Monday, April 13, 2026
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NATIONAL : इंस्टा स्टेटस में लिखा ‘MISS YOU PAPA’… 21 घंटे बाद हादसे में युवक की मौत, भिलाई में दहला देने वाली घटना

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छत्तीसगढ़ के भिलाई से एक भावुक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. दिवंगत पिता को याद करते हुए इंस्टाग्राम पर ‘MISS YOU PAPA… मुझे भी…’ लिखने वाले युवक की 21 घंटे बाद सड़क हादसे में मौत हो गई. देर रात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर खंभे से टकरा गई, जिसमें युवक की मौके पर ही जान चली गई, जबकि उसके तीन दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए.

छत्तीसगढ़ के भिलाई से दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. एक युवक ने इंस्टाग्राम पर अपने दिवंगत पिता को याद करते हुए भावुक स्टेटस लगाया. इसके 21 घंटे बाद उसकी सड़क हादसे में मौत हो गई. यह संयोग नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी है, जिसने आसपास के लोगों को स्तब्ध कर दिया.दुर्ग के भिलाई जामुल थाना क्षेत्र में नदनी रोड पर यह सड़क हादसा हुआ. सुपेला के रहने वाले 26 वर्षीय प्रवीण कुमार धृतलहरे अपने तीन दोस्तों को कार से घर छोड़ने जा रहा था. रात के वक्त तेज रफ्तार में चल रही कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खंभे से टकराने के बाद पलट गई.

खंभे में टक्कर लगते ही कार के एयरबैग खुल गए और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे में प्रवीण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार उसके तीन दोस्त दुर्गेश माडले, आकाश केशरवानी और राहुल साहू गंभीर रूप से घायल हो गए.

हादसे से कुछ घंटे पहले प्रवीण ने अपने इंस्टाग्राम स्टेटस लगाया था, जिसमें उसने अपने पिता को याद करते हुए लिखा था… ‘MISS YOU PAPA… बहुत याद आ रही है आज आपकी… आकर मुझे भी अपने साथ ले जाओ.’ परिजनों और दोस्तों के मुताबिक, प्रवीण के पिता का करीब तीन महीने पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था. पिता की मौत के बाद से वह मानसिक रूप से काफी टूट चुका था और अक्सर भावुक रहता था. किसी को अंदाजा नहीं था कि यह स्टेटस उसकी जिंदगी का आखिरी मैसेज साबित होगा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर लगने के बाद कार सड़क किनारे पलट गई. तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी. जामुल पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को दुर्ग शासकीय अस्पताल भेजा गया. प्रवीण को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला शासकीय अस्पताल की मॉर्चुरी भेजा गया, जहां औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.

इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. पुलिस ने फुटेज को जब्त कर लिया है और उसी के आधार पर जांच की जा रही है. शुरुआती जांच में पुलिस ने हादसे की वजह तेज रफ्तार को माना है.एएसपी (सिटी) सुखनंदन राठौर ने बताया कि नदनी रोड जामुल थाना इलाके में यह हादसा हुआ है. कार में चार युवक सवार थे, जिनमें एक की मौत हो गई है और तीन घायल हैं. सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इधर, जैसे ही परिजनों को प्रवीण की मौत की खबर मिली, घर में कोहराम मच गया.

NATIONAL : ‘पहले ही कहा था गाड़ी धीरे चलाना…’ फतेहपुर सड़क हादसे में घर की 7 महिलाओं की मौत पर फफक पड़े परिजन

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फतेहपुर शेखावाटी में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत हो गई. अंतिम संस्कार से लौटते समय परिवार ने ड्राइवर को गाड़ी धीरे चलाने की हिदायत दी थी, लेकिन उसने अनसुना कर दिया. तेज रफ्तार में ओवरटेक के दौरान कार पिकअप और ट्रक से टकरा गई. हादसे से पूरा गांव शोक में डूबा है.

राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया. रघुनाथपुरा गांव के एक ही परिवार की सात महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई. यह हादसा उस वक्त हुआ, जब परिवार अंतिम संस्कार में शामिल होकर लक्ष्मणगढ़ से अपने गांव लौट रहा था.सबसे पीड़ादायक पहलू यह रहा कि रवाना होने से पहले परिजनों ने ड्राइवर को गाड़ी धीरे चलाने की सख्त हिदायत दी थी, लेकिन उसने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया.

फतेहपुर सदर थाना के सीआई सुरेंद्र सिंह देगड़ा के अनुसार, रघुनाथपुरा गांव निवासी मोहनीदेवी की ननद कैलाशदेवी का निधन हो गया था. अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए परिवार लक्ष्मणगढ़ गया था. शाम करीब चार बजे चार गाड़ियों में सवार होकर सभी गांव लौट रहे थे. एक कार में महिलाएं बैठी थीं, जबकि अन्य तीन वाहनों में पुरुष सवार थे. हरसावा गांव के पास तेज रफ्तार कार ने ओवरटेक करने की कोशिश की. इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर पहले एक पिकअप से टकराया और फिर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसा. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसमें सवार महिलाएं व चालक अंदर ही फंस गए.

हादसे में सास 80 साल की मोहनीदेवी , सगी बहुएं 55 साल की चंदादेवी, 45 साल की तुलसीदेवी , 35 साल की बरखा देवी , 60 साल की बेटी इंदिरा , चचेरी बहुएं 60 साल की आशादेवी और 45 साल की संतोषदेवी की मौत हो गई. इनमें से तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, तीन ने धानुका अस्पताल में दम तोड़ा, जबकि बरखा देवी ने जयपुर ले जाते समय अंतिम सांस ली. दुर्घटना में 35 साल की सोनू और 25 साल की चालक वसीम गंभीर रूप से घायल हो गए.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लक्ष्मणगढ़ से रवाना होने से पहले परिवार के लोगों ने चालक वसीम से साफ कहा था कि महिलाओं को लेकर जा रहा है, इसलिए गाड़ी धीरे चलाए. बावजूद इसके उसने तेज रफ्तार में ओवरटेक करने की कोशिश की, जो इस भयावह हादसे की वजह बनी.

घटना की सूचना मिलते ही विधायक हाकम अली, भाजपा नेता श्रवण चौधरी, एडीएम रतनलाल स्वामी, एएसपी डॉ. तेजपाल सिंह सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे. राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत से रघुनाथपुरा गांव में मातम पसरा है, जहां उस रात किसी घर में चूल्हा नहीं जला.

एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत की खबर जैसे ही रघुनाथपुरा गांव में फैली, पूरे गांव में मातम छा गया. हर घर में खामोशी पसर गई और गली-मोहल्लों में सन्नाटा दिखाई दिया. इस दुखद घटना के बाद उस रात गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला. मोहिनी देवी के पति का निधन पहले ही हो चुका था और परिवार की जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर ही थी.

संतोष देवी के पति सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उनके दो बेटे तथा एक बेटी हैं. वहीं तुलसी देवी के पति विदेश में मजदूरी करते हैं और छुट्टी पर गांव आए हुए थे. आशा देवी के पति गैस एजेंसी में नौकरी करते हैं. एक साथ इतनी महिलाओं की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है.

NATIONAL : चॉकलेट का लालच देकर 5 साल की मासूम से रेप, आरोपी भी नाबालिग

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मथुरा के फरह थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां चॉकलेट का लालच देकर एक नाबालिग किशोर ने 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. घटना के बाद इलाके में आक्रोश है. पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश के मथुरा से आई यह खबर इंसानियत को शर्मसार करने वाली है. खेल-कूद और मासूम मुस्कान की उम्र में एक पांच साल की बच्ची को हैवानियत का शिकार बना दिया गया. चॉकलेट का लालच देकर भरोसे को तोड़ा गया और बचपन की दुनिया को हमेशा के लिए दहला दिया गया. फरह थाना क्षेत्र में हुई यह वारदात न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गहरे सवाल खड़े करती है.

बच्ची के साथ एक नाबालिग किशोर द्वारा दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है. पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है. बताया जाता है एक 5 वर्षीय मासूम बालिका को गांव के ही किशोर ने चॉकलेट के बहाने बहला फुसलाकर उसके साथ गलत काम किया.

बच्ची के परिजनों को इसके भनक लगते ही उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग को पुलिस अभिरक्षा में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है. इस बारे में सी ओ रिफाइनरी अनिल कुमार का कहना है कि आरोपी को हिरासत पुलिस लिया गया है. उसको नियमानुसार माननीय किशोर न्यायालय मथुरा के समक्ष पेश किया गया.

पीड़ित पक्ष ने लिखित तहरीर दी कि वादी की नाबालिग पुत्री के साथ गांव के ही किशोर द्वारा चॉकलेट देने के बहाने बहला फुसलाकर अपने खाली प्लाट पर ले जाकर दुष्कर्म किया गया है . इसके आधार पर त्वरित कार्यवाही करते हुये थाना फरह परपोक्सो एक्ट पंजीकृत किया गया और आरोपी को पुलिस हिरासत में लिया गया.

ENTERTAINMENT : ‘धुरंधर’ के जलवे में ‘राहू केतु’ की कॉमेडी करेगी कमाल! अनोखा एक्सपेरिमेंट है वरुण-पुलकित की फिल्म

कॉमेडी फिल्मों को तरसते थिएटर्स में ‘राहू केतु’ एक नया एक्सपेरिमेंट लेकर आई है. माइथोलॉजी, लोककथाएं और सिचुएशनल ह्यूमर के मेल से बनी ये फिल्म ‘धुरंधर’ के जोरदार असर के बीच दर्शकों को कॉमेडी का सालिड डोज दे सकती है. लेकिन शर्त एक ही है— ये ‘धुरंधर’ का सामना कर ले.

‘फुकरे’ से पॉपुलर हुई पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की जोड़ी अब एक नई फिल्म ‘राहू केतु’ लेकर आ रही है. कुछ दिन पहले आए इसके ट्रेलर को जनता से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला. वरुण शर्मा को कॉमिक किरदारों में काफी पसंद किया जाता है. ‘फुकरे’ फ्रेंचाइज़ी के पॉपुलर होने की एक बड़ी वजह उनका किरदार है. उनके साथ पुलकित सम्राट की जुगलबंदी मजेदार रहती है. ‘राहू केतु’ में कॉमेडी के साथ एक एक्सपेरिमेंट है. लेकिन इसके सामने एक बड़ा चैलेंज भी है. रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ का क्रेज अभी भी बना हुआ है. मगर एक चीज ऐसी है जो ‘राहू केतु’ को बॉक्स ऑफिस सक्सेस दिला सकती है.

वरुण और पुलकित की फिल्म एक रेगुलर कॉमेडी फिल्म नहीं है. ये माइथोलॉजी और लोक कथाओं के एलिमेंट्स को कॉमेडी में लेकर आ रही है. राहू-केतु की चर्चा ज्योतिष में बहुत होती है. किसी भी व्यक्ति की दिशा-दशा तय करने में इन दोनों का बहुत बड़ा रोल होता है. लेकिन फिल्म इन्हें दो रियल किरदारों की तरह पेश करती है. कहानी की थीम ये है कि राहू-केतु, क्रिमिनल्स से ही भ्रष्टाचार खत्म करवाने वाले हैं. साथ में सिचुएशनल कॉमेडी और चटपटे ह्यूमर का तड़का है. ये अपने आप में एक दिलचस्प एक्सपेरिमेंट है और इससे पहले बहुत फिल्मों ने ऐसा कुछ अटेम्प्ट नहीं किया है.

बॉलीवुड से एक प्योर कॉमेडी फिल्म आए, अच्छा-खासा लंबा समय हो चुका है. अक्टूबर में आई ‘थामा’ में कॉमेडी पर हॉरर यूनिवर्स के एलिमेंट्स भारी पड़ते दिखे थे. और नवंबर में आई ‘दे दे प्यार दे 2’ की कॉमेडी सोशल मैसेज में फंसी हुई थी. ‘मस्ती 4’ और कपिल शर्मा की ‘किस किसको प्यार करूं 2’ दर्शकों को लुभाने में फेल साबित हुईं. दिसंबर से थिएटर्स में ‘धुरंधर’ ही छाई हुई है, जो काफी सीरियस फिल्म है. ऐसे में एक अच्छी कॉमेडी फिल्म के लिए माहौल तैयार है. अगर ‘राहू केतु’ की कॉमेडी असरदार रही और वर्ड ऑफ माउथ पॉजिटिव रहा, तो ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी कामयाब हो सकती है.

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई थी और तभी से बॉक्स ऑफिस पर राज कर रही है. करीब 40 दिनों बाद भी ये थिएटर्स पहुंच रहे दर्शकों की पहली पसंद है. लेकिन अब ये फिल्म काफी दर्शक देख चुकी है और ‘धुरंधर’ की चर्चाओं को भी विराम मिलने लगा है. कोई नई फिल्म अगर उम्मीद जगाती है, तो अब थिएटर्स भी उसे स्क्रीन देने में आनाकानी नहीं करेंगे. ऐसे में ‘राहू केतु’ के लिए मैदान खुला है. लोगों को फिल्म पसंद आई, तो 23 जनवरी को ‘बॉर्डर 2’ के आने तक इसके पास टिके रहने का अच्छा मौका है. यहां देखें ‘राहू केतु’ का ट्रेलर:

‘राहू केतु’ बॉलीवुड स्टैंडर्ड के हिसाब से लो बजट फिल्म है. कुछ रिपोर्ट्स इसका बजट 20–25 करोड़ बताती हैं. अनुमान है कि ये 1000 से कम स्क्रीन्स पर लिमिटेड रिलीज होगी. ऐसे में अगर पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ के साथ ‘राहू केतु’ का ओपनिंग कलेक्शन 2–3 करोड़ तक भी होता है, तो इसे भरोसेमंद शुरुआत कहा जाएगा. अब देखना है कि शुक्रवार को ‘राहू केतु’ थिएटर्स में क्या माहौल बनाती है.

BIHAR : जिस मां और 3 बच्चों की थी तलाश, नदी में मिली उनकी लाश, दुपट्टे से बंधे थे हाथ

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मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में लापता महिला और उसके तीन बच्चों के शव नदी से बरामद होने से सनसनी फैल गई है. मृतक महिला 10 जनवरी से बच्चों के साथ गायब थी. शव दुपट्टे से बंधे मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है. पुलिस ने एफएसएल जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.बिहार के मुजफ्फरपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. जिस मां की तलाश में परिवार दर-दर भटक रहा था, उसी मां और उसके तीन मासूम बच्चों के शव नदी में एक साथ मिलने से पूरे इलाके में मातम पसर गया. अहियापुर थाना क्षेत्र के चंदवारा पुल के पास गुरुवार को नदी से एक महिला और उसके तीन बच्चों के शव बरामद किए गए, जिसके बाद सनसनी फैल गई.

स्थानीय लोगों ने नदी में शव तैरते देख पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने चारों शवों को बाहर निकलवाया और शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू की. मृतका की पहचान ममता कुमारी के रूप में हुई है, जो ऑटो चालक कृष्ण मोहन की पत्नी थी. ममता अपने तीन बच्चों के साथ 10 तारीख से लापता थी. परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो 12 तारीख को पति ने अहियापुर थाना में आवेदन देकर पत्नी और बच्चों की बरामदगी की गुहार लगाई थी, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिक दर्ज कर जांच शुरू की.

गुरुवार को चारों के शव एक साथ मिलने की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया. रोते-बिलखते परिजनों ने अपहरण कर हत्या की आशंका जताई है. परिवार का आरोप है कि एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था, जिसमें बताया गया कि महिला उनके पास है. हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस कॉल की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि महिला और बच्चों के शव दुपट्टे से बंधे हुए पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है.घटना को लेकर मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सफल उद्भेदन के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल पूरा इलाका सदमे में है और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर एक मां और उसके तीन मासूम बच्चों के साथ इतनी बेरहमी क्यों हुई. पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी है.

NATIONAL : ‘मैं सीता नहीं हूं…’ ग्लैमर वर्ल्ड में वापसी करेंगी महाकुंभ वाली हर्षा रिछारिया… जानें किस वजह से लिया फैसला

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महाकुंभ के दौरान चर्चा में रहीं मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से लगातार विरोध, तिरस्कार और मानसिक दबाव के चलते वह आहत हैं. हर्षा ने अब खुले तौर पर सनातन धर्म के प्रचार से दूरी बनाते हुए मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में गंगा स्नान के बाद ग्लैमर की दुनिया में वापसी का ऐलान किया है.

महाकुंभ से पहचान बनाने वाली साध्वी हर्षा रिछारिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं. जबलपुर पहुंचीं हर्षा ने कहा कि बीते डेढ़ साल में उन्हें जिस तरह लगातार विरोध, तिरस्कार और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, उसने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया है. इसी पीड़ा और हताशा के चलते उन्होंने अब धर्म प्रचार से दूरी बनाते हुए ग्लैमर की दुनिया में वापसी का ऐलान कर दिया है.

हर्षा रिछारिया ने स्पष्ट किया कि उनका सनातन धर्म से मोहभंग नहीं हुआ है, बल्कि उन्होंने धर्म के खुले प्रचार-प्रसार से खुद को अलग करने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म कोई तब तक नहीं अपना सकता, जब तक सनातन धर्म उस व्यक्ति को न अपनाए. मैंने धर्म को नहीं अपनाया, धर्म ने मुझे अपनाया है. मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मेरा जन्म इस धर्म में हुआ. मैं अपना धर्म कभी नहीं छोड़ सकती, क्योंकि मुझे गर्व है कि मैं इस धर्म में पैदा हुई.

हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक-डेढ़ साल से जिस तरह वह सनातन धर्म का प्रचार कर रही थीं, अब उस पर वह विराम लगा रही हैं. इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि जिन धर्म गुरुओं के दर्शन और आशीर्वाद को लोग सौभाग्य मानते हैं, वही अगर किसी एक लड़की के विरोध में लगातार एक साल तक खड़े हो जाएं, तो एक अकेली लड़की आखिर कब तक लड़े.

हर्षा रिछारिया ने भावुक होते हुए कहा कि धर्म की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जब धर्म की बात आती है, तो गैर-धर्मों से पहले अपने ही धर्म के लोगों से संघर्ष करना पड़ता है. हमें पहले अपने ही धर्म के लोगों के सवालों का जवाब देना पड़ता है, उनके शक दूर करने पड़ते हैं. ऐसे में दूसरों को क्या समझाएं, जब हमारे अपने ही एकजुट नहीं हैं.

उन्होंने समाज की सोच पर भी सवाल उठाए. हर्षा ने कहा कि यह देश आज भी पुरुष प्रधान सोच से ग्रसित है, जहां एक स्त्री का आगे बढ़ना बहुतों को चुभता है. यहां इतना क्लेश है कि कोई लड़की आगे कैसे बढ़ रही है, उसे कैसे रोका जाए, उसे कैसे नीचे गिराया जाए. हर्षा ने कहा कि यह सोच पौराणिक काल से चली आ रही है. अगर किसी स्त्री का मनोबल नहीं तोड़ पा रहे, तो उसके चरित्र पर सवाल उठाना शुरू कर दीजिए. तब वह स्त्री टूट ही जाती है. यह तब भी होता था, आज भी हो रहा है और पता नहीं कब तक होता रहेगा.

उन्होंने बताया कि बीते एक साल में उन्होंने खुद को साबित करने के लिए बहुत सी परीक्षाएं दीं. मैं सीता माता नहीं हूं कि बार-बार परीक्षाएं देती रहूं. एक साल में जितनी परीक्षाएं देनी थीं, मैंने दे दीं. मैंने सबको प्रणाम किया, सबको साथ लेकर चलने की कोशिश की, सबको एक करने का प्रयास किया, लेकिन अब मैं इन परीक्षाओं को यहीं विराम देती हूं.

हर्षा रिछारिया ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ जो विरोध हो रहा है, वह कुछ लोगों द्वारा संगठित तरीके से किया जा रहा है. मेरे विरोध में अगर दस लोग खड़े हैं, तो कम से कम इतना तो मानते हैं कि मैं अकेली उन दस के बराबर खड़ी हूं. कैमरे के सामने या मीडिया में भले ही कुछ लोग चुप रहते हों, लेकिन बिना कैमरे के बहुत से लोग उनका समर्थन करते हैं और उनके साथ खड़े हैं.

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह क्यों नहीं देखा जाता कि बैक कैमरा कितने लोग उनका सहयोग कर रहे हैं. मेरे पीठ पीछे बातें होती हैं कि कोई मेरा साथ न दे, कुछ लोग आपस में मिलकर यह तय करते हैं कि कोई मेरे साथ न खड़ा हो, कोई मेरा सहयोग न करे. मैंने किया क्या है? सिर्फ इतनी गलती कि मैं एक लड़की हूं और महादेव ने मुझे नाम दे दिया. बस यही बात कुछ लोगों को पच नहीं रही.

उन्होंने संत समाज से भी सवाल किया कि वे मेरे साथ क्यों नहीं खड़े हैं, वे मेरा सहयोग क्यों नहीं कर रहे, वे मुझे अपना क्यों नहीं मानते. अगर इन सवालों के जवाब मांगे जाएं, तो शायद सारे मुद्दे अपने आप खत्म हो जाएं.ग्लैमर की दुनिया में वापसी के फैसले को लेकर हर्षा रिछारिया ने साफ किया कि यह कोई भावनात्मक या जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नहीं है. अब मुझे लगने लगा है कि जिस पुराने काम को मैं करती थी, उसी में शांति है. वहां विरोध नहीं था, वहां आप शांति से जी सकते थे.

उन्होंने घोषणा की कि 18 तारीख को मौनी अमावस्या के दिन माघ मेला प्रयागराज में गंगा स्नान करने के बाद वह औपचारिक रूप से ग्लैमर वर्ल्ड में वापसी करेंगी. उसके बाद मैं इस अध्याय को विराम दूंगी. अब पुनर्विचार का कोई विकल्प नहीं है.हर्षा रिछारिया ने यह भी कहा कि बीते एक साल में उन्होंने जितना रोया, जितनी मानसिक पीड़ा से गुजरीं, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. मेरी आत्मा जितनी दुखी है, उतनी शायद ही कोई समझ पाए. लेकिन अब मैंने फैसला कर लिया है. मैं अपने पुराने काम को पूरी ईमानदारी और सुकून के साथ आगे बढ़ाऊंगी.

गौरतलब है कि महाकुंभ और माघ मेले के दौरान हर्षा रिछारिया अपनी साध्वी वाली छवि को लेकर काफी चर्चा में रही थीं. उनके इस फैसले और बयानों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आज भी समाज और धर्म के भीतर स्त्री के लिए बराबरी और सम्मान का रास्ता इतना कठिन है.

NATIONAL : कार में बच्चे को लॉक कर शापिंग को निकले मां- बाप, भीड़ ने शीशा तोड़कर निकाला

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छिंदवाड़ा के फव्वारा चौक पर माता-पिता की लापरवाही से मासूम की जान खतरे में पड़ गई. बच्चे को बंद कार में छोड़कर शॉपिंग करने गए दंपती की गैरमौजूदगी में लोगों ने शीशा तोड़कर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला. पूरी घटना का वीडियो वायरल हो गया है, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया.

भीड़-भाड़, चकाचौंध और खरीदारी की जल्दबाजी में कभी-कभी इंसान सबसे बड़ी जिम्मेदारी भूल जाता है. मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला दृश्य सामने आया, जब एक मासूम को उसके ही माता-पिता बंद कार में छोड़कर चले गए और उसकी सांसें राहगीरों की सूझबूझ के सहारे सुरक्षित रह सकीं.

दरअसल, सोमवार देर शाम शहर के व्यस्त फव्वारा चौक इलाके में एक पति-पत्नी अपने छोटे बच्चे को कार में अकेला छोड़कर शॉपिंग करने चले गए. कुछ ही देर में कार के अंदर बंद बच्चे की हालत देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चा कार के अंदर अकेला था. बाहर भीड़ जमा होने लगी और लोगों को आशंका हुई कि लंबे समय तक बंद कार में रहने से बच्चे की तबीयत बिगड़ सकती है. गर्मी और ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए लोगों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकालने का फैसला लिया.

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कार के चारों ओर बड़ी संख्या में लोग खड़े हैं. कई लोग दरवाजा खोलने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब कोई रास्ता नहीं निकलता तो एक शख्स पत्थर से कार का शीशा तोड़ देता है. शीशा टूटते ही दरवाजा खोला जाता है और आखिरकार बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाता है. इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली. हैरानी की बात यह रही कि वीडियो में पूरे घटनाक्रम के दौरान बच्चे के माता-पिता कहीं नजर नहीं आए. बताया जा रहा है कि वे शॉपिंग में व्यस्त थे और उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उनकी लापरवाही बच्चे की जान पर भारी पड़ सकती है.

SPORTS : कौन हैं आयुषी सोनी? जिन्हें जबरन किया गया रिटायर्ड आउट, WPL इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

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आयुषी सोनी WPL इतिहास की पहली बल्लेबाज बन गईं, जिन्हें रिटायर्ड आउट किया गया. मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में वह 11 रन बनाकर आउट नहीं हुईं, बल्कि रणनीति के तहत रिटायर्ड आउट की गईं. इसके बाद भारती फुलमाली की तेज पारी ने गुजरात जायंट्स को 192 रन तक पहुंचाया.

आयुषी सोनी ने महिला प्रीमियर लीग (WPL) के इतिहास में एक अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. वह WPL इतिहास की पहली बल्लेबाज बन गई हैं, जिन्हें रिटायर्ड आउट किया गया. यह घटना WPL 2026 में गुजरात जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान हुई. यह मैच मंगलवार, 13 जनवरी को नवी मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में खेला गया.

आयुषी सोनी को प्लेइंग इलेवन में अनुष्का शर्मा की जगह शामिल किया गया था, जो दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पिछले मैच में फील्डिंग के दौरान लगी चोट के कारण बाहर हो गई थीं. हालांकि, आयुषी का WPL डेब्यू आसान नहीं रहा.

वह नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने उतरीं, जब हेली मैथ्यूज ने कनिका आहूजा को आउट किया. आयुषी रन बनाने के लिए संघर्ष करती नजर आईं और 14 गेंदों पर सिर्फ 11 रन ही बना सकीं. 16वें ओवर के अंत में उन्हें रिटायर्ड आउट कर दिया गया और उनकी जगह भारती फुलमाली क्रीज पर आईं .गुजरात जायंट्स का यह फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ. भारती फुलमाली ने आते ही आक्रामक बल्लेबाजी की और 15 गेंदों पर नाबाद 36 रन ठोक दिए. उनकी पारी में तीन चौके और तीन छक्के शामिल थे. फुलमाली की इस तेजतर्रार पारी की बदौलत गुजरात जायंट्स ने 5 विकेट पर 192 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया.

आयुषी सोनी दिल्ली की ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देने की क्षमता रखती हैं. वह दाएं हाथ की बल्लेबाज और दाएं हाथ की मीडियम पेस गेंदबाज हैं. घरेलू क्रिकेट में दिल्ली के लिए उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें पहचान दिलाई.गुजरात जायंट्स ने उन्हें WPL ऑक्शन में 30 लाख रुपये में खरीदा था. वह बेथ मूनी और सोफी डिवाइन जैसी अनुभवी खिलाड़ियों से सजी टीम को गहराई देती हैं. हाल के जोनल टी20 टूर्नामेंट्स में शानदार रन बनाने के चलते उन्हें एक उभरती हुई प्रतिभा माना जा रहा है.

आयुषी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का भी सीमित अनुभव है. उन्होंने 2021 में भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका सीरीज के दौरान अपना एकमात्र T20 इंटरनेशनल मैच खेला था. उस मैच में दीप्ति शर्मा ने उन्हें भारत की कैप सौंपी थी. वह तीसरे टी20 मुकाबले में खेलीं, लेकिन बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, क्योंकि शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने भारत को 9 विकेट से जीत दिला दी थी. इसके अलावा आयुषी सोनी दिल्ली प्रीमियर लीग में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स की ओर से भी खेल चुकी हैं.

NATIONAL : कार सीखते समय बड़ा हादसा, जोधपुर में महिला को कुचलने से मौत, चालक गिरफ्तार

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जोधपुर के देव नगर थाना क्षेत्र में कार चलाना सीख रहे चालक ने एक महिला को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. हादसा संकरी गली में हुआ और पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई. मृतका के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है.

राजस्थान के जोधपुर शहर में कार चलाना सीख रहे चालक की लापरवाही से एक महिला की मौत हो गई. यह घटना देव नगर थाना क्षेत्र की वीर दुर्गादास कॉलोनी में हुई. हादसे में 62 वर्षीय भंवरी देवी की मौके पर ही गंभीर हालत हो गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मृतका के बेटे ने देव नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है

मृतका के बेटे करण शर्मा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 10 जनवरी की शाम करीब 8 बजे उनकी मां भंवरी देवी पत्नी घेवरराम दुकान से सामान लेकर घर लौट रही थीं. उसी समय बबीता फैंसी स्टोर के सामने से आ रही हुंडई ईऑन कार ने उन्हें तेज गति से टक्कर मार दी. कार का नंबर आरजे 36 सीए 4808 बताया गया है. टक्कर इतनी तेज थी कि कार भंवरी देवी के ऊपर चढ़ गई और उन्हें घसीटते हुए आगे ले गई.

करण शर्मा के अनुसार कार नरेंद्र प्रजापत पुत्र आडाराम चला रहा था. उसके साथ उसका भांजा और दो अन्य लोग भी कार में सवार थे. आरोप है कि कार चलाना सीखा जा रहा था और कार में मौजूद कुछ लोगों ने शराब का सेवन भी किया हुआ था. हादसे के बाद आसपास के लोगों ने कार हटाकर भंवरी देवी को बाहर निकाला और मथुरा दास माथुर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

घटना का सीसीटीवी फुटेज मंगलवार को सामने आया, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ. सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि घटना स्थल एक बेहद संकरी गली है. फुटेज में नजर आता है कि कार पहले गली के कोने पर खड़ी थी. एक स्कूटर निकलने के बाद चालक ने कार आगे बढ़ाई और कार तेजी से अनियंत्रित होकर वाहनों को टक्कर मारती हुई भंवरी देवी के ऊपर चढ़ गई.

करण शर्मा ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंप दी है. देव नगर थाना प्रभारी सोमकरण ने बताया कि आरोपी कार चालक नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी पहलुओं की जांच अभी जारी है. इस मामले पर एसीपी प्रताप नगर जोधपुर रविंद्र बोथरा ने भी जानकारी दी है.

MAHARASHTRA : अगला 36 घंटा तय करेगा कि मुंबई का बॉस कौन? BMC के लिए वोटिंग कल, 25 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात

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महाराष्ट्र की 29 नगर महानगरपालिकाओं के लिए प्रचार अभियान मंगलवार को थम गया है. मुंबई में बीएमसी (BMC) की सत्ता हासिल करने के लिए बीजेपी नीत महायुति और एकजुट ठाकरे मोर्चे के बीच कांटे की टक्कर है. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच गुरुवार को मतदान और शुक्रवार को नतीजों का ऐलान होगा.

मुंबई में 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव में महायुति गठबंधन और फिर से एक हुए ठाकरे चचेरे भाइयों के बीच कड़ी टक्कर है. यह चुनाव मराठी बनाम गैर-मराठी पहचान की राजनीति से लबालब भरा हुआ है, जिसमें मेयर पद पर बहस और मुंबई की ग्लोबल पहचान पर विवादित टिप्पणियां शामिल हैं. मुख्य मुद्दों में अवैध प्रवासियों को हटाने का वादा, शिवसेना के गुटों, बीजेपी, कांग्रेस और MNS के बीच सीटों के लिए कड़ी टक्कर और कल्याणकारी योजनाओं पर कानूनी चुनौतियां शामिल हैं.

मुंबई सहित महाराष्ट्र की 29 नगर महानगरपालिकाओं के 2,869 सीटों के लिए मतदान गुरुवार, 15 जनवरी को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की 227 सीटों और अन्य निकायों के चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुंबई में 25 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं. सुरक्षा घेरे में 10 एडिशनल कमिश्नर, 33 डीसीपी और 84 एसीपी सहित होमगार्ड्स, एसआरपीएफ और क्विक रिस्पॉन्स टीमें शामिल हैं.

राज्य के कुल 3.48 करोड़ मतदाता 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे, जिनमें अकेले मुंबई से 1,700 और पुणे से 1,166 प्रत्याशी मैदान में हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महायुति के लिए कमान संभाली, जबकि उद्धव और राज ठाकरे 20 साल बाद एकजुट होकर मराठी वोटों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. 16 जनवरी को होने वाली मतगणना से तय होगा कि देश की सबसे अमीर निकाय संस्था पर किसका कब्जा होने जा रहा है.

इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प है क्योंकि करीब दो दशक बाद उद्धव और राज ठाकरे मराठी अस्मिता के नाम पर एक साथ आए हैं. साल 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद यह पहला बीएमसी चुनाव है, जहां एकनाथ शिंदे गुट असली शिवसेना के रूप में चुनाव लड़ रहा है. वहीं, महायुति गठबंधन में रणनीतिक रूप से अजीत पवार की एनसीपी को अलग रखा गया है, जिससे ‘गैर-हिंदू’ मतदाताओं को मिलाया किया जा सके. मुख्यमंत्री फडणवीस ने हिंदू और मराठी मेयर का वादा कर चुनाव को भावनात्मक मोड़ दे दिया है.

दोनों खेमों ने अपने घोषणापत्रों में महिलाओं के लिए लोकलुभावन वादे किए हैं. महायुति ने बेस्ट (BEST) बसों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी रियायत का वादा किया है, तो वहीं ठाकरे भाइयों ने घरेलू कामगार महिलाओं के लिए 1,500 रुपये मासिक भत्ते और 700 वर्ग फुट तक के घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स माफी का आश्वासन दिया है. दूसरी तरफ, कांग्रेस ने प्रदूषण नियंत्रण और मुंबई की वित्तीय स्थिति सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया है.

मुंबई में सीटों के बंटवारे में बीजेपी 137 और एकनाथ शिंदे की शिवसेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि अजीत पवार की एनसीपी 94 सीटों पर अलग चुनाव लड़ रही है. विपक्ष में शिवसेना (UBT) ने 163, एमएनएस (MNS) ने 52, कांग्रेस ने 143 और वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) ने 46 उम्मीदवार उतारे हैं. कांग्रेस ने राज्य स्तर पर भी 1,263 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं, जो महाविकास अघाड़ी के सहयोगियों से हटकर अपनी अलग छवि बनाने की कोशिश में हैं.

प्रचार के दौरान मेयर पद को लेकर जमकर बहस हुई. बीजेपी ने आरोप लगाया कि अगर शिवसेना (UBT) सत्ता में आई तो मुंबई को मुस्लिम मेयर मिलेगा. इसके जवाब में उद्धव ठाकरे की पार्टी ने मराठी मेयर का वादा किया. आखिरकार, मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी गारंटी दी है कि मेयर ‘हिंदू और मराठी’ ही होगा. इस चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी, इमरान प्रतापगढ़ी और मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे दिग्गजों ने भी अपनी पार्टी के लिए स्टार कैंपेनर के रूप में जोर लगाया है.

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