Monday, February 2, 2026
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‘इंदिरा गांधी एक कमजोर महिला थी’, Emergency की रिलीज से पहले कंगना रनौत का बड़ा बयान

फिल्म “इमरजेंसी” में इंदिरा गांधी की भूमिका निभा रहीं कंगना रनौत का कहना है कि वह पूर्व प्रधानमंत्री को बहुत मजबूत महिला मानती थीं, लेकिन गहन अध्ययन के बाद अब उनका मानना है कि वह ‘‘कमजोर” थीं और ‘‘उन्हें खुद पर यकीन नहीं” था। हिमाचल प्रदेश के मंडी से पहली बार लोकसभा सदस्य कंगना अक्सर विवादास्पद बयानों के लिए सुर्खियों में रहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज कोई भी निर्देशक उनके लायक नहीं है।

फिल्म इंडस्ट्री में कोई भी निर्देशक मेरे लायक नहीं- रनौत 
रनौत ने चर्चित फिल्म “इमरजेंसी” की रिलीज से पहले दिए वीडियो साक्षात्कार में कहा, “मैं बहुत गर्व के साथ कह रही हूं कि आज फिल्म उद्योग में एक भी ऐसा निर्देशक नहीं है, जिसके साथ मैं काम करना चाहूं, क्योंकि उनमें वो बात ही नहीं है…कि मैं उनके साथ काम करने के लिए राजी हो सकूं।” रनौत ने तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा 1975 में लगाए गए 21 महीने के आपातकाल को दर्शाने वाली फिल्म ‘‘इमरजेंसी” का निर्देशन और निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इंदिरा गांधी से समानुभूति रखती हैं और जब तक उन्होंने इस फिल्म पर काम शुरू नहीं किया था, तब तक वह उन्हें बहुत मजबूत मानती थीं।

‘इंदिरा गांधी कमजोर महिला थी’
रनौत ने कहा, “लेकिन जब मैंने अध्ययन किया तो मुझे समझ में आया कि वह इसके बिल्कुल विपरीत थीं। इससे मेरा यह विश्वास और मजबूत हुआ कि आप जितने कमजोर होते हैं, उतना ही अधिक नियंत्रण आप चाहते हैं। वह एक बहुत कमजोर व्यक्ति थीं। उन्हें खुद पर यकीन नहीं था और वह वास्तव में कमजोर थीं।” उन्होंने कहा, “उनके आसपास बहुत सी बैसाखियां थीं और वह लगातार किसी न किसी तरह खुद को सही ठहराना चाहती थीं। वह कई लोगों पर बहुत अधिक निर्भर थीं, उनमें से एक संजय गांधी भी थे।” अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी फिल्म में इंदिरा गांधी और आपातकाल के चित्रण को लेकर अपनी तरफ से कोई बदलाव नहीं किया।

प्रियंका गांधी को दिया फिल्म देखने का न्योता 
रनौत ने यह भी कहा कि वह संसद में इंदिरा गांधी की पोती और सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा से मिलीं और फिल्म के बारे में बात की। रनौत ने वायनाड से कांग्रेस सांसद वाद्रा के साथ अपनी संक्षिप्त बातचीत को याद करते हुए कहा, “मैं संसद में प्रियंका गांधी से मिली और उन्होंने मेरे काम और मेरे बालों की तारीफ की। तो मैंने कहा, ‘आप जानती हैं, मैंने एक फिल्म इमरजेंसी बनाई है। शायद आपको इसे देखना चाहिए। वह बोलीं, ‘ठीक है, शायद।” इमरजेंसी फिल्म 17 जनवरी को रिलीज होगी। फिल्म महीनों पहले रिलीज होनी थी, लेकिन सेंसर प्रमाणपत्र और सिख समुदाय को गलत तरीके से दिखाने के आरोपों की वजह से रिलीज नहीं हो सकी। फिल्म मूल रूप से छह सितंबर 2024 को रिलीज होनी थी।

Farmers Protest: शंभू बॉर्डर पर किसान ने खाई सल्फास को गोलियां, हालत गंभीर

शंभू बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। यहां किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सदस्य रेशम सिंह ने आज सुबह सल्फास की गोलियां खा लीं, जिसके बाद उन्हें राजपुरा सरकारी हॉस्पिटल में ले जाया गया है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। किसान रेशम सिंह, तरण तारन जिले के रहने वाले हैं और कई दिनों से शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल थे।

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शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन जारी
पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन जारी है। किसान दिल्ली की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया है। 13 फरवरी और 21 फरवरी को किसानों ने दिल्ली जाने के लिए मार्च किया, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें सीमा पर ही रोक लिया।

इसके बाद, 6 और 8 दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले 101 किसानों का जत्था दिल्ली जाने के लिए फिर से पैदल चला, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान किसान और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव जैसी स्थिति बन गई, और किसानों को पीछे धकेलने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। इस संघर्ष में कई किसान घायल हो गए।

क्या है किसानों की मांगें 
किसानों की मुख्य मांगें फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी है, ताकि किसान सुनिश्चित कर सकें कि उनकी फसल को एक निश्चित कीमत पर खरीदा जाएगा। इसके अलावा, किसान कर्ज माफी की भी मांग कर रहे हैं ताकि उनका आर्थिक बोझ कम हो सके। इसके साथ ही, वे किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन की व्यवस्था चाहते हैं, ताकि बुजुर्ग और असहाय किसान भी एक सम्मानजनक जीवन जी सकें। किसान चाहते हैं कि बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी न हो, जिससे उनकी कृषि लागत कम रहे।

किसान यह भी मांग कर रहे हैं कि पुलिस के द्वारा उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामले वापस लिए जाएं, क्योंकि वे मानते हैं कि यह उन्हें परेशान करने के लिए किए गए हैं। इसके अलावा, वे 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों को न्याय दिलाने की भी मांग कर रहे हैं। किसान भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 को फिर से लागू करने की मांग भी कर रहे हैं, ताकि उनकी ज़मीन बिना उनकी सहमति के न ली जा सके। इसके साथ ही, वे 2020-21 के आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने केवेंटर्स स्टोर का दौरा किया, कर्मचारियों के साथ मिलकर बनाई कॉफी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में दिल्ली के केवेंटर्स स्टोर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्टोर में मौजूद लोगों से बातचीत की और वहां के कर्मचारियों के साथ मिलकर कोल्ड कॉफी बनाई। केवेंटर्स के सह-संस्थापकों से उन्होंने उनके व्यवसाय की योजनाओं और चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की।

PunjabKesariराहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दौरे का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने वीडियो में कहा, “नई पीढ़ी और नए बाजार के लिए एक पुराना और प्रतिष्ठित ब्रांड कैसे बदल सकते हैं? केवेंटर्स के युवा संस्थापकों ने मुझे कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई। केवेंटर्स जैसे व्यवसायों ने पीढ़ियों से हमारी आर्थिक वृद्धि को तेज़ किया है। हमें उनका समर्थन करने के लिए और अधिक प्रयास करना चाहिए।”

स्टोर में उनके साथ मौजूद कर्मचारियों ने जब पूछा कि क्या वह कोल्ड कॉफी बनाने की प्रक्रिया देखना चाहते हैं, तो गांधी ने मुस्कुराते हुए कहा, “नहीं, मैं इसे खुद बनाऊँगा।” इसके बाद राहुल गांधी को दूध, आइसक्रीम और मिक्सर का इस्तेमाल करते हुए केवेंटर्स की सिग्नेचर बोतल में कोल्ड कॉफी बनाते हुए देखा गया। इसके बाद, एक सह-संस्थापक ने राहुल गांधी से उनके निवेश योजनाओं के बारे में पूछा। गांधी ने हंसते हुए कहा, “मैं केवेंटर्स को देख रहा हूं और निवेश का फैसला करने की कोशिश कर रहा हूं।”

बुजुर्ग महिला के घर भी गए राहुल गांधी 
वीडियो में गांधी को स्टोर में आए ग्राहकों से भी बात करते हुए दिखाया गया। एक बुजुर्ग महिला ने गांधी से कहा कि वह उसी बिल्डिंग में रहती हैं और उन्हें अपने घर आने का निमंत्रण दिया। गांधी ने महिला को आश्वस्त करते हुए कहा, “मैं दो मिनट के लिए आ जाऊँगा।” लेकिन महिला को पता चलता है कि उसके पास घर की चाबी नहीं है। तब राहुल गांधी वहीं खड़े उनसे बातचीत करते हैं और लौट जाते हैं।

इसके अलावा, वीडियो में राहुल गांधी केवेंटर्स के सह-संस्थापकों, अमन अरोड़ा और अगस्त्य डालमिया से उनके व्यवसाय और इसके विस्तार के बारे में भी बातचीत करते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने उनसे पूछा कि वे अपने व्यवसाय को किस दिशा में ले जा रहे हैं। अमन और अगस्त्य ने उन्हें बताया कि अब उनका ध्यान टियर 2, टियर 3 और टियर 4 शहरों पर केंद्रित है, क्योंकि टियर 1 शहरों में उच्च किराया एक बड़ी चुनौती बन चुका है।

‘दिल्ली के जाट समुदाय को OBC लिस्ट में शामिल करें’, केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी

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आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर दिल्ली के जाट समुदाय के साथ धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जाट समुदाय को कई बार वादे किए गए, लेकिन उन्हें आज तक केंद्र की ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) सूची में नहीं डाला गया। इस वजह से जाट समुदाय के लोग शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। केजरीवाल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली के जाट समुदाय को ओबीसी लिस्ट में डालने का अनुरोध किया है।

दिल्ली के जाट समाज को धोखा दिया 
केजरीवाल ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “दिल्ली के जाट समुदाय को ओबीसी के अंतर्गत तो रखा गया है, लेकिन केंद्र की सूची में उनका नाम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने कई बार वादा किया था कि दिल्ली के जाट समुदाय को ओबीसी सूची में डाला जाएगा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। केंद्र सरकार ने पिछले 10 सालों से दिल्ली के जाट समुदाय को ओबीसी आरक्षण देने के नाम पर धोखा दिया है।”

DU में नहीं मिलता दाखिला- केजरीवाल 
उन्होंने बताया कि जब दिल्ली के जाट समुदाय के लोग दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने जाते हैं, तो उन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। जबकि राजस्थान जैसे अन्य राज्यों से आने वाले जाट समुदाय को ओबीसी आरक्षण मिल रहा है।

जाट समुदाय को OBC में डालने का अनुरोध किया
केजरीवाल ने कहा कि उन्हें इस मामले में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर दिल्ली के जाट समुदाय को ओबीसी में डालने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस मामले में संघर्ष करना पड़ा तो वे इसे जारी रखेंगे, ताकि दिल्ली के जाट समुदाय को उनका हक मिल सके

अमेरिका के हॉलीवुड हिल्स में भीषण आग से 5 लोगों की मौत, हजारों इमारतें और बड़े सितारों के घर खाक

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अमेरिका के हॉलीवुड हिल्स में लगी भीषण आग ने लॉस एंजेलिस में तबाही मचा दी है। इस आग में अबतक 5 लोगों की मौत हो गई।  अब तक 1,000 से अधिक इमारतें और घर जलकर खाक हो चुके हैं। 1.30 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया गया है। इस संकट के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपनी इटली यात्रा रद्द कर दी है। वहीं, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आग की घटना को लेकर सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।  बुधवार शाम को शुरू हुई आग ने हॉलीवुड बाउल और हॉलीवुड हिल्स के पास के क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया है। अब तक आग के कारण पांच लोगों की मौत हो चुकी है। अग्निशमन दल ने तीन बड़ी आग पर काबू पा लिया है, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।  राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस संकट के मद्देनजर अपनी इटली यात्रा रद्द कर दी है। वे वाशिंगटन में रहकर कैलिफोर्निया के हालात पर नजर रख रहे हैं।

वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने आग की इस घटना को लेकर सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पानी की कमी और प्रशासन की लापरवाही के कारण आग को समय पर नहीं रोका जा सका।  आग के कारण 1,000 से अधिक घर और इमारतें नष्ट हो चुकी हैं। पूरे लॉस एंजेलिस में धुएं का गुबार छाया हुआ है। आग के तेजी से फैलने की आशंका के चलते सांता मोनिका और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को तुरंत घर खाली करने का आदेश दिया गया है। लॉस एंजेलिस की मेयर कैरेन बास ने बताया कि कैलिफोर्निया और अन्य स्थानों से अग्निशमन दल मदद के लिए पहुंचे हैं। साथ ही आग पर काबू पाने के लिए हवाई अभियान भी चलाया जा रहा है।

पासाडेना के अग्निशमन प्रमुख चैड ऑगस्टिन ने बताया कि ईटन क्षेत्र में लगी आग ने 200 से 500 इमारतों को नष्ट कर दिया है। पानी की आपूर्ति और बिजली कटौती के कारण आग बुझाने में बाधा आ रही थी। तेज हवाओं के चलते आग की चिंगारियां दूर-दूर तक फैल रही थीं, जिससे नए क्षेत्रों में भी आग लग गई।  पैसिफिक पैलिसेड्स में भी आग ने काफी तबाही मचाई। कई घर जलकर खाक हो गए, स्विमिंग पूल काले हो गए, और लक्जरी कारें पिघले हुए टायरों पर खड़ी नजर आईं।
आग ने कैलाबास और सांता मोनिका जैसे क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया, जहां कई हॉलीवुड हस्तियों के घर थे। मैंडी मूर, कैरी एल्वेस और पेरिस हिल्टन जैसे सितारों ने अपने घर खो दिए।

अभिनेता बिली क्रिस्टल और उनकी पत्नी जेनिस ने अपना 45 साल पुराना घर खो दिया। उन्होंने कहा,  “हमारे घर का हर हिस्सा प्यार और खूबसूरत यादों से भरा हुआ था। इसे खोना दिल तोड़ने जैसा है।”अभिनेता डायलन विंसेंट ने बताया कि लौटकर ऐसी जगह आना बहुत अजीब है, जो अब अस्तित्व में ही नहीं है। उन्होंने कहा, “हमने देखा कि प्राथमिक विद्यालय और पूरा इलाका जलकर समतल हो गया।”* आग अब तक 42 वर्ग मील क्षेत्र को नष्ट कर चुकी है। आग की घटना ने राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी लापरवाही और जल प्रबंधन की विफलता के कारण आग इतनी तेजी से फैली।   वहीं, राष्ट्रपति बाइडन ने प्रभावित क्षेत्रों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है और अग्निशमन अभियान पर नजर बनाए हुए हैं।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हथियारबंद लोगों ने 16 मजदूरों का किया अपहरण

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पाकिस्तान (Pakistan) के अशांत खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत में बृहस्पतिवार को हथियारबंद लोगों ने कम से कम 16 मजदूरों का अपहरण कर लिया। स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी। ये मजदूर एक सरकारी प्रतिष्ठान में काम करते थे और उन्हें उस वक्त अगवा किया गया जब वे एक वाहन से निर्माण स्थल जा रहे थे। बाद में अपहरणकर्ताओं ने कबाल खेल क्षेत्र में वाहन को आग लगा दी। किसी भी समूह ने अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है। प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) इस क्षेत्र में सक्रिय है और अतीत में वह इस तरह की घटनाओं में लिप्त रहा है।

टीटीपी को अल-कायदा का करीबी माना जाता है और 2007 में यह कई आतंकवादी संगठनों को मिला कर बना था। इस संगठन को पाकिस्तान में कई घातक हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। एक अन्य घटना में बम निरोधक इकाई ने खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले में महबूब जियारत जांच चौकी के पास रखे गए 25 किलोग्राम के बम को निष्क्रिय कर दिया है। स्थानीय पुलिस ने बताया कि बम उस मार्ग पर लगाया गया था जिस पर से सुरक्षा बलों का काफिला गुजरने वाला था।

कोरोना के बाद HMPV का खतरा, जानें दुनिया के 10 सबसे खतरनाक वायरस कौन से हैं?

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में कोरोना वायरस के बाद अब मानव पैराएनफ्लुएंजा वायरस (HMPV) को लेकर अलर्ट जारी किया है। अब तक भारत में HMPV के 7 मामले दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस का संक्रमण गंभीर श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसके साथ ही दुनिया के कई अन्य घातक वायरसों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है, जिनकी मृत्यु दर बहुत अधिक है और ये महामारी का कारण बन सकते हैं।

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1. मारबर्ग वायरस
मारबर्ग वायरस दुनिया के सबसे खतरनाक वायरस में से एक है। यह रक्तस्रावी बुखार का कारण बनता है और इबोला के समान शरीर के अंगों और त्वचा में रक्तस्राव और ऐंठन पैदा करता है। इसकी मृत्यु दर 90% है।

2. इबोला वायरस
इबोला वायरस के पांच प्रकार हैं, जिनमें से कई प्रकार अफ्रीकी देशों में महामारी का कारण बने। इसकी मृत्यु दर भी 90% तक होती है। यह शारीरिक संपर्क और संक्रमित व्यक्तियों के तरल पदार्थों से फैलता है।

3. हंता वायरस
हंता वायरस फेफड़ों और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। यह संक्रमित चूहों और उनके मूत्र, मल और लार के संपर्क में आने से फैलता है।

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4. बर्ड फ्लू वायरस (H5N1)
बर्ड फ्लू वायरस मुख्य रूप से पक्षियों से इंसानों में फैलता है। यह वायरस बेहद खतरनाक है, जिसकी मृत्यु दर 70% तक होती है।

5. लासा वायरस
लासा वायरस पश्चिमी अफ्रीका के चूहों से फैलता है। यह रक्तस्राव, बुखार और अंगों को क्षति पहुंचाता है। इस वायरस का इलाज समय पर न किया जाए तो यह घातक हो सकता है।

6. जूनिन वायरस
अर्जेंटीना से जुड़े इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को खून बहने और सूजन की समस्या होती है। इसके लक्षणों का पता लगाना मुश्किल होता है, जिससे इसका उपचार भी जटिल हो जाता है।

7. माचुपो वायरस
ब्लैक टाइफस के नाम से जाना जाने वाला माचुपो वायरस तेज बुखार और भारी रक्तस्राव का कारण बनता है। यह एक इंसान से दूसरे इंसान में आसानी से फैल सकता है।

8. क्यासानूर वन वायरस (KFD)
भारत में खोजा गया यह वायरस जानवरों और पक्षियों के माध्यम से इंसानों में फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द और रक्तस्राव शामिल हैं।

9. डेंगू वायरस
डेंगू हर साल लाखों लोगों को प्रभावित करता है। यह मच्छरों के काटने से फैलता है और अगर समय पर इलाज न हो तो यह घातक हो सकता है।

10. रैबीज वायरस
रैबीज संक्रमित जानवरों के काटने से फैलता है। यदि समय पर उपचार न मिले तो यह लगभग हमेशा घातक होता है।

HMPV और सावधानियां
HMPV के मामले बढ़ रहे हैं। इसे रोकने के लिए नियमित हाथ धोने, मास्क पहनने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने की सलाह दी गई है। अन्य खतरनाक वायरस से बचने के लिए स्वच्छता और टीकाकरण का पालन बेहद जरूरी है।

Supreme Court ने सुधारी अपनी गलती, 25 साल बाद जेल से रिहा हुआ नाबालिग हत्यारा

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उत्तराखंड के देहरादून में 30 साल पहले हुए ट्रिपल मर्डर केस में एक अहम बदलाव आया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी गलती सुधारते हुए एक ऐसे आरोपी को रिहा किया, जिसे पहले नाबालिग होने के बावजूद फांसी की सजा दी गई थी। इस मामले में 25 साल बाद आरोपी की उम्र के प्रमाणों के आधार पर फैसला बदलते हुए उसे जेल से रिहा कर दिया गया। यह केस न सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया में हुई बड़ी चूक का खुलासा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि न्यायपालिका कभी-कभी समय के साथ अपनी गलतियों को सुधारने का साहस दिखाती है।

जानें पूरा मामला क्या था?
30 साल पहले, 1994 में देहरादून में एक नृशंस त्रिपल मर्डर हुआ था। उत्तराखंड के एक रिटायर्ड कर्नल, उनके बेटे और बहन को नौकर ओमप्रकाश ने बेरहमी से मार डाला। ओमप्रकाश कर्नल साहब के घर पर नौकर के रूप में काम करता था। घरवालों के साथ उसकी कई बार अनबन हो चुकी थी, जिससे तंग आकर कर्नल साहब ने उसे नौकरी से निकालने का फैसला किया। यह कदम ओमप्रकाश के लिए सहन करना मुश्किल हो गया और उसने गुस्से में आकर परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी। ओमप्रकाश ने कर्नल की पत्नी पर भी हमला किया था, लेकिन वह किसी तरह जान बचाने में कामयाब रही।

हत्या के बाद ओमप्रकाश फरार हो गया, लेकिन 1999 में पश्चिम बंगाल से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। निचली अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई, जो बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखी। हालांकि, ओमप्रकाश ने बार-बार अपनी दलील दी कि वह उस वक्त नाबालिग था, लेकिन यह आरोप अदालतों ने नजरअंदाज कर दिया।

राष्ट्रपति की दया याचिका और उम्रकैद की सजा
2012 में ओमप्रकाश ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल की, और राष्ट्रपति ने उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। इसके बावजूद, ओमप्रकाश की रिहाई पर शर्त रखी गई कि जब तक वह 60 साल का नहीं हो जाता, तब तक उसे जेल में रहना होगा।

नाबालिग होने के सबूतों पर नया खुलासा हुआ
हाल ही में, ओमप्रकाश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर यह साबित करने की कोशिश की कि वह उस समय नाबालिग था। इसके लिए उसने हड्डी की जांच रिपोर्ट और स्कूल रिकॉर्ड पेश किए। यह सबूत इस तथ्य की पुष्टि कर रहे थे कि ओमप्रकाश की उम्र घटना के समय केवल 14 वर्ष थी। इससे पहले अदालतों ने उसकी इस दलील को गंभीरता से नहीं लिया था।

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, गलती को सुधारा
सुप्रीम कोर्ट ने ओमप्रकाश के नाबालिग होने के प्रमाणों को स्वीकार करते हुए मामले की समीक्षा की। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने कहा कि ओमप्रकाश ने निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपनी नाबालिग होने की दलील दी थी, लेकिन हर बार अदालतों ने इसे नजरअंदाज किया। कोर्ट ने यह माना कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत एक नाबालिग को अधिकतम तीन साल की सजा ही दी जा सकती थी, लेकिन उसे 25 साल तक जेल में रखने का नतीजा न्यायिक प्रक्रिया की बड़ी चूक था। अदालत ने कहा कि ओमप्रकाश को अगर समय पर सही फैसला मिलता, तो वह अब तक समाज में सामान्य जीवन जी रहा होता।

सुप्रीम कोर्ट का अनोखा संदेश, अदालतों की जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि जब किसी अभियुक्त के नाबालिग होने के प्रमाण मिलते हैं, तो अदालत को इसे सही तरीके से मान्यता देनी चाहिए और उसके मुताबिक सजा तय करनी चाहिए। यह मामला भारतीय न्याय व्यवस्था की एक बड़ी सीख है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने न केवल अपनी गलती मानी, बल्कि उसे सुधारने का भी कदम उठाया।

Jio के 84 दिन वाले सस्ते रिचार्ज ने BSNL में गए यूजर्स को किया आकर्षित, वापस लौटने लगे यूजर्स

भारत में टेलीकॉम क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा दिनों-दिन तेज़ होती जा रही है। इस प्रतियोगिता में रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने हमेशा की तरह अपनी रणनीति से बाज़ार में अपनी पकड़ बनाई है। जियो ने अपने 84 दिन वाले सस्ते प्रीपेड रिचार्ज प्लान के माध्यम से न केवल नए ग्राहकों को आकर्षित किया है, बल्कि जो यूजर्स अन्य नेटवर्क प्रदाताओं, जैसे BSNL, पर शिफ्ट हो गए थे, उन्हें भी वापस अपनी तरफ खींच लिया है।

Jio के 84 दिन वाले सस्ते रिचार्ज प्लान की लोकप्रियता
आजकल के समय में 84 दिन की वैलिडिटी वाले रिचार्ज प्लान भारतीय टेलीकॉम मार्केट में एक नया ट्रेंड बन गए हैं। इन प्लान्स में यूजर्स को लंबे समय तक वैलिडिटी मिलती है, जिससे उन्हें बार-बार रिचार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। जियो के पास भी ऐसे कई आकर्षक 84 दिन वाले रिचार्ज प्लान मौजूद हैं जो अपनी कीमत और बेनिफिट्स के कारण खासे पॉपुलर हो गए हैं। इन प्लान्स का मुख्य आकर्षण उनकी लंबी वैलिडिटी, अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा और नेशनल रोमिंग जैसी सुविधाएं हैं। जियो के 799 रुपये वाले 84 दिन वाले रिचार्ज प्लान में ये सभी बेनिफिट्स शामिल हैं, जो इसे भारतीय यूजर्स के लिए एक बेहतरीन और किफायती ऑप्शन बनाते हैं।

जियो के 799 रुपये वाले 84 दिन वाले रिचार्ज प्लान की डिटेल्स
रिलायंस जियो का 799 रुपये वाला प्रीपेड प्लान उन यूजर्स के लिए आदर्श है जो एक साथ फ्री कॉलिंग, डेटा और नेशनल रोमिंग जैसी सुविधाएं चाहते हैं। इस प्लान में मिलने वाली सुविधाओं की सूची इस प्रकार है:

1. अनलिमिटेड कॉलिंग
799 रुपये वाले इस प्लान के साथ जियो यूजर्स को किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग की सुविधा मिलती है। इसका मतलब है कि आप जियो से जियो या जियो से अन्य नेटवर्क पर बिना किसी शुल्क के अनलिमिटेड कॉल कर सकते हैं। यह सुविधा यूजर्स को कॉलिंग पर खर्च कम करने में मदद करती है, खासकर उन लोगों के लिए जो फोन कॉल्स का भारी उपयोग करते हैं।

2. डेली 1.5GB हाई-स्पीड डेटा
यह प्लान प्रति दिन 1.5GB हाई-स्पीड डेटा प्रदान करता है, जिससे यूजर्स को इंटरनेट पर फ्री और तेज़ ब्राउज़िंग, वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया और अन्य ऐप्स का लुत्फ उठाने का मौका मिलता है। अगर आप इंटरनेट का उपयोग अधिक करते हैं, तो यह प्लान आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

3. 100 फ्री SMS प्रतिदिन
इस प्लान के तहत, हर दिन 100 फ्री SMS मिलते हैं। यह सुविधा उन यूजर्स के लिए लाभकारी है जो SMS के माध्यम से संवाद करते हैं। खासकर तब जब इंटरनेट की सुविधा सीमित हो, तो SMS एक महत्वपूर्ण संवाद माध्यम हो सकता है।

4. जियो के ऐप्स का मुफ्त एक्सेस
इस प्लान के साथ यूजर्स को Jio Cinema, Jio Cloud, और Jio TV जैसे जियो के प्रमुख ऐप्स का मुफ्त एक्सेस मिलता है। इन ऐप्स के माध्यम से यूजर्स फिल्में, वेब सीरीज, लाइव टीवी, और अन्य कंटेंट का मजा ले सकते हैं।

5. फ्री नेशनल रोमिंग
जियो के इस 799 रुपये वाले प्लान में फ्री नेशनल रोमिंग की सुविधा भी शामिल है। इसका मतलब यह है कि जब भी आप भारत के किसी भी हिस्से में यात्रा करेंगे, तो आपको अपनी कॉल्स और डेटा पर अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो अक्सर यात्रा करते हैं और रोमिंग शुल्क से बचना चाहते हैं।

जियो के 1234 रुपये वाले 336 दिन वाले रिचार्ज प्लान की जानकारी
रिलायंस जियो ने अपनी रेंज में एक और सस्ते प्लान को शामिल किया है, जो 1234 रुपये का है और इसकी वैलिडिटी 336 दिन तक होती है। यह प्लान खासकर उन यूजर्स के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो लंबी वैलिडिटी और ज्यादा समय तक इंटरनेट, कॉलिंग और SMS जैसी सुविधाओं का लाभ लेना चाहते हैं।

इस प्लान की प्रमुख विशेषताएँ
– 0.5GB डेटा प्रति दिन: इसमें हर दिन 0.5GB हाई-स्पीड डेटा मिलता है, जो मध्यम उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है।
– 100 SMS प्रति दिन: इस प्लान में आपको रोज़ाना 100 फ्री SMS मिलते हैं।
– अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री रोमिंग: इसमें भी अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग की सुविधा शामिल है।
यह प्लान खासकर Jio Bharat Phone यूजर्स के लिए है। इसका मतलब है कि यह प्लान स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं है, बल्कि इसे सिर्फ Jio Bharat Phone उपयोगकर्ता ही खरीद सकते हैं।

BSNL और अन्य नेटवर्क ऑपरेटरों के यूजर्स का जियो की तरफ रुझान
जब से जियो ने इस आकर्षक और किफायती प्लान को पेश किया है, बीएसएनएल (BSNL) जैसे अन्य ऑपरेटरों के ग्राहक भी जियो की तरफ वापस लौटने लगे हैं। BSNL में कई यूजर्स लंबे समय से मौजूद थे, लेकिन जियो के सस्ते रिचार्ज और बेहतर नेटवर्क कवरेज ने उन्हें अपनी सेवा बदलने के लिए प्रेरित किया है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में जियो की नेटवर्क गुणवत्ता और बेहतर डेटा सेवाएं बीएसएनएल के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रभावी साबित हो रही हैं। जियो के आकर्षक ऑफर्स और यूजर-फ्रेंडली प्लान्स ने बीएसएनएल और अन्य टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब तक BSNL के पास लंबे वैलिडिटी वाले प्लान्स थे, लेकिन जियो ने अपनी किफायती कीमतों और बेहतर सुविधाओं के साथ अपनी तरफ ग्राहकों का रुख कर लिया है।

रणनीतियों में बदलाव करने के लिए मजबूर
रिलायंस जियो का यह 84 दिन वाला रिचार्ज प्लान न केवल भारतीय बाजार में, बल्कि टेलीकॉम सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत है। जियो की सफलता इस बात का प्रमाण है कि वह अपनी प्रतिस्पर्धी कीमतों और हाई-क्वालिटी सर्विस के माध्यम से ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। अब तक जियो के इस किफायती रिचार्ज प्लान ने लाखों नए यूजर्स को जोड़ा है और BSNL जैसे दिग्गजों को भी अपनी रणनीतियों में बदलाव करने के लिए मजबूर कर दिया है। जियो का यह नया प्लान ना सिर्फ एक किफायती विकल्प है, बल्कि इसके साथ मिलने वाली सुविधाएं उसे और भी ज्यादा आकर्षक बनाती हैं। जियो की इस पहल ने भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री में नई दिशा तय की है, और यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में भी रिलायंस जियो बाजार पर अपनी पकड़ बनाए रखेगा। अगर आप भी एक सस्ते और लाभकारी रिचार्ज प्लान की तलाश में हैं, तो रिलायंस जियो का 84 दिन वाला प्लान आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसकी लंबी वैलिडिटी, किफायती मूल्य, और बेहतर सुविधाएं इस प्लान को खास बनाती हैं। इसके साथ ही, जियो के ऐप्स का मुफ्त एक्सेस और फ्री कॉलिंग की सुविधा भी इसे अन्य ऑपरेटरों से कहीं बेहतर बनाती है। इसलिए, अगर आप अपनी टेलीकॉम सेवा बदलने का सोच रहे हैं, तो जियो का 84 दिन वाला प्लान एक समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है।

11 जनवरी को भारी बारिश…चक्रवाती सर्कुलेशन और Western Disturbance का अलर्ट

देश में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। मौसम विभाग (IMD) ने 10 से 12 जनवरी के बीच बारिश, बर्फबारी और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों से लेकर हिमालयी क्षेत्रों तक मौसम में बदलाव देखा जाएगा।

10 से 12 जनवरी तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित करेगा। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में 11 जनवरी को बारिश के साथ बिजली चमकने का अनुमान है। उत्तराखंड में 11 और 12 जनवरी को बारिश हो सकती है, जबकि राजस्थान में ओले गिरने की संभावना है।

पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 10 जनवरी तक घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी।

दक्षिण भारत में दो चक्रवाती सर्कुलेशन सक्रिय हैं। पहला सर्कुलेशन साउथ-ईस्ट बंगाल की खाड़ी और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु में है। इनके कारण 11 और 12 जनवरी को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। 12 जनवरी को केरल और माहे में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने इन सभी इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है, और विजिबिलिटी में कमी के चलते वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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