Tuesday, February 3, 2026
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UK Goverment ने Illegal migrants के खिलाफ सख्त कदम उठाए, 16,400 लोगों को देश से निकाला

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यू.के. सरकार ने अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। गृह कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 के आखिरी 12 महीनों में 16,400 प्रवासियों को निर्वासित ( किसी जगह से निकालना) किया गया, जो साल 2018 के बाद से उच्चतम स्तर है। इस संख्या में 2,580 विदेशी अपराधी भी शामिल हैं, जिन्हें अपराधों के लिए दोषी पाया गया था।

विशेष चार्टर उड़ानों तुरंत निकाला
सरकार ने बताया कि विशेष चार्टर उड़ानों के माध्यम से अवैध प्रवासियों को उनके देशों में वापस भेजा गया, जिसमें यू.के. के इतिहास की चार सबसे बड़ी उड़ानें भी शामिल हैं, जिनमें 800 से ज्यादा लोग एक साथ वापस भेजे गए। इन उड़ानों ने न केवल अवैध प्रवासियों को उनके घरों में लौटाया, बल्कि अपराधियों की वापसी में भी तेजी लाई है। गृह कार्यालय ने बताया कि शरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और बैकलॉग को समाप्त करने के लिए 1,000 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि पिछले साल की तुलना में प्रवासियों की वापसी में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। गृह सचिव यवेट कूपर ने कहा कि यह सरकार तेज़ी से कार्रवाई कर रही है ताकि उन लोगों को बाहर किया जा सके, जिन्हें यू.के. में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

अवैध कार्यों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाही
यू.के. सरकार ने अवैध रूप से काम करने वाले प्रवासियों और शोषणकारी नियोक्ताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है। पिछले साल की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक दौरे किए गए और 29 प्रतिशत अधिक गिरफ्तारियाँ हुईं। यह कार्रवाई मुख्य रूप से धोखेबाज़ कार वॉश, नेल बार और निर्माण स्थलों पर की गई।

नए कानूनों और कार्यवाहियों का ऐलान
सरकार ने गिरोहों द्वारा प्रवासी यात्राओं को सक्षम करने वाले वित्तीय नेटवर्क को बाधित करने के लिए नए कानूनों का भी ऐलान किया है। इसके तहत, खतरनाक प्रवासी यात्रा को प्रोत्साहित करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बायोमेट्रिक किट और बॉडी वॉर्न कैमरे फ्रंटलाइन इमिग्रेशन प्रवर्तन टीमों को दिए जाएंगे, जिससे गिरफ्तारी और अभियोजन को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस पहल को सफल बताते हुए कहा कि इस सरकार ने सिर्फ छह महीने के भीतर बदलाव की योजना को प्रभावी रूप से लागू किया है। उनका कहना था, “हम अपनी शरण प्रणाली को सुव्यवस्थित कर रहे हैं, ताकि केवल वे लोग रह सकें, जिन्हें यहां रहने का अधिकार है।”

PMAY-U 2.0: मोदी सरकार घर खरीदने पर दे रही 4% की सब्सिडी, जानिए क्या है शर्तें

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प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसे “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए लागू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के लोगों को किफायती दरों पर घर खरीदने, बनाने या सुधारने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। यदि आपने 1 सितंबर 2024 के बाद कोई प्रॉपर्टी खरीदने, बनाने या फिर उसे फिर से बेचने के लिए होम लोन लिया है, तो आप इस योजना के तहत 4% ब्याज पर सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए है जो किफायती आवास चाहते हैं और इसकी शर्तें और लाभ का विस्तार से जानना जरूरी है।

योजना की मुख्य विशेषताएँ:

1. ब्याज सब्सिडी:
– इस योजना के तहत, यदि आप 35 लाख रुपये तक की कीमत वाले घर खरीदने के लिए ऋण लेते हैं, तो आपको 8 लाख रुपये तक के ऋण पर 4% ब्याज की सब्सिडी मिल सकती है।
– यह सब्सिडी अगले 5 वर्षों तक दी जाएगी, और आपको केवल 4% की दर से ब्याज चुकाना होगा, जबकि बाकी का ब्याज सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

2. सहायता की अवधि:
– इस सब्सिडी का लाभ 12 साल तक के लिए मिलेगा। इसका मतलब है कि यदि आपने 12 साल तक का होम लोन लिया है, तो पहले 5 साल तक आपको 4% ब्याज की सब्सिडी प्राप्त होगी। इसके बाद भी लोन की अवधि पूरी होने तक आपको कम ब्याज दर पर लाभ मिलेगा।

3. वित्तीय सहायता:
– इस योजना के तहत, लाभार्थियों को 5 वर्षों में ₹1.80 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलती है, जो उन्हें घर खरीदने, बनाने या सुधारने में मदद करती है।

पात्रता

1. आय सीमा:
– इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए आपके परिवार की वार्षिक आय योजना द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए:
– EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): ₹3 लाख तक
– LIG (निम्न आय वर्ग): ₹6 लाख तक
– MIG (मध्यम आय वर्ग): ₹9 लाख तक

2. पूर्व में सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए:
– केवल वे लाभार्थी इस योजना के पात्र होंगे जिन्होंने पिछले 20 वर्षों में किसी सरकारी आवास योजना के तहत घर प्राप्त नहीं किया है।

3. भूमि पर निर्माण की स्थिति:
– ईडब्ल्यूएस परिवारों को अपनी मौजूदा ज़मीन पर घर बनाने के लिए ₹2.5 लाख तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।

योजना के घटक
PMAY-U 2.0 में चार प्रमुख घटक शामिल हैं, जो विभिन्न प्रकार के लाभार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं:

1. BLC (Beneficiary-led Construction):
– इस घटक के तहत, वे लोग जो अपने खुद के घर का निर्माण करना चाहते हैं, उन्हें वित्तीय सहायता दी जाती है। यह खासकर उन परिवारों के लिए है जिनके पास खुद का ज़मीन है, और वे अपने घर का निर्माण करना चाहते हैं।

2. AHP (Affordable Housing Partnership):
– यह योजना सार्वजनिक और निजी एजेंसियों द्वारा निर्मित 30-45 वर्ग मीटर के घरों को खरीदने के लिए ईडब्ल्यूएस वर्ग के लाभार्थियों को प्रदान की जाती है। यहां, लाभार्थी सरकारी या निजी एजेंसी के साथ साझेदारी करके किफायती घर प्राप्त कर सकते हैं।

3. ARHC (Affordable Rental Housing Complex):
– यह योजना प्रवासियों और श्रमिकों के लिए किफायती किराए के आवास की सुविधा प्रदान करती है। इसका उद्देश्य उन लोगों को घर देना है जो शहरी क्षेत्रों में रोजगार के लिए आते हैं और उनके पास घर नहीं है।

4. CLSS (Credit Linked Subsidy Scheme):
– यह घटक गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी प्रदान करता है, जिससे निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोग सस्ती दरों पर होम लोन प्राप्त कर सकते हैं।

अस्वीकृत लाभार्थी
कुछ व्यक्तियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा:

1. पिछले 20 वर्षों में सरकारी आवास योजना से लाभ प्राप्त करने वाले: जो लोग पहले ही किसी सरकारी योजना के तहत घर प्राप्त कर चुके हैं, वे PMAY-U 2.0 के तहत सब्सिडी का लाभ नहीं उठा सकते हैं।

2. 31 दिसंबर 2023 के बाद रद्द किए गए स्वीकृत घर: 31 दिसंबर 2023 के बाद जिन घरों की स्वीकृति रद्द की गई है, उन्हें PMAY-U 2.0 में शामिल नहीं किया जाएगा।

इस योजना का उद्देश्य
PMAY-U 2.0 योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में किफायती आवास की उपलब्धता को बढ़ाना है, ताकि सभी वर्गों के लोग अपने सपनों का घर हासिल कर सकें। सरकार का यह प्रयास है कि कम आय वाले वर्गों को सस्ती दरों पर घर उपलब्ध कराए जाएं और वे अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकें। PMAY-U 2.0 एक महत्वपूर्ण योजना है जो शहरी भारत में किफायती आवास की कमी को पूरा करने के लिए बनाई गई है। इससे लाखों लोग किफायती ब्याज दरों पर होम लोन प्राप्त कर सकते हैं, और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को घर बनाने, खरीदने और सुधारने में मदद मिल रही है। यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आप इसके लिए पात्र हैं और सही तरीके से आवेदन करें।

पीएम मोदी ने जीरोधा के निखिल कामथ के साथ पॉडकास्ट की शुरुआत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार एक को एक पॉडकास्ट में अपने जीवन के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर बात की। ज़ीरोधा के संस्थापक निखिल कामथ के साथ एक पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके जीवन का एक अहम मंत्र है, “कभी भी बुरे इरादे से कुछ भी गलत न करें।” उन्होंने यह भी बताया कि हर व्यक्ति से गलतियाँ होती हैं, लेकिन किसी भी काम को गलत इरादों से करना किसी भी हालत में ठीक नहीं होता।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने खुद से वादा किया था कि वे कड़ी मेहनत से पीछे नहीं हटेंगे और अपने लिए कुछ नहीं करेंगे। उनका यह संकल्प था कि वे कभी भी बुरे इरादे से किसी भी गलत काम को अंजाम नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि “मैं इंसान हूँ, कोई भगवान नहीं, और गलती करना इंसान की फितरत है, लेकिन किसी भी काम में बुरे इरादे से कमी नहीं आनी चाहिए।”

पीएम नेआदर्शवाद और विचारधारा का महत्व बताया

प्रधानमंत्री ने इस दौरान आदर्शवाद और विचारधारा की अहमियत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि विचारधारा के बिना राजनीति संभव नहीं है, लेकिन आदर्शवाद उससे कहीं ज्यादा जरूरी है। उनका उदाहरण देते हुए कहा कि गांधी जी और सावरकर के रास्ते अलग थे, लेकिन उनकी विचारधारा एक थी – ‘स्वतंत्रता’।

प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी अपनी विचारधारा हमेशा से ‘राष्ट्र पहले’ रही है। उन्होंने कहा, “मैं कभी भी अपनी विचारधारा को बदलने वाला नहीं हूं, क्योंकि मेरा मानना है कि राष्ट्र पहले आना चाहिए।” मोदी ने यह भी कहा कि कोई भी नीति या योजना अगर राष्ट्र के भले के लिए है, तो उसे अपनाना चाहिए, भले ही वह पुरानी हो या नई।

मुसीबतों से मिली शिक्षा पर खुलकर बोले

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जीवन के संघर्षों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन परिस्थितियों ने बनाया है और उनकी सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी ‘मुसीबतों की यूनिवर्सिटी’ रही है। बचपन में, उन्होंने अपने राज्य में माताओं और बहनों को सिर पर घड़ा लेकर 2-3 किलोमीटर पैदल चलते देखा है। मोदी ने कहा कि यही जीवन की सच्चाई है और इन अनुभवों ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया।

लोगों के सपनों को साकार करने की कोशिश करेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि उनकी योजनाएं और नीतियाँ लोगों के सपनों को साकार करने के लिए हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत की और हमेशा यह सुनिश्चित किया कि उनकी योजनाओं से आम नागरिकों को लाभ मिले।

6,000 से कम प्राइज़ और धांसू फीचर्स के साथ लॉन्च हुआ itel Zeno 10

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itel Zeno 10 को भारत में ब्रांड के नए एंट्री-लेवल फोन के रूप में लॉन्च किया गया है। यह Zeno सीरीज का पहला मॉडल है। एक्सक्लूसिव तौर पर ऑनलाइन उपलब्ध होगा। वहीं इसके अन्य वेरिएंट्स ऑफलाइन भी उपलब्ध हैं। डिटेल में जानते हैं इसकी कीमत और अन्य विशेषताओं के बारे में-

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itel Zeno 10 स्पेसिफिकेशन-

  • itel Zeno 10 में 6.56-इंच HD+ डिस्प्ले दिया है।
  • यह फोन ऑक्टा-कोर प्रोसेसर द्वारा संचालित होगा।
  • फोन दो कॉन्फ़िगरेशन- 3GB + 64GB और 4GB + 64GB इंटरनल स्टोरेज में पेश किया गया है।
  • यह  हैंडसेट Android 14 (Go Edition) पर चलता है।
  • इसमें LED फ्लैश और AI लेंस के साथ 8MP का प्राइमरी कैमरा और सेल्फी और वीडियो चैट के लिए फ्रंट में 5MP का का कैमरा दिया है।
  • इस हैंडसेट में 5000mh की बैटरी दी है।
  • यूजर्स को इसमें 4G, वाई-फाई, ब्लूटूथ, GPS और USB टाइप-C पोर्ट कनेक्टिविटी का लुत्फ भी उठा सकते हैँ।

प्राइज़ और कलर ऑप्शन-

भारत में itel Zeno 10 की कीमत 3GB + 64GB मॉडल के लिए 5,999 रुपये से शुरू होती है। हैंडसेट 4GB + 64GB वैरिएंट में भी उपलब्ध है। Amazon पर ये फोन एक्सक्लूसिव तौर पर उपलब्ध है। इन फोन को खरीदने पर आप  इसे किसी भी बैंक कार्ड पर खरीदने पर 500 रुपये तक का डिस्काउंट हासिल कर सकता है। इस हैंडसेट को फैंटम क्रिस्टल और ओपल पर्पल रंगों में खरीदा जा सकता है। कंपनी बॉक्स में एक मुफ़्त बैक कवर/केस भी दे रही है।

Ahmedabad : स्कूल में तीसरी कक्षा की एक 8 साल की बच्ची की अचानक मौत…देखें CCTV फुटेज

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अहमदाबाद के एक स्कूल में तीसरी कक्षा की एक 8 साल की बच्ची की अचानक मौत हो गई, जिससे स्कूल में हड़कंप मच गया। घटना स्कूल की लॉबी में हुई, जहां बच्ची सुबह स्कूल पहुंची और कुछ ही समय बाद उसे सांस लेने में तकलीफ महसूस होने लगी। इसके बाद बच्ची पास की बेंच पर बैठ गई और अचानक कोलैप्स हो गई। स्कूल प्रशासन ने तत्परता से सीपीआर दिया और एम्बुलेंस को कॉल करके उसे नजदीकी अस्पताल भेजा, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना अहमदाबाद के जेबर स्कूल की है।

स्कूल की प्रिंसिपल ने दी जानकारी
स्कूल की प्रिंसिपल, शर्मिष्ठा सिंहा ने बताया कि बच्ची को स्कूल आते वक्त कोई शारीरिक समस्या नहीं थी। वह सामान्य तरीके से अपनी क्लास की ओर बढ़ रही थी, लेकिन अचानक उसे सांस लेने में समस्या महसूस हुई। इसके बाद बच्ची पास की बेंच पर बैठ गई और कुछ समय बाद वह कोलैप्स हो गई। स्कूल प्रशासन ने तत्काल सीपीआर दिया और एम्बुलेंस को अस्पताल भेजने का आदेश दिया।

दादा-दादी के साथ रहती थी बच्ची
बच्ची अहमदाबाद में अपने दादा-दादी के साथ रहती थी, जबकि उसके माता-पिता मुंबई में रहते हैं। जैसे ही बच्ची की हालत बिगड़ी, उसके माता-पिता मुंबई से अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए। शुरुआती जांच के अनुसार, उसकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाने का फैसला लिया है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। स्कूल और आसपास के इलाके में इस घटना को लेकर गहरा दुख है, और सभी बच्ची के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं।

इन कारों पर मिल रहा 2.15 लाख का डिस्काउंट, Maruti कर रही पुराना स्टॉक क्लियर

अगर आप जनवरी महीने में एक नई मारुति सुजुकी कार खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह महीना आपके लिए खास हो सकता है। इस महीने, मारुति सुजुकी अपनी कारों पर भारी डिस्काउंट दे रही है, जिससे आप बड़ी बचत कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मारुति के पास 2024 मॉडल का पुराना स्टॉक बचा हुआ है, जिसे खत्म करने के लिए यह ऑफर दिए जा रहे हैं। आइए जानते हैं कौन सी कार पर कितना डिस्काउंट मिल रहा है।

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1. Invicto पर 2.15 लाख रुपये तक का डिस्काउंट
मारुति सुजुकी अपनी फैमिली कार Invicto पर इस महीने शानदार डिस्काउंट दे रही है। इसके 2024 मॉडल पर आपको 2.15 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। वहीं, अगर आप 2025 मॉडल खरीदते हैं तो 1.15 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं।

2. Jimny SUV पर 1.90 लाख रुपये तक का डिस्काउंट
अगर आप Jimny SUV खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो इस महीने आपको इस पर 1.90 लाख रुपये तक का डिस्काउंट मिल सकता है। यह डिस्काउंट 2024 मॉडल पर दिया जा रहा है। हालांकि, 2025 मॉडल पर यह डिस्काउंट 25 हजार रुपये तक ही मिलेगा। इस कार की कीमत अधिक होने के कारण इसकी बिक्री धीमी रही है, जिसके कारण डीलरों के पास पुराना स्टॉक बचा हुआ है।

Jimny में 1.5 लीटर का K सीरीज पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 16.94 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज देता है। यह 4 व्हील ड्राइव के साथ आती है और आकार में कॉम्पैक्ट होने के बावजूद इसकी बॉडी काफी मजबूत है।

3. ग्रैंड विटारा माइल्ड हाइब्रिड पर 1.13 लाख रुपये तक का डिस्काउंट
मारुति सुजुकी की ग्रैंड विटारा माइल्ड हाइब्रिड SUV पर भी इस महीने 1.13 लाख रुपये का डिस्काउंट मिल सकता है। यह ऑफर भी पुराने स्टॉक को क्लियर करने के लिए दिया जा रहा है।

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4. अन्य कारों पर भी डिस्काउंट ऑफर
– Ignis पर 77,100 रुपये का डिस्काउंट
– Baleno पर 62,100 रुपये का डिस्काउंट
– Ciaz पर 60,000 रुपये का डिस्काउंट
– Fronx Turbo पर 50,000 रुपये तक का डिस्काउंट

डिस्काउंट का फायदा 31 जनवरी तक
यह सभी डिस्काउंट ऑफर 31 जनवरी तक ही लागू होंगे, इसलिए अगर आप इन कारों को खरीदने का सोच रहे हैं, तो जल्द से जल्द डीलर से संपर्क करें और इन ऑफर्स का फायदा उठाएं।

Lohri पर तिल-गुड़ के लड्डू बनाएं, सेहत के साथ स्वाद भी

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अगर आप भी लोहड़ी को लेकर काफी एक्साइटेड हैं लेकिन इस मौके पर क्या बनाएं इसे लेकर कंफ्यूज हैं तो यहां हम आपको कुछ ऐसी ट्रेडिशनल पंजाबी रेसिपीज के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें इस मौके पर आपको जरूर ट्राई करना चाहिए। इस दिन खासतौर पर तिल और गुड़ से बने पकवानों को खाया जाता है, जो सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। ये न सिर्फ उस दिन को और ज्यादा खास बना देगा, बल्कि आपको रिश्तेदारों की काफी तारीफ बटोरने में भी मदद करेगा। तो आज हम तिल और गुड़ के लड्डू बनाने की आसान विधि बताएंगे।

 

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सामग्री

तिल (सुरम) – 1 कप
गुड़ – 1 कप (कद्दूकस किया हुआ)
घी – 1 चम्मच
पानी – 2-3 टेबल स्पून
इलायची पाउडर (वैकल्पिक) – 1/4 चम्मच

तिल और गुड़ के लड्डू बनाने की रेसिपी

1. सबसे पहले तिल को अच्छे से धोकर सुखा लें। अब एक कढ़ाई में तिल डालकर मध्यम आंच पर हल्का सा सेंक लें। तिल हल्के से चटकने लगे तो समझिए कि वह अच्छे से भुन गए हैं।

2. अब कढ़ाई में थोड़ा सा घी डालें और उसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ और थोड़ा पानी डालकर अच्छे से मिलाएं। इसे धीमी आंच पर गरम करें, ताकि गुड़ पूरी तरह से पिघल जाए। आपको गुड़ का मिश्रण थोड़ा गाढ़ा होने तक पकाना है। आप एक पानी की कटोरी में थोड़ा सा गुड़ का मिश्रण डालकर देखें, अगर वह थोड़ा ठंडा होकर टूटने लगे तो समझ जाइए कि वह तैयार है।

3. जब गुड़ का मिश्रण तैयार हो जाए, तो उसमें भुने हुए तिल डालकर अच्छे से मिला लें। आप इसमें इलायची पाउडर भी डाल सकते हैं, जो लड्डू को और टेस्टी बनाएगा।

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4. जब तिल और गुड़ का मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए, तो अपनी हथेलियों को घी से ग्रीस करें और छोटे-छोटे लड्डू बना लें। इन लड्डुओं को अच्छे से आकार दें और पूरी तरह से ठंडा होने के लिए रख दें।

5. आपके तिल और गुड़ के लड्डू तैयार हैं। इनका स्वाद बहुत ही मीठा और स्वादिष्ट होता है। इन लड्डुओं का सेवन लोहड़ी के दिन विशेष रूप से किया जाता है, क्योंकि यह सर्दियों में शरीर को गर्मी और ऊर्जा प्रदान करते हैं।

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इस टेस्टी रेसिपी को आप घर पर आसानी से बना सकते हैं और परिवार के साथ लोहड़ी के इस खास दिन का आनंद ले सकते हैं।

सर्दी में खाएं अलसी के बीज, हड्डियों में भरे एक नई जान!

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ठंड के मौसम में शरीर का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है क्योंकि इस मौसम में शरीर को बीमारियां बहुत जल्दी हो जाती हैं। सर्दियों में सही खान-पान शरीर को गर्म और एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करता है। इस मौसम में अलसी के बीज (Flaxseeds) को डाइट में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। अलसी के बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स और लिग्नान की भरपूर मात्रा पाई जाती है।ये बीज न केवल शरीर को ठंड से बचाने में मदद करते हैं, बल्कि हार्ट, त्वचा, बालों और पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी होते हैं।तो आइए जानते हैं सर्दियों में अलसी के बीज के फायदे।

अलसी के बीज के फायदे

इम्यूनिटी सिस्टम और हड्डियों को मजबूत बनाता है
अलसी के बीज कैल्शियम, फास्फोरस और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर होते हैं। ये चीजें हड्डियों की सेहत को सुधारने में मदद करते हैं। रोजाना अलसी के बीज खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं और उनमें सूजन कम होती है।सर्दियों में इम्यून सिस्टम को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। अलसी के बीज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और लिग्निन इम्यून डिसीस को बढ़ाते हैं और सर्दी-जुकाम जैसे सामान्य संक्रमण को होने से रोकते हैं।

जोड़ों का दर्द कम करता है

अलसी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों में सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। यह गठिया और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं में राहत पहुंचाता है।इन बीजों में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन शरीर को ठंड के मौसम में एनर्जी देता हैं।

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दिल की सेहत के लिए

अलसी के बीज में फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। ये ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बैलेंस रखने में मदद करते हैं।

स्किन और बालों के लिए फायदेमंद

सर्दियों में स्किन रूखी और बाल बेजान हो जाते हैं। अलसी के बीज ओमेगा-3 और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो त्वचा को निखारने और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

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पाचन सुधारते हैं

सर्दियों में पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे कब्ज और इनडाइजेशन की समस्या हो सकती है. अलसी के बीज में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को सुधारने और पेट साफ करने में मदद करते हैं।

कैसे खाएं अलसी के बीज?

अलसी के बीज को कच्चा खाया जा सकता है, या फिर इनका पाउडर बनाकर दही, स्मूदी, सलाद या जूस में मिलाया जा सकता है। आप इन्हें ताजे फलों के साथ भी खा सकते हैं। इन बीजों को भूनकर भी खाया जा सकता है, जो स्वाद में भी अच्छा लगता है या फिर आप अलसी के लड्डू बना कर भी खा सकते हैं, खाने में टेस्टी और सेहत के लिए फायदेमंद।

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नोट

अलसी के बीजों को ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इनमें फाइटोएस्ट्रोजेन होते हैं, जो शरीर में हार्मोनल बदलाव ला सकते हैं।हमेशा ताजे और अच्छी क्वालिटी के अलसी के बीज खरीदें।

अलसी के बीज सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, खासकर हड्डियों और जोड़ों की सेहत के लिए। सादियों में इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बनाकर आप अपनी हड्डियों को मजबूत बना सकते हैं

कश्मीर तक सीधी रेल लाइन का भारत का सपना हकीकत के करीब

भारतीय रेलवे ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेलवे लाइन (USBRL) के कटरा-बनिहाल सेक्शन के 179 डिग्री ढलान पर सफलतापूर्वक ट्रायल रन किया। यह परीक्षण कश्मीर को रेल द्वारा शेष भारत से सीधे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली यह ट्रायल ट्रेन संगलदान और रियासी के बीच चल रहे परीक्षणों का हिस्सा थी। उत्तरी सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) दिनेश चंद देशवाल ने इस उपलब्धि को “रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय” बताया।

बनिहाल स्टेशन पर बोलते हुए उन्होंने क्षेत्र की अनूठी चुनौतियों पर काबू पाने के लिए इंजीनियरों की सराहना की। समाचार आउटलेट ने उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया, “ऐसी चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति में ट्रायल रन सुचारू रहा और इसने हमें संतुष्टि की भावना से भर दिया। इसका श्रेय हमारे इंजीनियरों को जाता है जिन्होंने इतना बढ़िया काम किया है।”

सूत्रों के अनुसार, परीक्षण सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ जब ट्रेन कटरा स्टेशन से रवाना हुई और 1.5 घंटे में बनिहाल पहुंच गई। कुछ देर रुकने के बाद, यह दोपहर 3:30 बजे कटरा लौट आई। देशवाल ने कहा कि अब एकत्रित आंकड़ों का विश्लेषण करके कश्मीर के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की व्यवहार्यता निर्धारित की जाएगी।

उन्होंने कहा, “मैं इस बारे में बात करने की स्थिति में नहीं हूं सेवाओं की शुरुआत।,” उन्होंने कहा कि अनिवार्य वैधानिक निरीक्षण शाम तक समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारा बुनियादी ढांचा उत्कृष्ट है, और बहुत जल्द हमारी रिपोर्ट के आधार पर एक उचित निर्णय लिया जाएगा।”

दो दशकों से अधिक समय से बन रही परियोजना कश्मीर को रेल से जोड़ने का सपना दो दशकों से अधिक समय से बन रहा है। यूएसबीआरएल परियोजना 1997 में शुरू हुई थी, लेकिन क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण भूविज्ञान, स्थलाकृति और मौसम की स्थिति के कारण इसमें कई देरी हुई। बाधाओं के बावजूद, परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है, अगले महीने 17 किलोमीटर लंबे रियासी-कटरा खंड के पूरा होने की उम्मीद है।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वपूर्ण खंड का उद्घाटन कर सकते हैं, जिससे जनवरी तक कश्मीर से दिल्ली के लिए पहली सीधी ट्रेन शुरू हो जाएगी। 800 किलोमीटर की यह यात्रा 13 घंटे से कम समय में पूरी होने की उम्मीद है, जो इस क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी में एक बड़ा सुधार है।

महाकुंभ मेले में भागलपुर के बुनकरों की हुई चांदी, कारोबारियों को मिले करोड़ों के ऑर्डर

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13 जनवरी को प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ के चलते भागलपुर के बुनकरों की चांदी हो गई है। भागलपुर के बुनकरों को महाकुंभ मेले के लिए भगवा गमछे, साड़ी, और अन्य कपड़े के जबरदस्त ऑर्डर मिल रहे है। बुनकर सुबह-शाम कठिन मेहनत करके इन ऑर्डरस को पूरा करने में लगे हुए है।

200 बुनकरों को मिला रोजगार

मिली जानकारी के अनुसार, महाकुंभ से संबंधित पोशाकों के लिए अब तक भागलपुर के कारोबारियों को 50 से 60 लाख का ऑर्डर मिल चुका है। 10 हजार पीस गमछे, 15 हजार पीस साड़ी, एक हजार मीटर मटका सिल्क के बंडी और एक हजार मीटर लिनन शर्ट इन ऑर्डरों में शामिल हैं। दरअसल प्रयागराज के स्थानीय लोग महाकुंभ मेले में आने वाले सभी अतिथियों और साधु-संतों को भगवा रंग के कपड़े भेंट देने के लिए भागलपुर के बुनकरों से कपड़े तैयार करवा रहे हैं। इस बार महाकुंभ मेले में यहां के कपड़ों से लोगों का स्वागत किया जाएगा। वहीं संभावना जताई जा रही है कि कुंभ के दौरान भागलपुर के सिलक कारोबारियों का 5 करोड़ तक का कारोबार हो सकता है। वहीं कारोबारी बता रहे है कि लोग पैसों की परवाह किए बिना गुणवत्ता पर फोकस कर रहे हैं। अभी ऑर्डर मिलने से करीब 200 बुनकरों को रोजगार मिल गया है।

बता दें कि भागलपुर सिल्क नगरी के नाम से मशहूर है। यहां के सिल्क की विदेशों में भी काफी मांग है। भागलपुर में तैयार सिलक के कपड़ों को विदेशों में भी भेजा जाता है। वहीं महाकुंभ से पहले इतने बड़े ऑर्डर मिलने से बुनकरों में खुशी की लहर दौड़ आई है।

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