिससे प्रोडक्शन और आर्थिक लाभ की अपार संभावनाएं खुलेंगी।

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EY India के अध्यक्ष और सीईओ राजीव मेमानी ने कहा कि “यह क्रांति नौकरियों को मौलिक रूप से नया आकार देगी, उत्पादकता और नवाचार को बढ़ावा देगी। प्रतिभा पाइपलाइनों का निर्माण और अपस्किलिंग को प्राथमिकता देना हर संगठन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।,”

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहयोग को बढ़ावा देने और प्रतिभा विकास में निवेश करके, भारत AI कुशल प्रतिभाओं के लिए एक वैश्विक केंद्र भी बन सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उद्योग स्तर पर, aggregate output में उच्च श्रम हिस्सेदारी के कारण सेवा क्षेत्र में सबसे बड़ी प्रोडक्शन प्रॉफिट की उम्मीद है। जबकि विनिर्माण और निर्माण में इसका कम प्रभाव देखने को मिलेगा।

कोलकाता के आरजी कर दुष्कर्म मामले में आया कोर्ट का फैसला, आरोपी संजय रॉय दोषी करार

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कोलकाता के सियालदह स्थित सेशन कोर्ट ने आज आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की 31 वर्षीय प्रशिक्षु डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दे दिया है। यह घटना 9 अगस्त, 2024 को हुई थी, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।

घटना का पूरा विवरण

9 अगस्त, 2024: प्रशिक्षु डॉक्टर का अर्धनग्न शव अस्पताल के सेमिनार हॉल की तीसरी मंजिल पर मिला।

10 अगस्त: कोलकाता पुलिस ने आरोपी संजय रॉय को हिरासत में लिया। इसके बाद पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों का पहला विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।

12 अगस्त: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता पुलिस को 7 दिनों के भीतर मामला सुलझाने का अल्टीमेटम दिया। साथ ही अस्पताल के प्राचार्य संदीप घोष ने विरोध के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

13 अगस्त: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया और इसे “बहुत ही भयावह” करार दिया। कोर्ट ने डॉक्टरों से अपनी सेवाएं फिर से शुरू करने की अपील की। इसके साथ ही एनएचआरसी (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया।

14 अगस्त: हाईकोर्ट ने आरजी कर के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष को लंबी छुट्टी पर भेज दिया और केस को सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई ने आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया।

15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस की रात आरजी कर अस्पताल पर भीड़ ने हमला किया और आपातकालीन विभाग में तोड़फोड़ की।

16 अगस्त: पुलिस ने तोड़फोड़ के आरोप में 19 लोगों को गिरफ्तार किया।

20 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार और कोलकाता पुलिस को मामले की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

24 अगस्त: मुख्य आरोपी और 6 अन्य का लाई डिटेक्टर टेस्ट किया गया।

2 सितंबर: सीबीआई ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में संदीप घोष को गिरफ्तार किया।

14 सितंबर: सीबीआई ने फिर से संदीप घोष और कोलकाता पुलिस अधिकारी अभिजीत मंडल को एफआईआर में देरी और सबूत गायब करने के आरोप में गिरफ्तार किया।

7 अक्टूबर: सीबीआई ने संजय रॉय के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के मामले में चार्जशीट दाखिल की।

11 नवंबर: सियालदह कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ।

18 जनवरी, 2025: सियालदह कोर्ट ने आज इस मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दे दिया है।

TRAI का नया नियम: बिना रिचार्ज भी एक्टिव रहेगा Jio,Airtel,Vi और BSNL सिम….

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टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने मोबाइल यूजर्स को राहत देने के लिए सिम कार्ड वैलिडिटी को लेकर नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों के तहत, अब बिना रिचार्ज के भी आपका सिम कार्ड कुछ दिनों तक एक्टिव रहेगा। जानिए Jio, Airtel, Vi और BSNL सिम के लिए यह अवधि कितनी है और क्या खास नियम हैं।

TRAI का नया नियम: बड़ी राहत मोबाइल यूजर्स को
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने हाल ही में सिम कार्ड वैलिडिटी से जुड़े कुछ नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अब आपके सिम पर रिचार्ज खत्म होने के बाद भी वह कई महीनों तक एक्टिव रहेगा। आइए जानते हैं Jio, Airtel, Vi और BSNL के लिए वैलिडिटी की पूरी डिटेल।

Jio सिम के लिए नियम:
अगर आप जियो सिम का उपयोग करते हैं, तो रिचार्ज खत्म होने के बाद भी आपका सिम 90 दिनों तक एक्टिव रहेगा। इस दौरान आपकी इनकमिंग सर्विस चालू रहेगी, लेकिन आउटगोइंग कॉल और डेटा सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। 90 दिनों के बाद सिम को चालू रखने के लिए आपको 99 रुपये का वैलिडिटी प्लान लेना होगा। ऐसा न करने पर आपका नंबर डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा।

Airtel सिम के लिए नियम:
एयरटेल यूजर्स के लिए रिचार्ज खत्म होने के बाद सिम 60 दिनों तक एक्टिव रहता है। इस दौरान आप केवल इनकमिंग कॉल का लाभ उठा सकते हैं। 60 दिनों के बाद नंबर को चालू रखने के लिए 45 रुपये का वैलिडिटी प्लान लेना अनिवार्य होगा।

Vi सिम के लिए नियम:
वोडाफोन-आइडिया (Vi) सिम उपयोगकर्ता बिना रिचार्ज के 90 दिनों तक इनकमिंग कॉल्स का लाभ उठा सकते हैं। 90 दिनों के बाद सिम को चालू रखने के लिए आपको 49 रुपये का प्लान लेना होगा।

BSNL सिम के लिए नियम:
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL सिम की वैलिडिटी सबसे अधिक है। रिचार्ज खत्म होने के बाद भी BSNL सिम 180 दिनों तक एक्टिव रहेगा और इस दौरान इनकमिंग सर्विस चालू रहेगी।

ध्यान देने योग्य बातें:
अगर आप Jio, Airtel, Vi या BSNL का सिम 180 दिनों तक रिचार्ज नहीं कराते हैं, तो आपका नंबर डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा और किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित कर दिया जाएगा। इसलिए लंबे समय से इस्तेमाल न किए गए सिम कार्ड को समय रहते रिचार्ज कर लें।

नए नियम से मिली राहत:
TRAI के इन नए नियमों से मोबाइल यूजर्स को बार-बार रिचार्ज कराने की परेशानी से राहत मिलेगी। खासतौर पर वे लोग जो सेकेंडरी सिम का इस्तेमाल केवल इनकमिंग कॉल्स के लिए करते हैं, इन नियमों का लाभ उठा सकते हैं।

भारत और अमेरिका की नई रक्षा साझेदारी, भारतीय कंपनियों को मिलेगी वैश्विक पहचान

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भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारतीय निवेशक इंडसब्रिज वेंचर्स और अमेरिकी कंपनी फेडटेक ने मिलकर भारत-अमेरिका रक्षा और अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए सात भारतीय स्टार्टअप्स का चयन किया है। यह भारत-अमेरिका का पहला ऐसा सहयोग है, जो दोनों देशों के बीच निजी क्षेत्र की साझेदारी को बढ़ावा देगा और भारतीय कंपनियों को वैश्विक रक्षा और अंतरिक्ष बाजारों में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

भारत के 7 स्टार्टअप्स का चयन
इस नए कार्यक्रम में चुने गए सात स्टार्टअप्स में प्रमुख नाम हैं:

कैलीडईओ: यह कंपनी अंतरिक्ष इमेजिंग के क्षेत्र में काम करती है।
ईथरियलएक्स: यह कंपनी रॉकेट निर्माण में विशेषज्ञता रखती है।
श्याम वीएनएल: यह एआई-संचालित तकनीकों पर काम कर रही है।
यह कार्यक्रम इन कंपनियों को अमेरिकी रक्षा विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ काम करने का अवसर प्रदान करेगा। इन कंपनियों को उपग्रह अवलोकन, अंतरिक्ष और रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में उभरती हुई तकनीकों पर काम करने का मौका मिलेगा।

भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग का महत्व क्या है?
इंडसब्रिज वेंचर्स के प्रबंध भागीदार राहुल देवजानी ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम दोनों देशों के बीच तकनीकी और वाणिज्यिक सहयोग को नई दिशा देगा। भारत को इससे न केवल उभरते हुए अमेरिकी रक्षा बाजार में प्रवेश का मौका मिलेगा, बल्कि इसे अमेरिका के शीर्ष रक्षा उद्योग नेताओं जैसे नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन, लॉकहीड मार्टिन और आरटीएक्स के साथ सहयोग का अवसर भी मिलेगा।

अमेरिकी रक्षा उद्योग में होगी प्रतिस्पर्धा
इस कार्यक्रम के जरिए भारतीय स्टार्टअप्स को सालाना 1.5 बिलियन डॉलर के अमेरिकी रक्षा कारोबार में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा। भारतीय कंपनियों को अब 500 मिलियन डॉलर से लेकर 1 बिलियन डॉलर तक का वार्षिक राजस्व उत्पन्न होने की संभावना है।

भारत और अमेरिका का बढ़ता सहयोग
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन के बीच हाल ही में हुई मुलाकात में दोनों देशों के बीच रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा की गई थी। इस चर्चा का उद्देश्य दोनों देशों के रक्षा नवाचार इकाइयों के बीच सहयोग बढ़ाना और सैन्य समाधानों के लिए अत्याधुनिक वाणिज्यिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने में तेजी लाना था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 65 लाख संपत्ति कार्ड वितरित किए, जानें क्या है स्वामित्व योजना

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रामीण भारत के 65 लाख संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड वितरित किए। इस कार्यक्रम में पीएम ने इसे गांवों के लिए और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया। इस योजना के तहत 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 230 से अधिक जिलों के 50 हजार से ज्यादा गांवों के लोगों को संपत्ति कार्ड दिए गए हैं। यह योजना ग्रामीण भारत के लिए एक नई दिशा और शक्ति प्रदान करने का काम कर रही है।

क्या है स्वामित्व योजना?

स्वामित्व योजना की शुरुआत सरकारी सर्वेक्षण के तहत संपत्ति मालिकों को उनके स्वामित्व का अधिकार स्पष्ट करने के लिए की गई थी। इसके लिए गांवों में नवीनतम ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे हर गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों का सटीक सर्वेक्षण किया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के मालिकाना हक को स्पष्ट करना और संपत्ति विवादों को कम करना है। स्वामित्व योजना के तहत प्रत्येक परिवार को एक ‘अधिकार का रिकॉर्ड’ प्रदान किया जाता है, जिससे गांव के लोग अपनी संपत्ति के मालिक होने का कानूनी प्रमाण पा सकते हैं।

स्वामित्व योजना के लाभ क्या हैं?

स्वामित्व योजना ने भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कई सकारात्मक बदलाव लाए हैं। सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आई है। जब गांव के लोग अपनी संपत्ति के अधिकार को कानूनी रूप से साबित कर सकते हैं, तो इससे भूमि विवादों की स्थिति कम हो जाती है। इसके अलावा, यह योजना संपत्तियों के मुद्रीकरण को भी आसान बनाती है। इससे ग्रामीण लोग बैंक से ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जो पहले उनकी संपत्ति के अधिकारों की कमी के कारण संभव नहीं था।

स्वामित्व योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति कर के बेहतर मूल्यांकन की सुविधा भी प्रदान की है, जिससे गांवों की आय में सुधार हुआ है। इसके अलावा, यह योजना ग्रामीण सशक्तिकरण और शासन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।

अब तक हुए सर्वेक्षण और तैयार हुए संपत्ति कार्ड

स्वामित्व योजना के तहत अब तक 3 लाख 17 हजार से ज्यादा गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है, जो कि कुल लक्षित गांवों के 92 प्रतिशत को कवर करता है। इस सर्वेक्षण के बाद 1 लाख 53 हजार से अधिक गांवों के लिए लगभग 2 करोड़ 25 लाख संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं। यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले समय में यह योजना और भी बड़े पैमाने पर लागू की जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के स्वामित्व के मुद्दे को हल करने में मदद मिल रही है, जिससे इन क्षेत्रों में विकास और समृद्धि की संभावना बढ़ रही है।

स्वामित्व योजना का भविष्य

स्वामित्व योजना को लेकर सरकार का उद्देश्य पूरे भारत के गांवों तक इसे पहुंचाना है। भविष्य में इसका विस्तार और तेजी से होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि का नया दौर शुरू हो सकेगा। साथ ही, यह योजना ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी।

UP : 7 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष और 11 हजार त्रिशूल से सजा मौनी बाबा का निराला शिविर

प्रयागराज के संगम तट पर लगे देश के सबसे बड़े धार्मिक मेले में आए एक संत ने काशी और मथुरा में भी भव्य मंदिर बने, आतंकवाद का पूर्ण खात्मा हो इसके लिए अनोखी साधना शुरू कर दी है। 7 करोड़ 51 लाख से अधिक रुद्राक्ष और 11 हज़ार अलग-अलग रंग के त्रिशूल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। इसके साथ ही साथ मौनी बाबा के अनोखे शिविर में 12 बड़ी शिवलिंग भी स्थापित हैं, जो पूरी तरीके से रुद्राक्ष की मालाओ से ढकी हुई है। ऐसे में अमेठी से आए शिव योगी मौनी बाबा अपनी अनोखी पूजा और तपस्या के चलते श्रद्धालुओं को अपने शिविर की ओर आकर्षित कर रहे हैं। शिवयोगी मौनी बाबा अपने शिविर में हर शाम 6 बजे अनोखी पूजा में लीन रहते हैं।

मौनी बाबा ने संकल्प लिया है कि जिस तरीके से अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण हुआ है। उसी तरीके से काशी और मथुरा में भी मंदिर का निर्माण हो। इसके लिए वह अनोखी साधना में मग्न रहते हैं। ऐसे में बाबा ने पौष पूर्णिमा से लेकर माघी पूर्णिमा तक दो लाख से अधिक दीप दान का भी संकल्प लिया है। इस शिविर में 12 बड़ी शिवलिंग भी हैं। जिसको 5 करोड़ 51 लाख से अधिक रुद्राक्ष के दानों से ढका गया है। । इस शिविर में अनोखी एक और खास बात यह है कि इस शिविर में 4 तरीके के अलग-अलग रंग के त्रिशूल भी हैं। जो आकर्षण का केंद्र बने हैं। देश में आतंकी हमला ना हो, देश में शांति बनी रहे , देश की अर्थव्यवस्था दुरुस्त रहे और महंगाई और वैश्विक महामारी न फैले इसके लिए लगाए गए हैं। हर रोज मौनी बाबा पूजा के दौरान अनोखे अंदाज से पूरे शिविर की परिक्रमा खास पूजा और लेट करके हैं। शिविर में कई कुंड भी बनाए गए हैं। जहां पर मौनी बाबा हर दिन हवन पूजा करते हैं। इस दौरान हर रोज भारी संख्या में कल्पवासी या कहें कि श्रद्धालु उनकी इस साधना के गवाह भी बनते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मौनी बाबा द्वारा की जा रही इस अनोखी साधना या कहें कि पूजा पाठ से सभी काफी प्रभावित हैं।

अपनी अनोखी पूजा करने के बाद मौनी बाबा अपने शिविर से लेट करके गंगा स्नान के लिए जाते हैं और गंगा स्नान करने के बाद ही उनकी पूजा पूरी तरीके से समाप्त होती है। बाबा का मानना है कि जितनी कठिन तपस्या होगी उतना ही अच्छा परिणाम होगा। आपको बता दें मौनी बाबा पिछले 35 सालों से संगम तट पर लगने वाले माघ मेले में आ रहे हैं। देश में सुख शांति के लिए हमेशा ही अनोखी पूजा पाठ में लगे रहते हैं। करीब 20 किलो से अधिक रुद्राक्ष की मालाओं को पहनकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद भी देते हैं।

Terrorist के खिलाफ हुई सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया यह फैसला

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तृतीय अतिरिक्त सेशंस जज जम्मू मदन लाल ने जैश-ए-मोहम्मद के कथित आतंकी उबेद-उल-इस्लाम के जमानत आवेदन को खारिज कर दिया।

पुलिस केस के अनुसार 12 सितम्बर 2019 को आरोपी जब अपने सहयोगियों के साथ वाहन में पुलिस नाका लखनपुर पर पहुंचा तो वाहन को जांच के लिए रोका गया। जांच के दौरान वाहन से काले रंग का बैग बरामद हुआ जिसे ट्रक ड्राइवर की सीट के पीछे छिपाया हुआ था। बैग से 4 ए.के.-56 राइफल, 2 ए.के.-47 राइफल, 6 मैगजीन और 180 राऊंड बरामद किए गए थे।

आरोपियों ने ये हथियार आतंकी आशिक अहमद नेंगरू के निर्देश पर तय स्थान से उठाए थे जो कश्मीर वादी में सक्रिय जैश-ए-मोहम्म्द आतंकियों को सौंपे जाने थे ताकि भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ा जा सके। पुलिस की ओर से दायर चार्जशीट में बताया गया कि आरोपी जैश आतंकी आशिक अहमद नेंगरू की ओर से बनाए गए षड्यंत्र के तहत जम्मू-कश्मीर में आपसी भाईचारे को समाप्त कर शांति को भंग करना था।

कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि ट्रायल में देरी को आधार बनाकर इस गंभीर अपराध को जमानत के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता। आरोपियों को यू.ए (पी) अधिनियम के तहत स्पैशल कोर्ट की ओर से प्रदान की गई जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

मोरक्को में FIFA World Cup से पहले 30 लाख आवारा कुत्तों को मारने की तैयारी

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FIFA World Cup 2030 की मेज़बानी मोरक्को, स्पेन और पुर्तगाल द्वारा संयुक्त रूप से की जाएगी। यह विश्व कप एक मेगा इवेंट है, जिसके आयोजन को लेकर मोरक्को ने पहले ही तैयारियों की शुरुआत कर दी है। लेकिन इन तैयारियों के बीच एक ऐसा विवाद सामने आया है, जो वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। मोरक्को सरकार ने शहरों को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए एक बड़ा और विवादास्पद कदम उठाने की योजना बनाई है। यह कदम है, शहरों में आवारा कुत्तों को मारने का, जिसे लेकर अब विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

क्या है विवाद?
रिपोर्ट्स के अनुसार, FIFA World Cup के दौरान मोरक्को में लाखों दर्शक मैच देखने के लिए आएंगे, और प्रशासन को यह चिंता सता रही है कि आवारा कुत्ते इन प्रशंसकों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। शहरों को साफ-सुथरा रखने के उद्देश्य से मोरक्को प्रशासन ने करीब 30 लाख स्ट्रीट डॉग्स को मारने की योजना बनाई है। यह कदम सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है, लेकिन इसके परिणामस्वरूप इन कुत्तों के लिए मौत का सामान बनने वाली यह योजना बहुत ही विवादास्पद हो गई है।

एनिमल राइट्स एक्टिविस्टों का विरोध
इस योजना के सामने आने के बाद से एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट और संगठनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। जानी-मानी एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट और वकील जेन गुडॉल ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने फीफा के महासचिव मैटियास ग्राफ स्ट्रॉ को एक पत्र लिखकर इस कदम के बारे में अपनी नाराजगी जाहिर की है। गुडॉल ने लिखा कि वह इस योजना से हैरान हैं और इसे जानवरों के प्रति क्रूरता मानती हैं। उन्होंने इंटरनेशनल एनिमल प्रोटेक्शन संगठनों को इस मुद्दे पर जागरूक किया है, जो इस समय मोरक्को के इस कदम पर नजर रखे हुए हैं। गुडॉल ने पत्र में यह भी सवाल उठाया है कि क्या वे फुटबॉल प्रशंसक, जो जानवरों से प्रेम करते हैं, इस तरह के क्रूर कृत्य के साथ सहमत होंगे। उन्होंने फीफा से अपील की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और मोरक्को प्रशासन से इस योजना को रोकने के लिए कदम उठाएं।

मोरक्को में पहले भी हो चुके हैं ऐसे कृत्य
गुडॉल ने यह भी आरोप लगाया कि मोरक्को में पहले भी शहरों को साफ करने के नाम पर आवारा कुत्तों को मारा जा चुका है। इसके तहत प्रशासन ने कई बार कुत्तों को मारने के अभियान चलाए हैं, जिनकी आलोचना की जाती रही है। अब इस कदम को और बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है, जो पशु अधिकारों की रक्षा करने वाले संगठनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।

क्या होने वाले हैं बड़े विरोध प्रदर्शन?
जेन गुडॉल ने चेतावनी दी है कि अगर फीफा इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करता और मोरक्को प्रशासन के इस कदम को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाता है, तो एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट बड़े विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि इस मुद्दे को लेकर दुनियाभर में एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है, जो मोरक्को में होने वाले इस क्रूर कृत्य के खिलाफ होगा।

विश्व स्तर पर बढ़ रहा विरोध
यह मुद्दा अब केवल मोरक्को तक ही सीमित नहीं रहा। पूरी दुनिया में पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन और एक्टिविस्ट इसे लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। FIFA World Cup जैसे बड़े इवेंट में इस तरह की स्थिति उत्पन्न होना, जो विशेष रूप से बड़े पैमाने पर होती है, उसे लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कई विशेषज्ञ और संगठन मानते हैं कि इस प्रकार के कदम सिर्फ मोरक्को के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक गलत उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। मोरक्को में FIFA World Cup 2030 की मेज़बानी से पहले यह विवाद देश-विदेश में गहरी चर्चा का विषय बन चुका है। इस मुद्दे पर उठ रही आवाजें यह साबित करती हैं कि जानवरों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए वैश्विक स्तर पर एकजुटता की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर होने वाले विरोध और फीफा की भूमिका पर सबकी नजरें रहेंगी।

Punjab : 10वीं-12वीं के Students के लिए बड़ी खबर, जल्दी से Click करें यह Link

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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 19 फरवरी से शुरू होने जा रही है। इन परीक्षाओं की डेट शीट जारी कर दी गई है। बोर्ड परीक्षाओं के लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा रोल नंबर जारी कर दिए गए हैं।  इस लिंक https://registration2024.pseb.ac.in/login  पर क्लिक करके रोल नंबर Download कर सकते है। बता दें कि 8वीं और 12वीं की परीक्षाएं 19 फरवरी, 2025 से शुरू होंगी और 10वीं की  परीक्षाएं 10 मार्च 2025 से बोर्ड के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। इससे पहले बोर्ड द्वारा डेटशीट जारी की जा चुकी है, जो इस प्रकार हैः-

  1. पंजाब बोर्ड एग्जाम की डेटशीट डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले PSEB की आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर जाना होगा।
  2. उसके बाद होम पेज पर अपनी कक्षा (12वीं, 10वीं या 8वीं) के अनुसार डेट शीट के लिंक पर क्लिक करना होगा
  3. अब नई टैब में पूरी डेटशीट खुल जाएगी उसे डाउनलोड कर लें और उसका प्रिंट आउट जरूर निकाल लें।
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