Monday, June 22, 2026
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Republic Day 2025: पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ा, लोगों का अभिवादन करने के लिए कर्तव्य पथ पर चले (VIDEO)

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76वें गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड के समापन के बाद कर्तव्य पथ पर चलकर एक नई परंपरा को जारी रखा। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया और उनके पास से गुजरते हुए दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी को देखकर देशभक्ति से ओत-प्रोत दर्शक भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। इसी बीच प्रधानमंत्री भी कर्तव्य पथ के दूसरी ओर पहुंचे, जहां उत्साहित भीड़ ने उनका स्वागत किया और इस पल को अपने कैमरों में कैद किया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज
गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की। उन्होंने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और इस विशेष अवसर पर पूरे देश का नेतृत्व किया। उनके साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी थे, जो इस वर्ष के मुख्य अतिथि थे। दोनों राष्ट्रपति पारंपरिक बग्गी में सवार होकर समारोह स्थल पहुंचे, यह परंपरा 40 साल बाद 2024 में फिर से शुरू की गई थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया स्वागत
राष्ट्रपति मुर्मू और राष्ट्रपति सुबियांतो के कर्तव्य पथ पर आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रगान गाने और 21 तोपों की सलामी के साथ हुई।

संविधान के लागू होने के 75 साल पूरे होने का जश्न
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह में भारतीय संविधान के लागू होने के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया गया। इस अवसर पर “जनभागीदारी” पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता, एकता, समानता, विकास और सैन्य शक्ति को प्रदर्शित किया गया। परेड की शुरुआत पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों के साथ हुई, जिसमें शहनाई, बांसुरी, शंख, ढोल और तुतारी जैसे वाद्य शामिल थे।

हेलिकॉप्टरों से फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा
परेड के दौरान 129 हेलिकॉप्टर यूनिट के एमआई-17 हेलिकॉप्टरों द्वारा फूलों की पंखुड़ियों की शानदार वर्षा की गई। इस विशेष ध्वज फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत ने किया।

वीरता पुरस्कार विजेताओं का परेड में योगदान
परेड का नेतृत्व वीरता पुरस्कार विजेताओं ने किया। इसमें परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेन्द्र सिंह यादव और सूबेदार मेजर संजय कुमार (सेवानिवृत्त) शामिल थे। साथ ही अशोक चक्र प्राप्तकर्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जस राम सिंह (सेवानिवृत्त) भी परेड में शामिल हुए। इस बार इंडोनेशिया की सैन्य टुकड़ी भी परेड में भागी, जिसमें 152 सदस्य शामिल थे। गणतंत्र दिवस के इस भव्य आयोजन ने देशवासियों को भारतीय सैनिकों और उनके योगदान की याद दिलाई, साथ ही भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत रिश्तों को भी प्रदर्शित किया।

 

‘कुछ-कुछ होता है…’, राष्ट्रपति भवन में इंडोनेशियन्स ने गाया शाहरुख खान की फिल्म का गाना; देखें Video

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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो भारत आए हैं और उन्होंने देश के 76 वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह उनकी पहली राजकीय यात्रा है। बीते दिन राष्ट्रपति भवन में उनका भव्य स्वागत किया गया और फिर डिनर का आयोजन किया गया। इस दौरान इंडोनेशिया के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय हिंदी गानों पर शानदार परफॉर्मेंस दी। वहीं, अब इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

‘कुछ-कुछ होता है’ पर शानदार प्रस्तुति
राष्ट्रपति भवन के बैंक्वेट हॉल में शनिवार शाम को राष्ट्रपति प्रबोवो के सम्मान में भोज आयोजित किया गया था। इस भोज में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कई प्रमुख व्यक्तित्व मौजूद थे। इस मौके पर इंडोनेशिया का बैंड शाहरुख खान के लोकप्रिय गाने ‘कुछ-कुछ होता है’ पर परफॉर्म करने लगा। बैंड ने इस गाने की धुन में अपनी आवाज दी और कार्यक्रम में एक खास माहौल बना दिया।

फिल्म ‘कुछ-कुछ होता है’ का गाना
बता दें कि ‘कुछ-कुछ होता है’ गाना शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी की फिल्म ‘कुछ-कुछ होता है’ का है, जिसे उदित नारायण और अल्का यागनिक ने गाया था। इस गाने की धुन पर परफॉर्मेंस ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और सभी ने इसे खूब सराहा था।

भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का यह तीन दिवसीय भारत दौरा विशेष महत्व रखता है। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। रक्षा, व्यापार और अन्य मुद्दों पर समझौते किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया को भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया है। इंडोनेशिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी राजनीतिक स्थिति के कारण भारत के लिए अहम है।

Republic Day Parade: कर्तव्य पथ पर दिखी देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता की झलक

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नई दिल्ली: भारत के 76वे गणतंत्र दिवस पर रविवार को आयोजित भव्य परेड में कर्तव्य पथ पर देश की सैन्य शक्ति के साथ ही सांस्कृतिक विविधता, सरकारी योजनाओं की सफलता और महिला सशक्तीकरण की झलक देखने को मिली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथि के रूप में पधारे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो पारंपरिक बग्गी में सवार होकर कर्तव्य स्थल से रवाना हुए और इसके साथ ही परेड का औपचारिक रूप से समापन हो गया।

समारोह में मुर्मू के अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री मोदी सहित उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी और देश-विदेश के अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। परेड समारोह के लिए मुर्मू और सुबियांतो पारंपरिक बग्गी में सवार होकर कर्तव्य पथ पहुंचे। यह परंपरा 40 साल के अंतराल के बाद 2024 में फिर से शुरू की गई थी। इंडोनेशिया के राष्‍ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्‍य अतिथि हैं।

इसके साथ ही वह विश्व के उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शुमार हो गए जिन्होंने पिछले सात दशकों में देश के सबसे बड़े समारोह की शोभा बढ़ाई है। सुबियांतो गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले इंडोनेशिया के चौथे राष्ट्रपति हैं। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में, भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।

IITian बाबा का नया लुक भगवा वस्त्र छोड़ शर्ट-पैंट में आए नजर, वायरल फोटो आई सामने

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महाकुंभ 2025 में आईआईटीयन बाबा और मोनालिसा ने सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। इन दोनों की चर्चा हर दिन नई-नई खबरों और वीडियो के साथ होती रही। अब एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें आईआईटीयन बाबा का एक नया रूप देखने को मिला है। इस वीडियो में वह भगवा वस्त्र छोड़ शर्ट-पैंट में नजर आ रहे हैं, और उनका यह लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

आईआईटीयन बाबा का नया अवतार

महाकुंभ में पहले आईआईटीयन बाबा को भगवा वस्त्र और लंबी दाढ़ी में देखा गया था, लेकिन इस बार उनका नया रूप सबको चौंका देने वाला है। वायरल वीडियो में आईआईटीयन बाबा शर्ट, पैंट और स्वेटर पहने हुए हैं। इस वीडियो में एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर उनके साथ नजर आ रहा है। वह आईआईटीयन बाबा से कहते हैं, “आज आप अलग लुक में दिख रहे हैं, शर्ट-पैंट में बहुत सुंदर लग रहे हैं।” जवाब में बाबा मुस्कुराते हुए कहते हैं, “मैं कृष्ण हूं, तो सुंदर कौन लगेगा? सबसे सुंदर तो मैं ही हूं। कृष्ण हमेशा सुंदर दिखते हैं।”

सिर पर लाल-पीला साफा, सफेद कुर्ते-पायजामे के साथ भूरे रंग का कोट…गणतंत्र दिवस पर कुछ इस अंजाद में दिखे PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 76 वें गणतंत्र दिवस पर सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ गहरे भूरे रंग का बंद गले का कोट और लाल-पीले रंग का साफा पहना तथा विशिष्ट अवसरों पर चमकीला व रंग-बिरंगा साफा पहनने की अपनी परंपरा को जारी रखा।

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 75 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहुरंगी ‘बांधनी’ प्रिंट का साफा पहना था। बांधनी एक प्रकार का टाई-डाई कपड़ा होता है जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। यह एक ऐसी विधि है, जिसमें कपड़े को बांधकर व गांठ लगाकर रंगाई की जाती है। जार्जेट, शिफान, रेशमी व सूती कपड़े को रंग के कुंड में डालने से पहले धागे से कसकर बांधा जाता है और जब इस धागे को खोला जाता है तो बंधा हुआ हिस्सा रंगीन हो जाता है। फिर हाथ से कपड़े पर धागे के प्रयोग से डिजाइन तैयार किया जाता है।

साल 2023 में मोदी ने कुर्ते और चूड़ीदार पायजामे के साथ बहुरंगी राजस्थानी साफा पहना था। उस वर्ष बाद में 77 वें स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने कई रंगों वाला राजस्थानी शैली का साफा चुना था जिसका अन्तिम छोर (छेला) कमर के नीचे तक लंबा था। प्रचंड बहुमत के साथ दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में लौटने के बाद 2019 में मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपना छठा स्वतंत्रता दिवस भाषण देते हुए बहुरंगी साफा पहना था। राजस्थानी साफा या पगड़ी स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के लिए प्रधानमंत्री की पसंद रहे हैं। वर्ष 2014 में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण के अवसर पर उन्होंने चमकीले लाल रंग का जोधपुरी बंधेज साफा पहना। साल 2015 में, प्रधानमंत्री मोदी ने बहुरंगी लहरिया पीला साफा और 2016 में गुलाबी और पीले रंग का टाई-एंड-डाई साफा पहना था। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री का साफा चमकीले लाल और पीले रंग का मिश्रण था। इसमें चारों ओर सुनहरी रेखाएं थीं।

उन्होंने 2018 में लाल किले पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए केसरिया साफा पहना था। कच्छ के चमकीले लाल रंग के बांधनी साफे से लेकर पीले रंग का राजस्थानी साफा, गणतंत्र दिवस पर मोदी के पहनावे के प्रमुख आकर्षण रहे हैं। वर्ष 2022 में मोदी ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए उत्तराखंड की एक अद्वितीय पारंपरिक टोपी चुनी थी। इस टोपी में ब्रह्मकमल बना हुआ था। ब्रह्मकमल उत्तराखंड का राजकीय फूल है, जिसे प्रधानमंत्री केदारनाथ की हर यात्रा पर इस्तेमाल करते रहे हैं। साल 2021 में मोदी ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पीले बिन्दुओं वाली ‘हालारी’ पगड़ी पहनी थी। इसे जामनगर के शाही परिवार के जामसाहब की ओर से प्रधानमंत्री को भेंट किया गया था।

Bihar Jobs: ‘इस साल 12 लाख नौकरी देगी बिहार सरकार’, गांधी मैदान से राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया ऐलान

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पूरा देश आज गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा हुआ है। इसी कड़ी में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में झंडोत्तोलन किया। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने 76वें गणतंत्र दिवस (76th Republic Day ) के अवसर पर यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान में तिरंगा फहराया। उन्होंने झंडोत्तोलन के बाद अपने संबोधन में प्रदेश के लोगों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

 

12 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देगी सरकार

इस दौरान राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि, इस साल सरकार 12 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देगी। साथ ही 34 लाख लोगों को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। इस अवसर पर राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियां भी गिनवाई और कहा कि, बीते सालों में करीच 9 लाख लोगों को नौकरियां दी गई। साथ ही शिक्षा, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी सरकार ने काम किया है।

योजनाओं की दी जानकारी

राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाले सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के बाद राज्य के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

 

टांगीनाथ धाम से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी गाड़ी पुल के नीचे गिरी, मौके पर मची अफरा-तफरी

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झारखंड के गुमला में भीषण हादसा हो गया है जिसमें बच्चों समेत 24 लोग घायल हो गए हैं। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

हादसे के संबंध में बताया जा रहा है कि टांगीनाथ धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी गाड़ी चैनपुर प्रखंड के रामपुर के पास सफी नदी पुल के नीचे अनियंत्रित होकर गिर गई। गाड़ी में 13 महिला और 10 बच्चों समेत 24 लोग सवार थे। हादसे में सभी 24 लोग घायल हो गये हैं। इसमें 5 महिला और 4 बच्चों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

आनन-फानन में सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर में भर्ती कराया गया है। सभी का इलाज जारी है। कहा जा रहा है कि वाहन में कुछ खराबी थी इस वजह से अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी।

गणतंत्र दिवस पर ‘रोबोट आर्मी’ ने दी सलामी! दिखा अनोखा नजारा, Video सोशल मीडिया पर Viral

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गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर भव्य परेड निकाली गई जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य अतिथि शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर कोलकाता में भी एक अलग तरह की परेड आयोजित की गई जिसमें ‘रोबोट आर्मी’ ने सलामी दी। इस दौरान रोबोटों को देखकर सभी लोग हैरान रह गए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

वीडियो में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं। परेड में जवानों की एक टुकड़ी रोबोट आर्मी के साथ आगे बढ़ी और सलामी दी। बताया गया कि ये रोबोट हर तरह के मौसम में काम करने में सक्षम हैं। ये रोबोट माइनस 40 डिग्री से लेकर 50 डिग्री तापमान तक काम कर सकते हैं।

क्या है मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट (MULE)?

ये कोई सामान्य रोबोट नहीं हैं बल्कि इनका वजन 15 किलो तक हो सकता है और ये आसानी से चल सकते हैं। भारतीय सेना ने हाल ही में जम्मू में आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2023 में इस रोबोट का अनावरण किया था जिसका नाम मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट (MULE) है। इस रोबोट में 360 डिग्री कैमरे और रडार लगे होते हैं जो ऑपरेटर को किसी भी खतरे का पता लगाने और उसे नष्ट करने में मदद करते हैं। ये रोबोट चार पैरों पर चलते हैं और एक एनालॉग मशीन हैं।

इस रोबोट को वाई-फाई या लॉन्ग-टर्म इवोल्यूशन (LTE) नेटवर्क के जरिए ऑपरेट किया जा सकता है जिससे यह 10 किलोमीटर तक काम कर सकता है। इसे रिमोट कंट्रोल से आसानी से चलाया जा सकता है और यह बर्फ, पहाड़ों और ऊंची सीढ़ियों पर भी चलने में सक्षम है। यह 45 डिग्री तक के कोण पर पहाड़ों पर चढ़ सकता है और 18 सेंटीमीटर ऊंची सीढ़ियां भी चढ़ सकता है।

इस रोबोट के प्रदर्शन ने न केवल लोगों को हैरान किया बल्कि यह भारतीय सेना की तकनीकी क्षमता को भी उजागर किया है।

ब्रेन डेड के बावजूद गर्भवती महिला ने दिया बेटे को जन्म… तीन और लोगों को दे गई नई जिंदगी

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महाराष्ट्र के पुणे में एक गर्भवती महिला ने दुनिया को अलविदा कहते हुए भी कई लोगों को जीवनदान दिया। हादसे का शिकार हुई इस महिला ने ब्रेन डेड घोषित होने के बावजूद बेटे को जन्म दिया और अपने अंगों के दान से कई जिंदगियां बचाईं।

पुणे के जोनल ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेशन सेंटर की सेंट्रल को-ऑर्डिनेटर आरती गोखले ने बताया कि महिला अपने पति के साथ स्कूटर पर पीछे बैठी थी। दोनों कहीं जा रहे थे कि इस दौरान वह हादसे का शिकार हो गए। सड़क पर गिरने से महिला के सिर में चोट लगी। उसे खून से लथपथ हालत में पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया लेकिन 25 वर्षीय महिला मरीज के दिमाग में चोट लगी थी, जिस वजह से उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने परिजनों की अनुमति से सी-सेक्शन के जरिए महिला की डिलीवरी करवाई, जिससे एक स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ। इसके बाद महिला के पति और पिता ने उसका अंगदान करने का साहसिक निर्णय लिया। महिला की किडनी, लिवर और कॉर्निया दान किए गए, जिससे कई लोगों को नई जिंदगी मिली।

अस्पताल प्रशासन ने परिवार के इस निस्वार्थ फैसले की सराहना करते हुए इसे मानवता का एक बड़ा उदाहरण बताया। डॉक्टरों के अनुसार, अंगदान के जरिए इस महिला ने जाते-जाते भी कई परिवारों को खुशियां और उम्मीदें दीं।

दिशानिर्देशों के अनुसार, महिला की एक किडनी, एक लीवर और 2 कॉर्निया आवंटित किए गए। दूसरी किडनी को जोनल ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेशन सेंटर (ZTCC) पुणे के जरिए डोनेट किया गया। DPU सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मल्टी ऑर्गन ट्रांसप्लांट की HOD डॉ. वृषाली पाटिल ने कहा कि गर्भावस्था के 9वें महीने में महिला 20 जनवरी को अहमदनगर के पारनेर में हादसे के बाद ब्रेन डेड घोषित की गई थी।

पुलों के समुचित रख-रखाव के लिए बनेगी ‘संधारण नीति’, इंजीनियरों के कर्तव्य एवं दायित्व होंगे निर्धारित; विजय सिन्हा ने बताया पूरा प्लान

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बिहार के उप मुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया है कि पुलों के समुचित रख-रखाव के लिये संधारण नीति बनायी जाएगी। सिन्हा की अध्यक्षता में शनिवार को पुल संधारण नीति एवं अभियंताओं के कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व निर्धारण पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पथ निर्माण विभाग, सचिव, पथ निर्माण विभाग और सभी वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सिन्हा ने बताया कि वर्तमान में पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत कोई पुल संधारण नीति नहीं है और न ही अभियंताओं को कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित है। मैंने विभागीय पदाधिकारियों को निदेशित किया था कि इस संबंध में शीघ्र ही एक पुल संधारण नीति तैयार की जाए और इस संबंध में अभियंताओं के कर्तव्य एवं दायित्व भी निर्धारित किये जाए।

‘पुलों को चार भागों में बांटा गया’
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विभागीय पदाधिकारियों ने इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। पुल संरचना के संपूर्ण जीवनकाल के दौरान दो चरणों में इनके प्रबंधन एवं संधारण पर विचार किया जा रहा है। पुलों को चार भागों में बांटा गया है। पहले भाग में 1000 मीटर से लम्बे पुल, दूसरे भाग में 250-1000 मीटर से लम्बे पुल तीसरे भाग में 60-250 मीटर से एवं चौथें भाग में 60 मीटर से छोटे पुलों को रखा गया है। उन्होंने बताया कि पुलों के प्रमुख घटकों के वास्तविक स्थिति को दर्शाने हेतु पुलों का एक हेल्थ काडर् भी बनाया जाएगा। अतिसंवेदनशील पुलों का प्राथमिकता के आधार पर मरम्मति और आवश्यकता आधारित निर्माण का कार्य कराया जाएगा। पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि पुलों के प्रबंधन के लिये पुलों के वास्तविक स्थिति का आकलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सेंसर डाटा रिर्पोट जैसे नये तकनीकों के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं को तय सीमा के अंतर्गत पूर्ण करने के लिये के कर्तव्य एवं दायित्वों का निर्धारण भी किया जा रहा है। परियोजनाओं में विलंब के कारण समय वृद्धि एवं लागत मूल्य में वृद्धि भी होती है, इसे गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी निर्धारित करने का कार्य भी किया जाएगा।

सिन्हा ने कहा कि विगत वर्ष राज्य के कई जिलों में बाढ़ के समय वर्षों पूर्व निर्मित कई छोटे पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसे देखते हुए पुल संधारण नीति लागू किया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। साथ ही अभियंताओं का कर्तव्य एवं दायित्व भी निर्धारित रहेगा कि वे नियमित रूप से पुलों का अनुश्रवण करते रहें। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आम जनों को सुगम यातायात उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है और विभाग इस दिशा में सतत् रूप से प्रयासरत है।

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