Monday, June 22, 2026
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बैतूल में मजदूरी नहीं मिलने के विवाद में हुई जमकर मारपीट, दोनों पक्ष पहुंचे थाने

मध्य प्रदेश के बैतूल में बोरदेही थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मनरेगा मजदूरी विवाद के चलते सरपंच के परिजनों और महिला मजदूर के परिवार के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना सोनेगांव ग्राम पंचायत की है।

महिला मजदूर रेणु विश्वकर्मा ने अपनी मजदूरी के भुगतान की मांग को लेकर पंचायत कार्यालय का रुख किया था। इसी दौरान सरपंच लक्ष्मी के पति और उनके साथियों के साथ मजदूर के परिजनों का झगड़ा हो गया था। विवाद ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। बैतूल एसपी निश्चल एन झारिया ने बताया कि मजदूरी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ है। दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच जारी है।

महिला मजदूर रेणु ने बताया कि उन्होंने ग्राम पंचायत में काम किया था। उनके साथ काम करने वाले सभी मजदूरों का भुगतान हो गया है लेकिन उनको अभी तक पैसा नहीं मिला है। जब वह अपनी मजदूरी मांगने गईं, तो सरपंच के पति और उनके साथी झगड़ा करने लगे थे। सरपंच लक्ष्मी ने बताया कि पंचायत में कामकाज चल रहा था। इसी दौरान ग्राम पंचायत के पास रहने वाले पवन विश्वकर्मा और उनके परिजनों ने आकर झगड़ा शुरू कर दिया। लक्ष्मी ने यह भी कहा कि पवन विश्वकर्मा की पत्नी का मनरेगा भुगतान केवाईसी न होने के कारण रुका हुआ था, उनको इसकी जानकारी दी गई है।

Mandi: टेंट हाउस में लगी भयानक आग, लाखों का सामान जलकर राख

मंडी शहर के औद्योगिक क्षेत्र सौली खड्ड में स्थित एक टेंट हाउस के स्टोर में दोपहर के समय अचानक आग लग गई, जिससे लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। स्टोर में रखी हुई प्लास्टिक की दो हजार कुर्सियां, एक लाख वर्ग फीट कारपेट मैट, गद्दे, गलीचे, रजाई, प्लाई बोर्ड, सोफे, क्रॉकरी आदि सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। यह सामान दो स्टोरों में रखा गया था, जिनके बाहर शटर लगे हुए थे।

 

सूचना मिलते ही दमकल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत अग्निशमन वाहन के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने स्टोर में आग की लपटें देखीं, तत्काल दो और वाहनों और स्टाफ को मौके पर बुलाया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि स्टोर के बाहर शटर लगे हुए थे, जिससे अंदर आग बुझाने में दिक्कत आई। लगभग दो घंटे तक आग की लपटें और धुआं उठता रहा, लेकिन आखिरकार दमकल विभाग के कर्मियों ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया।

इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ, क्योंकि आग लगने के समय स्टोर में कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। आग की वजह से करीब 50 लाख रुपये के सामान का नुकसान हुआ है, जैसा कि प्रभावित स्टोर मालिक गुरजिंदर सिंह ने बताया।

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के बाद तीन अग्निशमन वाहनों और 16 अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम ने मिलकर आग पर काबू पाया। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने लोगों को घटनास्थल से दूर रखा और स्थिति को नियंत्रित किया। इस आगजनी के मामले में पुलिस और दमकल विभाग द्वारा जांच जारी है, ताकि इस हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।

युवाओं के लिए Good News, हरियाणा में होने वाली सीईटी परीक्षा को लेकर बड़ी अपडेट…

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सरकारी नौकरी की राह देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने सीईटी को लेकर निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद संयुक्त पात्रता परीक्षा कराएगी जाएंगी। हरियाणा बोर्ड की परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू होंगी और मार्च के अंत तक चलेंगी। संभावना है कि अप्रैल में सीईटी हो। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सीईटी कराने के लिए तैयार है और बोर्ड परीक्षा के बाद यह परीक्षा कराने की योजना तैयार की गई है।

सीईटी को लेकर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए आगामी सप्ताह में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोग और अन्य आला अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक में तय किया जाएगा कि परीक्षा खुद सरकार लेगी, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग लेगा या पिछली बार की तरह एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) से अनुबंध किया जाएगा।

यह बड़ी परीक्षा होगी और कई दिनों में संपन्न होनी है, इसलिए संभावना है कि एनटीए के साथ समझौता किया जाए। इस बैठक में सबसे अहम मुद्दा परीक्षा कराने वाली एजेंसी और परीक्षा की तिथियां रहेंगी। इसके बाद परीक्षा के लिए पंजीकरण का पोर्टल खोला जाएगा। वन टाइम रजिस्ट्रेशन के बाद ही सीईटी की तारीख तय होगी।

Haryana: पेंशन लेने वाले ये लोग हो जाएं सावधान, ये गलती पहुंचा देगी जेल…सरकार हुई सख्त

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हरियाणा के नरवाना में जन्म प्रमाण, आधार कार्ड व वोटर ID में छेड़छाड़ कर समाज कल्याण विभाग से गलत तरीके से पेंशन लेने वालों की जांच शुरू कर दी गई है। इसकी जांच ADC विवेक आर्य कर रहे हैं। जिन लोगों का नाम सूची में आया था, उनकी जांच रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग से मांगी गई है।

एक सप्ताह पहले नरवाना में कम आयु के लगभग 200 लोगों द्वारा दस्तावेज में छेड़छाड़ कर पेंशन लने का मामला सामने आया था। इसमें नरवाना एसडीएम ने कार्रवाई के लिए इन लोगों की पहचान कर जांच करवाने का आश्वासन दिया था।नरवाना में 40 से 50 वर्ष की आयु के लगभग 200 लोगों द्वारा दस्तावेज में गलत तरीके से आयु बदलवा कर बुढ़ापा पेंशन लेने की जानकारी अधिकारियों को मिली थी। इन लोगों ने जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व वोटर कार्ड में आयु को बदलकर फैमिली ID में अपलोड करवाया और इसके बाद विभाग को आयु पूरी दर्शा कर पेंशन प्राप्त की।

इसके लिए अब ADC ने पेंशन अप्रूव करने वाले, कुछ सीएससी संचालक व क्रीड विभाग से संबंधित कर्मियों की भी सूची मांगी है। जांच पूरी नहीं हुई है। जांच में क्रीड व समाज कल्याण विभाग और सीएससी संचालकों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। जिनकी वोटर ID कार्ड के अनुसार जन्मतिथि 1 जनवरी 1974 बनती है, तो लाभ लेने के लिए उन्होंने 10 साल पीछे यानि एक जनवरी 1964 करवाई थी, ताकि वह 60 वर्ष से ऊपर का होकर पेंशन हासिल कर सके। इतना ही नहीं एक 40 साल के व्यक्ति की वोटर ID कार्ड के अनुसार जन्मतिथि 2 जनवरी 1982 है, लेकिन इसके एक जनवरी 1964 करा दिया। इसी तरह से 46, 44 व 49 साल वालों ने भी अपनी जन्मतिथि में बदलाव करवाया हुआ है।

ADC विवेक आर्य ने बताया कि दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर गलत तरीके से पेंशन लेने के मामले में जांच शुरू की गई है। इसमें विभागीय कर्मियों, क्रीड व सीएससी संचालकों समेत सभी स्तर पर जांच की जाएगी। गलत तरीके से पेंशन लेने में जिन लोगों का नाम आया है। उनकी भी सूची मंगवाई गई है। इसके बाद इस मामले में जो आरोपी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

BSNL का वॉयस-ओनली प्लान ने Airtel और VI को दी चुनौती, सबसे सस्ती कीमत पर दे रहा अनलिमिटेड कॉलिंग

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 भारत सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार ने UPS का गजट नोटिफिकेशन जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यह योजना 1 अप्रैल 2025 से लागू की जाएगी। इस नई योजना का उद्देश्य पुरानी पेंशन योजना (OPS) और राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के बीच संतुलन बनाना है, ताकि सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद सुनिश्चित पेंशन का लाभ मिल सके।

1 अप्रैल 2025 से लागू होगी UPS
24 जनवरी को जारी अधिसूचना के अनुसार, UPS उन केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होगी जो वर्तमान में NPS के अंतर्गत आते हैं या इसके विकल्प का चुनाव करते हैं। अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) UPS के सुचारू संचालन के लिए नियम जारी करेगा।

रिटायरमेंट लाभ की गारंटी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्रीय कैबिनेट ने 24 अगस्त 2024 को इस नई पेंशन नीति को मंजूरी दी थी, जो लगभग 23 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू होगी। इस नीति के तहत, कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 50 प्रतिशत हिस्सा मासिक पेंशन के रूप में दिया जाएगा।

Republic Day 2025: पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ा, लोगों का अभिवादन करने के लिए कर्तव्य पथ पर चले (VIDEO)

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76वें गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड के समापन के बाद कर्तव्य पथ पर चलकर एक नई परंपरा को जारी रखा। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया और उनके पास से गुजरते हुए दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी को देखकर देशभक्ति से ओत-प्रोत दर्शक भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। इसी बीच प्रधानमंत्री भी कर्तव्य पथ के दूसरी ओर पहुंचे, जहां उत्साहित भीड़ ने उनका स्वागत किया और इस पल को अपने कैमरों में कैद किया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज
गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की। उन्होंने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और इस विशेष अवसर पर पूरे देश का नेतृत्व किया। उनके साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी थे, जो इस वर्ष के मुख्य अतिथि थे। दोनों राष्ट्रपति पारंपरिक बग्गी में सवार होकर समारोह स्थल पहुंचे, यह परंपरा 40 साल बाद 2024 में फिर से शुरू की गई थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया स्वागत
राष्ट्रपति मुर्मू और राष्ट्रपति सुबियांतो के कर्तव्य पथ पर आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रगान गाने और 21 तोपों की सलामी के साथ हुई।

संविधान के लागू होने के 75 साल पूरे होने का जश्न
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह में भारतीय संविधान के लागू होने के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया गया। इस अवसर पर “जनभागीदारी” पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता, एकता, समानता, विकास और सैन्य शक्ति को प्रदर्शित किया गया। परेड की शुरुआत पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों के साथ हुई, जिसमें शहनाई, बांसुरी, शंख, ढोल और तुतारी जैसे वाद्य शामिल थे।

हेलिकॉप्टरों से फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा
परेड के दौरान 129 हेलिकॉप्टर यूनिट के एमआई-17 हेलिकॉप्टरों द्वारा फूलों की पंखुड़ियों की शानदार वर्षा की गई। इस विशेष ध्वज फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत ने किया।

वीरता पुरस्कार विजेताओं का परेड में योगदान
परेड का नेतृत्व वीरता पुरस्कार विजेताओं ने किया। इसमें परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेन्द्र सिंह यादव और सूबेदार मेजर संजय कुमार (सेवानिवृत्त) शामिल थे। साथ ही अशोक चक्र प्राप्तकर्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जस राम सिंह (सेवानिवृत्त) भी परेड में शामिल हुए। इस बार इंडोनेशिया की सैन्य टुकड़ी भी परेड में भागी, जिसमें 152 सदस्य शामिल थे। गणतंत्र दिवस के इस भव्य आयोजन ने देशवासियों को भारतीय सैनिकों और उनके योगदान की याद दिलाई, साथ ही भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत रिश्तों को भी प्रदर्शित किया।

 

‘कुछ-कुछ होता है…’, राष्ट्रपति भवन में इंडोनेशियन्स ने गाया शाहरुख खान की फिल्म का गाना; देखें Video

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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो भारत आए हैं और उन्होंने देश के 76 वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह उनकी पहली राजकीय यात्रा है। बीते दिन राष्ट्रपति भवन में उनका भव्य स्वागत किया गया और फिर डिनर का आयोजन किया गया। इस दौरान इंडोनेशिया के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय हिंदी गानों पर शानदार परफॉर्मेंस दी। वहीं, अब इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

‘कुछ-कुछ होता है’ पर शानदार प्रस्तुति
राष्ट्रपति भवन के बैंक्वेट हॉल में शनिवार शाम को राष्ट्रपति प्रबोवो के सम्मान में भोज आयोजित किया गया था। इस भोज में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कई प्रमुख व्यक्तित्व मौजूद थे। इस मौके पर इंडोनेशिया का बैंड शाहरुख खान के लोकप्रिय गाने ‘कुछ-कुछ होता है’ पर परफॉर्म करने लगा। बैंड ने इस गाने की धुन में अपनी आवाज दी और कार्यक्रम में एक खास माहौल बना दिया।

फिल्म ‘कुछ-कुछ होता है’ का गाना
बता दें कि ‘कुछ-कुछ होता है’ गाना शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी की फिल्म ‘कुछ-कुछ होता है’ का है, जिसे उदित नारायण और अल्का यागनिक ने गाया था। इस गाने की धुन पर परफॉर्मेंस ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और सभी ने इसे खूब सराहा था।

भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का यह तीन दिवसीय भारत दौरा विशेष महत्व रखता है। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। रक्षा, व्यापार और अन्य मुद्दों पर समझौते किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया को भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया है। इंडोनेशिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी राजनीतिक स्थिति के कारण भारत के लिए अहम है।

Republic Day Parade: कर्तव्य पथ पर दिखी देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता की झलक

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नई दिल्ली: भारत के 76वे गणतंत्र दिवस पर रविवार को आयोजित भव्य परेड में कर्तव्य पथ पर देश की सैन्य शक्ति के साथ ही सांस्कृतिक विविधता, सरकारी योजनाओं की सफलता और महिला सशक्तीकरण की झलक देखने को मिली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथि के रूप में पधारे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो पारंपरिक बग्गी में सवार होकर कर्तव्य स्थल से रवाना हुए और इसके साथ ही परेड का औपचारिक रूप से समापन हो गया।

समारोह में मुर्मू के अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री मोदी सहित उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी और देश-विदेश के अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। परेड समारोह के लिए मुर्मू और सुबियांतो पारंपरिक बग्गी में सवार होकर कर्तव्य पथ पहुंचे। यह परंपरा 40 साल के अंतराल के बाद 2024 में फिर से शुरू की गई थी। इंडोनेशिया के राष्‍ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्‍य अतिथि हैं।

इसके साथ ही वह विश्व के उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शुमार हो गए जिन्होंने पिछले सात दशकों में देश के सबसे बड़े समारोह की शोभा बढ़ाई है। सुबियांतो गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले इंडोनेशिया के चौथे राष्ट्रपति हैं। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में, भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।

IITian बाबा का नया लुक भगवा वस्त्र छोड़ शर्ट-पैंट में आए नजर, वायरल फोटो आई सामने

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महाकुंभ 2025 में आईआईटीयन बाबा और मोनालिसा ने सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। इन दोनों की चर्चा हर दिन नई-नई खबरों और वीडियो के साथ होती रही। अब एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें आईआईटीयन बाबा का एक नया रूप देखने को मिला है। इस वीडियो में वह भगवा वस्त्र छोड़ शर्ट-पैंट में नजर आ रहे हैं, और उनका यह लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

आईआईटीयन बाबा का नया अवतार

महाकुंभ में पहले आईआईटीयन बाबा को भगवा वस्त्र और लंबी दाढ़ी में देखा गया था, लेकिन इस बार उनका नया रूप सबको चौंका देने वाला है। वायरल वीडियो में आईआईटीयन बाबा शर्ट, पैंट और स्वेटर पहने हुए हैं। इस वीडियो में एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर उनके साथ नजर आ रहा है। वह आईआईटीयन बाबा से कहते हैं, “आज आप अलग लुक में दिख रहे हैं, शर्ट-पैंट में बहुत सुंदर लग रहे हैं।” जवाब में बाबा मुस्कुराते हुए कहते हैं, “मैं कृष्ण हूं, तो सुंदर कौन लगेगा? सबसे सुंदर तो मैं ही हूं। कृष्ण हमेशा सुंदर दिखते हैं।”

सिर पर लाल-पीला साफा, सफेद कुर्ते-पायजामे के साथ भूरे रंग का कोट…गणतंत्र दिवस पर कुछ इस अंजाद में दिखे PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 76 वें गणतंत्र दिवस पर सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ गहरे भूरे रंग का बंद गले का कोट और लाल-पीले रंग का साफा पहना तथा विशिष्ट अवसरों पर चमकीला व रंग-बिरंगा साफा पहनने की अपनी परंपरा को जारी रखा।

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 75 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहुरंगी ‘बांधनी’ प्रिंट का साफा पहना था। बांधनी एक प्रकार का टाई-डाई कपड़ा होता है जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। यह एक ऐसी विधि है, जिसमें कपड़े को बांधकर व गांठ लगाकर रंगाई की जाती है। जार्जेट, शिफान, रेशमी व सूती कपड़े को रंग के कुंड में डालने से पहले धागे से कसकर बांधा जाता है और जब इस धागे को खोला जाता है तो बंधा हुआ हिस्सा रंगीन हो जाता है। फिर हाथ से कपड़े पर धागे के प्रयोग से डिजाइन तैयार किया जाता है।

साल 2023 में मोदी ने कुर्ते और चूड़ीदार पायजामे के साथ बहुरंगी राजस्थानी साफा पहना था। उस वर्ष बाद में 77 वें स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने कई रंगों वाला राजस्थानी शैली का साफा चुना था जिसका अन्तिम छोर (छेला) कमर के नीचे तक लंबा था। प्रचंड बहुमत के साथ दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में लौटने के बाद 2019 में मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपना छठा स्वतंत्रता दिवस भाषण देते हुए बहुरंगी साफा पहना था। राजस्थानी साफा या पगड़ी स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के लिए प्रधानमंत्री की पसंद रहे हैं। वर्ष 2014 में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण के अवसर पर उन्होंने चमकीले लाल रंग का जोधपुरी बंधेज साफा पहना। साल 2015 में, प्रधानमंत्री मोदी ने बहुरंगी लहरिया पीला साफा और 2016 में गुलाबी और पीले रंग का टाई-एंड-डाई साफा पहना था। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री का साफा चमकीले लाल और पीले रंग का मिश्रण था। इसमें चारों ओर सुनहरी रेखाएं थीं।

उन्होंने 2018 में लाल किले पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए केसरिया साफा पहना था। कच्छ के चमकीले लाल रंग के बांधनी साफे से लेकर पीले रंग का राजस्थानी साफा, गणतंत्र दिवस पर मोदी के पहनावे के प्रमुख आकर्षण रहे हैं। वर्ष 2022 में मोदी ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए उत्तराखंड की एक अद्वितीय पारंपरिक टोपी चुनी थी। इस टोपी में ब्रह्मकमल बना हुआ था। ब्रह्मकमल उत्तराखंड का राजकीय फूल है, जिसे प्रधानमंत्री केदारनाथ की हर यात्रा पर इस्तेमाल करते रहे हैं। साल 2021 में मोदी ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पीले बिन्दुओं वाली ‘हालारी’ पगड़ी पहनी थी। इसे जामनगर के शाही परिवार के जामसाहब की ओर से प्रधानमंत्री को भेंट किया गया था।

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