Saturday, June 20, 2026
Home Blog Page 16

WORLD : ईरान के साथ डील में लग सकता है समय, व्हाइट हाउस के अधिकारी का दावा

0

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका-ईरान युद्ध रोकने का समझौता लगभग तय हो चुका है, लेकिन इसी बीच उन्होंने ईरान के नक्शे पर अमेरिकी झंडा चढ़ाकर एक पोस्ट किया, जिसन…और पढ़ें

अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रही तनातनी के बीच एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते का दावा किया, तो दूसरी तरफ ऐसा पोस्ट कर दिया जिसने पूरी कूटनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म कराने के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग काफी हद तक तय हो चुका है. ट्रंप ने दावा किया कि इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी अंतिम मुहर बाकी है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका, ईरान और ‘कुछ अन्य देशों’ के बीच समझौते के आखिरी पहलुओं पर चर्चा चल रही है और जल्द घोषणा हो सकती है.

इस दावे से पहले ट्रंप ने कतर, सऊदी अरब, यूएई, पाकिस्तान, जॉर्डन, मिस्र, तुर्किए और बहरीन के नेताओं से फोन पर बातचीत की. इसके बाद उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी अलग से बात की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत में यह फार्मूला सामने आया है कि युद्ध जैसी स्थिति खत्म करने की कोशिश होगी, होर्मुज जलडमरूमध्य धीरे-धीरे खोला जा सकता है, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी कम हो सकती है और विदेशी बैंकों में फंसी कुछ ईरानी संपत्तियां रिलीज हो सकती हैं. हालांकि सबसे मुश्किल मुद्दे ईरान का परमाणु कार्यक्रम, एनरिच्ड यूरेनियम और होर्मुज पर नियंत्रण अभी भी पूरी तरह सुलझे नहीं हैं.

शांति समझौते की बात करते-करते ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के नक्शे पर अमेरिकी झंडा चढ़ी तस्वीर पोस्ट कर दी, जिसके साथ सवाल लिखा- यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ मिडिल ईस्ट? यानी क्या अमेरिका अब मध्य पूर्व का नया मालिक बनने जा रहा है? इस पोस्ट ने तुरंत नया विवाद खड़ा कर दिया क्योंकि बातचीत के बीच इसे ईरान के लिए सीधी राजनीतिक चेतावनी माना गया. लेकिन ईरान ने भी पलटवार कर दिया.

ट्रंप के इस पोस्ट पर ईरान ने भी तीखा पलटवार किया. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने रोमन साम्राज्य का जिक्र करते हुए कहा, ‘रोम खुद को दुनिया का केंद्र मानता था, लेकिन ईरानियों ने उसका भ्रम तोड़ दिया था.’ उन्होंने कहा कि जब रोमन सम्राट फारस के खिलाफ बढ़े थे, तब उन्हें फारस की शर्तों पर समझौता करना पड़ा था. यानी तेहरान ने साफ संकेत दिया कि ईरान किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है.

NATIONAL : वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार दीर्घकालिक पूंजीगत व्यय (एलटीसीजी) और एसटीसीजी कराधान पर निवेशकों की चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है।

0

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार शेयर बाजार के निवेशकों द्वारा कर प्रणाली के संबंध में उठाई गई चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है, जिसमें दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) और अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (एसटीसीजी) कराधान से संबंधित मुद्दे शामिल हैं।

सोमवार को टेक्सप्रोसिल एक्सपोर्ट अवार्ड्स कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले पर निवेशकों से सुझाव और प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए तत्पर है।

“इस विशेष मुद्दे पर, और किसी भी मुद्दे पर, हम हमेशा जनता की बात सुनने के लिए तैयार और इच्छुक हैं। हम निश्चित रूप से उनके सुझावों को ध्यान में रखेंगे,” सीतारमण ने शेयर बाजार के प्रतिभागियों द्वारा दीर्घकालिक संचयी और गैर-संभावित संचयी करों की समीक्षा की मांग से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा।

उनकी ये टिप्पणियां बाजार प्रतिभागियों के बीच इक्विटी बाजार में भागीदारी और निवेशक भावना पर पूंजीगत लाभ कर के प्रभाव को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच आई हैं।एलटीसीजी और एसटीसीजी शेयरों और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों की बिक्री से अर्जित मुनाफे पर लगाए जाने वाले कर हैं।

शेयरों को कम समय के भीतर बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (एसटीसीजी) टैक्स लगता है, जबकि लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (एलटीसीजी) टैक्स तब लागू होता है जब निवेश को बेचने से पहले लंबी अवधि के लिए रखा जाता है।हालांकि, केंद्रीय वित्त मंत्री ने कराधान संरचना में किसी औपचारिक समीक्षा या परिवर्तन की घोषणा नहीं की।वित्त मंत्री ने ऋणदाताओं से मानक ऋणों से आगे बढ़कर व्यावसायिक चक्रों के अनुरूप ऋण चुकौती योजनाएं तैयार करने को कहा

उनकी टिप्पणियों से केवल यही संकेत मिलता है कि सरकार मौजूदा कर ढांचे के संबंध में हितधारकों से प्रतिक्रिया और सुझाव सुनने के लिए तैयार है।ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेशकों के प्रवाह और मुद्रास्फीति तथा ब्याज दरों से संबंधित चिंताओं के कारण घरेलू शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ रही है।

सीतारामन के बयान को निवेशक इस संकेत के रूप में देख रहे हैं कि सरकार हितधारकों के साथ बातचीत करने और बाजार से संबंधित कराधान मुद्दों के बारे में उनकी चिंताओं पर विचार करने के लिए तैयार है।उन्होंने महत्वपूर्ण घरेलू राजकोषीय मुद्दों पर भी बात की, हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के पीछे की कार्यप्रणाली को स्पष्ट करते हुए सोने के अनुकूलन, आरबीआई के लाभांश और पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की विकास गति पर भी अपने विचार व्यक्त किए।

वित्त मंत्री सीतारमण ने स्पष्ट किया कि कीमतों में बढ़ोतरी पूरी तरह से परिचालन संबंधी है और यह अचानक सरकारी नीतिगत परिवर्तनों के बजाय वैश्विक खरीद की वास्तविकताओं से प्रेरित है।उन्होंने यह भी खुलासा किया कि केंद्र सरकार ने पहले भी भारी झटके झेले हैं – जिसके परिणामस्वरूप केंद्रीय करों में कमी करने से 1 लाख करोड़ रुपये का राजकोषीय नुकसान हुआ – ताकि उपभोक्ताओं को ढाई महीने से अधिक समय तक राहत मिल सके।

WORLD : भारत-कनाडा रिश्तों में बड़ा बदलावः ‘दुश्मनी’ से ‘दोस्ती’ तक पहुंची बात, पीयूष गोयल के दौरे से खुलेंगे नए रास्ते

0

भारत और कनाडा के संबंधों में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। भारत के उच्चायुक्त Dinesh K. Patnaik ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते “विरोधी” दौर से निकलकर अब “बेहद दोस्ताना” हो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal का कनाडा दौरा नए चरण की शुरुआत माना…

भारत और कनाडा के बीच लंबे तनाव के बाद अब रिश्तों में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है। कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा है कि दोनों देशों के संबंध “विरोधी” दौर से निकलकर अब “बेहद दोस्ताना” स्थिति में पहुंच चुके हैं। उन्होंने यह बयान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के कनाडा दौरे से पहले दिया। विशेष इंटरव्यू में दिनेश के. पटनायक ने कहा कि पियूष गोयल का दौरा भारत-कनाडा संबंधों में “एक नए चरण की शुरुआत” है। उन्होंने बताया कि यह अब तक का सबसे बड़ा भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल होगा, जिसमें 100 से अधिक भारतीय उद्योगपति कनाडा पहुंचेंगे। यह प्रतिनिधिमंडल कनाडाई उद्योग समूहों, पेंशन फंड्स, बैंकों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और भारतीय प्रवासी समुदाय के नेताओं से मुलाकात करेगा।

पटनायक ने कहा,“सिर्फ यह बैठक होना ही एक बड़ी सफलता है। एक साल पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि भारत का कोई मंत्री 100 से ज्यादा प्रतिनिधियों के साथ कनाडा आएगा।” Piyush Goyal के दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई गति देना बताया जा रहा है। भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) पर बातचीत को भी इस दौरे से राजनीतिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।पटनायक ने कहा कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 32 अरब कनाडाई डॉलर यानी करीब 25 अरब अमेरिकी डॉलर का है। दोनों देश इसे अगले पांच वर्षों में दोगुना करना चाहते हैं।उन्होंने कहा, “हम 2030 या 2031 तक इसे 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की उम्मीद कर रहे हैं।” भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि दोनों देशों ने “अतीत की समस्याओं को पीछे छोड़ दिया है” और अब सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग फिर से शुरू हो गया है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठकें हो चुकी हैं और पुलिस व जांच एजेंसियां आपस में संपर्क में हैं। पटनायक ने कहा,“अब दोनों देश इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि कनाडा भारत के लिए सुरक्षित हो और भारत कनाडा के लिए सुरक्षित हो।” प्रो-खालिस्तान नेटवर्क और संगठित अपराध का जिक्र करते हुए Dinesh K. Patnaik ने कहा कि कनाडा अब इस समस्या को अपनी घरेलू चुनौती के रूप में देखने लगा है।उन्होंने दावा किया कि पिछले छह-सात महीनों में कनाडा की नई सरकार, खासकर प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के सहयोग से ऐसे तत्वों को फिर से “हाशिये पर” धकेला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चरमपंथी समूह अब विचारधारा से ज्यादा “आर्थिक गतिविधियों” में बदल गए हैं, जिनमें हथियार तस्करी, ड्रग्स, मानव तस्करी और उगाही जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

कनाडा की नई इमिग्रेशन नीतियों पर बोलते हुए पटनायक ने कहा कि हालिया बदलावों का असर भारतीयों पर पड़ा है, लेकिन कनाडा में भारत को लेकर कोई नकारात्मक भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कनाडा अपनी इमिग्रेशन प्रणाली के दुरुपयोग को रोकना चाहता है और अच्छी इमिग्रेशन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि भारत-कनाडा संबंध 2023 में उस समय गंभीर संकट में आ गए थे जब तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जरकी हत्या में भारत की संभावित भूमिका का आरोप लगाया था।भारत ने इन आरोपों को “बेतुका” बताते हुए खारिज कर दिया था और कनाडा पर चरमपंथी तथा भारत विरोधी तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था।

NATIONAL : क्या कर्नाटक में बदलेगा नेतृत्व? कांग्रेस हाईकमान से मिलेंगे सिद्धारमैया, DK शिवकुमार बोले- लिख के ले लो…

0

कर्नाटक में 20 मई को कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें जारी हैं. 26 मई को सीएम और डिप्टी सीएम पार्टी हाईकमान से मिलेंगे.

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री के 26 मई को कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात करने वाले हैं. सिद्धरमैया ने सोमवार (25 मई 2026) को कहा कि उन्हें कांग्रेस आलाकमान ने 26 मई को दिल्ली में एक बैठक के लिए बुलाया है. हालांकि, सिद्धरमैया ने कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडे के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

डिप्टी सीएम शिवकुमार ने पहले कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें बुलाएगा तो वह दिल्ली जाएंगे, लेकिन बाद में उन्होंने पुष्टि की है कि वह जा रहे हैं. दिल्ली दौरे के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा, ‘मुझसे दिल्ली आने के लिए कहा गया है. कल 11 बजे एक बैठक है. मुझे एजेंडे के बारे में पता नहीं है, लेकिन मुझे आमंत्रित किया गया है. कल रात केसी वेणुगोपाल (कांग्रेस महासचिव-संगठन) ने मुझे फोन करके बैठक की तारीख के बारे में बताया.’

आलाकमान के साथ उनकी मुलाकात को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ये अटकलें तो हमेशा रहती हैं.’ मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कुछ मंत्री, जैसे सतीश जारकीहोली, जी परमेश्वर, एच. सी. महादेवप्पा और कुछ अन्य भी दिल्ली जा रहे हैं. इस बीच दिल्ली दौरे को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा, ‘कुछ खास परिस्थितियों में मुझे जाना ही पड़ेगा, मैं जा रहा हूं.’

इससे पहले दिन में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा था, ‘अगर मुझे (आलाकमान द्वारा) बुलाया जाता है, तो मैं जाऊंगा. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता सुरजेवाला (कर्नाटक के प्रभारी कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, जो बेंगलुरु में हैं) क्या कहेंगे. मैं उनसे पूछूंगा. अगर वे मुझे (दिल्ली) आने के लिए कहेंगे तो मैं जाऊंगा. अन्यथा मैं यहीं रहूंगा.’ मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देने से बचते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘मुझे इसके बारे में जानकारी नहीं है, मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, यह मेरा काम नहीं है.’

कर्नाटक में 20 मई को कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर अटकलें जारी हैं. पार्टी और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हालांकि कांग्रेस आलाकमान द्वारा सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर खींचतान को सुलझाने पर चर्चा किये जाने की व्यापक संभावना है, लेकिन कर्नाटक की चार राज्यसभा सीट के आगामी चुनाव पर भी चर्चा हो सकती है, जिनमें से कांग्रेस तीन सीट जीत सकती है.

राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू किये जाने का मुद्दा भी बैठक में शामिल हो सकता है. रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है, विधान परिषद चुनाव उसके बाद होंगे. पार्टी का परामर्श जारी है इसलिए अटकलें न लगाएं. मैं अन्य सभी अटकलों को खारिज करता हूं.’ इस बीच, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा कर्नाटक के पार्टी नेताओं से 2028 में पार्टी की जीत के लिए काम करने को कहे जाने के सवाल पर शिवकुमार ने कहा, ‘इसे लिख लीजिए: 2028 में यही डी.के. शिवकुमार, कांग्रेस सरकार सत्ता में होगी.’

उन्होंने कहा, ‘उन्हें (नितिन नबीन को) जो कहना है कहने दीजिए. अमित शाह ने 2023 में क्या कहा था कि बीजेपी को 122 सीट मिलेंगी और उन्होंने अपने पार्टी नेताओं को शपथ ग्रहण की तैयारी करने को कहा था. मैंने कहा था कि कांग्रेस 136 सीट जीतेगी.’ शिवकुमार के समर्थक 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनने को लेकर हुए कथित समझौते के तहत उनकी (शिवकुमार) पदोन्नति पर जोर दे रहे हैं.

सिद्धरमैया ने कहा है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे. उन्होंने कहा है कि वह आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे और पार्टी द्वारा बुलाए जाने पर चर्चा के लिए दिल्ली जाएंगे. शिवकुमार ने लगातार यही कहा है कि वह कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे और मुख्यमंत्री पद पर परिवर्तन के संबंध में परिणाम समय के साथ पता चल जाएगा. पार्टी के कई नेता चिंतित हैं कि नेतृत्व का मुद्दा शासन और कांग्रेस सरकार की छवि पर असर डाल रहा है. उन्होंने खुले तौर पर मांग की है कि 2028 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में पार्टी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आलाकमान इस मुद्दे को सुलझाए.

पार्टी में कई एएचआईएनडीए (अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों और दलितों के लिए कन्नड़ संक्षिप्त नाम) नेता, जिन्हें सिद्धरमैया के खेमे का हिस्सा माना जाता है, चाहते हैं कि नेतृत्व परिवर्तन होने पर उनके ही किसी व्यक्ति को इस पद पर बिठाया जाए. इसके अलावा, एक ‘दलित मुख्यमंत्री’ की भी मांग है, जिसके चलते पार्टी के एक वर्ग द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और गृहमंत्री जी परमेश्वर का नाम भी सामने रखा जा रहा है. मंत्री पद के इच्छुक कांग्रेस विधायकों के एक बड़े वर्ग की ओर से मंत्रिमंडल में फेरबदल की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि मौजूदा कुछ मंत्रियों को हटाकर उनमें से कुछ को मंत्री बनाया जा सके.

कुछ इच्छुक विधायक इस संबंध में पार्टी आलाकमान से मिलने दिल्ली भी जा चुके हैं. उनमें से कुछ इस महीने के अंत तक फेरबदल के लिए दबाव बनाने के लिए दिल्ली के एक और दौरे की योजना बना रहे हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में फेरबदल के पक्षधर हैं, जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर निर्णय ले. पार्टी सूत्रों के अनुसार, अगर कांग्रेस आलाकमान मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंजूरी दे देता है, तो यह संकेत होगा कि मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, जिससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने की संभावना समाप्त हो जाएगी.

NATIONAL : CBI का पुणे में मनीषा हवलदार के घर पर छापा! GOD नाम से मिला सेव नंबर, जानें क्या है कनेक्शन?

0

नीट पेपर लीक मामले में CBI ने पुणे में मनीषा हवलदार के घर छापा मारा. इस दौरान उनके पति के मोबाइल में GOD नाम से सेव नंबर और संदिग्ध चैट मिले हैं.NEET पेपर लीक मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पुणे से गिरफ्तार फिजिक्स टीचर मनीषा हवलदार के घर पर छापेमारी की. जांच के दौरान कई अहम जानकारी सामने आई हैं, जिनसे मामले में बड़े नेटवर्क के होने की आशंका बढ़ गई है.

सूत्रों के मुताबिक, मनीषा हवलदार ने कुछ हैंड रिटेन यानी हाथ से लिखे गए प्रश्नपत्र तैयार किए थे. जांच एजेंसियों को शक है कि इन प्रश्नपत्रों को बाद में सबूत मिटाने के लिए जला दिया गया. CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये प्रश्नपत्र किन लोगों तक पहुंचाए गए थे और इसमें और कौन-कौन शामिल था.

जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. मनीषा हवलदार के पति के मोबाइल फोन में GOD नाम से सेव एक नंबर मिला है. जांच एजेंसियों को इस नंबर से हुई कई संदिग्ध बातचीत के संकेत मिले हैं. CBI अब यह जानने में जुटी है कि आखिर GOD नाम से सेव यह व्यक्ति कौन है और उसका इस पूरे पेपर लीक मामले में क्या रोल है. सूत्रों के अनुसार, GOD नाम वाले कॉन्टैक्ट से हुई बातचीत को काफी अहम माना जा रहा है. एजेंसियों को शक है कि यह कोई बड़ा व्यक्ति या पूरे नेटवर्क का संचालक हो सकता है. इसी वजह से अब जांच का फोकस इस नंबर और उससे जुड़े लोगों पर बढ़ गया है.

CBI को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ चैट और डेटा मोबाइल से डिलीट किए गए थे. हालांकि जांच एजेंसियां डिलीट किए गए चैट लॉग और डिजिटल रिकॉर्ड को रिकवर करने की कोशिश कर रही हैं. अधिकारियों का मानना है कि इन डिलीट संदेशों से मामले के कई बड़े राज खुल सकते हैं. जांच एजेंसियों ने संकेत दिया है कि पेपर लीक के पीछे काम कर रहे असली गॉडफादर तक पहुंचने के लिए जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

NATIONAL : प्रेमानंदजी की अपील- मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा:मेरी चिंता छोड़िए, श्रीजी का ध्यान लगाइए; तबीयत बिगड़ने के बाद 9 दिन से पदयात्रा बंद

0

प्रेमानंदजी की अपील- मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा:मेरी चिंता छोड़िए, श्रीजी का ध्यान लगाइए; तबीयत बिगड़ने के बाद 9 दिन से पदयात्रा बंद
‘बिल्कुल चिंता मत करो। हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। अंतिम बात यही कि चिंता नहीं करनी। न ये चिंता करनी है कि कैसे हमारा उत्थान होगा। बिना बोले तुम्हारे दिमाग में हम होंगे।’

ये भावुक अपील वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज ने वीडियो जारी कर अपने शिष्यों और भक्तों से की। 1 मिनट 19 सेकेंड का वीडियो रविवार को केली कुंज आश्रम ट्रस्ट के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया।

17 मई यानी 9 दिन से प्रेमानंद महाराज की रात्रि पदयात्रा बंद है। शिष्यों ने तब बताया था कि प्रेमानंद महाराज की तबीयत ठीक नहीं है। वह भक्तों से एकांतिक मुलाकात भी नहीं कर रहे हैं। प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनी खराब हैं। उनकी हफ्ते में 2-3 बार डायलिसिस होती है।प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा- देख लेना तुम वही करोगे, जो गुरुदेव कहेंगे। आप बिल्कुल निश्चिंत रहिएगा। जो जहां जिस सेवा में आए, उस सेवा में रहिएगा।

ENTERTAINMENT : Padma Awards में पिता Dharmendra को मिला सर्वोच्च सम्मान तो फूट-फूटकर रोईं बेटी अहाना, हेमा मालिनी भी नहीं रोक पाईं आंसू

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रहे धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार से नवाजा गया। राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में जारी इस खास कार्यक्रम में धर्मेंद्र की पत्नी हेमा मालिनी अपने पति की जगह इस खास सम्मान को लेने के लिए पहुंची।

इस मौके पर हेमा के साथ उनकी बेटी अहाना देओल भी मौजूद रहें। जैसे ही धर्मेंद्र के मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार का एलान हुआ तो उस मौके पर हेमा और अहाना भावुक होती हुईं नजर आईं।

बॉलीवुड में 6 दशक तक बतौर एक्टर अपनी छाप छोड़ने वाले धर्मेंद्र ने अपने करियर में शोले, चरस, मेरा गांव मेरा देश और अपने जैसी कई शानदार मूवीज के जरिए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था। सिनेमा जगत में अहम योगदान को मद्देनजर रखते हुए भारत सरकार ने धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण देने का एलान किया।

सोमवार को पद्म पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान जब हेमा मालिनी अपने पति का मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार लेने स्टेज पर पहुंचीं तो काफी भावुक नजर आई हैं। वहीं सभागार में मौजूद बैठीं धर्मेंद्र और हेमा की बेटी अहाना देओल अपने आंसुओं को रोक नहीं पाई और इमोशनल हो गईं।

इस मौके के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार सामने आ रहे हैं, जिन्हें देखकर आपका भी दिल भर आएगा। पीआईबी की तरफ से इस मौके वीडियो एक्स हैंडल पर शेयर किया गया है।

मालूम हो कि बीते साल 24 नंवबर 2025 को 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र का निधन हो गया था और उनके इस दुनिया से जाने के साथ ही हिंदी सिनेमा में एक युग का अंत भी हो गया।

वितरित हुए पद्म पुरस्कार
देश के सबसे प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार 2026 का आयोजन 25 मई को राजधानी नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस समारोह में सिनेमा, संगीत, खेल आदि क्षेत्रों की कई जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किया गया। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में आयोजित पहले नागरिक अलंकरण कार्यक्रम के दौरान इस साल के पद्म विजेताओं को ये पुरस्कार प्रदान किया।

मालूम हो कि इस साल बीते 25 जनवरी को भारत सरकार द्वारा 131 पद्म पुरस्कार की घोषणा की गई थी, जिनमें पांच पद्म विभूषण पुरस्कार, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल रहे।

RAJASTHAN : राजस्थान का यह गांव बना ‘मिनी ब्राजील, रेतीले धोरों की बेटियां इंटरनेशनल लेवल पर फुटबॉल में कर रहीं कमाल

0

बीकानेर का ढींगसरी गांव आज “मिनी ब्राजील” के नाम से देशभर में पहचान बना रहा है. रेगिस्तान के इस गांव की बेटियां फुटबॉल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन कर रही हैं. कोच विक्रम सिंह राजवी ने 2021 में गांव में बालिकाओं को प्रशिक्षण देना शुरू किया था. आज यहां 130 लड़कियां नियमित अभ्यास कर रही हैं. गांव की खिलाड़ी चीन, नेपाल, रूस और उज़्बेकिस्तान जैसे देशों में खेल चुकी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद ढींगसरी की बेटियों ने साबित कर दिया कि मेहनत और जुनून से हर सपना पूरा किया जा सकता है.

बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर जिले का छोटा सा ढींगसरी गांव आज अपनी फुटबॉल प्रतिभा के कारण “मिनी ब्राजील” के नाम से देशभर में पहचान बना रहा है. कभी जहां दूर-दूर तक रेत के टिब्बे और बंजर जमीन नजर आती थी, वहीं अब हरे-भरे फुटबॉल मैदान गांव की नई पहचान बन चुके हैं. इन मैदानों पर सुबह-शाम बालक और बालिकाएं फुटबॉल की प्रैक्टिस करते दिखाई देते हैं. ढींगसरी गांव की सबसे बड़ी खासियत यहां की बेटियां हैं, जिन्होंने खेल के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है.

सीमित संसाधनों और ग्रामीण माहौल के बावजूद यहां की खिलाड़ी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. गांव में फुटबॉल को लेकर बच्चों और युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है. स्थानीय लोग भी खिलाड़ियों को पूरा समर्थन देते हैं. रेगिस्तान की मिट्टी से निकली इन बेटियों ने साबित कर दिया है कि मेहनत और जुनून के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती. आज ढींगसरी गांव सिर्फ बीकानेर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व का प्रतीक बन चुका है.
बदलाव के पीछे छिपा है कोच विक्रम सिंह राजवी का संघर्ष

बीकानेर से करीब 75 किलोमीटर दूर ढींगसरी गांव की इस बदलाव भरी कहानी के पीछे कोच विक्रम सिंह राजवी का संघर्ष और सपना छिपा है. वर्ष 2021 में उन्होंने गांव में बालिकाओं के लिए फुटबॉल प्रशिक्षण शुरू किया. शुरुआत आसान नहीं थी. ग्रामीण परिवेश और रूढ़िवादी सोच के कारण परिवार अपनी बेटियों को मैदान तक भेजने से हिचकिचाते थे, लेकिन विक्रम सिंह ने हार नहीं मानी. वे घर-घर जाकर अभिभावकों को समझाया और बेटियों को खेल में आगे बढ़ने का मौका देने की अपील की. धीरे-धीरे बालिकाएं मैदान तक पहुंचने लगीं और फिर यह कारवां लगातार बढ़ता चला गया.

आज ढींगसरी गांव की बेटियां अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बन चुकी हैं. गांव की कई बालिकाएं भारतीय टीम के कैंप तक पहुंच चुकी हैं. खिलाड़ी मुन्नी भांभू चीन में आयोजित एशियन क्वालिफायर टूर्नामेंट तक खेल चुकी हैं. यहां की बेटियां रूस, नेपाल, बांग्लादेश, चीन और उज़्बेकिस्तान जैसे देशों में भी खेलने जा चुकी हैं. अब तक 10 बालिकाओं के पासपोर्ट बनवाए जा चुके हैं.

विक्रम सिंह राजवी खुद फुटबॉल खिलाड़ी रहे हैं. उनका सपना था कि गांव की बेटियों को भी वही मंच मिले, जो बड़े शहरों के खिलाड़ियों को मिलता है. इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी जमीन बेचकर गांव के अंदर करीब आठ बीघा जमीन खरीदी और फुटबॉल मैदान तैयार किया. बाद में दो बीघा जमीन एक भामाशाह ने दान में दी. आज यहां तीन घास के मैदान, दो फुटबॉल मैदान, हॉस्टल, डाइट और खेल की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं.

अकादमी में बालिकाओं को सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही हैं. यहां बने हॉस्टल में करीब 40 बालिकाएं रह सकती हैं. दिन में ये बच्चियां सरकारी स्कूल में पढ़ाई करती हैं और शाम को मैदान में घंटों अभ्यास करती हैं. वर्तमान में यहां करीब 130 बालिकाएं नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं. इन खिलाड़ियों की सबसे खास बात यह है कि अधिकांश बच्चियां गरीब किसान और पशुपालक परिवारों से आती हैं. कई खिलाड़ियों के पिता बकरी पालन कर परिवार चलाते हैं. ऐसे परिवारों में बेटियों को खेल के लिए आगे भेजना आसान नहीं था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. आज गांव के लोग खुद अपनी बेटियों को फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

2024 में ढींगसरी गांव की बेटियों ने रचा था इतिहास
ढींगसरी गांव ने वर्ष 2024 में इतिहास भी रचा. कर्नाटक में आयोजित प्रतियोगिता में राजस्थान की बालिका टीम ने मेजबान कर्नाटक को उसके ही होम ग्राउंड पर 3-1 से हराकर पहली बार कप अपने नाम किया. करीब 60 साल बाद राजस्थान की बेटियां यह ट्रॉफी जीतकर लाई थीं और उस टीम की अधिकांश खिलाड़ी ढींगसरी गांव की थीं. अब मगन सिंह राजवी स्पोर्ट्स अकादमी में रूफ टॉप सोलर प्लांट भी शुरू हो गया है. इससे खिलाड़ियों को बिजली की समस्या से राहत मिलेगी और वे रात के समय भी बेहतर सुविधाओं के साथ अभ्यास कर सकेंगी. राइजिंग सन एनर्जी ने अपनी सीएसआर गतिविधियों के तहत अकादमी को सोलर प्लांट, खेल उपकरण और 100 जोड़ी स्पोर्ट्स शूज उपलब्ध करवाए हैं.

NATIONAL : एक से ज्यादा शादी पर 7 साल जेल, लिव इन के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी, असम में UCC बिल पेश

0

चुनाव जीतने के बाद असम की बीजेपी सरकार अपने वादे के मुताबिक समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर आगे बढ़ गई है. राज्य सरकार ने सोमवार को बिल विधानसभा में पेश कर दिया गया है. इस बिल में विवाह और लिव इन रिलेशन को लेकर कई प्रावधान किए गए हैं.

असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने सोमवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड पर बिल विधानसभा में पेश कर दिया है. इस बिल का उद्देश्य बहुविवाह पर रोक लगाना और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करना है. हालांकि बिल में यह भी कहा गया है कि यह असम में रहने वाली किसी भी अनुसूचित जनजाति पर लागू नहीं होग. इसमें कई दंडात्मक उपायों का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें दो विवाह या बहुविवाह के लिए सात साल की कैद और लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन न कराने पर तीन महीने की जेल शामिल है.

असम के संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से तीसरी बार बनी BJP की सरकार के पहले विधानसभा सत्र में ‘एक समान नागरिक संहिता, असम, 2026 विधेयक’ पेश किया.

सरकार ने कहा कि शादी के लिए बिल में पुरुषों और महिलाओं के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल और 18 साल तय की गई है, और बहुविवाह पर रोक लगाई गई है. सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “खास बात यह है कि यह बिल मौजूदा धार्मिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शादियां करने की अनुमति देकर असम की सांस्कृतिक विविधता की रक्षा करता है.”

कानूनी अधिकारों की सुरक्षा के लिए बिल में शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव है, जो पति-पत्नी के लिए भरण-पोषण, विरासत और अन्य कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत जरूरी होगा. मुख्यमंत्री ने कहा, “पहली बार यह बिल लिव-इन रिलेशनशिप के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है. रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करके, यह कानून सुनिश्चित करता है कि पार्टनर्स और ऐसे संबंधों से पैदा होने वाले किसी भी बच्चे के अधिकारों को औपचारिक रूप से मान्यता मिले और उनकी सुरक्षा हो.”

उन्होंने कहा कि UCC का मकसद उत्तराधिकार कानूनों को आधुनिक बनाना है, ताकि संपत्ति का बंटवारा निष्पक्ष और समान रूप से हो सके. सरमा ने कहा, “यह विरासत के लिए एक जैसे नियम लागू करता है, जिससे यह पक्का होता है कि राज्य के सभी निवासियों के लिए संपत्ति का हस्तांतरण न्यायसंगत तरीके से हो.”

उत्तराधिकार के मामले में बिल में क्लास-1 वारिसों के बीच बिना वसीयत के होने वाले उत्तराधिकार के लिए एक समान, लैंगिक रूप से बराबर वरीयता क्रम बनाने का प्रस्ताव है. इसमें मृतक के जीवनसाथी, बच्चों और माता-पिता को समान रूप से शामिल किया गया है.

वसीयत के आधार पर होने वाले उत्तराधिकार के लिए कोई भी वयस्क और मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति लिखित और गवाहों के सामने वसीयत बनाने का कानूनी अधिकार रखेगा. सीएम ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत, राज्य को अपने नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (UCC) बनाने की दिशा में प्रयास करने का निर्देश दिया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बिल असम में इस सिद्धांत को लागू करने का प्रयास करता है, ताकि सभी निवासियों के लिए, चाहे उनका धर्म कोई भी हो, एक समान कानूनी ढांचा सुनिश्चित किया जा सके.”

प्रस्तावित कानून राज्य की कानूनी व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘असम मुस्लिम विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण अधिनियम, 2024’ को रद्द कर देगा.इसमें कहा गया है, “हालांकि, एक ज़रूरी सुरक्षा प्रावधान शामिल किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस UCC के लागू होने से पहले हुए किसी भी बहुविवाह को नियमित किया जाएगा और उसे कानूनी सुरक्षा मिलेगी.”

बिल में निजी रिश्तों में शोषण, धोखाधड़ी और गैर-कानूनी तरीकों से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन के लिए कई दंडात्मक प्रावधानों का प्रस्ताव किया गया है.प्रस्तावित कानून के तहत, द्विविवाह और बहुविवाह पर ‘भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023’ की धारा 82 के तहत सात साल तक की कैद हो सकती है. बाल विवाह और बिना वैध सहमति के विवाह पर ‘बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006’ के अनुसार दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

बल, जबरदस्ती या तथ्यों को छिपाकर किए गए धोखाधड़ी वाले या कपटपूर्ण विवाह पर सात साल तक की कैद और जुर्माने की सज़ा होगी. तलाक की कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन और विवाह को गैर-कानूनी तरीके से खत्म करने पर तीन साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है, जबकि तलाकशुदा व्यक्ति को दोबारा शादी से पहले गैर-कानूनी शर्तें पूरी करने के लिए मजबूर करने पर तीन साल की कैद और 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा.

इसके अलावा 60 दिनों के भीतर जानबूझकर विवाह या तलाक का पंजीकरण न कराने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा. पंजीकरण के दौरान जाली या मनगढ़ंत दस्तावेज़ जमा करने पर तीन महीने तक की कैद या 25,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.इसी तरह एक महीने के भीतर लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण न कराने पर तीन महीने तक की कैद या 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, जबकि ऐसे घोषणापत्रों में ज़रूरी तथ्यों को छिपाने या गलत जानकारी देने पर तीन महीने तक की कैद और 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा.

SPORTS : राजस्थान सातवीं बार प्लेऑफ में, मुंबई को 30 रनों से हराया; पंजाब और कोलकाता दोनों बाहर

0

राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 30 रनों से हरा दिया है. इसी के साथ राजस्थान आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में जाने वाली चौथी टीम बन गई है. उससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद अंतिम-4 में जगह पक्की कर चुकी हैं.

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में राजस्थान रॉयल्स की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 205 रन बनाए थे. इसके जवाब में मुंबई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 175 रन ही बना सकी. राजस्थान की इस जीत की वजह से पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल 2026 से बाहर हो गई हैं.

यह आईपीएल के इतिहास में सातवीं बार है जब राजस्थान रॉयल्स की टीम ने प्लेऑफ में जगह बनाई है. इतिहास में सबसे ज्यादा बार प्लेऑफ में जगह बनाने का रिकॉर्ड चेन्नई सुपर किंग्स के नाम है, जो 12 बार अंतिम-4 में पहुंची है. यह रियान पराग के लिए भी बहुत बड़ी उपलब्धि है, जिन्होंने बतौर कप्तान पहले ही सीजन में राजस्थान को प्लेऑफ में पहुंचाया.

मुंबई इंडियंस पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी. वानखेड़े के मैदान पर 206 रनों के लक्ष्य का पीछा करने आई मुंबई इंडियंस की शुरुआत बहुत खराब रही. MI की हार की नींव वहीं से रखी जा चुकी थी जब रोहित शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए. 38 रन पर 4 विकेट गिर चुके थे, लेकिन सूर्यकुमार यादव ने पहले विल जैक्स के साथ मिलकर 63 रनों की पार्टनरशिप की, फिर हार्दिक पांड्या संग मिलकर 48 रनों की साझेदारी की.

सूर्या 42 गेंद में 60 रन बनाकर आउट हो गए. वहीं हार्दिक पांड्या ने भी 15 गेंद में 34 रनों की तूफानी पारी खेली, लेकिन अपनी टीम को जीत तक नहीं ले जा सके.

पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का प्लेऑफ में जाना राजस्थान रॉयल्स की हार पर निर्भर था. राजस्थान हार जाती तो कोलकाता और पंजाब के लिए प्लेऑफ के दरवाजे खुले रहते. राजस्थान के अब 16 पॉइंट्स हो गए हैं, जबकि पंजाब के 15 अंक हैं. वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स भी अपना आखिरी मैच जीतकर अधिकतम 15 अंकों तक ही पहुंच सकती है.

- Advertisement -