Sunday, June 28, 2026
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जमीन रसीद प्राप्त करने के लिए अब नहीं करनी पड़ेगी भागदौड़, झारखंड सरकार शुरू करने जा रही नई व्यवस्था

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झारखंड के राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने बृहस्पतिवार को संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे दाखिल-खारिज समेत भूमि संबंधी कार्यों को सेवा के अधिकार कानून के तहत लाएं, ताकि ये सेवाएं समय पर प्रदान की जा सकें। उन्होंने जनता की सुविधा तथा राजस्व संग्रहण में सुधार के लिए भूमि संबंधी सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्य के भूमि एवं राजस्व मंत्री बिरुआ परियोजना भवन में स्थित अपने कार्यालय में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और विभागीय सचिव के साथ ऑनलाइन बैठक को संबोधित कर रहे थे।

भूमि रसीद प्राप्त करने के लिए बार कोड प्रणाली की सुविधा देगी सरकार

इस दौैरान राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि फिलहाल लोगों को भूमि रसीद प्राप्त करने में असुविधा होती है और उन्हें अक्सर अदालतों व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बिरुआ ने कहा, ‘‘इस समस्या से निपटने के लिए लोगों को जल्द ही बार कोड प्रणाली की सुविधा दी जाएगी, जिससे निवासी सीधे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भूमि रसीद प्राप्त कर सकेंगे। इससे लोगों के कई स्थानों पर जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।”

बैठक के दौरान चाईबासा के आयुक्त ने जमशेदपुर जिले की कंपनियों से 2000 करोड़ रुपये के बकाये की वसूली के संबंध में प्रस्ताव रखा। बिरुआ ने इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए कहा कि यदि ऐसे कई मामलों का समाधान हो जाए तो राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने हरमू नदी के किनारे अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और अधिकारियों से नदी की रक्षा करने तथा और अधिक नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की।

Morocco में बड़ा हादसा, 80 प्रवासियों को Spain ले जा रही नाव पलटी, 40 पाकिस्तानियों की मौत

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मोरक्को के पास एक नाव पलटने से 80 प्रवासी डूब गए जिनमें से 40 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हो गई। यह नाव स्पेन जाने की कोशिश कर रहे प्रवासियों को ले जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना बुधवार को हुई और 50 से ज्यादा लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है।

घटना की जानकारी

➤ नाव मॉरिटेनिया से 86 प्रवासियों को लेकर रवाना हुई थी जिसमें 66 पाकिस्तानियों के होने की जानकारी मिली है।
➤ मोरक्को के अधिकारियों ने एक दिन पहले इस नाव से 36 लोगों को बचाया था।
➤ वॉकिंग बॉर्डर्स एक प्रवासी अधिकार समूह ने बताया कि डूबने वालों में से 44 पाकिस्तान के थे।

पाकिस्तान का बयान

पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने इस हादसे पर एक बयान जारी किया और कहा कि मोरक्को में उनका दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और बचाव कार्यों में सहायता कर रहा है। इसके साथ ही पाकिस्तानी दूतावास ने एक टीम भेजी है जो प्रभावित नागरिकों को सहायता प्रदान करेगी।

बयान में कहा गया, “मोरक्को के दखला बंदरगाह के पास यह घटना हुई जिसमें कई पाकिस्तानी नागरिकों सहित अन्य लोग भी सवार थे। बचाव कार्य जारी है और हम जल्द ही मदद पहुंचा रहे हैं।”

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बयान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया और इसे “बहुत परेशान करने वाली खबर” बताया। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए बड़ा सदमा है जिसमें कई पाकिस्तानियों की मौत हो गई।”

वहीं प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्रालय को मोरक्को में लापता लोगों का पता लगाने जीवित बचने वालों की मदद करने और हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को वापस लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही उन्होंने मानव तस्करों और एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया जो निर्दोष नागरिकों को इस खतरनाक यात्रा के लिए उकसाते हैं।

इस हादसे पर मानव तस्करी के मुद्दे पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर मानव तस्करी के मुद्दे को उजागर करती है। प्रवासियों को बेहतर जीवन की तलाश में यह खतरनाक रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया जाता है जिसके परिणामस्वरूप ऐसी भयावह घटनाएं घटित होती हैं।

मोरक्को और अन्य देशों में मानव तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

पूरे देश से जुड़ेगा जम्मू-कश्मीर, Jammu Railway Station पर भी मिलेगी ये सुविधा

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जम्मू-कश्मीर में जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर आधुनिक अवसंरचना का काम प्रगति पर है और इसके पुनर्विकास के तहत यहां प्लेटफार्मों की संख्या 3 से बढ़कर 7 हो जाएगी।

आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यहां कहा कि जम्मू रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और यार्ड पुनर्निर्माण एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 6 जनवरी को जम्मू रेल मंडल का डिजिटल रूप से उद्घाटन करने के बाद कहा था कि भारतीय रेलवे आधुनिकीकरण, उन्नत सुविधाओं, संपर्क और रोजगार सहित 4 मापदंडों पर विकास कर रही है।

उन्होंने कहा कि इसके बाद जम्मू रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण के अंतर्गत जल्द ही प्लेटफार्मों की संख्या 3 से बढ़ाकर 7 कर दी जाएगी। प्लेटफार्मों के अलावा वाशिंग पिट की संख्या भी बढ़ाई जाएगी और लाइन क्षमता एवं प्रस्थान सुविधा के साथ 3 से बढ़ाकर 5 हो जाएगी। इसके अलावा सभी प्लेटफॉर्म धोने योग्य एप्रन से युक्त होंगे जो प्लेटफार्मों पर स्वच्छता और सफाई परिदृश्य में सुधार करेंगे।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सी.आर.एस.) ने कश्मीर को कन्याकुमारी से रेलवे के माध्यम से जोड़ने के सपने को पूरा करने के लिए नवनिर्मित 17 किलोमीटर लंबे कटड़ा-रियासी रेल ट्रैक को माल की सार्वजनिक ढुलाई एवं यात्री यातायात के लिए खोलने की मंजूरी प्रदान की है।

जम्मू रेलवे डिवीजन के निर्माण में पठानकोट-जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला मार्ग सहित 742.1 किलोमीटर रेलवे लाइनें शामिल हैं। नए डिवीजन से जम्मू-कश्मीर और पड़ोसी क्षेत्रों को पर्याप्त लाभ मिलने की उम्मीद है, जो शेष भारत के साथ बेहतर रेल संपर्क की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा।

बर्फ की सफेद चादर से ढकी Kashmir घाटी, ठंड ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

कश्मीर घाटी में सर्दी ने जोर पकड़ लिया है और पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है। इस समय घाटी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। श्रीनगर में दिन का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि रात का तापमान गिरकर माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

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बर्फबारी से बदल गया नज़ारा

➤ घाटी में हो रही ताजा बर्फबारी ने पूरे इलाके का नजारा बदल दिया है। पेड़, पहाड़ और सड़कें बर्फ से ढक गए हैं।
➤ स्थानीय लोग और पर्यटक बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं।
➤ हालांकि बर्फबारी से ठंड बढ़ने के कारण लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।

आम जनजीवन पर असर

➤ बर्फबारी के चलते सड़क परिवहन पर असर पड़ा है।
➤ श्रीनगर और अन्य इलाकों में कई मार्ग बर्फ के कारण बंद हो गए हैं।
➤ ठंड के कारण पानी के पाइप जमने लगे हैं जिससे पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

पर्यटन के लिए खुशी की खबर

➤ कश्मीर की यह बर्फबारी पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है।
➤ गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।
➤ स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसायियों को उम्मीद है कि इस बर्फबारी से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

प्रशासन की तैयारी

➤ बर्फ हटाने के लिए प्रशासन की ओर से मशीनें तैनात कर दी गई हैं।
➤ बिजली और पानी की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
➤ लोगों से अपील की गई है कि जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर जाएं।

वहीं कश्मीर घाटी में बर्फबारी ने जहां लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं वहीं यह मौसम का लुत्फ उठाने वालों के लिए खुशी की खबर है। अगर आप भी बर्फबारी का आनंद लेना चाहते हैं तो यह समय कश्मीर घूमने के लिए सबसे बेहतरीन हो सकता है।

Punjab: गुरुद्वारों में हो रही हैं Annoucement, घर से निकलने पर डर रहे हैं पंजाबी

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गांव हसनपुर और करीमपुरा के 2 नाबालिग बच्चों को नोच-नोचकर खाने वाले खूंखार कुत्ते किसान लाल सिंह पुत्र रणजीत सिंह (गुरु नानक डेयरी) के फार्म पमाल में एक बछड़ी और 6 बछड़ों भी खा चुके हैं।बीती रात उक्त खूंखार कुत्ते भैंस की नवजात कटड़ी को भी खा गए जिसकी वजह से पशुपालक भी परेशान हैं। किसान लाल सिंह ने बताया कि यह कुत्ते इतने खतरनाक हैं कि जो भी राहगीर या अकेला बच्चा या छोटा पशु मिलता है, उसको नोचकर खा जाते है। इनके डर से हमारे कारिंदे भी फार्म में प्रवेश करने से डरते हैं कि पता नहीं कब ये कुत्ते हमला कर दें।

announcements are being made in village gurudwaras in punjab

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वह इन कुत्तों से हमें और गांव निवासियों को राहत दिलवाए।वैटर्नरी इंस्पैक्टर सुखविन्द्र पाल सिंह ने बताया कि उनकी सहयोगी टीम ने कुत्तों को पकड़ने के लिए लुधियाना नगर निगम की टीम सहित जांच की है जिसमें यह पता लगाया गया है कि इन कुत्तों का झुंड रात को गांव करीमपुरा के साथ लगते रेलवे लाइनों के पास पड़ी पराली में रहता है और सुबह सेम पर घूमते हैं और फिर हड्डारोड़ी हसनपुर जाते हैं। उसके बाद ये प्रात: रणजीत सिंह जीतू के पमाल फार्म में भी जाते है जहां यह बछड़े-बछड़ियों को शिकार बनाते है। 17 जनवरी को सुबह फिर गांववासियों के सहयोग से कुत्तों को पकड़ने वाली टीम इनको पकड़ेगी और ए.बी.सी. प्रोग्राम के अधीन हैबोवाल में ले जाकर इनकी नसबंदी करेगी।

लोगों से सुरक्षित रहने की अपील
किसान लाल सिंह ने भनोहर, पामल, हसनपुर, करीमपुरा व आसपास के गांवों के लोगों से अपील की है कि वे इन खूंखार पिटबुल कुत्तों से दूर रहें, ताकि किसी को जान-माल का नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि विभिन्न गांवों के गुरुद्वारों में भी लोगों को इन कुत्तों से सावधान रहने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जल्द ही इन कुत्तों को पकड़कर ग्रामीणों को राहत प्रदान करनी चाहिए, ताकि लोग निडर होकर अपना जीवन जी सकें।

किसानों ने हड़ताल की घोषणा की
इन घटनाओं को देखते हुए किसान यूनियन के अध्यक्ष जगरूप सिंह ने डिप्टी कमिश्नर और प्रशासन से अपील की है कि इन पिटबुल कुत्तों को मारने का आदेश दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डी. सी. द्वारा ऐसा नहीं किया जाता तो वे रविवार को लुधियाना-फिरोजपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर देंगे क्योंकि इन कुत्तों के कारण गांव पामल, भनहोड़, हसनपुर, करीमपुरा व अन्य आस-पास के गांवों में इतना भय का माहौल है कि लोग वे अपने घरों से निकलने में भी डर रहे हैं।

21-22 जनवरी को उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में भारी बारिश

उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। गाड़ियों से लेकर हवाई उड़ानें बाधित हो रही हैं, जबकि बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले कुछ दिनों में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। यह विक्षोभ कई राज्यों में बारिश और बर्फबारी लेकर आएगा।

पश्चिमी विक्षोभ और संभावित प्रभाव
IMD के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि दक्षिण हरियाणा पर भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके प्रभाव से 16 जनवरी को कई राज्यों में बारिश हुई। 18 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके चलते 18 से 22 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में छिटपुट बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं, 21-22 जनवरी को उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में बादल बरस सकते हैं।

दक्षिण भारत में भी बारिश का असर
दक्षिण भारत में भी मौसम का असर दिखेगा। IMD के अनुसार, दक्षिण केरल तट से दूर दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके कारण तमिलनाडु और पुडुचेरी में 18 से 20 जनवरी तक और केरल में 19-20 जनवरी को मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। इस दौरान बिजली गिरने और तेज गरज के साथ बारिश हो सकती है। निकोबार द्वीप समूह में 16 जनवरी को भारी बारिश दर्ज की गई।

तापमान और ठंड का हाल
देश के मैदानी इलाकों में राजस्थान के नागौर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे है। हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम तापमान 1-4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। गुजरात में अगले तीन दिनों में तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

घने कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक घने से बहुत घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। पंजाब, हरियाणा, यूपी, चंडीगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में 17-20 जनवरी के बीच रात और सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा। मध्य प्रदेश में 19 जनवरी तक और उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम व ओडिशा में 18 जनवरी तक धुंध की स्थिति बने रहने की संभावना है। राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।

देशभर में ठंड और बदलते मौसम के मद्देनज़र लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।

टैक्स राहत, गोल्‍ड ड्यूटी में बदलाव और 80C लिमिट में वृद्धि से मिलेगा आम आदमी को बड़ा फायदा!

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केंद्र सरकार 2025 के बजट में आम लोगों के लिए राहत देने वाले कई अहम बदलाव कर सकती है। इन बदलावों में प्रमुख हैं, इनकम टैक्‍स स्‍लैब में बदलाव, गोल्‍ड पर ड्यूटी में वृद्धि, स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन की लिमिट में इजाफा, और सेक्‍शन 80C के तहत कटौती की सीमा बढ़ाना। इस बार महंगाई बढ़ने के साथ-साथ अर्थव्‍यवस्‍था की ग्रोथ में भी गिरावट का अनुमान है, ऐसे में सरकार इन कदमों के जरिए लोगों को राहत देने का प्रयास कर सकती है।

1. स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन में इजाफा
पिछले बजट में सरकार ने स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन की सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 किया था, जो सैलरीड कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत देने वाला कदम था। इस बार उम्‍मीद जताई जा रही है कि सरकार इसे और बढ़ाकर ₹1 लाख तक कर सकती है। इस बदलाव से वे लोग जिनकी सालाना आय कम है, उन्‍हें अपने कर बोझ को कम करने का मौका मिलेगा। इस कदम से उन लोगों को भी फायदा हो सकता है जो ओल्‍ड टैक्‍स व्‍यवस्‍था में हैं, क्‍योंकि पुरानी व्‍यवस्‍था में स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन की सीमा ₹50,000 है।

2. टैक्‍स स्‍लैब में बदलाव
नई टैक्‍स व्‍यवस्‍था के तहत सरकार आयकर स्‍लैब में और बदलाव कर सकती है ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित हों। मौजूदा स्‍लैब के मुताबिक ₹0 से ₹3 लाख तक की आय पर शून्‍य टैक्‍स लगता है, ₹3 लाख से ₹7 लाख तक पर 5%, ₹7 लाख से ₹10 लाख तक पर 10%, ₹10 लाख से ₹12 लाख तक पर 15%, ₹12 लाख से ₹15 लाख तक पर 20% और ₹15 लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्‍स लगाया जाता है। विश्‍लेषकों का मानना है कि सरकार 30% टैक्‍स रेट को ₹20 लाख से ऊपर की आय पर लागू कर सकती है, ताकि ज्‍यादा लोग नई व्‍यवस्‍था अपनाएं और सरकार को अधिक राजस्‍व प्राप्‍त हो। इसके अलावा, कुछ लोगों की अपेक्षा है कि नई व्‍यवस्‍था में टैक्‍स छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है, जिससे मध्‍यम वर्ग को फायदा होगा।

3. सेंक्‍शन 80C की कटौती सीमा बढ़ाना
वर्तमान में सेक्‍शन 80C के तहत टैक्सपेयर्स को ₹1.5 लाख तक की कटौती मिलती है, जो पेंशन, जीवन बीमा प्रीमियम, घर की ईएमआई, बच्चों की पढ़ाई आदि के लिए निवेश पर आधारित होती है। लेकिन महंगाई और बढ़ते वित्तीय दबाव को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इस सीमा को ₹2 लाख तक बढ़ा सकती है। इससे उन्‍हें राहत मिलेगी जो घर, बचत और निवेश के लिए अधिक खर्च करते हैं और इसके परिणामस्‍वरूप उनका कर बोझ कम हो सकता है। इस कदम से मध्यम वर्ग को अपनी बचत को और बढ़ाने का अवसर मिलेगा, साथ ही लंबी अवधि में उन्‍हें टैक्स की बचत होगी।

4. गोल्‍ड पर आयात ड्यूटी में बढ़ोतरी?
भारत में सोने का आयात कई सालों से बढ़ रहा है, जिसके कारण देश के व्यापार घाटे पर दबाव बढ़ गया है। फिलहाल, सोने पर 6% आयात शुल्क लगाया जाता है, जो पिछले कुछ वर्षों में कम हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इस शुल्क को बढ़ा सकती है ताकि देश के बढ़ते व्यापार घाटे को नियंत्रित किया जा सके। यदि आयात शुल्क में वृद्धि होती है, तो यह सोने के आयात को नियंत्रित कर सकता है, लेकिन इसका असर घरेलू कीमतों पर पड़ेगा। सोने की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए एक चिंता का विषय हो सकती है। हालांकि, यह कदम देश की अर्थव्‍यवस्‍था को मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है।

2025 का बजट इन बदलावों से आम लोगों को राहत दे सकता है, विशेषकर उन्‍हें जो टैक्सपेयर्स के रूप में वित्तीय दबाव महसूस कर रहे हैं। हालांकि, ये सभी बदलाव सरकार की नीतियों और फैसलों पर निर्भर करेंगे। यदि इन प्रस्तावित बदलावों को बजट में शामिल किया जाता है, तो इससे करदाताओं के लिए राहत के साथ-साथ भारत की आर्थिक स्थिति को भी सुधारने में मदद मिल सकती है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने संगम में लगाई डुबकी, समूचे मेला क्षेत्र का किया दौरा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुम्भ में पहुंचे 10 देशों के 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को संगम में डुबकी लगाई और विभिन्न अखाड़ों का दौरा किया। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिनिधियों ने इस दौरान न केवल महाकुंभ के धार्मिक महत्व को समझा बल्कि भारतीय संस्कृति के अद्भुत पहलुओं का भी अनुभव किया। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधियों ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के बाद समूचे मेला क्षेत्र का दौरा किया।

PunjabKesari‘महाकुंभ दुनिया को एकता का संदेश दे रहा’
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रतिनिधियों ने दुनिया के इस सबसे बड़े आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि महाकुंभ दुनिया को एकता का संदेश दे रहा है और भारतीय संस्कृति को देखने व समझने के लिए सभी देशों के लोगों को यहां जरूर आना चाहिए। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की प्रतिनिधि सैली एल अजाब ने कहा कि वह पश्चिमी एशिया से भारत आई हैं और यह एक अद्भुत क्षण है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है और यहां सब कुछ पूरी तरह से व्यवस्थित है।

यह प्रतिनिधियों ने महाकुंभ में लिया हिस्सा 
सैली ने कहा कि उन्हें यहां करोड़ों श्रद्धालुओं और उनकी विधिवत सुरक्षा व्यवस्था को देखकर भारतीय संस्कृति की महानता का अहसास हुआ। प्रतिनिधि दल ने विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों से मुलाकात की और साधु-संतों ने कुंभ की प्राचीन परंपराओं, अखाड़ों की भूमिका और भारतीय संस्कृति की महिमा के बारे में उन्हें विस्तार से बताया। महाकुम्भ में फिजी, फिनलैंड, गुयाना, मलेशिया, मॉरीशस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि पहुंचे हैं।

Canada में लापता हुए 20 हजार भारतीय छात्र, तलाश जारी….

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भारत और कनाडा के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। कनाडा के ‘इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटीजनशिप कनाडा’ (IRCC) की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 20,000 भारतीय छात्र कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से ‘लापता’ हैं। इन छात्रों को संस्थानों में ‘नो-शो’ के रूप में दर्ज किया गया है, जिसका मतलब है कि वे लंबे समय से अपने शैक्षणिक संस्थानों में उपस्थित नहीं हुए हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि ये छात्र आखिर कहां हैं और क्या कर रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय: स्थायी निवास की चाह

आव्रजन विशेषज्ञ और पूर्व संघीय अर्थशास्त्री हेनरी लोटिन का मानना है कि अनुपस्थित छात्रों में से अधिकांश कनाडा में ही काम कर रहे हैं और स्थायी निवासी बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये छात्र अमेरिका की सीमा पार नहीं कर रहे हैं, बल्कि कनाडा में ही बसे रहने की योजना बना रहे हैं।

इमिग्रेशन नियम और सुधार की जरूरत

कनाडा में 2014 में लागू हुए इंटरनेशनल स्टूडेंट कम्प्लायंस रिजाइम का उद्देश्य फर्जी छात्रों की पहचान करना और संदिग्ध शैक्षणिक संस्थानों को चिन्हित करना था। इसके तहत, आव्रजन विभाग साल में दो बार कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से छात्रों की उपस्थिति की रिपोर्ट मांगता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र अपने स्टडी परमिट के नियमों का पालन कर रहे हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध तस्करी के मामले

इस मामले ने भारतीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) का भी ध्यान खींचा है, जो कनाडा से अमेरिका में भारतीयों की अवैध तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच कर रहा है। यह जांच उस समय शुरू हुई जब गुजरात के डिंगुचा गांव के एक भारतीय परिवार की कनाडा-अमेरिका सीमा पार करने की कोशिश में ठंड से मौत हो गई थी।

संभावित समाधान

हेनरी लोटिन ने सुझाव दिया कि कनाडा में पढ़ाई के लिए आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए फीस का अग्रिम भुगतान अनिवार्य किया जा सकता है। इससे उन छात्रों की पहचान में मदद मिलेगी जो केवल वर्क परमिट पाने के लिए स्टडी परमिट का दुरुपयोग कर रहे हैं।

नियम उल्लंघन से पैदा हुई समस्या

कनाडा में भारतीय छात्रों की गैर-मौजूदगी और स्टडी परमिट नियमों का उल्लंघन एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। यह समस्या न केवल कनाडा की आव्रजन नीति को प्रभावित कर रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों के वास्तविक उद्देश्यों पर भी सवाल उठा रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने और मौजूदा नीतियों की समीक्षा की सख्त जरूरत है।

High Alert पर Chandigarh, भारी पुलिस बल तैनात, दोपहिया वाहन सवारों पर खास नजर

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साऊथ डिवीजन के पुलिस स्टेशन में बम से अटैक होगा। अटैक रात 12 से सुबह 4 बजे के बीच यह किया जाएगा। यह धमकी विदेश में बैठे आतंकी संगठन बब्बर खालसा के कुख्यात आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पाशिया ने चंड़ीगढ़ पुलिस को दी है। साऊथ डिविजन के थाने बम से उड़ाने को लेकर आई.बी. ने भी चंडीगढ़ पुलिस को अलर्ट किया है। आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पशिया चंडीगढ़ के सैक्टर-10 स्थित कोठी में हैंड ग्रेनेड से हमला करवा चुका है।

मामले की गंभीरता को लेकर साऊथ डिवीजन के सभी थानों के बाहर नाकाबंदी कर दी गई है। थानों के बाहर लगे नाकों पर पुलिस संदिग्ध लोगों को रूकने नहीं दे रही है। पुलिस की नजर दोपहिया सवारों पर बनी हुई है। आतंकी ने 26 जनवरी से पहले इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई है। आला अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। साऊथ डिविजन में सैक्टर-31, 34, 36, 39, 49 और मलोया थाना आता है। इन थानों के गेट के पास सड़क के दोनों ओर बैरिकेड्स लगाकर नाके लगाए गए हैं। इसके अलावा पी. सी. आर. और थाना प्रभारी की गाड़ी तैनात होगी। एस. एस. पी. कंवरदीप कौर ने रात 10 से सुबह 7 बजे तक साऊथ डिवीजन के सभी नाकों पर 10-10 पुलिस जवान तैनात करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा थाने के अंदर 10- 10 जवान अलर्ट रहेंगे।

थानों के बाहर नाके पर सभी जवान हथियारों से लैस होंगे
थानों के बाहर नाके पर सभी जवान हथियारों से लैंस होंगे। आतंकी संगठन बब्बर खालसा से जुड़े कुख्यात आतंकी पाशिया द्वारा थानों में बम ब्लास्ट की धमकी मिलते ही थाना पुलिस अलर्ट हो गई है। डी.जी.पी. सुरेंद्र सिंह यादव ने सभी थाना प्रभारियों को रात के समय इलाके में और थाने में रहने के आदेश दिए हैं। कोई भी थाना और चौकी प्रभारी रात को अपने घर नहीं जाएंगे। थाना प्रभारी घर पर डिनर कर सकेंगे। इसके अलावा सुबह घर जाकर खाना खाकर वापस थाने में रिपोर्ट करनी होगी।

एन.आई.ए. की जांच में हैप्पी पाशिया की भूमिका हुई है उजागर
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एन.आई.ए.) ने पिछले साल चंडीगढ़ के सैक्टर-10 में हुए हैंड ग्रेनेड धमाके के मामले में हैप्पी पाशिया पर 5 लाख का इनाम घोषित किया है। 11 सितंबर, 2024 को सैक्टर-10 की कोठी नंबर 575 में हैड ग्रेनेड से धमाका हुआ था। इस घटना के बाद हैप्पी पाशिया ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी ली थी। यह आतंकी मूल रूप से अमृतसर जिले के अजनाला तहसील के गांव पाशिया का निवासी है और वर्तमान में अमेरिका में रह रहा है।

पंजाब में पुलिस स्टेशन के बाहर धमाके के बाद थानों के गेट पर बनाई थी पोस्ट
हैप्पी पाशिया ने पंजाब के अलग-अलग पुलिस स्टेशन में बम धमाके करवाए थे। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने हर पुलिस स्टेशन के गेट पर स्पैशल संतरी पोस्ट बनवाई थी। इसके अलावा रेत की बोरियां भी रखी थी। उस समय भी पुलिस को बम धमाके होने को लेकर अलर्ट मिला था।

कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्यों पर एफ.आई.आर. से नाराजगी
बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर 7 जनवरी को कौमी इंसाफ मोर्चा ने हिंसक प्रदर्शन किया था। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो निहंगों के एक समूह ने तलवारें लहराकर पुलिस पर हमला कर दिया था। जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा के दौरान सैक्टर-11 थाने के एस.एच.ओ. जयवीर राणा परतलवा रसे हमला किया। सब-इंस्पैक्टर रमेश कुमार, महिला कांस्टेबल जसप्रीत कौर और कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने इस हिंसक घटना को लेकर सेक्टर-36 थाने में तीन अलग-अलग एफ.आई.आर. दर्ज की थी। आरोपियों के खिलाफ दंगा फैलाने, रास्ता रोकने, सरकारी संपित्त को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थी। सूत्रों के मुताबिक इस पुलिस कार्रवाई से बब्बर खालसा इंटरनैशनल के आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पाशिया नाराज है। पाशिया इस मामले को लेकर चंडीगढ़ में अशांति फैलाने और हिंसक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है।

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