Tuesday, February 3, 2026
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महाकुंभ 2025 में साध्वी बनकर रहेंगी Apple फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन

प्रयागराज में आयोजित होने वाला महाकुंभ 2025 इस बार विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रहा है, क्योंकि इसमें न केवल लाखों भारतीय श्रद्धालु और साधक भाग लेंगे, बल्कि देश-विदेश की कई बड़ी हस्तियां भी इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनेंगी। महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक किया जाएगा, और 12 साल बाद यह विशाल समागम प्रयागराज में हो रहा है।

महाकुंभ का महत्व धार्मिक रूप से अत्यधिक है, और इसमें हर उम्र, जाति और पंथ के लोग अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए आते हैं। इस वर्ष, विशेष रूप से दुनिया भर के वीवीआईपी और प्रमुख व्यक्तित्व महाकुंभ में शामिल होंगे, जिनमें से एक हैं एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स।

लॉरेन पॉवेल का महाकुंभ में कल्पवास

स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स का हिंदू और बौद्ध धर्म से गहरा जुड़ाव है। महाकुंभ में उनकी भागीदारी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि वह इस पवित्र आयोजन के दौरान कल्पवास करेंगी। लॉरेन पॉवेल 29 जनवरी 2025 तक महाकुंभ में रहेंगी और पौण पूर्णिमा के दिन संगम में स्नान कर आस्था की डुबकी लगाएंगी। इसके बाद वह संगम की रेती पर कल्पवास करेंगी।

कल्पवास एक हिंदू धार्मिक परंपरा है, जो आत्म-शुद्धि और आध्यात्मिक अनुशासन पर आधारित होती है। यह परंपरा महाभारत और रामचरितमानस में भी वर्णित है। ‘कल्प’ का अर्थ ब्रह्मांडीय युग से है और ‘वास’ का अर्थ है—प्रवास या निवास। इस दौरान भक्त सभी भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग करके अपनी आत्मा की शुद्धि के लिए कठिन साधना करते हैं।

महाकुंभ में अन्य वीवीआईपी महिलाएं

महाकुंभ में इस बार कई अन्य प्रमुख महिलाएं भी शामिल होंगी, जिनका योगदान और आस्था भारतीय समाज में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इनमें से कुछ प्रमुख महिलाएं हैं:

सुधा मूर्ति: विप्रो के संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता सुधा मूर्ति भी महाकुंभ में संगम स्नान करेंगी। उनकी यात्रा के लिए उल्टा किला के पास विशेष कॉटेज तैयार किया गया है।

सावित्री देवी जिंदल: ओमप्रकाश जिंदल फाउंडेशन की अध्यक्ष और जिंदल समूह की प्रमुख सदस्य, सावित्री देवी जिंदल महाकुंभ में स्नान करने के लिए आ रही हैं और उनके ठहरने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

हेमा मालिनी: बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा नेता हेमा मालिनी भी महाकुंभ में स्नान करने के लिए संगम पहुंचेंगी। वह जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के शिविर में ठहरने की योजना बना रही हैं।

महाकुंभ का धार्मिक महत्व

महाकुंभ भारतीय संस्कृति और धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है, जो हर 12 साल में होता है। यह आयोजन प्रयागराज के संगम—गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम स्थल पर होता है। महाकुंभ के दौरान, लाखों लोग पवित्र स्नान करने के लिए यहाँ आते हैं, जो उनकी आस्था और श्रद्धा को दर्शाता है।

महाकुंभ में हर दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान होते हैं, जिसमें संत महात्मा, साधु-संत और भक्तगण भाग लेते हैं। इसके अलावा, इस अवसर पर विश्वभर के लोग आने का प्रयास करते हैं, क्योंकि यहां पवित्र डुबकी लगाने से जीवन के सारे पाप समाप्त हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

महाकुंभ 2025: एक विशेष अवसर
महाकुंभ 2025 सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक विशेष धार्मिक समागम बनकर उभरेगा। इस बार के महाकुंभ में न केवल भारतीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय हस्तियां भी शामिल होंगी, जो इस आयोजन को और भी महान बना देंगी।

आध्यात्मिक साधना और आस्था के प्रतीक इस आयोजन में दुनिया भर से लोग जुड़ते हैं, और यह एक ऐसा अवसर होता है जब धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का अद्वितीय प्रदर्शन होता है।

कुंभ से भी बड़ा गंगासागर मेला, राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिया जाना चाहिए: ममता बनर्जी

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि गंगासागर मेला ‘कुंभ मेले से भी बड़ा है’ और इसलिए केंद्र सरकार को इसे राष्ट्रीय मेले का दर्जा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कुंभ मेले के आयोजन के लिए हजारों करोड़ रुपये मुहैया कराती है लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार को मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर कपिल मुनि मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक गंगासागर मेले के लिए सभी प्रावधान करने होते हैं। बनर्जी ने यहां गंगा नदी (हुगली) के तट पर मेले का उद्घाटन करने के बाद कहा, “हम पिछले 10 वर्षों से गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “यह कुंभ मेले से कम नहीं बल्कि उससे भी बड़ा है।” बनर्जी ने कहा कि देश के सभी कोनों से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मेला स्थल पर विभिन्न भाषाओं में घोषणाएं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले तक सड़क, हवाई और रेल मार्ग से पहुंचना आसान है, लेकिन कोलकाता से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित सागर द्वीप तक जाना बहुत कठिन है, क्योंकि तीर्थयात्रियों को रास्ते में नदी को नौका द्वारा पार करना पड़ता है।

Jitendra Mahajan Interview: दिल्ली को विश्वस्तरीय राजधानी बनाएंगी डबल इंजन सरकार

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वर्ष 2020 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 70 में से 8 सीटें ही जीत पाई थी। इनमें से एक सीट रोहतास नगर से आप जीते थे। पांच साल का कार्यकाल कैसा रहा? किस तरह के अनुभव रहे?

जबाव- 2020 चुनाव के बाद कोरोना से सामना हुआ।  यमुना पार में सांप्रदायिक दंगे हुए। विधायक बनते ही ऐसी विकट स्थितियों से सामना हुआ। हमने लोगों के लिए इलाज व खाने की व्यवस्था की। पूरा रोहतास नगर पहले दंगों से निपटा और  कोरोना का भी अच्छे से सामना किया। इसके लिए मैं अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का धन्यवाद करता हूं। ढाई-तीन साल का समय जो क्षेत्र में विकास का काम करने के लिए मिला। इस दौरान जो भी काम हो सकते थे, वह हमने किए। एक नए यूजीआर का प्रस्ताव हमने पास किया। अभी कई समस्याएं हैं, जिसके लिए हमने संघर्ष किया, लेकिन उसे दूर नहीं कर पाए।

सवाल- आम आदमी पार्टी  की सरकार का दावा है कि उसने बहुत सारे विकास के कार्य किए। आपके क्षेत्र की बड़ी समस्याएं कौन सी हैं, जिनसे रूबरू हो रहे हैं?

जबाव- पूरी दिल्ली में गंदे पानी की समस्या है। पानी आ नहीं रहा, आता है तो गंदा आता है। 22-22 गज के मकान में रहने वाले लोगों के पास पानी व बिजली के भारी-भारी बिल आ रहे हैं। लोगों में आक्रोश है और वे सवाल कर रहे हैं कि आखिर दिल्ली में पीने के पानी की व्यवस्था कब दुरुस्त होगी। पिछले 11 साल में दिल्ली की आबादी बढ़ी, मगर पीने के पानी की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया। रोहतास नगर में नत्थू कॉलोनी,, अशोक नगर कॉलोनी में दिक्कतें हैं। अंडरपास का मुद्दा है। सड़कों पर अतिक्रमण का मुद्दा है।

सवाल- जब विधानसभा का सत्र चलता था तो विभिन्न मुद्दों पर भाजपा विधायक विरोध प्रदर्शन करते थे। कई बार मार्शल द्वारा आप सबको बाहर कर दिया जाता था। कैसा संघर्ष रहा पांच साल के दौरान?

जबाव- हम जिन विषयों पर चर्चा करना चाहते थे, उसके लिए अनुमति नहीं मिलती थी। जिन विषयों का दिल्ली के लोगों का कोई सरोकार नहीं होता था, सरकार सदन में उन पर चर्चा कराती थी। सरकार पीने के पानी पर, प्रदूषण पर, शिक्षा पर, अस्पताल की स्थिति को लेकर सदन में चर्चा कराना ही नहीं चाहती थी। दो-दो दिन का सत्र बुलाया जाता था। क्या इन दो दिनों में दिल्ली के मुद्दों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए थी।

सवाल- सीएजी की रिपोर्ट को लेकर भाजपा काफी अक्रामक है। जबकि आम आदमी पार्टी का कहना है कि जब तक सीएजी रिपोर्ट टेबल नहीं होती, तब तक इसको लेकर कोई भी बात कैसे की जा सकती है?

जबाव- मैं कहता हूं कि आखिर सरकार सीएजी रिपोर्ट से बच क्यों रही है। सीएजी रिपोर्ट सदन में पेश हो इसको लेकर विपक्ष को माननीय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। ऐसा ऐसा देश के इतिहास में कभी हुआ है क्या? करदाता के पैसे का क्या उपयोग हो रहा है, सरकार की योजना पर जो पैसा खर्च हो रहा है क्या उसका आडिट नहीं होनी चाहिए। क्या इसकी जानकारी दिल्ली के लोगों को नहीं होनी चाहिए कि आखिर टैक्स के पैसे को दिल्ली के विकास में कितना लगाया गया। उपराज्यपाल ने सरकार को लिखित में दिया कि इस रिपोर्ट को पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए, उसके बावजूद भी सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंगी। इसका मतलब है कि दाला में कुछ काला तो है। एक मुख्यमंत्री के रूप में शीशमहल के नाम पर जनता के पैसे का दुरूपयोग किया। साधारण सा कहने वाला व्यक्ति शीशमहल में रहा।  लेकिन, दिल्ली की जनता को पीने का पानी नहीं दिया। दिल्ली में सरकारी ठेके खोले गए और आबकारी नीति में गोलमाल किया गया, पूरा देश उसे देख रहा है। दिल्ली की जनता ने देखा, दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल जेल गए।

सवाल- आम आदमी पार्टी का कहना है कि कहीं कोई घोटाला नहीं हुआ है। सिर्फ भाजपा का षड्यंत्र था, जिसके तहत उनके नेताओं को ईडी, सीबीआई द्वारा फंसाया गया। भाजपा चाहती ही नहीं कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता के लिए कुछ करे?

जबाव- दिल्ली की आबकारी नीति में घोटाले के आरोप का मामला माननीय हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक गया। कोर्ट ने माना है कि ऐसे सबूत उपलब्ध हैं कि जिनकी जांच करने की जरूरत है। और अगर कोई घोटाला नहीं तो आप के नेता परेशान क्यों होते हैं। कोर्ट में सुनवाई चल रही है, सच सामने आएगा ही। दिल्ली को बर्बाद करने की नीति थी। दिल्ली वालों को नशे में धकेलना चाहते थे। आबकारी की नई नीति बनाई, लेकिन प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना नहीं लागू की। अब संजीवनी योजना लाने का वादा करके नाटक कर रहे हैं। अरे सरकार में 11 साल से हैं, अब तक क्यों नहीं किया। बीते मार्च में ही महिलाओं को 1000 देने का वादा किया था, पर दिया नहीं। अब 2100 का नया वादा कर दिया। वह भी चुनाव के बाद देने का वादा।

सवाल- दिल्ली में अब चुनावी बयार तेज हो गई है, क्या लग रहा है आपको। कैसी स्थिति होने जा रही है?

जबाव- मुझे लगता है कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल का असली चेहरा पहचान चुकी है।  दिल्ली की जनता  मन बनाकर बैठी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो देश का विकास हो रहा है, उसी धारा से हमें भी जुड़ना है।

सवाल- आप का तो यह दावा है कि महिला सम्मान राशि योजना में लाखों महिलाओं ने पंजीकरण कराया। जनता उनके साथ है?

जबाव- महिलाओं का समर्थन उन्हें पहले भी मिला था। लेकिन उन्होंने पिछले 11 सालों में महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। आज चुनाव आ गया है तो महिला सम्मान राशि की बात हो रही है। महिला सम्मान राशि की घोषणा उन्होंने पिछले बजट में की थी। पंजाब में भी की थी, लेकिन ना वहां दिया और ना ही यहां। बस वादा ही है, देना नहीं है। पंजाब की महिलाएं तो दिल्ली तक आ गईं सम्मान राशि लेने के लिए। लेकिन, उनकी बात तक नहीं सुनी गई।

सवाल- आप का दावा है कि अरविंद केजरीवाल जो कहते हैं वह करते हैं। महिला सम्मान राशि भी देंगे और पुजारियों व ग्रंथियों को मानदेय देने भी दिया जाएगा?

जबाव- अरविंद केजरीवाल जो कहते हैं वे करते हैं यह सरासर झूठ है। केजरीवाल ने जनता से वादा किया था कि यमुना इतनी साफ कर देंगे कि लोग यमुना में डुबकी लगाएंगे। आचमन करेंगे, लेकिन किया नहीं। ट्रांसपोर्ट सिस्टम को वर्ल्ड क्लास बनाने की बात की थी, लेकिन पिछले 8 साल में वे एक भी बस खरीद नहीं पाए। नया स्कूल या कॉलेज भी नहीं बनाया। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था देने की बात की थी, लेकिन कुछ नहीं किया है। संविदा कर्मचारियों को पक्का करने की बात की थी, वह भी नहीं किया।

सवाल- आप लोगों की क्या योजना है, विशेष कर आपके विधानसभा क्षेत्र रोहतास नगर की बात करें तो क्या कुछ करने की योजना है?

जबाव- रोहतास नगर विधानसभा में महिला सशिक्तकरण का काम किया मैंने किया। आज ढाई सौ महिलाएं अपने दमपर अपने पैरों पर खड़ी  हैं। अपने परिवर का पालन पोषण कर रही हैं। उन ढाई सौ परिवारों को हमें एक हजार परिवार करना है। नत्थू फ्लाईओवर जिसका काम 8 साल से बंद है, उसे चालू कराकर पूरा कराना है। अशोक नगर अंडर पास का निर्माण करवाना है। पेयजल दिक्कत व अतिक्रमण आदि को दूर कराना है।

सवाल- भाजपा की सरकार आती है तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी के द्वारा शुरू की गईं योजनाओं को आप बंद कर देंगे, या कोई अन्य प्लान है? 

जबाव- दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा दिल्लीवासियों को अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया, जिनमें कुछ योजनाएं लोगों तक पहुंच रहीं है और कई योजनाओं को केजरीवाल की तानाशाही में प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसी तानाशाही सरकार में जनता त्रस्त है। और हां जो दिल्ली के हित में होगा वो भाजपा सत्ता में आने के बाद पूरजोर तरीके से काम करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में जो भी कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं उनको चालू रखा जाएगा। साथ ही उन्हें और बेहतर किया जाएगा। दिल्ली के विकास की गति तेज की जाएगी। दिल्ली देश की राजधानी है उसे विश्व स्तरीय राजधानी बनाने का काम किया जाएगा। यह वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है तो वह इसे करके भी दिखाएंगे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी जो वादा किया उसे 100 फीसदी पूरा किया। इसीके तहत दिल्ली में झुग्गी झोपड़ी वालों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए फ्लैट की चाभी सौंपी।

भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र महाजन के ‘वक्तव्य’…

कभी हुआ करते थे 30-30 दिन के सत्र, अब 2-2 दिन में निपटा दिए जाते हैं

पुराने लोग बताते हैं कि मदनलाल खुराना के समय में तीस-तीस दिन का सत्र होता था। दिल्ली के मुद्दे पर चर्चा होती थी। दिल्ली कैसे आगे बढ़े, पक्ष व विपक्ष मिलकर इस पर चर्चा करते थे। मगर यहां तो सत्र ही दो दिन का होता था। निर्वाचित विधायकों को प्रश्नकाल की अनुमति नहीं थी। प्रश्नकाल रखा ही नहीं जाता था।

सरकार को लगता था कि प्रश्नकाल रखा गया तो हमें जवाब देना पड़ेगा। सरकार दिल्ली के किसी भी विषय पर जैसे यमुना सफाई, अस्पताल, राशन कार्ड,  बुजुर्गों की पेंशन या फिर आयुष्मान योजना लागू होने का मुद्दा हो, सरकार किसी भी मुद्दे पर सदन में चर्चा कराना ही नहीं चाहती थी। इस कारण जब हम विरोध करते थे तो स्पीकर मार्शल द्वारा हमें बाहर निकलवा देते थे। दिल्ली में न्यूनतम वेज लागू कर रखा है, लेकिन कितने लोगों को न्यूनतम वेज मिल रहा है। लोगों का शोषण हो रहा है। वेतन 16 हजार है, लेकिन लोग दस-दस हजार रुपए वेतन पर ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे हैं। हम उस पर चर्चा करना चाहते थे, पर दिल्ली सरकार ये नहीं करना चाहती। सरकार ऐसे सभी मुद्दों से बचने का काम करती रही।

Canada में नए प्रधानमंत्री की तलाश शुरु, जानें कौन बन सकता है नया पीएम

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कनाडा की सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने घोषणा की है कि वह 9 मार्च, 2025 को अपने नए नेता का चयन करेगी, जो देश के अगले प्रधानमंत्री का पद संभालेगा। वर्तमान प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, जिन्होंने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया, नए नेता का चयन होने तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

जस्टिन ट्रूडो का इस्तीफा और पार्टी की तैयारी
इस सप्ताह जस्टिन ट्रूडो ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया, जिसके बाद से लिबरल पार्टी नए नेता के चयन में जुट गई है। पार्टी के अध्यक्ष सचित मेहरा ने इस संबंध में एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, “कनाडा की लिबरल पार्टी 9 मार्च को नया नेता चुनेगी और आगामी 2025 के चुनाव में जीत हासिल करने के लिए तैयार रहेगी।”

मुख्य उम्मीदवार कौन हैं?
लिबरल पार्टी के नए नेता बनने की दौड़ में कुछ प्रमुख नाम सामने आए हैं। इनमें बैंक ऑफ कनाडा के पूर्व गवर्नर मार्क कार्नी और कनाडा की पूर्व वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड प्रमुख हैं। फ्रीलैंड ने पिछले महीने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और पार्टी में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। मार्क कार्नी, जिनकी अर्थशास्त्र और वित्तीय नीति में गहरी समझ है, भी लिबरल पार्टी के नेतृत्व के लिए एक मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं।

कनाडा का भविष्य, नया नेता, नई दिशा
कनाडा की राजनीति में यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि नए नेता के चयन के साथ ही देश को एक नई दिशा मिलेगी। नए नेता के चुनाव के बाद पार्टी को 2025 में होने वाले आम चुनाव की तैयारियों में जुटना होगा, जिससे देश की आर्थिक और सामाजिक नीतियों को एक नया दिशा मिल सकती है।

लिबरल पार्टी की अगली प्राथमिकता अब यही होगी कि वह पार्टी के भीतर समन्वय बनाए रखते हुए चुनावों के लिए अपना दृष्टिकोण तैयार करे। इस समय ट्रूडो के इस्तीफे के बाद पार्टी को एक मजबूत और सक्षम नेतृत्व की आवश्यकता है, जो जनता के विश्वास को फिर से जीत सके।

चीन में चलती कार से गिरकर पति की मौत पर, पत्नी ने सौतन पर ठोका 70 लाख का हर्जाना

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चीन में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति की नशे में कार से गिरकर मौत हो गई और उसकी पत्नी ने पत्नी के अंतिम संस्कार के बाद मृतक की प्रेमिका से मुआवजा की मांग की। मामला इतना विवादास्पद हो गया कि यह कोर्ट तक पहुंच गया, जहां अदालत ने पत्नी की मुआवजे की मांग को खारिज कर दिया, लेकिन प्रेमिका को कुछ राशि देने का आदेश दिया।

यह घटना साल 2022 की है जब वांग नामक व्यक्ति और लियू नाम की महिला के बीच प्रेम संबंध शुरू हुए थे। वांग, जो शादीशुदा था, अपनी पत्नी से अलग होकर लियू के साथ समय बिता रहा था। जुलाई 2023 में दोनों के बीच तकरार हुई, जिसके बाद वे एक होटल में खाना खाने के बाद कार से यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान वांग नशे में था और सीट बेल्ट लगाए बिना गाड़ी में बैठा था। लियू गाड़ी चला रही थी, और अचानक वांग चलती कार से गिर पड़ा।

हादसे के बाद क्या हुआ?

गिरने के बाद लियू घबराई और उसने वांग को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस बुलाई। लेकिन 24 घंटे बाद वांग की मौत मस्तिष्क की चोट के कारण हो गई। पुलिस ने जांच में पाया कि वांग के द्वारा सीट बेल्ट न पहनने के कारण यह हादसा हुआ। इसके बावजूद लियू को दोषी नहीं ठहराया गया, क्योंकि यह पूरी घटना वांग की लापरवाही का परिणाम थी।

पत्नी का मुआवजा मांगने का कदम:

वांग की पत्नी ने इस घटना के बाद अपनी पति की प्रेमिका लियू से 6 लाख युआन (लगभग 70.36 लाख रुपये) का मुआवजा मांगने का फैसला लिया। लेकिन यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया। पत्नी ने लियू को पति की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उसे भारी मुआवजा देने की मांग की।

कोर्ट का फैसला 

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद पत्नी की पूरी मुआवजे की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि वांग की मौत उसकी अपनी लापरवाही के कारण हुई थी और लियू को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने लियू को 65,000 युआन (करीब 8 लाख रुपये) का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिससे इस मामले में एक हल्की राहत मिली।

कनाडा सरकार को बड़ा झटका, निज्जर मर्डर केस के 4 आरोपियों को मिली जमानत

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कनाडा के सुप्रीम कोर्ट ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोपी चार भारतीयों को जमानत दे दी है। इन चारों पर निज्जर की हत्या और हत्या की साजिश रचने का आरोप था। जिन चार आरोपियों को जमानत मिली है, उनका नाम करण बराड़, अमनदीप सिंह, कमलप्रीत सिंह और करणप्रीत सिंह है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 फरवरी 2024 को ब्रिटिश कोलंबिया सुप्रीम कोर्ट में होगी। खबरों के अनुसार, जमानत सबूतों की कमी के कारण दी गई है।

18 जून 2023 को, निज्जर की हत्या सरे, ब्रिटिश कोलंबिया में एक गुरुद्वारे के बाहर उस समय कर दी गई जब वह वहां मौजूद थे। उनके बारे में माना जाता था कि वह खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के प्रमुख थे। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने मई 2024 में करणप्रीत, कमलप्रीत और करण बराड़ को गिरफ्तार किया था। अदालत के दस्तावेज़ों के अनुसार, सभी चार आरोपियों को हिरासत में नहीं लिया गया है और वे जमानत पर बाहर हैं। हालांकि, मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।

कनाडा ने दावा किया है कि निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों का हाथ था, जबकि भारत ने आरोप लगाया कि कनाडा खालिस्तानी आतंकवादियों को शरण देता है। इस मामले ने भारत और कनाडा के बीच तनाव को बढ़ा दिया है, लेकिन कनाडा अब तक यह साबित नहीं कर सका है कि निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों का कोई संबंध था।

कुंभनगरी में मुसलमानों की एंट्री पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने रखी शर्तें, जानिए क्या करना होगा

प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत होने वाली है। सरकार ने इसके लिए तैयारियां तकरीबन पूरी कर दी हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ खुद इसका जायज़ा ले रहे हैं। इसी बीच सीएम ने कुंभ के दौरान यहां मुसलमानों की एंट्री के मुद्दे को लेकर बातचीत की है।

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एक मीडिया कंपनी को दिए एक इंटरव्यू में योगी ने कहा कि जिस किसी को भी भारत की सनातन परंपरा में आस्था है वह यहां आएं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग गलत सोच के साथ यहां आएं, उन्हें नहीं आने दिया जाएगा। अगर कोई गलत काम करते हुए पकड़ा गया, तो उसके साथ अलग तरीके से पेश किया जा सकता है।

मुसलमानों के लिए रखी ये शर्तें-

योगी आदित्यनाथ ने कुंभनगरी में मुसलमानों का स्वागत करते हुए कई शर्तें भी रखी हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ में ऐसे लोगों का स्वागत है जो सनातन धर्म में श्रद्धा रखते हैं। उनके पूर्वजों ने योगी ने कहा कि भूतकाल में कुछ लोग दबाव में आकर इस्लाम अपनाने लगे थे, लेकिन असल में वे सनातनी हैं, इसलिए उनका कुंभ में स्वागत है। उन्होंने यह भी कहा कि कुंभ में ऐसे लोगों का स्वागत है जो अपने गोत्र को भारत के ऋषियों से जोड़कर देखते हैं।

वक्फ बोर्ड के दावों का दिया जवाब-

वक्फ बोर्ड के दावों का जवाब देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुंभ की यह भूमि हमारी है और हम लोग इस पर कब्जा करेंगे तो मुझे लगता है कि उनको ‘डेंटिंग-पेंटिंग’ का सामना करना पड़ सकता है। बीती रात उन्होंने अखाड़ों के संतों के साथ रात का खाना खाया और तोहफे दिए।

Meerut Murder Case: एक ही परिवार के 5 लोगों की गला रेतकर हत्या

मेरठ के लिसाड़ी थाना क्षेत्र स्थित सोहेल गार्डन में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या कर उनके शव बोरे में बंद कर बेड में छिपा दिए गए थे। पूरा परिवार बुधवार से लापता था, और गुरुवार रात साढ़े नौ बजे उनके शव एक कमरे में मिले। पुलिस ने इस मामले में शुक्रवार को दो लोगों को हिरासत में लिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विपिन ताडा ने बताया, ‘‘मृतक महिला के परिजनों की शिकायत के आधार पर तीन नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दो नामजद संदिग्धों और कई अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।”

पुलिस ने बताया कि घटना बृहस्पतिवार की रात को तब सामने आई जब लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के घनी आबादी वाले सुहैल गार्डन मोहल्ले में एक घर में पति-पत्नी के शव चादर में लिपटे हुए मिले, जबकि उनके तीन बच्चों के शव पलंग के सामान रखने वाले बक्से में पाए गए। ताडा ने बताया कि एक नामजद संदिग्ध फरार है और उसे गिरफ्तार करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सभी सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही मामले के सुलझ जाने की उम्मीद है।”

गर्दन पर धारदार हथियार से काटे जाने के निशान
मृतकों की पहचान मोइन उर्फ ​​मोइनुद्दीन (52), उसकी पत्नी आसमां (45) और उनकी बेटियों अफ्शां (8), अजीजा (4) और अदीबा (1) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि बच्चों के शव बोरियों में भरकर पलंग में, सामान रखने वाले बक्से में छिपाए गए थे। सभी पीड़ितों के सिर पर गहरी चोटें थीं और गर्दन पर धारदार हथियार से काटे जाने के निशान थे। लिसाड़ी गेट पुलिस के मुताबिक, आसमां के भाई शमीम ने देर रात औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उसने आसमां की छोटी देवरानी नजराना और उसके दो भाइयों पर संदिग्ध हत्याओं में शामिल होने का आरोप लगाया।

घटना की वजह पुरानी दुश्मनी हो सकती है- एसएसपी
एसएसपी ने बृहस्पतिवार रात अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपराध स्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय लोगों और पड़ोसियों ने शाम को घर को देखा तो वह बाहर से बंद था। ताडा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘छत के रास्ते घर में घुसने के बाद, उन्हें शव मिले। जिस तरह से घर को बंद किया गया था, उससे लगता है कि अपराध में शामिल व्यक्ति परिवार का कोई परिचित हो सकता है।” एसएसपी ने कहा कि प्रारंभिक जाँच से पता चलता है कि घटना की वजह पुरानी दुश्मनी हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘विस्तृत जाँच चल रही है।”

फोरेंसिक टीम एविडेंस एकत्र कर रहे
उन्होंने बताया कि मृतकों में से एक के पैर चादर से बंधे हुए पाए गए। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं। परिवार हाल ही में इस क्षेत्र में आया था और पुलिस अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए उनकी पृष्ठभूमि की जाँच कर रही है। ताडा ने कहा कि पेशे से मैकेनिक मोइन और आसमां बुधवार से लापता थे। पुलिस के अनुसार, मोइन के भाई सलीम ने सबसे पहले इस भयावह दृश्य को देखा, जब वह अपने भाई के बारे में चिंतित हो कर परिवार को देखने गया था। सलीम अपनी पत्नी के साथ मोइन के घर पहुंचा। कई बार दरवाजा खोलने की असफल कोशिशों के बाद वे लोग पड़ोसियों की मदद से जबरन अंदर घुसे, जहां उन्हें शव मिले।

दिल्लीवालों का ‘धरती के स्वर्ग’ जाने का सपना टूटा, श्रीनगर के लिए नहीं मिलेगी डायरेक्ट ट्रेन

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देशभर में दिल्ली और श्रीनगर के बीच एक नई ट्रेन सेवा के शुरू होने की उम्मीदें बहुत थीं। इसे लेकर भारतीय रेलवे ने हाल ही में एक बड़ा अपडेट दिया है, जो उन सभी यात्रियों के लिए बुरी खबर है, जो बिना रुके दिल्ली से श्रीनगर या जम्मू तक यात्रा करने का सपना देख रहे थे। भारतीय रेलवे ने घोषणा की है कि श्रीनगर जाने वाली ट्रेनों को जम्मू के कटरा रेलवे स्टेशन पर रुकना पड़ेगा, और वहां सुरक्षा कारणों से यात्रियों को दूसरी ट्रेन में चढ़ने के लिए ट्रांसफर होना होगा। इसका मतलब यह है कि अब दिल्ली और श्रीनगर के बीच डायरेक्ट ट्रेन सेवा का सपना फिलहाल अधूरा रहेगा।

26 जनवरी को PM Modi करेंगे उद्घाटन
इस नई ट्रेन सेवा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर करेंगे। यह उद्घाटन एक बहुत बड़े रेल प्रोजेक्ट के अंतर्गत हो रहा है, जो लगभग तीन दशकों से लंबित था। इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली और श्रीनगर के बीच एक रेल कनेक्टिविटी स्थापित की जाएगी, जिसे लेकर लोगों में भारी उत्साह था।

कटरा स्टेशन पर होगा अनिवार्य ट्रांसशिपमेंट
रेलवे अधिकारियों ने बताया है कि श्रीनगर और कटरा के बीच चलने वाली सभी ट्रेनों को कटरा रेलवे स्टेशन पर रुकना होगा। यहां पर यात्रियों को ट्रेन बदलने के लिए उतरना होगा। कटरा स्टेशन पर स्थित प्लेटफॉर्म-1 को कश्मीर जाने वाली ट्रेनों के लिए समर्पित किया जाएगा। यह सुरक्षा कारणों से किया गया है, ताकि यात्रियों का ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा प्रक्रिया सही तरीके से की जा सके। कटरा स्टेशन पर यात्रियों को अपने सामान को फिर से स्कैन कराना होगा और फिर दूसरी ट्रेन में चढ़ने के लिए उन्हें प्लेटफॉर्म पर जाना होगा। इस ट्रांसफर प्रक्रिया के कारण यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है। कटरा स्टेशन पर रुकने से यात्रा में समय का इजाफा होगा, लेकिन यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक है।

वंदे भारत और मेल एक्सप्रेस ट्रेनें
उत्तर रेलवे ने पहले ही इस ट्रेन सेवा का टाइम टेबल 31 दिसंबर 2024 को जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि कटरा और श्रीनगर के बीच हर रोज़ एक वंदे भारत और दो मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलेंगी। इन ट्रेनों की शुरुआत 2024 के अंत से होने की उम्मीद है। वंदे भारत ट्रेन, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, कटरा से सुबह 8:10 बजे रवाना होगी और 11:20 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। दूसरी तरफ, मेल एक्सप्रेस ट्रेनें कटरा से सुबह 9:50 बजे और दोपहर 3 बजे रवाना होंगी, जो क्रमशः 1:10 बजे और 6:20 बजे श्रीनगर पहुंचेंगी। श्रीनगर से कटरा के लिए मेल एक्सप्रेस ट्रेनें सुबह 8:45 बजे और दोपहर 3:05 बजे रवाना होंगी। इस प्रकार, रेलवे ने दोपहर और शाम के समय भी ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया है।

क्या होगा कटरा स्टेशन पर?
कटरा स्टेशन पर हर ट्रेन के आने के बाद, सभी यात्रियों को उतरकर स्टेशन के बाहर जाना होगा। यहां पर उन्हें फिर से अपनी सामान की जांच करवानी होगी और फिर आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन का इंतजार करना होगा। कटरा का प्लेटफॉर्म-1 पूरी तरह से कश्मीर जाने वाली ट्रेनों के लिए समर्पित रहेगा। इस प्रक्रिया से यात्रियों को अपने सामान की दोबारा जांच करनी होगी, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा जारी रखें।

यात्री यात्रा में अतिरिक्त समय का सामना करेंगे
कटरा स्टेशन पर ट्रांसशिपमेंट प्रक्रिया के कारण यात्रियों को यात्रा में अतिरिक्त समय का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, यह कदम सुरक्षा के लिहाज से लिया गया है, और रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। यात्रियों को कटरा में अपने सामान की फिर से जांच करवानी होगी और फिर अपनी यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन में बैठना होगा। कश्मीर जाने का सपना देखने वाले दिल्लीवासियों के लिए यह एक बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि अब उन्हें सीधे श्रीनगर पहुंचने के लिए कटरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन बदलनी पड़ेगी। हालांकि, यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। अब यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान अधिक समय देना होगा, लेकिन रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरे यात्रा अनुभव को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए जरूरी है।

भारत में लॉन्च हुई Bajaj Pulsar RS200 बाइक, 1.84 लाख रुपए है कीमत

Bajaj Auto ने अपनी नई Pulsar RS200 बाइक भारत में लॉन्च कर दी गई है। यह बाइक खासतौर पर युवाओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई है। नई पल्सर RS200 को स्पोर्टी लुक और एडवांस फीचर्स के साथ पेश किया गया है। कंपनी का दावा है कि इसका नया डिजाइन यंग राइडर्स को काफी पसंद आएगा। यह बाइक तीन कलर ऑप्शन में ग्लॉसी रेसिंग रेड, पर्ल मेटैलिक व्हाइट और एक्टिव सैटिन ब्लैक उपलब्ध है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1,84,115 रुपए रखी गई है।

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इंजन 

नई Pulsar RS200 में 199.5cc, सिंगल-सिलेंडर, 4-वाल्व, फ्यूल-इंजेक्टेड इंजन दिया गया है। यह इंजन 24.5 PS का पावर और 18.7 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। बाइक में 5-स्पीड गियरबॉक्स है।
कंपनी का दावा है कि यह इंजन हर मौसम में बेहतरीन प्रदर्शन करता है। दमदार पावर और स्मूद राइडिंग अनुभव के कारण यह बाइक युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो सकती है।

डिजाइन 

डिजाइन के मामले में नई पल्सर RS200 का लुक बेहद शार्प और अग्रेसिव है। इसमें स्कल्प्टेड फेयरिंग, बोल्ड फ्रंट प्रोफाइल, एलईडी प्रोजेक्टर हेडलैंप, डे-टाइम रनिंग लाइट्स (DRL) और नए एलईडी टेल लैंप दिए गए हैं। बाइक में फ्लोटिंग पैनल और एयरोडायनामिक फुल-फेयर्ड बॉडी है, जो इसे और आकर्षक बनाती है। इसके अलावा बाइक में चौड़े टायर (140/70-17 रियर और 110/70-17 फ्रंट) दिए गए हैं, जो हर तरह के रास्तों पर बेहतर ग्रिप देते हैं। सेफ्टी के लिए इसमें डुअल-चैनल एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) के साथ डिस्क ब्रेक दिए गए हैं।

फीचर्स

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बजाज पल्सर RS200 में ब्लूटूथ-इनेबल LCD डिस्प्ले है, जो टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल और एसएमएस अलर्ट, गियर इंडिकेशन जैसे फीचर्स प्रदान करता है। इसके अलावा बाइक में एडवांस्ड LED प्रोजेक्टर हेडलैंप, डे-टाइम रनिंग LED, इंटीग्रेटेड रियर टेल लैंप, असिस्ट और स्लिपर क्लच भी दिया है।

कंपनी का बयान

बजाज ऑटो लिमिटेड के मार्केटिंग प्रेसिडेंट सुमीत नारंग ने कहा- “पल्सर हमेशा से युवाओं की पसंद रही है। नई पल्सर RS200 एडवांस फीचर्स और स्पोर्टी डिजाइन के साथ अब और बेहतर हो गई है। यह बाइक यंग राइडर्स के लिए रोमांच और स्टाइल का नया अनुभव लेकर आएगी।”

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