Monday, June 22, 2026
Home Blog Page 1228

IND vs ENG: हार के बाद बदल जाएगी टीम इंडिया, प्लेइंग इलेवन में हो सकते हैं बड़े बदलाव

0

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की T20I सीरीज खेली जा रही है। सीरीज के पहले दोनों मैच जीतकर टीम इंडिया ने शानदार आगाज किया था लेकिन राजकोट में खेल गए तीसरे T20I मैच में भारतीय खिलाड़ी फेल हो गए। इस तरह टीम इंडिया ने सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने का शानदार मौका गंवा दिया। भारत को अब सीरीज में जीत के लिए इंतजार करना होगा। राजकोट में भारतीय बल्लेबाजी बेहद खराब रही। हार्दिक पांड्या को छोड़कर किसी ने भी क्रीज पर टिकने की जहमत नहीं उठाई। गेंदबाजी में स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने 5 विकेट चटकाने का कमाल किया लेकिन बाकी गेंदबाजों ने निराश किया। रवि बिश्नोई एक बार फिर संघर्ष करते नजर आए। वहीं, मोहम्मद शमी भी 14 महीने बाद वापसी करते हुए कुछ खास नहीं कर सके। उन्होंने 3 ओवर गेंदबाजी की और 8 से ज्यादा की इकॉनमी रेट से रन लुटाए। वह एक भी विकट नहीं ले सके।

पहले दोनों मैचों में टीम इंडिया की कमी नजर नहीं आई लेकिन तीसरे मैच के लिए प्लेइंग इलेवन में बदलाव करते ही हार का मुंह देखना पड़ा। अब सवाल उठता है कि क्या कप्तान सूर्यकुमार यादव चौथे मैच के लिए प्लेइंग इलेवन में कुछ बदलाव करेंगे या फिर इसी टीम के साथ सीरीज जीतने के लिए जाएंगे।

रिंकू और शिवम दुबे को मिल सकता है मौका

T20I सीरीज में तीन मैच खेले जा चुके हैं लेकिन अब तक रिंकू सिंह को खेलने का मौका नहीं मिला है। रिंकू फिट नहीं थे, जिसके चलते उन्हें 2 मैच से बाहर होना पड़ा। हालांकि अगले मैच में उनके प्लेइंग इलेवन में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। कप्तान सूर्यकुमार यादव के लगातार फेल हो रहे हैं। ऐसे में रिंकू मिडिल ऑर्डर में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ध्रुव जुरेल भी खराब फॉर्म के चलते अगले मैच में बाहर बैठ सकते हैं।

टीम इंडिया को उस वक्त बड़ा झटका लगा था जब नीतीश कुमार रेड्डी पूरी सीरीज से बाहर हो गए थे। उनकी जगह शिवम दुबे को टीम में शामिल किया गया था लेकिन अब तक प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया गया है। तीसरे मैच में हार के बाद शिवम दुबे की प्लेइंग इलेवन में एंट्री हो सकती है क्योंकि वह गेंद और बल्ले दोनों से अहम योगदान दे सकते हैं।

रवि बिश्नोई की हो सकती है छुट्टी

एक तरफ वरुण चक्रवर्ती पहले तीन मैचों में ही 10 विकेट चटका चुके हैं जबकि रवि बिश्नोई के हाथ सिर्फ एक सफलता लगी है। बिश्नोई की खराब फॉर्म को देखते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। उनकी जगह तेज गेंदबाज अर्शदीप की वापसी कराई जा सकती है। अर्शदीप को तीसरे मैच में आराम दिया गया था।

इंग्लैंड के खिलाफ चौथे T20I के लिए टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग 11: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद शमी, वरुण चक्रवर्ती।

तवे पर बिना चिपके बनेगा एकदम क्रिस्पी पेपर डोसा, ये है परफेक्ट साउथ इंडियन Dosa बनाने की ट्रिक

0

साउथ इंडियन खाना काफी हेल्दी होता है। कम तेल मसाले में बना इडली डोसा घर में भी आसानी से बनाया जा सकता है। हालांकि डोसा बनाना लोगों को मुश्कल काम लगता है। खासतौर से पेपर डोसा बनाने में सबसे ज्यादा परेशानी आती है। एकदम पतला और क्रिस्पी डोसा सिर्फ कोई साउथ इंडियन ही बना सकता है। लेकिन आज हम आपको एकदम पतला पेपर जैसा डोसा बनाना बता रहे हैं। बड़ी सिंपल ट्रिक से आप पेपर डोसा बना सकते हैं। पेपर डोसा को चटनी या सांभर के साथ खा सकते हैं।

पेपर डोसा बनाने की रेसिपी

ट्रिक नंबर-1 

पहला स्टेप- पेपर डोसा बनाने के लिए आपको कुछ खास बातों का ख्याल रखना जरूरी है। जितना पतला डोसा बनाना है बैटर को उतना ही पतला कर लें। अब डोसा बनाने के लिए एक बड़ा पैन लें। पैन को हल्का तेल लगाकर ग्रीस कर लें और फिर तेल को गीले कपड़े से पोंछ लें।

दूसरा स्टेप- जब तेल और पानी तवे से सूख जाए और तवा हल्का गर्म हो तो बैटर को डालते हुए फैलाएं। बैटर को या तो किसी गहरी चम्मच या कटोरी से फैलाते हुए डालें या फिर एक जगह पर ही डालकर तवे को घुमाते हुए पूरे में फैला दें। बैटर को जितना पतला फैलाएंगे डोसा उतना ही पतला बनेगा। अब डोसा को सिर्फ एक तरफ से मीडियम हाई फ्लेम पर सेंक लें।

तीसरा स्टेप- सिकने के बाद डोसा अपने आप तवे से अलग होने लगेगा। इसे बड़ी सावधानी के साथ फोल्ड करते हुए निकाल लें। तैयार है एकदम पतला और क्रिस्पी पेपर डोसा। आप इसे चटनी या सांभर के साथ खा सकते हैं। पेपर डोसा खाने में बहुत क्रिस्पी होता है। इसका स्वाद सभी को खूब पसंद आएगा।

ट्रिक नंबर-2 

अगर आप पेपर डोसा नहीं बना पा रहे हैं तो घर में प्लेन डोसा बना लें। इसे काफी पतला बनाया जा सकता है। डोसा बनाने के लिए तवा एकदम हल्का गर्म होना चाहिए। ज्यादा गर्म होने पर डोसा तवे पर चिपकता नहीं है। इसलिए तवा जब ठंडा हो जाए तो आसानी से घुमाते हुए डोसा फैला लें। अब गैस को हाई करके डोसा को सेंक लें। इस तरह बनाया हुआ डोसा भी एकदम पतला बनता है।

ट्रिक नंबर-3

पतला और क्रिस्पी डोसा बनाने का एक और तरीका है कि आप डोसा के बैटर को पतला कर लें। अब तवे पर जैसे पानी के छींटे मारते हैं वैसे ही डोसा बैटर के छींटे मारें और इसे पूरी जगह पर छिड़कते हुए जाल जैसा बना लें। अब इस डोसा तो सेंक लें। तैयार है एकदम कुरकुरा डोसा।

पुत्र के हत्यारों को सजा दिलाने दर-दर की ठोकरे खा रहा परिवार, जानिए पूरा मामला

मध्य प्रदेश के पन्ना के ग्राम देवरी रनवाहा में कुछ दिन पूर्व हुई नाबालिग पुत्र की हत्या के आरोपियों को सजा दिलाने एक परिवार दर-दर की ठोखरे खा रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंप कर मदद की गुहार लगाई है। बता दें कि पीड़ित परिवार ने बताया कि उनका पुत्र जो कक्षा 10वीं का छात्र था, कुछ दिन पूर्व रिश्ते के चाचा ने कुल्हाड़ी से काट कर उसकी हत्या कर दी थी।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाए है, कि मामले के 3 अन्य आरोपी भी है, जिन्होंने पहले उनसे विवाद भी किया था, मगर पुलिस ने सिर्फ एक ही आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं अब आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे है, और उन्हें धमकी दे रहे हैं, जिसके चलते मृतक छात्र का परिवार दहशत में है।

Fraud Insurance: बेटे ने मां की मौत पर खेला बड़ा खेल…ऐसी रची साजिश कि बीमा कंपनी से हड़प लिए 75 लाख रुपये

0

आजकल के दौर में पैसे की लालच इंसान को किस हद तक गिरा सकती है, इसका एक और उदाहरण देखने को मिला। फिरोजपुर में एक परिवार ने बीमा कंपनी से लाखों रुपये हड़पने के लिए एक धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया। मृतक महिला के बेटे ने अपनी मां की हार्ट अटैक से हुई मौत को एक्सीडेंटल बताकर बीमा कंपनी से ₹75 लाख का क्लेम हासिल किया।

महिला की हार्ट अटैक से मौत के बाद उसके बेटे ने उसकी मौत को एक्सीडेंटल बताकर जाली सर्टिफिकेट तैयार कराया और बीमा कंपनी से 75 लाख रुपये का क्लेम किया। यह धोखाधड़ी चेन्नई की एक हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट के साथ मिलीभगत से की गई।

मृतका की पहचान हाथो के रूप में हुई है जो पंजाब के फिरोजपुर की रहने वाली थी। जिनकी 13 मार्च 2023 को हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। हालांकि, उनके बेटे मिर्जा ने दावा किया कि मां की मौत फर्श पर गिरने से सिर में चोट लगने के कारण हुई थी। इस जानकारी के आधार पर मिर्जा और कंपनी के एजेंट रमेश कुमार ने मिलकर फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया और बीमा क्लेम प्राप्त किया।

बीमा कंपनी के विजिलेंस इंक्वायरी अफसर बलबीर सिंह सैनी ने मामले की जांच की और पाया कि मौत हार्ट अटैक से हुई थी, न कि एक्सीडेंट से। इसके बाद पुलिस ने मिर्जा और एजेंट रमेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस की जांच जारी है और दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की योजना बनाई जा रही है।

Suzuki ने बताया पहले इलेक्ट्रिक स्‍कूटर E Access को देरी से लाने का कारण, भविष्‍य पर दी अहम जानकारी

भारतीय बाजार में Suzuki की ओर से कई सेगमेंट में दो पहिया वाहनों की बिक्री की जाती है। लेकिन कंपनी ने 17 से 22 जनवरी के बीच Auto Expo 2025 में Electric Vehicle सेगमेंट में एंट्री करते हुए Suzuki Access E को पेश किया है। कंपनी को ईवी सेगमेंट को लेकर क्‍या उम्‍मीदें हैं और क्‍यों Electric Scooter सेगमेंट में अब नए उत्‍पाद को पेश किया गया। इस पर jagran.com ने बात की सुजुकी की मैनेजमेंट और उत्‍पादों को डिजाइन से लेकर डेवलप करने वाली इंजीनियर्स की टीम में शामिल Hideshi Morii, Seiji Yokoyama और Hirokazu Yabe से।

सवाल – सुजुकी के लिए भारत एक महत्‍वपूर्ण बाजारों में से एक है। ऐसे में कंपनी की ओर से भविष्‍य को लेकर क्‍या योजनाएं हैं। 

जवाब – सुजुकी इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर काफी गंभीर है और 2023 में ही इसका प्‍लान बनाया गया था कि हम 25 फीसदी तक ईवी को लाएं। अब कंपनी इसके नजदीक है।

सवाल – क्‍या सुजुकी अपने पोर्टफोलियो में सिर्फ E Access स्‍कूटर से ही ईवी सेगमेंट में अपने लक्ष्‍यों को अचीव करने की तैयारी कर रही है या फिर एक से ज्‍यादा उत्‍पादों को भविष्‍य में ईवी सेगमेंट में देखा जा सकता है।

 

जवाब – कंपनी सिर्फ एक ही स्‍कूटर के जरिए ईवी पोर्टफोलियो के लिए तय किए गए लक्ष्‍य को नहीं पाना चाहती। भविष्‍य में सुजुकी के पोर्टफोलियो में और भी उत्‍पादों को ईवी सेगमेंट में लाया जाएगा।

सवाल – दुनियाभर में सामान्‍य ICE तकनीक के अलावा EV का भी उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा Flex Fuel आदि पर भी फोकस किया जा रहा है। ऐसे में क्‍या सुजुकी की ओर से भी ऐसी तकनीक के साथ वाहनों को लाया जा सकता है। 

जवाब – हां, सुजुकी की रणनीति के मुताबिक हम सिर्फ ईवी पर ही फोकस नहीं कर रहे बल्कि हम ICE और EV के साथ ही E-Fuel, Flex Fuel, Hydrogen Fuel जैसी तकनीक पर भी विचार किया जा रहा है और भविष्‍य में इसपर काम करते हुए नए उत्‍पादों को लाया जा सकता है। 

सवाल – सुजुकी की ओर से हाइड्रोजन फ्यूल पर भी काम किया जा रहा है। कितना काम इस पर किया जा चुका है और कब तक इस तरह के फ्यूल के साथ वाहनों को देखा जा सकता है। 

जवाब – पहले हम ई-फ्यूल पर काम कर रहे हैं और उसके बाद अन्‍य तरह के फ्यूल पर काम किया जाएगा। इसमें काफी कुछ है, इसलिए पहले इस पर काम किया जा रहा है। 

सवाल – इलेक्ट्रिक सेगमेंट में E Access को पेश करने के बाद अब सुजुकी और किस तरह के उत्‍पादों को इस सेगमेंट में लाने की तैयारी कर रही है। 

जवाब – अभी यह कहना जल्‍दबाजी होगी कि और किस तरह के उत्‍पादों को लाया जा सकता है। इस प्रक्रिया में और भी कंपनियों के साथ मिलकर काम किया जाता है, जिसके बाद उत्‍पाद को लाया जाता है। 

सवाल – E Access को जनवरी 2025 में सुजुकी की ओर से शोकेस किया गया है। भारत में पहले से ही इस सेगमेंट में कई कंपनियां मौजूद है, क्‍या आपको लगता है कि आप ईवी सेगमेंट में अपना पहला उत्‍पाद लाने में थोड़ा पीछे रह गए हैं। 

जवाब – सुजुकी की ओर से E Access को थोड़ी देरी से लाने के लिए हम भारतीयों से माफी मांगते हैं। लेकिन एक जिम्‍मेदार कंपनी होने के नाते हमें कई तरह के टेस्‍ट करने पड़े और भी कई चीजों का ध्‍यान रखना पड़ा, जिस कारण हमें थोड़ा ज्‍यादा समय लगा। 

सवाल – किसी भी इलेक्ट्रिक दो पहिया में सुरक्षा काफी महत्‍वपूर्ण होती है। सुजुकी की ओर से इस पर क्‍या काम किया गया है। सुरक्षा पर कितना फोकस रखा गया है। 

जवाब- अन्‍य कंपनियों के मुकाबले हम एलएफपी का उपयोग कर रहे हैं। इसलिए हमने अन्‍य कंपनियों के मुकाबले काफी ज्‍यादा टेस्‍ट किए हैं। जिसके बाद हम यह कह सकते हैं कि हमारा उत्‍पाद हर तरह से काफी बेहतरीन और सुरक्षित है। इसके उपयोग से पहले हमने लंबे समय तक इस बात पर चर्चा कि किस तरह से बैटरी को बनाया जाए जिससे वह सुरक्षित रह सके। जिसके बाद हमने तय किया कि हमें किस तरह की तकनीक पर काम करना है। 

सवाल – ईवी को फिलहाल पेश किया गया है। लेकिन इसकी शुरुआत से लेकर यहां तक पहुंचने में कितना समय लगा। 

जवाब – हम इस पर काफी समय से काम कर रहे थे, लेकिन इस तरह टाइम फ्रेम बताना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। 

सवाल – E Access को कंपनी ने फिलहाल ऑटो एक्‍सपो 2025 में पेश किया है। इसे कब तक लॉन्‍च किया जा सकता है और किस कीमत पर लाया जा सकता है। 

जवाब – जनवरी में ऑटो एक्‍सपो 2025 के दौरान सुजुकी की ओर से पहले Electric Scooter के तौर पर Suzuki E Access को पेश किया गया है और अब जल्‍द ही इसे भारत में लॉन्‍च (Suzuki E Access launch) भी कर दिया जाएगा। कीमतों के बारे में अभी कंपनी में भी चर्चा की जा रही है और जैसे ही तय होता है इसकी जानकारी भी दी जाएगी।

‘Jasprit Bumrah तो क्रिकेट के दिलीप कुमार हैं..’, पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने क्यों कहा ऐसा? बेहद दिलचस्प है कहानी

0
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को हाल ही में आईसीसी मेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर 2024 से सम्मानित किया गया। साल 2024 में बुमराह ने कुल 13 टेस्ट मैच खेलते हुए 71 विकेट चटकाए।

उन्हें इस धांसू प्रदर्शन की वजह से दिसंबर महीने के लिए प्लेयर ऑफ द मंथ और आईसीसी मेंस टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर 2024 का अवॉर्ड भी मिला। अब बुमराह को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने बुमराह की तुलना बॉलीवुड आइकन दिलीप कुमार से की।
दरअसल, स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘डीप प्वाइंट’ में जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) की उपलब्धियों को लेकर चर्चा में पूर्व भारतीय बैटर संजय मांजरेकर ने उनकी तुलना बॉलीवुड आइकन दिलीप कुमार (Dilip Kumar) से कर दी। संजय मांजरेकर ने एक पुरानी बात का खुलासा किया। उन्होंने बताया एक बार एक्टर आमिर खान के साथ मुलाकात क दौरान उन्होंने दिलीप कुमार को लेकर चर्चा की थी। मांजरेकर ने कहा, 

“मैंने एक शाम को आमिर खान के साथ चर्चा की थी। हम दिलीप कुमार के बारे में बात कर रहे थे, तो मैंने उनसे पूछा कि हम बाहर से नहीं समझ पाते कि दिलीप कुमार की महानता क्या है और उनमें ऐसी क्या खूबी है। आमिर ने इस बारे में कुछ देर सोचा और फिर आखिरकार कहा कि उनमें कोई कमजोरी नहीं है। वैसे ही बुमराह आपके लिए है।”

Jasprit Bumrah ने जीता ICC Men’s Cricketer of the Year Award 2024

जसप्रीत बुमराह ने आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर 2024 का अवॉर्ड जीता। उन्होंने ट्रेविस हेड, जो रूट, हैरी ब्रूक को पछाड़कर ये बड़ा अवॉर्ड अपने नाम किया। बुमराह पांचवें भारतीय क्रिकेटर बने, जिन्होंने आईसीसी का ये अवॉर्ड जीता। उनसे पहले महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, राहुल द्रविड़ और आर अश्विन को ये सम्मान मिला है।

बता दें कि बुमराह ने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज और टी20 विश्व कप में भारत को मिली खिताबी जीत में अहम रोल निभाया था। बुमराह को इससे पहले सोमवार को सर्वश्रेष्ठ टेस्ट खिलाड़ी के रूप में चुना गया।
वहीं, हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार दिलीप कुमार आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका काम आज भी लोगों के जहन में बसा हुआ है। दिलीप कुमार ने अपनी एक्टिंग से लोगों के दिल में अलग जगह बनाई। नई जेनरेशन उन्हें फॉलो करके एक्टिंग के गूर सीखती है। उन्होंने अंदाज, आन, दाग, इंसानियत, आजाद, नया दौर, पैगाम, गंगा जमुना और राम और श्याम जैसी फिल्में की। 

कट्टर इस्लामिक देश में बेची जा रहीं ‘पानी में घुलने वाली कुरान की आयतें ! मुस्लिम देशों में छिड़ गई बहस, जानें पाक का रिएक्शन

0

कट्टर इस्लामिक देश की एक कंपनी ने हाल ही में ‘पानी में घुलने वाली कुरान की आयतों’ को बेचने का नया उत्पाद लॉन्च किया है। यह खास कागज पर लिखी गई आयतें हैं, जो पानी में डालने पर घुल जाती हैं। इस प्रोडक्ट ने मुस्लिम देशों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। खासतौर पर पाकिस्तान में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सऊदी अरब की इस कंपनी ने दावा किया है कि इस उत्पाद का उद्देश्य धार्मिक विश्वास को प्रोत्साहित करना है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, कुछ मुसलमान आयत पढ़कर पानी या खाने पर फूंकने को इलाज के रूप में अपनाते हैं। इसे ही ध्यान में रखते हुए यह प्रोडक्ट तैयार किया गया है।

पाकिस्तानी यूट्यूबर निमरा अहमद ने इस मुद्दे पर लोगों की राय ली। बातचीत में कई पाकिस्तानी लोगों ने इस प्रोडक्ट पर कड़ी आपत्ति जताई।  एक महिला ने कहा , “इस्लामी शिक्षाओं में ऐसा कहीं नहीं बताया गया कि आयतों को पानी में घोलकर पिया जाए। यह धार्मिक रूप से गलत है और हमें इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए।”एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “यह आयतों का बाजारीकरण है। ऐसा करना इस्लाम के मूल्यों के खिलाफ है। सऊदी अरब को इस पर तुरंत रोक लगानी चाहिए।” जहां कई लोगों ने विरोध जताया, वहीं कुछ ने इसे धार्मिक आस्था का हिस्सा मानते हुए इसका बचाव किया।

 

एक पाकिस्तानी ने कहा, “आयतों को पानी में घोलकर पीना या किसी चीज पर फूंकना, बीमारियों से राहत दिलाने की प्राचीन प्रथा है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।” एक महिला ने बताया कि उन्होंने इस उत्पाद की जानकारी एक भारतीय हिंदू के सोशल मीडिया पोस्ट से पाई। उन्होंने कहा, “अगर एक गैर-मुस्लिम भी इसका विरोध कर रहा है, तो हमें इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यह गलत प्रथा है।”  यह बहस केवल धार्मिक दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल उठाती है कि क्या पवित्र धार्मिक ग्रंथों का इस तरह से व्यावसायिक उपयोग किया जाना सही है। इस्लामी विद्वानों ने भी इस पर विचार करने की बात कही है। फिलहाल सऊदी कंपनी ने इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन पाकिस्तान समेत कई देशों में इस मुद्दे को लेकर गुस्सा और असहमति बढ़ती जा रही है।

कनाडा कोर्ट का बड़ा फैसलाः एयर इंडिया कनिष्का बम धमाके के रिपुदामन के हत्यारे “हिटमैन” को सुनाई उम्रकैद की सजा

0

कनाडा की अदालत में 1985 के एयर इंडिया बम धमाके के आरोपी रिपुदामन सिंह मलिक की हत्या के दोषी  हिटमैन, टैनर फॉक्स, को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस घटना में मलिक की हत्या जुलाई 2022 में उनके व्यापार स्थल के बाहर गोली मारकर की गई थी। टैनर फॉक्स और उसके साथी जोस लोपेज़ ने अक्टूबर 2024 में रिपुदामन सिंह मलिक की हत्या के दूसरे दर्जे के आरोप में दोषी स्वीकार किया। यह दोनों ने अदालत में स्वीकार किया कि उन्हें मलिक की हत्या करने के लिए पैसे दिए गए थे, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह पैसे उन्हें किस व्यक्ति ने दिए थे। जोस लोपेज़ की अगली अदालत सुनवाई 6 फरवरी 2025 को निर्धारित है। 23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट 182, जो टोरंटो से मुंबई जा रही थी, आयरिश तट के पास विस्फोट के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।

इस विस्फोट में विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे। इस विमान का नाम “इंपेरर कनिष्का” था और यह बोइंग 747-237B विमान था। ह घटना 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों से पहले सबसे बड़ी हवाई आतंकवादी घटना मानी जाती  है। सभी यात्री भारतीय मूल के थे और इनमें अधिकांश कनाडाई नागरिक थे, जो भारत में अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे। यह घटना हवाई यात्रा की दुनिया में एक घातक हमले के रूप में दर्ज हुई। इसी दिन, जापान के नरिता एयरपोर्ट पर भी एक और धमाका हुआ था, जिसमें दो बैगेज हैंडलर्स की मौत हो गई थी, जो एयर इंडिया के एक अन्य विमान में बैग लोड कर रहे थे। जांच के दौरान   पाया गया कि दोनों बम धमाके कनाडा के वैंकूवर से जुड़े थे, जो वहां बसे सिख समुदाय का घर है। कनाडा सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, इन बम धमाकों को कनाडा स्थित सिख अलगाववादी समूहों द्वारा ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में भारत सरकार के खिलाफ किया गया था।

ऑपरेशन ब्लू स्टार के तहत भारतीय सेना ने पंजाब के स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) में घुसकर सिख विद्रोहियों से लड़ाई लड़ी थी। कनाडा में इन बम धमाकों की जांच के दौरान दो प्रमुख संदिग्धों तलविंदर सिंह परमेश और इंदरजीत सिंह रेयात को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, परमेश, जो इस हमले के मास्टरमाइंड माने जाते थे, को सबूतों की कमी के कारण आरोपमुक्त कर दिया गया। रिपुदामन सिंह मलिक और अजीब सिंह बगरी, जिन पर बम धमाकों में शामिल होने का आरोप था, को 2000 में गिरफ्तार किया गया। 2005 में, दोनों को भी सबूत की कमी के कारण अदालत ने बरी कर दिया। इस मामले में इंदरजीत सिंह रेयात एकमात्र व्यक्ति हैं, जिन्हें इस हमले के लिए सजा दी गई। रेयात पर आरोप था कि उसने बम बनाए थे और वह इस मामले में झूठ बोलने के दोषी पाए गए थे।

रिपुदामन सिंह मलिक, जो कि इस धमाके के मामले में आरोपमुक्त हो गए थे, को जुलाई 2022 में कनाडा के वैंकूवर के उपनगर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के बाद टैनर फॉक्स और जोस लोपेज़ को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने हत्या की योजना में अपनी भूमिका स्वीकार की। फॉक्स को अब उम्रभर की सजा मिली है, जबकि जोस लोपेज़ की सुनवाई फरवरी में होगी। हालांकि, यह पूरी घटना अभी तक अनसुलझे रहस्य को लेकर बनी हुई है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि मलिक की हत्या के पीछे कौन था और उन्हें किसने आदेश दिया था।

महाकुंभ में भगदड़ पर PM Modi ने जताया दुख, लिखा- हादसा अत्यंत दुखद, मैं लगातार CM के संपर्क में हूं

प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा,“प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।”

नई नौकरी की शुरुआत के बाद शारीरिक गतिविधि में गिरावट, नींद पर भी प्रभाव – अध्ययन

0

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार जब युवा अपना पेशेवर जीवन शुरू करते हैं तो उनकी शारीरिक गतिविधि और नींद दोनों में गिरावट आती है। यह जानकारी हाल ही में प्रकाशित अध्ययन में सामने आई है जिसमें यह बताया गया है कि नौकरी शुरू करने के बाद पहले तो शारीरिक गतिविधि में वृद्धि होती है लेकिन समय के साथ यह काफी कम हो जाती है।

अधिकारियों का कहना है कि जिन युवाओं का काम शारीरिक गतिविधियों से संबंधित है जैसे सफाई, हेयरड्रेसिंग या तकनीकी नौकरियां (जैसे वेटिंग) उनकी शारीरिक गतिविधि अधिक रहती है। वहीं प्रबंधकीय या पेशेवर पदों पर काम करने वाले लोगों में शारीरिक गतिविधि का स्तर कम पाया गया है। विशेष रूप से घर से काम करने वाले व्यक्तियों में शारीरिक गतिविधि में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है जबकि उनके नींद के स्तर में कोई विशेष बदलाव नहीं आया।

शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह

शोधकर्ता एलेना ऑक्सनहैम ने कहा, “हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम जीवनभर स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।” उन्होंने घर से काम करने वाले लोगों को यह सलाह दी कि वे अपने दिन में शारीरिक गतिविधि को जरूर शामिल करें। इसके लिए वे काम से पहले बाद में या दोपहर के समय टहलने जा सकते हैं। इस प्रकार शारीरिक गतिविधि को बढ़ाने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।

अध्ययन में शामिल लोग और उनके परिणाम

इस अध्ययन में 16 से 30 साल की उम्र के 3,000 से अधिक लोगों के आंकड़े शामिल किए गए हैं। ये सभी लोग 2015 से 2023 के बीच अपनी पहली नौकरी शुरू कर चुके थे। अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि नौकरी शुरू करने के बाद पहले तो औसतन 28 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि (जैसे साइकिल चलाना) बढ़ी लेकिन बाद में यह गतिविधि घट गई। शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि युवाओं की नींद में भी कमी आई और प्रति रात लगभग 10 मिनट की कमी आई।

स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने की जरूरत

शोधकर्ताओं ने कार्यस्थलों से यह अपील की है कि वे युवा वयस्कों में स्वस्थ आदतों को बढ़ावा दें जैसे शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ आहार और पर्याप्त नींद। इससे कर्मचारियों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और बीमारी के कारण छुट्टी पर जाने के दिन भी कम होंगे।

अंत में कहा जा सकता है कि नौकरी की शुरुआत के बाद शारीरिक गतिविधि और नींद दोनों में गिरावट आती है जो कार्यस्थल और कामकाजी जीवन में बदलाव के कारण हो सकता है।

- Advertisement -

News of the Day