Saturday, June 20, 2026
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WORLD : कनाडा में “अपने ही” लूट रहे भारतीय कारोबारियों को: हिंसक अपराधों वाले गैंग के 17 पंजाबी युवक गिरफ्तार, डिपोर्टेशन की लटकी तलवार

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कनाडा में पंजाबी व्यापारियों और साउथ एशियन कारोबारियों से जबरन वसूली करने वाले कथित अंतरराष्ट्रीय गैंग पर बड़ी कार्रवाई हुई है। पील रीजनल पुलिस ने 17 भारतीय मूल के युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह गोलीबारी, आगजनी और धमकियों के जरिए…

कनाडा में साउथ एशियन समुदाय, खासकर पंजाबी कारोबारियों को निशाना बनाकर कथित तौर पर जबरन वसूली करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। Peel Regional Police ने 17 पंजाबी युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह ग्रेटर टोरंटो एरिया में रेस्टोरेंट मालिकों, ट्रकिंग कंपनियों और अन्य व्यापारियों को धमकाकर पैसे वसूलता था। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी कथित तौर पर “Four Brothers” नामक अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े थे। यह नेटवर्क ब्रैम्पटन, मिसिसॉगा, कैलेडन और ब्रिटिश कोलंबिया के कई हिस्सों में सक्रिय था। पुलिस ने यह भी कहा कि गिरोह के तार अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया तक जुड़े हुए थे।

पुलिस के अनुसार जिन लोगों ने कथित वसूली की रकम देने से इनकार किया, उन्हें हिंसक हमलों का सामना करना पड़ा। जांच में 24 घटनाओं को आरोपियों से जोड़ा गया है, जिनमें 16 हिंसक अपराध शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन घटनाओं में कम से कम 324 राउंड गोलियां चलाई गईं। एक मामले में कैलेडन स्थित एक घर पर कथित गोलीबारी और आगजनी हुई, जिसके कुछ मिनट बाद ब्रैम्पटन में एक बिजनेस स्थल पर भी फायरिंग की गई। Nishan Duraiappah ने कहा कि जबरन वसूली अब केवल स्थानीय समस्या नहीं रही, बल्कि इसका नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए विभिन्न देशों और एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग बेहद जरूरी है।उन्होंने यह भी माना कि दक्षिण एशियाई समुदाय में डर का माहौल पैदा हुआ है, लेकिन पुलिस समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

जांच के दौरान पुलिस ने 6 हथियार, अवैध ड्रग्स, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी पहचान दस्तावेज जब्त किए। इस मामले में कुल 106 आपराधिक आरोप लगाए गए हैं।कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों को आपराधिक मुकदमा पूरा होने के बाद कनाडा से निर्वासित भी किया जा सकता है। Canada Border Services Agency ने 6 लोगों को इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के आधार पर हिरासत में लिया है। हालांकि अधिकारियों ने साफ कहा है कि अदालत में अभी किसी भी आरोपी का दोष साबित नहीं हुआ है और सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं।

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान ब्रैम्पटन के 25 वर्षीय इकबाल सिंह भगरिया, नॉरवल के 24 वर्षीय आकाशदीप सिंह, सरे के 25 वर्षीय रविंदर सिंह, 25 वर्षीय जशनबीर सिंह, ब्रैम्पटन के 26 वर्षीय दिलावरप्रीत सिंह, 21 वर्षीय मंदीप सिंह, 22 प्रभदीप सोहल, 22 वर्षीय प्रतापबीर घुमन, 29 वर्षीय अजयदीप सिंह, 29 वर्षीय नवरूप सिंह, राजन सिंह, अमृतजोत सिंह, जशनप्रीत सिंह, सुखविंदर सिंह, मोहिंदर सिंह और गौतम गिरफ्तार किया गया है।

WORLD : होर्मुज स्ट्रेट पर टोल नहीं दिया तो क्या अटके रहेंगे भारत के शिप, क्या हैं इसके नियम?

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ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के दौरान होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर से वैश्विक ध्यान का केंद्र बन चुका है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने यहां नियंत्रण कड़ा कर दिया है और इसके लिए उसने पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी नाम का एक नया निकाय स्थापित किया है. इसे स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही की निगरानी का काम सौंपा गया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या टोल न चुकाने पर भारतीय जहाजों को भी रोका जाएगा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक यूनिवर्सिटी ऑफ तेहरान के प्रोफेसर सैयद मोहम्मद मरांडी ने कहा है कि होर्मुज टोल सभी के लिए है. यह संसद और सरकार तय करेंगी कि कितना टोल वसूला जाना है.‌ इसी के साथ सभी देशों को ईरान की नई प्रक्रिया प्रणाली का पालन करना भी जरूरी है.

नए घोषित संप्रभु शासन के तहत स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को पारगमन से पहले पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी को ईमेल के जरिए से पहचान विवरण जमा करना होगा. इसमें पिछले जहाज के नाम और पंजीकरण की जानकारी शामिल है.

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून क्या कहता है?

संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन के तहत होर्मुज स्ट्रेट को एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है. यहां पारगमन मार्ग का सिद्धांत लागू होता है. इसका मतलब है कि सभी देशों के जहाज को आमतौर पर स्ट्रेट से बिना किसी रोक-टोक के गुजरने की अनुमति है और किसी भी देश को मनमाने ढंग से समुद्री यातायात को रोकने या फिर टैक्स लगाने का अधिकार नहीं है. भारत ने भी ईरान द्वारा उठाए गए इस कदम का विरोध किया है.

क्या है ईरान का तर्क

ईरान लगातार यह तर्क देता रहा है कि स्ट्रेट के आसपास का पानी उसके क्षेत्रीय और संप्रभु नियंत्रण में आता है. खासकर उन मामलों में जिनमें विरोधी या फिर प्रतिद्वंदी देश शामिल हों.

क्या भारतीय जहाजों को कोई परेशानी हो रही है?

फिलहाल भारतीय जहाज फंसे हुए नहीं दिख रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें टोल से जुड़े किसी भी टकराव के बिना एक तय सुरक्षित गलियारे से गुजरने की अनुमति दी जा रही है. हालांकि ऐसा कहा जा रहा है कि स्थिति अभी भी काफी ज्यादा संवेदनशील है. खाड़ी में तनाव बढ़ने पर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग ऑपरेशंस पर तेजी से असर पड़ सकता है.

NATIOANL :ट्विशा शर्मा मौत मामलाः रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची सीबीआई, की पूछताछ

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भोपाल, 26 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई की टीम मंगलवार को ट्विशा की सास सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची और उनसे पूछताछ की।

दिल्ली से आई टीम सीबीआई ने मामले की जांच तेज करते हुए मंगलवार को कई अहम लोगों के बयान दर्ज किए। दोपहर में सीबीआई टीम ने गिरिबाला सिंह के घर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीबीआई अधिकारियों ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से शादी के बाद हुए विवाद, ट्विशा और उसके मायके पक्ष के साथ संबंधों और पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ कर उनका बयान लिया। इसके बाद टीम तीन ईएमई सेंटर पहुंची, जहां ट्विशा के परिजनों से मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई गई। वहीं, सीबीआई की दूसरी टीम पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के कार्यालय पहुंची और उनसे मुलाकात कर केस की विस्तृत जानकारी मांगी।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एसआईटी से मामले की केस डायरी भी तलब की। प्रारंभिक जांच में डायरी अधूरी पाए जाने पर सीबीआई ने उसे पूरा कर सौंपने के निर्देश दिए हैं। देर रात एसआईटी ने आवश्यक जानकारी जोड़कर पूरी केस डायरी सीबीआई को सौंप दी। मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

गौरतलब है कि सीबीआई की टीम सोमवार की रात भोपाल पहुंची थी। केन्द्रीय जांच एजेंसी ने कटारा हिल्स थाने में पहले दर्ज एफआईआर को री-रजिस्टर कर ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस जांच में 20 लाख रुपये अतिरिक्त मांगने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर सीबीआई ने दहेज मृत्यु का मामला दर्ज किया है।

इधर, ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर मंगलवार को भोपाल के जिला न्यायालय में दायर अलग-अलग आवेदनों पर सुनवाई हुई। इस दौरान ट्विशा के परिवार की ओर से दायर सीडीआर सुरक्षित रखने की अर्जी पर एसआईटी ने अपना जवाब कोर्ट में पेश किया। न्यायमूर्ति आकांक्षा कुमार की अदालत में एसआईटी ने बताया कि 12 से 20 मई तक की पूरी सीडीआर सुरक्षित रखने के लिए संबंधित सिम कंपनियों को पत्र भेज दिए गए हैं। कंपनियों से जानकारी मिलते ही उसे केस डायरी का हिस्सा बनाकर अदालत में पेश किया जाएगा।

उधर, ट्विशा के जिस जिमनास्टिक बेल्ट से कथित तौर पर फांसी लगाने का दावा किया जा रहा है, वह बेल्ट दोनों बार पोस्टमॉर्टम करने वाली मेडिकल टीम को नहीं दिखाई जा सकी। इसे लेकर सवाल उठे तो डीसीपी विकास कुमार शहवाल ने कहा कि उस बेल्ट को पुलिस ने जब्त कर लिया था। पहले पोस्टमॉर्टम के बाद बेल्ट डॉक्टर को परीक्षण के लिए सौंपा गया था। परीक्षण के बाद एसआईटी ने इसे सुरक्षित रख लिया था। बेल्ट को सात दिन पहले सागर की फोरेंसिक लैब भेजा गया था। दिल्ली एम्स की मांग के बाद भोपाल पुलिस ने एफएसएल और साइबर सेल को इस बारे में पत्र लिखा है।

इसी बीच एसआईटी की ओर से पति और मुख्य आरोपी समर्थ सिंह से पूछताछ में नए खुलासे सामने आए। एसआईटी की टीम समर्थ सिंह के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर पहुंची थी, जहां यहां समर्थ और गिरिबाला सिंह से करीब ढाई घंटे पूछताछ हुई। इस दौरान समर्थ ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि ट्विशा गर्भपात के बाद “तनाव” में थी। उसने यह दावा भी दोहराया कि शादी के दौरान उसने और उसके परिवार ने ट्विशा को 7 लाख रुपये दिए थे।

बता दें कि ट्विशा ने 12 मई की रात 10:20 बजे कथित रूप से फांसी लगाई थी। एम्स से 13 मई की सुबह 5 बजे मामला दर्ज कराया गया। ट्विशा के परिजन आरोप लगा रहे थे कि केस को प्रभावित करने की नीयत से गिरिबाला सिंह और उनके बेटे ने समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी। समर्थ अस्पताल में ट्विशा की मौत की पुष्टि के बाद घर लौट आया था। ट्विशा के परिजन का आरोप था कि इस दौरान समर्थ ने साक्ष्यों को प्रभावित किया। परिजन ने आशंका जताई थी कि क्रिमिनल लॉयर होने के कारण उसने क्राइम सीन पर हेरफेर किया। इस बात की पुष्टि सीबीआई की एफआईआर में भी हुई है। पुलिस को सूचना देने में अतिरिक्त देरी की गई थी। अब सीबीआई इस बात की जांच करेगी कि पुलिस तक सूचना देरी से क्यों पहुंचाई गई। सीबीआई मामला नोट करने वाले डॉक्टर से भी पूछताछ करेगी।

NATIONAL : धर्मशाला का मैदान मारने वाली टीम को मिलेगी सीधे फाइनल में एंट्री, गुजरात के सामने होगी बड़ी मुसीबत

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धर्मशाला में आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-1 में आरसीबी और गुजरात टाइटंस मंगलवार शाम आमने-सामने होंगी, जिसमें विजेता टीम सीधे फाइनल में प्रवेश करेगी।

नीरज व्यास, जागरण धर्मशाला। धौलाधार की गोद में स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-1 को लेकर रोमांच चरम पर है। जब मंगलवार शाम 7:30 बजे आरसीबी और गुजरात टाइटंस आमने-सामने होंगी तब पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें खूबसूरत एचपीसीए स्टेडियम पर लगी होंगी। दोनों ही टीमों में से जीतने वाली टीम आइपीएल-2026 के फाइनल में प्रवेश कर जाएगी।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास धर्मशाला में खेलने का अच्छा अनुभव है। इसी मैदान पर हाल ही में आरसीबी ने पंजाब किंग्स को हराकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान पक्का कर लिया था। जाहिर है इस टीम के खिलाड़ियों को यहां के हालात की अच्छी जानकारी है। वहीं, दूसरी ओर गुजरात टाइटंस पहली बार एचपीसीए स्टेडियम में आइपीएल मुकाबला खेलेगी।

आईपीएल 2026 के इस बड़े मुकाबले में जो टीम दबाव को बेहतर तरीके से झेलेगी वही बाजी मारेगी, यह तय है। गुजरात टाइटंस की ओर से इस सत्र में युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल अच्छा खेल रहे हैं, जो आरसीबी के गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती होंगे। दूसरी ओर, धर्मशाला की इस तेज और उछाल भरी पिच पर आरसीबी के विराट कोहली का अनुभव बेंगलुरु के लिए प्लस पाइंट साबित होने वाला है।

मौजूदा आईपीएल में गुजरात के लिए गेंदबाजी बड़ी ताकत रही है। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले शीर्ष 10 गेंदबाजों में गुजरात के तीन नाम है रबाडा, राशिद और सिराज। आरसीबी के लिए भुवनेश्वर के 24 विकेट हैं लेकिन उसके बाद शीर्ष-10 में टीम का कोई गेंदबाज नहीं है लेकिन धर्मशाला में पंजाब किंग्स के विरुद्ध पिछले मुकाबले में भुवनेश्वर को शुरू के ओवर में पिच से मदद मिली थी और उन्होंने पंजाब के दोनों प्रारंभिक बल्लेबाजों को सस्ते में पवेलियन भेज आरसीबी को जीत के ट्रैक पर डाल दिया था। इसलिए गुजरात को इस गेंदबाज से बच के रहना होगा।

आरसीबी की बल्लेबाजी में गहराई
गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी उसके तीन बल्लेबाज शुभमन गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर पर निर्भर है। वहीं, आरसीबी की बात करें तो टीम के पास बल्लेबाजों की कमी नहीं। फिल सॉल्ट फिट होकर आ चुके हैं। विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार, जितेश शर्मा, टिम डेविड और रोमारियो शेफर्ड के अलावा क्रुणाल पांड्या बल्लेबाजी को गहराई देते हैं।

टॉस पर होगा अहम
धर्मशाला की पिच आईपीएल के इस सत्र में पूरी तरह से बल्लेबाजी के अनुकूल साबित हुई है। आईपीएल 2026 सत्र के दौरान यहां हुए तीनों मैचों की पांच पारियों में 200 से ऊपर रन बने हैं। यहां अकसर टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है ताकि बाद में रनों का पीछा किया जा सके, जो इस मैदान पर आसान रहा है। तेज गेंदबाजों को अकसर यहां अतिरिक्त उछाल मिलती है।

इस प्रकार हैं दोनों टीमें
गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), अनुज रावत (विकेटकीपर), अरशद खान, अशोक शर्मा, जोस बटलर (विकेटकीपर), कानर एस्टरहुइजन, गुरनूर बरार, जेसन होल्डर, कुलवंत खेजरोलिया, कुमार कुशाग्र, मोहम्मद सिराज, ग्लेन फिलिप्स, प्रसिद्ध कृष्णा, कगिसो रबाडा, राशिद खान, साई किशोर, साई सुदर्शन, शाहरुख खान, इशांत शर्मा, निशांत सिंधु, मानव सुथार, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, ल्यूक वुड और जयंत यादव।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, फिलिप सॉल्ट, जितेश शर्मा, जैकब बेथेल, क्रुणाल पांड्या, रोमारियो शेफर्ड, अभिनंदन सिंह, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम डार, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, मंगेश यादव, जॉर्डन कॉक्स, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान और सात्विक देसवाल।

SPORTS : IPL 2026 सीजन बना रनों की सुनामी, 61 बार 200 का स्कोर, रिकॉर्ड सबसे ज्यादा छक्के लगे

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नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का मौजूदा 2026 सीजन क्रिकेट इतिहास की तमाम किताबों को दोबारा लिखने पर आमादा है। लीग स्टेज के खत्म होने के साथ ही यह साफ हो गया है कि रनों, छक्कों और रिकॉर्ड्स के लिहाज से ऐसा आईपीएल आज तक कभी नहीं देखा गया। इस सीजन ने टी-20 क्रिकेट की पूरी परिभाषा को ही बदलकर रख दिया है। गेंदबाज बेबस नजर आ रहे हैं और बल्लेबाज हर मैच में चौके-छक्कों की सुनामी ला रहे हैं। आईपीएल 2026 अब तक का सबसे बड़ा, सबसे तेज और सबसे विस्फोटक सीजन बन चुका है।

यहाँ जानिए वे 5 बड़े ट्रेंड्स और रिकॉर्ड्स जो साबित करते हैं कि यह सीजन क्यों अब तक का सबसे अनोखा आईपीएल है:

  1. शुरुआती 9 सीजन पर भारी पड़ा अकेले 2026
    इस सीजन में बल्लेबाजी की आक्रामकता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि सिर्फ 70 लीग मैचों के भीतर ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर (200+ Score) बन चुका है। दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल के शुरुआती 9 सीजनों (साल 2008 से 2016 तक) में हुए कुल 538 मैचों को मिलाकर भी सिर्फ 57 बार 200+ का स्कोर बना था। यानी जो कारनामा करने में पहले 9 साल लगे थे, उसे आईपीएल 2026 ने महज कुछ हफ्तों में पीछे छोड़ दिया।
  2. इतिहास का सबसे तेज रनरेट
    आईपीएल 2026 का ओवरऑल रनरेट 9.85 दर्ज किया गया है, जो इस टूर्नामेंट के 18 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा है। साल 2008 के पहले सीजन में रनरेट 8.30 था, जिसका मतलब है कि करीब दो दशकों में बल्लेबाजी की रफ्तार प्रति ओवर लगभग डेढ़ रन बढ़ चुकी है।

ग्रैफिक नोट: साल 2022 तक आईपीएल के इतिहास में कभी भी किसी भी सीजन का ओवरऑल रनरेट 9 के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका था, लेकिन पिछले तीन सालों में गेम पूरी तरह बदल गया है।

  1. पहली बार लगे 1300+ छक्के
    इस सीजन में बाउंड्री की चौड़ाई छोटी लगने लगी है। आईपीएल इतिहास में पहली बार किसी एक सीजन में 1300 से अधिक छक्के (Sixes) जड़े जा चुके हैं। इम्पैक्ट प्लेयर नियम के आने और बल्लेबाजों के निडर रवैये के कारण अब हर मैच में औसतन 18-20 छक्के लगना आम बात हो गई है।
  2. 200+ और 220+ का रनचेज हुआ बेहद आसान
    अब कोई भी टोटल सुरक्षित नहीं रह गया है। इस सीजन में सिर्फ बड़े स्कोर बने ही नहीं, बल्कि उन्हें सफलतापूर्वक चेज भी किया गया है। आईपीएल 2026 में 16 बार 200+ का टारगेट चेज हुआ, जिसने 2025 के रिकॉर्ड (9 बार) को आसानी से तोड़ दिया। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इस सीजन 9 बार 220 या उससे ज्यादा का स्कोर चेज हुआ है, जबकि आईपीएल के पिछले 18 सीजनों को मिलाकर ऐसा सिर्फ 5 बार ही संभव हो पाया था।
  3. सनराइजर्स और पंजाब किंग्स का महा-रिकॉर्ड
    इस रनोत्सव में फ्रेंचाइजियों की बात करें तो सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और पंजाब किंग्स (PBKS) सबसे आगे रहीं। इन दोनों ही टीमों ने इस सीजन में 9-9 बार 200 से अधिक का स्कोर खड़ा किया। दुनिया के किसी भी टी-20 टूर्नामेंट या लीग में किसी एक टीम द्वारा एक सीजन में इतनी बार 200 का आंकड़ा छूने का यह अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।

NATIONAL : ट्विशा केस की जांच CBI ने संभाली… वो 7 सवाल जिनके जवाब मिलने अब तक बाकी, क्या गिरिबाला सिंह की होगी गिरफ्तारी

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सोमवार को FIR दर्ज कर जांच अपने हाथों में ले ली है. एजेंसी की एक विशेष क्राइम यूनिट ने जरूरी दस्तावेज और सूबत एकत्र करने के लिए तुरंत भोपाल का रुख किया है, ताकि 12 मई को कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटकी मिली 33 वर्षीय ट्विशा की मौत के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके.

भोपाल में 12 मई को अपनी ससुराल में फंदे से झूलती हुई मिली ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच की कमान संभाल ली है. सोमवार को CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली और राज्य पुलिस से जांच अपने हाथ में ले ली. इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान संभालते हुए सीबीआई अब उन 7 मुख्य अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशेगी, जिनमें मौत का असली कारण, शरीर पर चोट के निशान, अंतिम समय की परिस्थितियां और गिरिबाला द्वारा जांच को प्रभावित करने के गंभीर आरोप शामिल हैं.

CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट ने सोमवार को भोपाल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है. एजेंसी ने राज्य पुलिस द्वारा पहले दर्ज FIR को फिर से दर्ज कर लिया है. इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है. CBI ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85, 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं को भी मामले में शामिल किया है.

दर्ज एफआईआर के अनुसार, घटना की रात ट्विशा ने 9 बजकर 41 मिनट पर अपनी मां से फोन पर बात की थी. उस बातचीत के दौरान पृष्ठभूमि में उनके पति समर्थ सिंह के चिल्लाने की आवाज साफ सुनी गई थी और फिर फोन अचानक कट गया. इसके बाद जब परिवार ने बार-बार फोन किया तो सास गिरिबाला सिंह ने फोन उठाकर सिर्फ इतना कहा कि वह अब दुनिया में नहीं रही और कॉल काट दी. अब सीबीआई को इस आखिरी वक्त के घटनाक्रम और झगड़े के मुख्य कारण का सच पता लगाना है.

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सबसे बड़ा सवाल उनके शरीर पर मिले जख्मों को लेकर है. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये साफ कहा गया है कि मौत का कारण फंदे से लटकने (हैंगिंग) की वजह से हुआ है, लेकिन इसके साथ ही उनके शरीर के अन्य हिस्सों पर ‘कई चोटों के निशान’ भी पाए गए हैं. जो मौत से पहले लगी थीं. रिपोर्ट के मुताबिक ये चोटें किसी भोथरी चीज या भारी दबाव (ब्लंट फोर्स) के कारण लगी हो सकती हैं, जो गहरी साजिश की ओर इशारा करती हैं.

ट्विशा के परिवार वालों ने पुलिस को दिए अपने बयानों में आरोप लगाया है कि 9 दिसंबर 2025 को हुई शादी के बाद से ही ससुराल वाले दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे. इसी वजह से 33 वर्षीय ट्विशा को लगातार मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का शिकार बनाया जा रहा था, जिससे तंग आकर उन्हें ये आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा. परिवार का आरोप है कि पैसों के अवैध लेन-देन के चलते भी विवाद चल रहा था.

मामले में सबसे बड़ा सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह अपने रसूख का इस्तेमाल कर जांच में बाधा डाल रही थीं और क्या इस काम में उनकी कोई मदद कर रहा था. पुलिस एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वो लगातार विभिन्न टीवी चैनलों को इंटरव्यू दे रही हैं, जिसमें उन्होंने ट्विशा के कथित इलाज और उनकी मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिसे पीड़ित पक्ष ने जांच भटकाने की कोशिश बताया है.

घटना वाले दिन ट्विशा के पति समर्थ उन्हें रात 10 बजकर 20 मिनट पर एम्स (AIIMS) भोपाल लेकर पहुंचे थे, जहां एम्स के डॉक्टरों 13 मई को रात 12 बजकर 5 मिनट पर उन्हें मृत घोषित (ब्रॉट डेड) कर पुलिस को सूचित किया कि उसे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था और पीएमएलसी (प्राइवेट मेलिंग ट्रायल) दर्ज की गई थी. इसके बाद भोपाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में पूरे दो दिन की देरी की और 15 मई को मामला दर्ज किया. सीबीआई अब इस पूरी प्रक्रिया और इसमें शामिल संदिग्धों की भूमिका की बारीकी से जांच करेगी.
वहीं, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा मौत मामले से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने स्पष्ट किया कि वे एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करेंगे. शीर्ष अदालत ने कहा कि हम पीड़ित और आरोपी दोनों के परिवार वालों से ये अपील करना चाहेंगे कि वह सार्वजनिक रूप से या मीडिया के सामने बयान देने के बजाय, जांच एजेंसी के समक्ष अपना पक्ष दर्ज कराएं, ताकि चल रही जांच निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया पर कोई बुरा असर न पड़े.

NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी की CBI जांच से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- भावुक न हों

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CJI सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद बने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) पेज की CBI जांच कराने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने टाल दिया है। इंस्टाग्राम पर इस पेज के 2.29 करोड़ फॉलोअर्स हो चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़े लोगों की गतिविधियों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक हालिया टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आया है, जिसने इंटरनेट पर भारी सुर्खियां बटोरी हैं।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक बेहद तेजी से उभरता हुआ सोशल मीडिया पेज और प्लेटफॉर्म है। इसे 16 मई को सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके द्वारा बनाया गया था। यह पेज चीफ जस्टिस सूर्यकांत द्वारा हाल ही में कोर्ट रूम की कार्यवाही के दौरान की गई ‘कॉकरोच टिप्पणी’ के विरोध और व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ। इस पेज की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार दोपहर 12 बजे तक इसके इंस्टाग्राम हैंडल पर 2.29 करोड़ (22.9 Million) से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका एडवोकेट राजा चौधरी द्वारा दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील एन.के. गोस्वामी ने दलील दी कि यह तथाकथित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ भारतीय न्यायपालिका (ज्यूडीशियरी) की छवि को जानबूझकर खराब कर रही है और इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। इस दलील को सुनने के बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की तीन सदस्यीय पीठ ने वकील को शांत करते हुए कहा – “इसे इतनी भावुकता (Emotionally) से मत लीजिए।” जब वकील ने मामले की गंभीरता का हवाला दिया, तो सीजेआई ने स्पष्ट रूप से कहा कि फिलहाल ऐसी कोई गंभीर आपातकालीन स्थिति नहीं दिखती है। हम आगे देखते हैं कि इसमें क्या होता है।

एडवोकेट राजा चौधरी द्वारा दायर इस याचिका में केवल सीबीआई जांच की मांग ही नहीं की गई थी, बल्कि कुछ अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। इस पूरे सोशल मीडिया आंदोलन से जुड़े कथित ‘फर्जी अधिवक्ताओं’ और ‘फर्जी कानून की डिग्रियों’ की भी गहनता से जांच की जाए। सुप्रीम कोर्ट की हालिया कार्यवाहियों के दौरान जजों द्वारा दिए गए मौखिक बयानों (Oral Observations) के हो रहे ‘कमर्शियलाइजेशन’ (व्यावसायिक उपयोग/रील्स बनाना) पर तुरंत रोक लगाई जाए और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।

एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर याचिका खारिज हुई, वहीं दूसरी तरफ CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने संगठन का एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल ब्लॉक किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दीपके ने अपनी याचिका में हैंडल को तुरंत अनब्लॉक करने की मांग की है। उधर, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में रहने वाले अभिजीत दीपके के घर के बाहर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 घंटे पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। डीसीपी पंकज अतुलकर ने मीडिया को बताया “सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार ट्रेंड कर रहा है। एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है ताकि दीपके के घर के बाहर कोई अवांछित भीड़ जमा न हो। हालांकि, उन्हें या उनके परिवार को किसी भी तरह की आधिकारिक धमकी मिलने की कोई रिपोर्ट नहीं है।”

NATIONAL : हार के बाद बिखरने लगी ममता बनर्जी की TMC? 91 पार्षदों ने दे दिया सामूहिक इस्तीफा

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TMC Crisis: विधानसभा चुनाव नतीजों में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार मिली थी। इसके बाद से ममता बनर्जी की पार्टी आंतरिक टकरावों और बगावत का सामना कर रही है।

TMC Internal Crisis: पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी पार्टी के लिए सोमवार का दिन पूर्व सीएम ममता बनर्जी के लिए झटके लेकर आया। पहले लोकसभा सांसद काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया, तो दूसरी ओर पार्टी के 91 पार्षदों ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसे पार्टी के लिए संगठनात्मक तौर पर एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

दरअसल, राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद नगरपालिकाओं में इस्तीफों की लहर चल रही है। तृणमूल कांग्रेस के 91 पार्षदों ने एक के बाद एक सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया।

बता दें कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में और सत्ता परिवर्तन के बाद से 7 नगरपालिकाओं के कुल 115 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें सबसे नया नाम डायमंड हार्बर नगरपालिका का है। 16 पार्षदों में से 8 ने उपमंडल प्रशासक को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

इसके परिणामस्वरूप तृणमूल कांग्रेस की चुनाव में मिली करारी हार के ठीक एक दिन बाद डायमंड हार्बर नगरपालिका की कमजोरियां एक बार फिर सामने आ गई हैं। इसके बाद उत्तर 24 परगना में भी नगरपालिका के कई पार्षदों ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।

टीएमसी के पार्षदों का बड़े स्तर पर इस्तीफा देना संकेत दे रहा है कि पार्टी का नगरपालिका नेटवर्क और बूथ स्तर पर संगठन तेजी से सिकुड़ रहा है। गौरतलब है कि साल 2018 से 2023 के बीच पार्टी ने ज्यादातर नगर निकायों पर कब्जा बनाए रखा था, लेकिन हालिया विधानसभा चुनाव में हार के बाद संगठन में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है, जिसके चलते पूर्व सीएम ममता बनर्जी की चिंता भी बढ़ गई हैं।

वर्तमान राजनीतिक दौर में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को संगठित रखना है, क्योंकि राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है, कि जैसे लेफ्ट ने बड़ी जीत हासिल करने के बाद एक समय कांग्रेस के संगठन को हाशिए पर धकेल दिया था, जैसे टीएमसी ने 35 साल के लेफ्ट के शासन को खत्म करने के बाद लेफ्ट के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया था।

कुछ वैसा ही बंगाल में टीएमसी की हार के बाद बीजेपी ममता की पार्टी के साथ भी कर सकती है। इसीलिए ममता के लिए टीएमसी के संगठन को मजबूत रखना सबसे बड़ी चुनौती है।

पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने सॉल्ट लेक स्टेडियम के वीवीआईपी गेट के बाहर लगी फुटबॉल-थीम वाली मूर्ति को शनिवार को हटा दिया। बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी द्वारा डिजाइन की गई इस मूर्ति को हटाने की घोषणा राज्य के खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने स्टेडियम के बुनियादी ढांचे में सुधार के तहत की थी। वहीं, अब कोलकाता में लियोनेल मेसी की प्रतिष्ठित 70 फुट ऊंची प्रतिमा जिसका अनावरण पिछले साल खुद फुटबॉल सुपरस्टार ने किया था अब हटाई जा सकती है।

ENTERTAINMENT : कॉमेडियन कपिल शर्मा के घर के बाहर फायरिंग की सूचना, इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई; इलाका सील

देश के प्रख्यात कॉमेडियन कपिल शर्मा के अमृतसर स्थित होली सिटी आवास के बाहर गोलियां चलने की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावर फायरिंग करने के बाद मौके से फरार हो गए। हालांकि पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर घटना की पुष्टि नहीं की गई है। कपिल के इस घर में उसकी बहन ओर बहनोई रहते हैं। उनके मुताबिक गोलियां चले की आवाज आई थी, मगर कहां चलीं हैं पता नहीं है।

वहीं मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। होली सिटी में मौजूद वीआईपी घरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और इलाके में आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है।

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। एसीपी वेस्ट कमल जीत सिंह का कहना है कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और फायरिंग हुई है या नहीं इस बात का पता लगाया जा रहा है। किसी भी तरह की अफवाह में लोग न आएं। अगर किसी ने गोली चलाई है तो पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। गौर हो कि इससे पहले भी दो बार कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे के बाहर गोलियां चलने की घटना सामने आ चुकी हैं।

BUSINESS : सेंसेक्स 1073 अंक बढ़कर बंद हुआ, निफ्टी 50 कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते 24,031 पर बंद हुआ; बजाज फाइनेंस और एल एंड टी बीएसई में शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयर रहे।

शेयर बाजार की मुख्य बातें: अमेरिका-ईरान वार्ता में सकारात्मक घटनाक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सुचारू आपूर्ति की उम्मीदों के बाद शेयर बाजार में गिरावट आई। कच्चे तेल की कम कीमतें निवेशकों को राहत दे रही हैं क्योंकि इससे भारत में मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हो रही हैं।

शेयर बाजार की मुख्य बातें: वैश्विक बाजार में सकारात्मक रुझानों से संकेत लेते हुए, भारतीय शेयर बाजार सोमवार को मजबूती के साथ खुले। GIFT निफ्टी के शुरुआती रुझानों ने घरेलू शेयरों के लिए मजबूत शुरुआत का संकेत दिया था। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 952 अंक बढ़कर 76,135.82 पर पहुंच गया, जबकि NSE निफ्टी 50 220 अंक बढ़कर 23,940 पर खुला। बैंकिंग, आईटी और धातु शेयरों में खरीदारी देखी गई, जबकि व्यापक बाजार भी शुरुआती सत्रों में हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। अनुकूल वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेश प्रवाह को लेकर आशावाद के कारण निवेशकों का मनोबल ऊंचा बना रहा। हालांकि, विश्लेषकों का मानना ​​है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और घरेलू अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के दबाव को लेकर चिंताओं के बीच बाजार में अस्थिरता जारी रह सकती है। महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों से पहले व्यापारियों के सतर्क रहने की भी उम्मीद है।

आज भारतीय बाज़ारों में GIFT निफ्टी मज़बूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। यह लगभग 280 अंक या 1.18% ऊपर है और 23,970 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। यह निफ्टी 50 के लिए एक तेज़ गैप-अप ओपनिंग का संकेत है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 5% से अधिक की गिरावट के बाद बाज़ार का माहौल बेहतर हुआ है। यह गिरावट अमेरिका-ईरान वार्ता में सकारात्मक घटनाक्रम और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल की सुचारू आपूर्ति की उम्मीदों के बाद आई है। कच्चे तेल की कम कीमतें निवेशकों को राहत दे रही हैं क्योंकि इससे भारत में मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हो रही हैं। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के करीब भी पहुंचा। आज के सत्र में मज़बूत खरीदारी की उम्मीद है।

आज सुबह एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 5% की गिरावट के बाद निवेशकों का मनोबल बढ़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। इससे एशिया के तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिली। अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक समझौते की उम्मीदों पर भी बाजारों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। निवेशकों का मानना ​​है कि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति संबंधी चिंताओं में कमी आ सकती है। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 2.5% से अधिक उछला। तकनीकी शेयरों में जोरदार खरीदारी ने इस तेजी को समर्थन दिया। मुद्रास्फीति की चिंताओं में कमी ने भी बाजार के मनोबल को बढ़ाया। कुछ क्षेत्रों में कारोबार की मात्रा कम रही। हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार छुट्टियों के कारण बंद रहे। ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 सूचकांक भी हरे निशान में कारोबार कर रहा था। वित्तीय और तकनीकी शेयरों में बढ़त ने सूचकांक को सहारा दिया।

आज सुबह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड लगभग 5% गिरकर 98.50 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड में भी 4.7% से अधिक की गिरावट आई और यह 92 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। यह तेज गिरावट अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में प्रगति की खबरों के बाद आई है। बाजारों को उम्मीद है कि क्षेत्र में तनाव जल्द ही कम हो सकता है। निवेशकों को होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल शिपमेंट की सुचारू आवाजाही की भी उम्मीद है। तेल की कीमतों में गिरावट से आपूर्ति में व्यवधान और बढ़ती वैश्विक मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। व्यापारियों का मानना ​​है कि भू-राजनीतिक तनाव में कमी से निकट भविष्य में ऊर्जा बाजारों में अधिक स्थिरता आ सकती है।

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