Monday, June 22, 2026
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रूस से सस्ता तेल मिलने पर भारत उसे खरीदना जारी रखेगाः हरदीप सिंह पुरी

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बिजनेस डेस्कः पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि रूस से सस्ती दरों पर कच्चा तेल मिलना जारी रहने की स्थिति में भारत उसकी खरीद जारी रखेगा। इसके साथ ही पुरी ने कहा कि सरकार सबसे किफायती कीमत वाला कच्चा तेल खरीदने के लिए ‘प्रतिबद्ध’ है। पुरी ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर रूस का तेल अच्छी छूट पर उपलब्ध रहता है तो भारत इसे खरीदना जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “हम फरवरी, 2022 में रूस से 0.2 प्रतिशत से भी कम तेल खरीदते थे। अब हम 30 प्रतिशत तेल रूस से खरीद रहे हैं। अगर यह अच्छी छूट पर उपलब्ध है, तो हम इसे खरीदेंगे। अगर यह कहीं और भी रियायती दर पर उपलब्ध है, तो हम वहां से खरीदेंगे।”

मंत्री ने कहा कि भारत किसी से कोई मात्रा खरीदने के लिए प्रतिबद्ध नहीं हैं और यह प्रतिबद्धता सिर्फ सबसे किफायती कीमत वाली ऊर्जा खरीदने के लिए है। उन्होंने कहा, “ईंधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। कुछ उत्पादकों की ओर से कटौती किए जाने के बावजूद बाजार में ज्यादा से ज्यादा कच्चा तेल आ रहा है।” मंत्री ने कहा कि सरकार तेल उत्पादक देशों के साथ दीर्घकालिक और हाजिर दोनों तरह के सौदे करने के लिए तैयार है। पुरी ने कहा, “हम आयात के समय निविदाएं जारी करते हैं। इसका मतलब यह है कि अगर हमें किसी खास मार्ग की जरूरत है तो हम निविदा जारी करेंगे और फिर जो भी इसकी आपूर्ति कर सकता है वह आपूर्ति करेगा।”

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में रिफाइनरी परियोजना संबंधी सवाल पर पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि यह परियोजना अपने विशाल आकार (छह करोड़ टन प्रति वर्ष क्षमता) के कारण व्यवहारिक नहीं है। सरकार इसकी जगह दो-दो करोड़ टन प्रति वर्ष क्षमता वाली तीन रिफाइनरी की संभावनाओं पर गौर कर रही है। रत्नागिरी रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (आरआरपीसीएल) सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों पेट्रोलियम कंपनियों की एक संयुक्त उद्यम कंपनी है जिसकी स्थापना 2017 में की गई थी। इस अवसर पर पुरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में 11 फरवरी से शुरू होने वाले चार-दिवसीय ‘भारत ऊर्जा सप्ताह’ का तीसरा संस्करण भागीदारी, प्रदर्शनी स्थल और चर्चा सत्रों के मामले में वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा ऊर्जा कार्यक्रम होगा।

इस दौरान हरित पाक-कला मंत्रिस्तरीय बैठक भी आयोजित की जाएगी। यह बैठक खाना बनाने के हरित समाधानों को वैश्विक स्तर पर अपनाने में तेजी लाने के लिए प्रयास बढ़ाने पर जोर देगी। इसमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) पर विशेष चर्चा होगी। भारत ऊर्जा सप्ताह 2025 में मंत्रियों, कंपनी अधिकारियों और उद्योग जगत के नेताओं की वैश्विक भागीदारी देखने को मिलेगी। पिछले संस्करणों की तुलना में इस आयोजन में पैमाने और भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के सम्मेलन सत्रों की संख्या बढ़कर 105 और वैश्विक प्रतिनिधियों की संख्या 70,000 से अधिक हो जाएगी।

औंधे मुंह गिरी ट्रंप की मीम कॉइन $TRUMP, ऑल टाइम हाई के मुकाबले आधी भी नहीं रही कीमत

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बिजनेस डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मीम कॉइन $TRUMP पिछले कुछ दिनों में लगातार गिरावट का सामना कर रही है। इसे पिछले हफ्ते शुक्रवार को लॉन्च किया गया था और लॉन्च होते ही इसने क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में हड़कंप मचाया। शुरुआत में इस कॉइन ने केवल कुछ घंटों में करीब 8000 फीसदी का इजाफा किया था लेकिन अब यह अपने उच्चतम स्तर से 60 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुकी है।

क्या थी ऑल टाइम हाई वैल्यू?

$TRUMP मीम कॉइन की ओपनिंग लगभग 7 डॉलर प्रति कॉइन से हुई थी। कुछ ही समय में इसकी कीमत 73 डॉलर तक पहुंच गई थी, जो कि इसका ऑल टाइम हाई था। इसके बाद इस कॉइन में तेजी से गिरावट आई और अब यह उस उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ चुकी है।

अभी क्या स्थिति है?

शनिवार शाम को $TRUMP की कीमत लगभग 26 डॉलर थी। इस गिरावट के बावजूद, लॉन्च से लेकर अब तक इसमें करीब 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, अपने ऑल टाइम हाई से यह करीब 65 प्रतिशत नीचे है। ऐसे में, जिन्होंने इसकी शुरुआत में तेजी को देखकर निवेश किया था, उन्हें अब तक काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

क्या है ट्रंप की मीम कॉइन?

$TRUMP एक क्रिप्टोकरेंसी है जिसे ट्रंप ने अपने शपथग्रहण से पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लॉन्च किया था। यह सोलाना-बेस्ड मीम कॉइन है और इसकी शुरुआत ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, ट्रुथ सोशल और एक्स पर हुई थी। यह कॉइन ट्रंप के “फाइट, फाइट, फाइट” थीम से प्रेरित है और 200 मिलियन कॉइन के साथ लॉन्च किया गया। मीम कॉइन्स वे क्रिप्टोकरेंसी होते हैं जो इंटरनेट पर वायरल होने वाले मीम्स से प्रेरित होते हैं और इनमें आमतौर पर ह्यूमर वाले पात्र होते हैं।

एयरपोर्ट पर दूसरों के सूटकेस चोरी करता पकड़ा गया सांसद, घर से चोरी का सामान भी बरामद

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पुर्तगाल के सांसद मिगुएल अरुडा पर हवाई अड्डों से यात्रियों के सूटकेस चुराने का आरोप लगा है, जिससे देश में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लिस्बन हवाई अड्डे पर पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने के बाद उनके घर से चोरी किया गया सामान भी बरामद हुआ है। इस गंभीर आरोप के बाद अरुडा को उनकी पार्टी चेगा से निष्कासित कर दिया गया है। गुरुवार को एक टीवी चैनल  TVI  से बातचीत में अरुडा ने अपनी बेगुनाही का बचाव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ प्रस्तुत सीसीटीवी फुटेज को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से बदला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने अपने संसदीय छूट को हटाने का अनुरोध किया ताकि वह जांच में पूरी तरह से सहयोग कर सकें।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में अरुडा को हवाई अड्डे पर यात्रियों के सूटकेस चुराते हुए देखा गया। कुछ सूत्रों का दावा है कि अरुडा चोरी किए गए सामान को ऑनलाइन सेकंड हैंड मार्केटप्लेस पर बेचते थे। अरुडा के खिलाफ आरोपों के बाद, शुक्रवार को पुर्तगाली संसद में उनके चेगा पार्टी के साथी सांसदों ने उनकी आलोचना की और उन्हें ताने मारे। इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष ने अरुडा को निर्दलीय सांसदों के साथ बैठने का आदेश दिया। चेगा पार्टी के अध्यक्ष आंद्रे वेंचुरा ने कहा, “अरुडा को हमारी संसदीय पार्टी से हटाया गया है और वह अब हमारे समूह में नहीं रह सकते।”

1500 से 2500 तक रेट तय… पासपोर्ट जांच के नामपर थाने में खुलेआम हो रही अवैध वसूली, विरोध करने पर अपराधी लिखने की दी जाती धमकी

एक ओर जहां प्रदेश की योगी सरकार ईमानदारी का पाठ पढ़ाकर प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त करने में लगी है वहीं दूसरी ओर फतेहपुर की किशनपुर पुलिस योगी के मंसूबों पर पानी फेरने में लगी हुई है। ऐसा ही किशनपुर थाने से देखने को मिला जहां थाने में जांच के नाम पर खुलेआम रिश्वत लिए जाना का मामला सामने आया है।

बता दें कि किशनपुर थाना के बाहर मौजूद युवक ने बताया की पासपोर्ट जांच में हमलोगों को थाने बुला कर पैसे मांगे जाते है और नहीं देने पर डराया जाता है। वहीं पासपोर्ट की जांच के नामपर खुलेआम अवैध वसूली की जाती है। जिसके लिए थाने के एक कांस्टेबल को इसी ड्यूटी मे लगाया गया है। जो पासपोर्ट जांच कराने के लिए पहुंचने वाले लोगों के कागज को चेक करता है। और उसके बाद सी. सी. टी. एन. एस. रूम से मिले आदेश के बाद वसूली की तय रेट 1500 से 2500 की डिमांड करता है। जो लोग पैसा नहीं देते उन लोगों की रिपोर्ट पर छेड़छाड़ कर परेशान किया जाता है।

इससे कम रकम देने पर गलत रिपोर्ट लगाने व जांच में अपराधी लिखने की धमकी दी जाती है। जिससे लोग डरकर पैसा दे देते है। वहीं सिपाही के अनुसार वसूली गई रकम का हिस्सा सबको दिया जाता है। यहा तक की एल. आई. यू.का भी यही से खर्चा पानी लेने की बात कहते सुना जा सकता है।

वहीं अवैध वसूली का मामला सामने आते ही फतेहपुर पुलिस ने किशनपुर थाना प्रभारी को जांच कर अवश्यक कार्यवाही करने का आदेश दिया है। लेकिन सवाल उठता है कि जिस थाने पर अवैध वसूली का आरोप है। उस थाने से निष्पक्ष जांच की क्या गारंटी है। जबकि बताया जाता है की जांच के नामपर वसूली थाने के सभी कर्मियों व प्रभारी की जानकारी में रहते हुऐ की जाती है।

CM हेमंत ने ईको फ्रेंडली रिसॉर्ट का किया लोकार्पण, सूर्योदय व सूर्यास्त के प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार कर सकेंगे पर्यटक

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को लगभग सात करोड़ की लागत से दुमका के मसानजोर डैम के किनारे नव निर्मित मसानजोर ईको फ्रेंडली कॉटेज और रिसॉर्ट का लोकार्पण किया।

सोरेन ने दुमका के साथ झारखंड समेत समस्त देशवासियों को इक्को रिसॉर्ट की बड़ी सौगात देते हुए कहा कि झारखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार पहल कर रही है। दुमका में इक्को रिसॉर्ट का शुभारंभ इसी कड़ी में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आज से शुरू इको कोटेज बेहतरीन पर्यटक स्थल होगा। इस मौके पर दुमका के सांसद नलिन सोरेन, विधायक बसंत सोरेन, डा. लुईस मरांडी, जिला परिषद अध्यक्ष जायस बेसरा, प्रमंडलीय आयुक्त लालचंद डाडेल, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, उपायुक्त पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन और वन विभाग के वरीय अधिकारी भी मौजूद थे।

वन प्रमंडल पदाधिकारी सात्विक ने बताया कि इस इक्को रिसॉर्ट में सभी सुविधाओं से युक्त 25 इक्को कॉटेज बनाया गया है। इसमें 10 प्रीमियम, 15 डीलक्स शामिल हैं। जिसे टिकाऊ विदेशी एसपीएफ लकड़ी से तैयार किया गया है। इस रिसॉर्ट में खूबसूरत कैफेटेरिया भी बनाया गया है। इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ विशाल पार्किंग क्षेत्र, पूरी तरह से सुसज्जित जिम और रोमांचकारी स्पीड बोट की सवारी शामिल है। वन विभाग की देखरेख में लगभग सात करोड़ की लागत से वातानुकूलित इस इको-रिसॉर्ट में प्राकृतिक सुंदरता और विलासिता का एक अनूठा मिश्रण प्रदान करता है। इस इक्को कॉटेज व रिसॉर्ट से पर्यटक सूर्योदय और सूर्यास्त का प्राकृतिक सौंदर्य का दिदार कर सकेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने वाटर व्यू और हिल व्यू का भी आनंद लिया।

धार में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की दर्दनाक मौत, ट्रक ने कार को मारी टक्कर

मध्य प्रदेश के धार जिले में सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हैं। तीन मृतकों में एक पांच साल का मासूम शामिल है। यह घटना धर्मपुरी थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम हतनावर फाटे के पास की है, जहां देर रात सीमेंट कंपनी के अनियंत्रित ट्राला ने एक कार में टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार 5 वर्षीय बालक सहित 3 लोगों की मौत हो गई है दो लोग घायल हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया।

घायलों का इलाज धरमपुरी के शासकीय अस्पताल में किया जा रहा है। हादसे में एक 5 वर्षीय अली पिता रमीज निवासी बड़वानी, 12 वर्षीय फलक पिता आबिद निवासी भाभरा, और यास्मिन पति आरिफ 24 वर्ष निवासी भाभरा की मौत हो गई हैं। आरिफ और रमीज घायल हुए हैं। फिलहाल इस मामले में धरमपुरी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है अभी पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

बैतूल में मजदूरी नहीं मिलने के विवाद में हुई जमकर मारपीट, दोनों पक्ष पहुंचे थाने

मध्य प्रदेश के बैतूल में बोरदेही थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मनरेगा मजदूरी विवाद के चलते सरपंच के परिजनों और महिला मजदूर के परिवार के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना सोनेगांव ग्राम पंचायत की है।

महिला मजदूर रेणु विश्वकर्मा ने अपनी मजदूरी के भुगतान की मांग को लेकर पंचायत कार्यालय का रुख किया था। इसी दौरान सरपंच लक्ष्मी के पति और उनके साथियों के साथ मजदूर के परिजनों का झगड़ा हो गया था। विवाद ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। बैतूल एसपी निश्चल एन झारिया ने बताया कि मजदूरी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ है। दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच जारी है।

महिला मजदूर रेणु ने बताया कि उन्होंने ग्राम पंचायत में काम किया था। उनके साथ काम करने वाले सभी मजदूरों का भुगतान हो गया है लेकिन उनको अभी तक पैसा नहीं मिला है। जब वह अपनी मजदूरी मांगने गईं, तो सरपंच के पति और उनके साथी झगड़ा करने लगे थे। सरपंच लक्ष्मी ने बताया कि पंचायत में कामकाज चल रहा था। इसी दौरान ग्राम पंचायत के पास रहने वाले पवन विश्वकर्मा और उनके परिजनों ने आकर झगड़ा शुरू कर दिया। लक्ष्मी ने यह भी कहा कि पवन विश्वकर्मा की पत्नी का मनरेगा भुगतान केवाईसी न होने के कारण रुका हुआ था, उनको इसकी जानकारी दी गई है।

Mandi: टेंट हाउस में लगी भयानक आग, लाखों का सामान जलकर राख

मंडी शहर के औद्योगिक क्षेत्र सौली खड्ड में स्थित एक टेंट हाउस के स्टोर में दोपहर के समय अचानक आग लग गई, जिससे लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। स्टोर में रखी हुई प्लास्टिक की दो हजार कुर्सियां, एक लाख वर्ग फीट कारपेट मैट, गद्दे, गलीचे, रजाई, प्लाई बोर्ड, सोफे, क्रॉकरी आदि सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। यह सामान दो स्टोरों में रखा गया था, जिनके बाहर शटर लगे हुए थे।

 

सूचना मिलते ही दमकल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत अग्निशमन वाहन के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने स्टोर में आग की लपटें देखीं, तत्काल दो और वाहनों और स्टाफ को मौके पर बुलाया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि स्टोर के बाहर शटर लगे हुए थे, जिससे अंदर आग बुझाने में दिक्कत आई। लगभग दो घंटे तक आग की लपटें और धुआं उठता रहा, लेकिन आखिरकार दमकल विभाग के कर्मियों ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया।

इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ, क्योंकि आग लगने के समय स्टोर में कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। आग की वजह से करीब 50 लाख रुपये के सामान का नुकसान हुआ है, जैसा कि प्रभावित स्टोर मालिक गुरजिंदर सिंह ने बताया।

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के बाद तीन अग्निशमन वाहनों और 16 अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम ने मिलकर आग पर काबू पाया। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने लोगों को घटनास्थल से दूर रखा और स्थिति को नियंत्रित किया। इस आगजनी के मामले में पुलिस और दमकल विभाग द्वारा जांच जारी है, ताकि इस हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।

युवाओं के लिए Good News, हरियाणा में होने वाली सीईटी परीक्षा को लेकर बड़ी अपडेट…

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सरकारी नौकरी की राह देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने सीईटी को लेकर निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद संयुक्त पात्रता परीक्षा कराएगी जाएंगी। हरियाणा बोर्ड की परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू होंगी और मार्च के अंत तक चलेंगी। संभावना है कि अप्रैल में सीईटी हो। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सीईटी कराने के लिए तैयार है और बोर्ड परीक्षा के बाद यह परीक्षा कराने की योजना तैयार की गई है।

सीईटी को लेकर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए आगामी सप्ताह में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोग और अन्य आला अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक में तय किया जाएगा कि परीक्षा खुद सरकार लेगी, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग लेगा या पिछली बार की तरह एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) से अनुबंध किया जाएगा।

यह बड़ी परीक्षा होगी और कई दिनों में संपन्न होनी है, इसलिए संभावना है कि एनटीए के साथ समझौता किया जाए। इस बैठक में सबसे अहम मुद्दा परीक्षा कराने वाली एजेंसी और परीक्षा की तिथियां रहेंगी। इसके बाद परीक्षा के लिए पंजीकरण का पोर्टल खोला जाएगा। वन टाइम रजिस्ट्रेशन के बाद ही सीईटी की तारीख तय होगी।

Haryana: पेंशन लेने वाले ये लोग हो जाएं सावधान, ये गलती पहुंचा देगी जेल…सरकार हुई सख्त

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हरियाणा के नरवाना में जन्म प्रमाण, आधार कार्ड व वोटर ID में छेड़छाड़ कर समाज कल्याण विभाग से गलत तरीके से पेंशन लेने वालों की जांच शुरू कर दी गई है। इसकी जांच ADC विवेक आर्य कर रहे हैं। जिन लोगों का नाम सूची में आया था, उनकी जांच रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग से मांगी गई है।

एक सप्ताह पहले नरवाना में कम आयु के लगभग 200 लोगों द्वारा दस्तावेज में छेड़छाड़ कर पेंशन लने का मामला सामने आया था। इसमें नरवाना एसडीएम ने कार्रवाई के लिए इन लोगों की पहचान कर जांच करवाने का आश्वासन दिया था।नरवाना में 40 से 50 वर्ष की आयु के लगभग 200 लोगों द्वारा दस्तावेज में गलत तरीके से आयु बदलवा कर बुढ़ापा पेंशन लेने की जानकारी अधिकारियों को मिली थी। इन लोगों ने जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व वोटर कार्ड में आयु को बदलकर फैमिली ID में अपलोड करवाया और इसके बाद विभाग को आयु पूरी दर्शा कर पेंशन प्राप्त की।

इसके लिए अब ADC ने पेंशन अप्रूव करने वाले, कुछ सीएससी संचालक व क्रीड विभाग से संबंधित कर्मियों की भी सूची मांगी है। जांच पूरी नहीं हुई है। जांच में क्रीड व समाज कल्याण विभाग और सीएससी संचालकों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। जिनकी वोटर ID कार्ड के अनुसार जन्मतिथि 1 जनवरी 1974 बनती है, तो लाभ लेने के लिए उन्होंने 10 साल पीछे यानि एक जनवरी 1964 करवाई थी, ताकि वह 60 वर्ष से ऊपर का होकर पेंशन हासिल कर सके। इतना ही नहीं एक 40 साल के व्यक्ति की वोटर ID कार्ड के अनुसार जन्मतिथि 2 जनवरी 1982 है, लेकिन इसके एक जनवरी 1964 करा दिया। इसी तरह से 46, 44 व 49 साल वालों ने भी अपनी जन्मतिथि में बदलाव करवाया हुआ है।

ADC विवेक आर्य ने बताया कि दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर गलत तरीके से पेंशन लेने के मामले में जांच शुरू की गई है। इसमें विभागीय कर्मियों, क्रीड व सीएससी संचालकों समेत सभी स्तर पर जांच की जाएगी। गलत तरीके से पेंशन लेने में जिन लोगों का नाम आया है। उनकी भी सूची मंगवाई गई है। इसके बाद इस मामले में जो आरोपी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

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