Tuesday, February 3, 2026
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टीवी और फिल्मों के दिग्गज अभिनेता 70 साल के टीकू तलसानिया को आया हार्ट अटैक…

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टीवी और बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता टीकू तलसानिया की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उनकी हालत गंभीर है और हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल डॉक्टर उनकी सेहत की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं और तबीयत खराब होने के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटे हैं।

70 वर्षीय टीकू तलसानिया इंडस्ट्री के वरिष्ठ और प्रिय कलाकारों में से एक हैं। उनके परिवार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

कॉमेडी का बेमिसाल सफर
1954 में जन्मे टीकू तलसानिया ने 1984 में टीवी शो ‘ये जो है जिंदगी’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। 1986 में फिल्म ‘प्यार के दो पल’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। अपनी चार दशक लंबी यात्रा में उन्होंने दर्शकों का दिल जीतने वाले कई किरदार निभाए।

टीकू तलसानिया खास तौर पर अपने शानदार कॉमिक रोल्स के लिए जाने जाते हैं। उनकी कॉमेडी की टाइमिंग और डायलॉग डिलीवरी दर्शकों को हमेशा गुदगुदाती रही है। उन्होंने ‘एक से बढ़कर एक’, ‘हुकूम मेरे आका’, ‘गोलमाल है भाई सब गोलमाल है’, ‘सजन रे झूठ मत बोलो’ जैसे लोकप्रिय टीवी शोज़ में काम किया।

हिट फिल्मों की लंबी लिस्ट
टीकू तलसानिया को ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘अंदाज अपना अपना’, ‘इश्क’, ‘देवदास’, ‘पार्टनर’, ‘धमाल’, ‘स्पेशल 26’ जैसी फिल्मों में उनके यादगार अभिनय के लिए भी सराहा गया है।

दर्शक और इंडस्ट्री के साथी कलाकार उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। उनके चाहने वालों को उम्मीद है कि वे इस मुश्किल समय से जल्द उबरकर फिर से अपने प्रशंसकों के बीच नजर आएंगे।

शेयर बाजार में जारी गिरावट के बीच निवेशकों को बड़ा झटका…2025 में मार्केट का बुराहाल!

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शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है और इस बीच निवेशकों के लिए एक और झटके वाली खबर सामने आई है। ब्रोकरेज फर्म HSBC ने भारतीय शेयर बाजार की रेटिंग को “ओवरवेट” से घटाकर “न्यूट्रल” कर दिया है। साथ ही, 2025 के लिए सेंसेक्स का टारगेट भी 5,000 अंक घटा दिया है। पहले HSBC का अनुमान था कि सेंसेक्स 90,520 तक पहुंच सकता है, लेकिन अब उसने इसे घटाकर 85,990 कर दिया है। हालांकि, यह नया लक्ष्य भी सेंसेक्स के वर्तमान स्तर से 10% ऊपर है।

HSBC ने कहा कि भारतीय बाजारों में पिछले कुछ सालों में 25% की सालाना ग्रोथ देखने को मिली थी, लेकिन अब मुनाफे में कमी आई है और वैल्यूएशन 23 गुना पर पहुंच चुका है, जो कि बहुत ऊंचा है। हालांकि, ब्रोकरेज ने भारतीय बाजारों की मीडियम और लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी को मजबूत बताया, लेकिन बढ़ती लागत और धीमी विकास दर के कारण शॉर्ट-टर्म में सीमित बढ़त की संभावना जताई है। इसी कारण से HSBC ने अपनी रेटिंग को घटाने का फैसला किया।

सिटीग्रुप के बाद HSBC की रिपोर्ट ने भी भारतीय निवेशकों के बीच चिंता पैदा कर दी है। HSBC ने निफ्टी 50 के ग्रोथ अनुमानों में भी कमी की है। पहले यह अनुमान 15% था, जिसे अब घटाकर 5% कर दिया गया है। ब्रोकरेज ने कहा कि निवेशकों को अपनी पोजीशन का फिर से आकलन करना चाहिए, क्योंकि इस साल मार्केट रिटर्न सीमित रह सकता है।

इस बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है, और निफ्टी ने 23,500 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल को तोड़ दिया। आईटी सेक्टर को छोड़कर अन्य सभी सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।

J&K : लोगों के लिए अहम खबर, कई दिन बंद रहेगा यह National Highway

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जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए अहम खबर है। जानकारी के अनुसार खराब मौसम व सड़क की मुरम्मत के चलते श्रीनगर-कारगिल राष्ट्रीय राजमार्ग 3 दिन बंद रहेगा। घर से निकलने से पहले एक बार ट्रैफिक विभाग की वैबसाइट पर जाकर जानकारी हासिल कर लें।

जानकारी के अनुसार 11 से 13 जनवरी तक श्रीनगर-कारगिल राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए बंद रहेगा। विभाग ने पर्यटकों/यात्रियों/ट्रांसपोर्टरों को प्रशासन और यातायात विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। वहीं, जम्मू कश्मीर में ठंड और बढ़ गई है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप है। आने वाले दिनों में भी ठंड और बढ़ने की संभावना है।

झारखंड को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में हेमंत सरकार

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य को तकनीकी और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल के तहत नामकुम, रांची में स्थित आईटी टावर झारखण्ड को डिजिटल युग की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।

यह अत्याधुनिक आईटी टावर न केवल झारखण्ड की तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करता है, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की प्रशंसा करते हुए कहा आईटी टावर झारखंड के युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार का एक नया द्वार खोलेगा। यह राज्य को तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी बनने में मदद करेगा। इस आईटी टावर को झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण की देखरेख में विकसित किया गया है, जो तकनीकी और डिजिटल व्यवसायों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इसकी संरचना त्र + 5 फ्लोर की है और क्षेत्रफल लगभग 40,000 वर्ग फीट है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण, रांची क्षेत्रीय कार्यालय ने नामकुम औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अत्याधुनिक आईटी टावर के दीर्घकालिक पट्टे (30 वर्षों के लिए) के लिए प्रतिष्ठित संगठनों और योग्य आईटीआईटीईएस क्षेत्र की संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 15 फरवरी 2025 है। इस परियोजना के माध्यम से झारखण्ड सरकार राज्य को डिजिटल रूप से सशक्त और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आईटी टावर ना केवल रांची, बल्कि पूरे राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

आज मिलेगा Jalandhar को नया Mayor, यहां जानें पूरा Schedule

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पटियाला नगर निगम के बाद जालंधर में आम आदमी पार्टी का मेयर बनने जा रहा है जिसके लिए 11 जनवरी आज दोपहर 3 बजे स्थानीय रैडक्रॉस भवन में पार्षद हाउस की बैठक बुलाई जा चुकी है। इस बैठक में मौजूद पार्षदों द्वारा हाउस में ही मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव किया जाएगा परंतु पता चला है कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने हाऊस की बैठक से कुछ घंटे पहले जालंधर के एक फाइव स्टार होटल में आम आदमी पार्टी की ओर से जीते तथा बाद में पार्टी में शामिल हुए नवनिर्वाचित पार्षदों की एक बैठक बुला ली है जहां सभी पार्षदों को इकट्ठा करके हाऊस की बैठक में ले जाया जाएगा।

इस बैठक में जहां पार्षद मौजूद रहेंगे, वहीं आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रधान, जालंधर निगम चुनाव हेतु प्रभारी तथा हलका इंचार्ज भी उपस्थित रहेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक दौरान जहां सभी ‘आप’ पार्षदों को एक दूसरे से इंट्रोड्यूस करवाया जाएगा, वहीं मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव हेतु रणनीति भी तय की जाएगी। पता चला है कि इसी बैठक में जालंधर के नए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के नाम को सार्वजनिक कर दिया जाएगा तथा यह भी तय किया जाएगा कि हाउस में कौन सा पार्षद प्रोटेम स्पीकर बनेगा और हाऊस की कार्रवाई को संचालित करेगा। कौन पार्षद नए मेयर के नाम का प्रस्ताव रखेगा और कौन सा पार्षद उसे नाम को सैकेंड करेगा। ऐसी ही प्रक्रिया सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव हेतु भी अपनाई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि होटल में होने वाली इस बैठक का एक मकसद यह भी है कि हाउस की बैठक से पहले ही सत्तापक्ष के सभी पार्षदों को इकट्ठा कर लिया जाए ताकि गैरहाजिरी जैसी कोई गुंजायस ही न रहे ।

शुक्रवार रात तक नामों पर हुआ मंथन
21 दिसंबर 
को संपन्न हुए जालंधर नगर निगम के चुनाव के तुरंत बाद ही आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने मेयर ,सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के नाम पर चर्चा का क्रम शुरू कर दिया था जो अभी तक जारी है। पता चला है कि पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जालंधर के मेयर के नाम पर तो सहमति पहले से ही जताई जा चुकी है परंतु जालंधर में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर कौन बनेगा, इसे लेकर शुक्रवार रात तक बैठकों का दौर जारी रहा। तीन पदों के लिए 6 नामों के पैनल पर विचार चर्चा हुई थी, जिस दौरान तीन नामों को फाइनल तो कर लिया गया परंतु इन बारे शनिवार दोपहर होटल में होने जा रही बैठक दौरान ही सभी को बताया जाएगा। पता चला है कि सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए दो महिला पार्षदों के बीच जबरदस्त मुकाबला चल रहा था परंतु उनमें से एक नाम पर मोहर लगा दी गई है । पार्टी सूत्रों की माने तो जालंधर का मेयर वैस्ट हल्के से, सीनियर डिप्टी मेयर सेंट्रल तथा डिप्टी मेयर कैंट विधानसभा क्षेत्र से बनाया जा रहा है। फिलहाल सारी स्थिति शनिवार दोपहर ही साफ होगी।

यूपी के इस जिले में बढ़ीं छुट्टियां, भीषण ठंड को देखते हुए डीएम का आदेश

यूपी की राजधानी लखनऊ में भीषण ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा विद्यालयों में छुट्टियों को बढ़ा दिया गया है। लखनऊ डीएम सूर्यपाल गंगवार ने निर्देश जारी करते हुए कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में 14 जनवरी तक अवकाश घोषित किया है। वहीं कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों को सुबह 10 बजे से 3 बजे तक संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली चुनाव में मुफ्त योजनाओं पर भाजपा, कांग्रेस और आप की नजरें

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दिल्ली विधानसभा चुनाव अब मुफ्त योजनाओं के मुद्दे पर गहराई से प्रभावित हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा शुरू की गई मुफ्त योजनाओं को पहले “मुफ्त की रेवड़ी” और “मुफ्तखोरी” के रूप में आलोचना का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब यह तरीका भाजपा और कांग्रेस जैसी अन्य पार्टियों द्वारा भी अपनाया जा रहा है। कुल मिलाकर दिल्ली के चुनावी दंगल में तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों की उम्मीदें मुफ्त योजनाओं पर ही टिकी हुई हैं।

दिल्ली में मुफ्त बिजली और पानी देने के वादे ने आम आदमी पार्टी को सत्ता में बैठाया था, लेकिन अब इन मुफ्त योजनाओं का राज्य पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। दिल्ली सरकार का बजट लगभग 76,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें से 15-20% हिस्सा मुफ्त योजनाओं के लिए आवंटित किया जाता है। दिल्ली सरकार हर साल 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के लिए लगभग 3,250 करोड़ रुपये खर्च करती है। इसके अलावा, मुफ्त पानी और अन्य सब्सिडी के कारण राज्य के खजाने पर भारी दबाव पड़ रहा है। यदि अरविंद केजरीवाल द्वारा महिला सम्मान योजना लागू की जाती है, तो इससे दिल्ली सरकार पर 4,560 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च हो सकता है।

इसके अलावा, भाजपा और कांग्रेस ने भी चुनावी वादों के तहत कई मुफ्त योजनाओं की घोषणा की है। भाजपा ने वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली सब्सिडी देने का वादा किया है, जबकि कांग्रेस ने 400 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की योजना बनाई है। कांग्रेस ने इसके अतिरिक्त, प्रत्येक निवासी के लिए 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और महिलाओं को 2,500 रुपये मासिक सहायता देने का वादा किया है। इन घोषणाओं के चलते दिल्ली सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि मुफ्त योजनाओं पर भारी खर्च किया जा रहा है। दिल्ली सरकार के वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य को अगले कुछ वर्षों में भारी घाटे का सामना करना पड़ सकता है। अगर इन योजनाओं को पूरे राज्य में लागू किया गया, तो सरकार को इसके लिए और अधिक संसाधन जुटाने की आवश्यकता पड़ेगी।

दिल्ली के अलावा, अन्य राज्यों में भी मुफ्त योजनाओं के बोझ का सामना किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, महाराष्ट्र में भाजपा सरकार द्वारा लाड़की बहिन योजना को लेकर वित्तीय संकट का सामना किया जा रहा है। चुनाव से पहले इस योजना के तहत राज्य सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था। बाद में, इस राशि को बढ़ाकर 2,100 रुपये करने का भी वादा किया गया। इसके लिए सरकार को हर साल लगभग 63,000 करोड़ रुपये चाहिए। पिछले साल के बजट में महाराष्ट्र सरकार ने इस योजना के लिए 46,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, लेकिन अब राज्य सरकार को इस भारी बोझ को उठाने में कठिनाई हो रही है। राज्य के कृषि मंत्री ने हाल ही में कहा कि लाड़की बहिन योजना के कारण कृषि ऋण माफी योजना को लागू करने में दिक्कत आ रही है।

हिमाचल प्रदेश में भी सुक्खू सरकार ने मुफ्त योजनाओं का वादा किया था। राज्य सरकार ने महिलाओं को 1,500 रुपये और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। जब इन योजनाओं को लागू किया गया, तो राज्य की आर्थिक स्थिति बहुत बिगड़ गई। यहां तक कि 1 सितंबर 2024 को राज्य के 2.5 लाख सरकारी कर्मचारियों और 1.5 लाख पेंशनर्स के खातों में न तो सैलरी आई, न ही पेंशन। सरकार ने जरूरी योजनाओं पर खर्च करने में कठिनाई महसूस की और बाद में बिजली सब्सिडी छोड़ने की अपील की। अनुमान है कि 2024-25 में हिमाचल का वित्तीय घाटा 10,784 करोड़ रुपये तक जा सकता है।

झारखंड में भी हेमंत सोरेन सरकार ने मुफ्त योजनाओं के जरिए सत्ता हासिल की थी। यहां मइया सम्मान योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह दिए जा रहे थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया। इसके अलावा, राज्य सरकार ने मुफ्त बिजली देने की योजना भी लागू की है। लेकिन इन योजनाओं का बोझ राज्य के खजाने पर बढ़ रहा है। जनवरी 2025 में इस योजना के तहत महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर करते समय राज्य खजाने पर एक महीने के लिए 1,415 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा। यदि यह योजना जारी रहती है, तो राज्य सरकार को सालाना 16,980 करोड़ रुपये का खर्च उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने केंद्र से 1.36 लाख करोड़ रुपये का फंड मांगा है, जो राज्य को मिलनी वाली कोयला रॉयल्टी का हिस्सा है।

इसका साफ मतलब है कि मुफ्त योजनाओं का बोझ सरकारों के लिए भारी पड़ सकता है। हालांकि, अगर इन योजनाओं को रणनीतिक रूप से लागू किया जाए तो ये नकारात्मक नहीं हो सकती हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि महिलाओं को पेशेवर प्रशिक्षण देने के लिए वित्तीय सहायता दी जाए, तो यह एक सकारात्मक कदम हो सकता है। इसी तरह, बेरोजगारी भत्ते के बजाय मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप देने से समाज में नई प्रतिभा का विकास हो सकता है।

मध्य प्रदेश: आयकर विभाग ने की छापेमारी, घर से मिले 4 मगरमच्छ

मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान एक घर से चार मगरमच्छ बरामद किए। इस घटना की सूचना वन विभाग को दी गई, जिसके बाद मगरमच्छों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

क्या है मामला

आयकर विभाग ने यह छापेमारी राजेश केसरवानी के ठिकानों पर की। राजेश केसरवानी बीड़ी कारोबारी, भवन निर्माण ठेकेदार और भाजपा के पूर्व पार्षद हैं। छापेमारी के दौरान जहां कई दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़ी जानकारियां सामने आईं। वहीं घर में मगरमच्छ पाए जाने से अधिकारी भी हैरान रह गए। हालांकि, आयकर विभाग के अधिकारियों ने मगरमच्छों को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं वन विभाग ने इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।

वन विभाग का बयान

मध्य प्रदेश के हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स, असीम श्रीवास्तव ने बताया कि मगरमच्छों की स्वास्थ्य जांच कराई जा रही है। इस घटना की पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मगरमच्छ किसके घर से बरामद हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, घर से कुल चार मगरमच्छ मिले हैं। इन मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी स्थिति सामान्य है और जांच पूरी होने के बाद उन्हें प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा।

इलाके में फैली सनसनी

घर से मगरमच्छ मिलने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग हैरान हैं और चर्चा कर रहे हैं कि आखिरकार कोई घर में मगरमच्छ क्यों रखेगा। फिलहाल, इस मामले की गहन जांच जारी है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

मगरमच्छ संरक्षित जीवों की श्रेणी में आते हैं। इन्हें घर में रखना कानूनन अपराध है। वन विभाग ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जानकारी जुटाने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रेस्क्यू किए गए मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। उनकी देखभाल और स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें जंगल या सुरक्षित जल स्रोत में छोड़ा जाएगा। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मगरमच्छों को घर में क्यों रखा गया था।

वीकेंड पर सोने की कीमतों में बढ़ोतरी, जानिए क्या है अपके शहर में सोने का रेट

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नए साल 2025 की शुरुआत से ही सोने और चांदी के दामों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। 11 जनवरी को भी सोने के दाम में बढ़ोतरी हुई है। 24 कैरेट सोने की कीमत अब लगभग 79,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुकी है। इस बढ़ोतरी के कारण सोने की खरीदारी करने वाले लोग महंगाई का सामना कर रहे हैं। खासकर शादी के सीजन में गहनों की खरीदारी करने वालों के लिए यह कीमतें चिंता का कारण बन गई हैं। इस बढ़ोतरी के साथ ही चांदी के दाम भी बढ़े हैं। 11 जनवरी 2025 को एक किलोग्राम चांदी की कीमत में 1,000 रुपये का इजाफा हुआ है और अब इसकी कीमत 93,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इससे चांदी खरीदने वाले भी महंगाई से प्रभावित हैं।

सोने की नई कीमतें 
– 24 कैरेट सोना: 79,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (लगभग)
– 22 कैरेट सोना: 72,000 रुपये से अधिक प्रति 10 ग्राम
– चांदी: 93,500 रुपये प्रति किलोग्राम (लगभग)

देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम

– दिल्ली: 24 कैरेट सोना 79,620 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 73,000 रुपये प्रति 10 ग्राम
– मुंबई: 24 कैरेट सोना 79,470 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 72,850 रुपये प्रति 10 ग्राम
– कोलकाता: 24 कैरेट सोना 79,470 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 72,850 रुपये प्रति 10 ग्राम
– चेन्नई: 24 कैरेट सोना 79,470 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 72,850 रुपये प्रति 10 ग्राम
– अहमदाबाद: 24 कैरेट सोना 79,470 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 72,900 रुपये प्रति 10 ग्राम
– लखनऊ: 24 कैरेट सोना 79,620 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 72,300 रुपये प्रति 10 ग्राम
– जयपुर: 24 कैरेट सोना 79,620 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 73,000 रुपये प्रति 10 ग्राम
– पटना: 24 कैरेट सोना 79,520 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 72,900 रुपये प्रति 10 ग्राम
– हैदराबाद: 24 कैरेट सोना 79,470 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 72,850 रुपये प्रति 10 ग्राम
– गुरुग्राम: 24 कैरेट सोना 79,620 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 73,300 रुपये प्रति 10 ग्राम
– बेंगलुरु: 24 कैरेट सोना 79,470 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 72,850 रुपये प्रति 10 ग्राम
– नोएडा: 24 कैरेट सोना 79,620 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 73,000 रुपये प्रति 10 ग्राम

सोने की कीमतों में वृद्धि का कारण  
सोने की कीमतों में इस वृद्धि के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें वैश्विक बाजार में सोने की मांग, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थिति, और भारतीय बाजार में उपभोक्ता खरीदारी की प्रवृत्तियाँ शामिल हैं। खासकर शादी के सीजन में सोने और चांदी की भारी मांग रहती है, जिससे इन धातुओं के दामों में और अधिक इजाफा हो सकता है।

शादी के सीजन में सोने की खरीदारी का प्रमुख समय
शादी का सीजन हमेशा से सोने की खरीदारी के लिए प्रमुख समय होता है। इस सीजन में परिवारों में आमतौर पर गहनों की खरीदारी अधिक होती है। हालांकि, मौजूदा कीमतों को देखते हुए यह सोने के खरीदारों के लिए चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि सोना अब काफी महंगा हो चुका है। इसलिए अगर आप भी शादी के सीजन में सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको मौजूदा दरों का ध्यान रखते हुए खरीदारी करनी चाहिए, ताकि महंगाई से बचा जा सके।

पंजाबः लुधियाना के AAP विधायक Gurpreet Gogi की देर रात गोली लगने से मौ’त

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शुक्रवार देर रात पंजाब के लुधियाना हलका वैस्ट से आम आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत गोगी की गोली लगने से मौत हो गई। परिवार के लोगों ने उन्हें इलाज के लिए डी.एम.सी. अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


मिली जानकारी के अनुसार गोली उनके सिर में लगी। गोली चलने की आवाज सुनते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। जब परिवार के लोगों ने उनके कमरे में जाकर देखा तो वह खून से लथपथ पड़े थे जिसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले गए।

अभी गोली चलने के कारणों की पुलिस की तरफ से आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों का कहना है की वह अपना लाइसैंसी रिवॉल्वर साफ कर रहे थे कि अचानक गोली चल गई। पता चलते ही पुलिस कमिश्नर, ‘आप’ विधायक व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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