Saturday, June 27, 2026
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गूगल ने दुनियाभर में बढ़ा दिया महाकुंभ का क्रेज, ‘कुंभ मेला’ सर्च करते ही बरस रहे हैं फूल

गूगल अपनी सर्च स्क्रीन पर गुलाब की पंखुड़ियों के एनिमेशन के साथ चल रहे महाकुंभ का जश्न मना रहा है। अगर कोई गूगल पर ‘कुंभ’, ‘महाकुंभ’, ‘कुंभ मेला’, ‘महाकुंभ’ या इसी तरह के किसी भी अन्य शब्द को खोजता है, तो स्क्रीन पर बैकग्राउंड में गुलाब की पंखुड़ियों की आभासी वर्षा दिखाने वाला एनिमेशन चलता है।

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गूगल एनिमेशन को ईमेल, फेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप के जरिए दूसरों के साथ दोबारा चलाने या शेयर करने की भी अनुमति देता है। तीसरा विकल्प एनिमेशन को खारिज करने की अनुमति देता है। महाकुंभ के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किए गए एक संदेश में कहा गया है- “गूगल सर्च इंजन प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के शुभारंभ का अनोखे ढंग से जश्न मना रहा है। जब आप महाकुंभ सर्च करेंगे तो यह महाकुंभ के सम्मान में स्क्रीन पर पंखुड़ियों की वर्षा करेगा।”

गूगल के जरिए लोग महाकुंभ के इतिहास, महत्व, तारीखों, अमृत स्नान की तिथियों समेत तमाम जानकारी जुटा रहे हैं। गूगल सर्च के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कतर, यूएई, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, कुवैत, ईरान, जॉर्डन, बांग्लादेश, मालदीव, अफगानिस्तान के लोग महाकुंभ के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं।  पाकिस्तान के लोग बड़ी मात्रा में महाकुंभ के बारे में गूगल से जानकारी जुटा रहे हैंञ

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महाकुंभ – जो कि दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागमों में से एक है – प्रयागराज में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम त्रिवेणी संगम के तट पर आयोजित किया जा रहा है। यह विशाल मेला, जिसमें लाखों तीर्थयात्री मोक्ष की तलाश में संगम में पवित्र डुबकी लगाने और पवित्र जल में अपने पापों को धोने के लिए आते हैं, 13 जनवरी को शुरू हुआ और 26 फरवरी तक चलेगा। महाकुंभ के पहले दो दिनों में ही लगभग 5 करोड़ लोग आए, जबकि इस आयोजन की मेजबानी कर रही उत्तर प्रदेश सरकार को पूरे मेला अवधि के दौरान 40 से 45 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है।

अभिषेक बच्चन की फिल्म ‘आई वांट टू टॉक’ अब ओटीटी पर है उपलब्ध

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शूजित सिरकार की नवीनतम निर्देशित फिल्म ‘आई वांट टू टॉक’, जिसमें अभिषेक बच्चन मुख्य भूमिका में हैं, 22 नवंबर, 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यदि आप इसे देखने से चूक गए, तो फिल्म अब प्राइम वीडियो इंडिया पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। प्राइम वीडियो इंडिया के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल ने शनिवार आधी रात को एक पोस्टर साझा करते हुए रिलीज की घोषणा की, जिसमें अभिषेक एक कैंसर रोगी अर्जुन की भूमिका में हैं, साथ ही उनकी बेटी रेया भी है, जिसका किरदार अहलिया बामरू ने निभाया है।

यह फिल्म कैंसर से पीड़ित अर्जुन सेन की वास्तविक जीवन की कहानी बताती है। जो एक अमेरिका आधारित मार्केटिंग प्रोफेशनल हैं और जिन्हें कैंसर का निदान हुआ था। कई सर्जरी के बाद अर्जुन जीवित रहते हैं और अपनी यात्रा का वर्णन करते हैं। यह फिल्म उनके और उनकी बेटी रेया के साथ उसके रिश्ते को भी दर्शाता है, जिसे वह अपनी पूर्व पत्नी के साथ सह-अभिभावक बनाता है। जॉनी लीवर अर्जुन के केयरटेकर की भूमिका में हैं। राइजिंग सन फिल्म्स और किनो वर्क्स द्वारा सह-निर्मित, आई वांट टू टॉक को रितेश शाह ने लिखा है, जो प्राइम वीडियो पर सरदार उधम के बाद शूजीत सरकार के साथ एक और सहयोग का प्रतीक है।

गुरु में गुरुकांत देसाई की भूमिका के लिए मशहूर अभिषेक बच्चन लगातार अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। युवा और बॉब बिस्वास जैसी गहन भूमिकाओं से लेकर पा और घूमर में भावनात्मक भूमिकाओं तक, वह भारतीय सिनेमा में एक असाधारण प्रतिभा बने हुए हैं, और लगातार अपने परिवर्तनकारी प्रदर्शन से प्रभावित कर रहे हैं।

आउट हुआ ‘पंजाब ’95’ का टीजर, दिलजीत दोसांझ की फिल्म अगले महीने सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी रिलीज

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दिलजीत दोसांझ की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पंजाब ’95’, जो कई सेंसरशिप विवादों के कारण 2022 से अटकी हुई थी, अब 7 फरवरी, 2025 को केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज होगी। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है, लेकिन फिलहाल भारत में रिलीज नहीं होगी। दिलजीत दोसांझ ने फिल्म की अंतरराष्ट्रीय रिलीज डेट की घोषणा करते हुए बताया कि इसे बिना किसी कट के रिलीज किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म का टीज़र भी साझा किया। इस फिल्म में अर्जुन रामपाल और सुविंदर विक्की भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

दिलजीत दोसांझ ने शेयर किया टीज़र

शुक्रवार शाम दिलजीत दोसांझ ने अपने सोशल मीडिया पर ‘पंजाब ’95’ का टीज़र साझा किया। इस फिल्म में दिलजीत जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभा रहे हैं, जो सिखों की गुमशुदगी के रहस्यों को सुलझाने और न्याय की तलाश में अपनी अडिग यात्रा पर निकलते हैं। टीज़र में अर्जुन रामपाल के किरदार की झलक भी देखने को मिलती है। टीज़र शेयर करते हुए दिलजीत ने लिखा, ‘Panjab ’95 releases in Cinemas Internationally only on 7th February P.S. Full Movie, No Cuts #ChallengetheDarkness।’

क्यों हुई ‘पंजाब ’95’ की रिलीज में देरी?

यह बायोग्राफिकल ड्रामा जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है और इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के साथ कई विवादों का सामना करना पड़ा। 2022 से फिल्म CBFC सर्टिफिकेट के लिए अटकी हुई थी। सितंबर 2024 में खबर आई कि CBFC ने फिल्म में 120 कट्स का सुझाव दिया था। इससे पहले जुलाई 2024 में 85 कट्स की बात सामने आई थी।

जसवंत सिंह खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जाहिर की थी। दिसंबर 2022 से फिल्म सेंसर बोर्ड के पास अटकी हुई थी। एक बातचीत में उन्होंने कहा था, ‘यह फिल्म हमारे परिवार की सहमति से बनी है और इसे बिना किसी कट के रिलीज होना चाहिए।’

फिल्म से जुड़े अन्य विवरण

‘पंजाब ’95’ का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है और इसे रॉनी स्क्रूवाला के प्रोडक्शन बैनर RSVP मूवीज़ के तहत बनाया गया है। फिल्म में जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी और उनकी न्याय की लड़ाई को दिखाया गया है।

BSNL के सस्ते प्लान ने Jio को दी टक्कर, जानें किसमें ज्यादा फायदे

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निजी टेलीकॉम कंपनियों के बढ़ते रिचार्ज प्लान की कीमतों से परेशान ग्राहक अब सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL की ओर रुख कर रहे हैं। BSNL अपने सस्ते और लाभकारी प्लान के कारण तेजी से ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। खासकर, BSNL के एक ऐसे प्लान ने सबका ध्यान खींचा है, जो Jio के मुकाबले न सिर्फ सस्ता है, बल्कि ज्यादा डेटा और बेहतर वैलिडिटी भी ऑफर करता है।

BSNL का ₹229 वाला प्लान
BSNL का यह प्लान पूरे 30 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है और इसमें शानदार फायदे दिए जा रहे हैं।

  • डेली डेटा: रोजाना 2GB डेटा, यानी 30 दिनों में कुल 60GB डेटा।
  • फ्री कॉलिंग: अनलिमिटेड कॉलिंग सुविधा।
  • SMS बेनेफिट: रोजाना 100 फ्री SMS।

Jio का ₹249 वाला प्लान
दूसरी ओर, Jio के इस प्लान की वैलिडिटी BSNL के मुकाबले कम है और इसमें डेटा भी सीमित है।

  • डेली डेटा: रोजाना 1GB डेटा, यानी 28 दिनों में कुल 28GB डेटा।
  • फ्री कॉलिंग: अनलिमिटेड कॉलिंग।
  • SMS बेनेफिट: रोजाना 100 फ्री SMS।
  • एक्स्ट्रा बेनेफिट्स: JioCinema, JioTV, और JioCloud का एक्सेस।

BSNL के फायदे Jio से ज्यादा

  • BSNL का ₹229 वाला प्लान Jio के ₹249 वाले प्लान की तुलना में सस्ता है और इसमें 30 दिनों की वैलिडिटी के साथ दोगुना डेटा (60GB) मिलता है।
  • BSNL का ₹249 वाला प्लान भी उपलब्ध है, जिसमें 45 दिनों की वैलिडिटी के साथ ₹229 वाले प्लान जैसे ही फायदे मिलते हैं। यानी केवल ₹20 ज्यादा देकर 15 दिन की अतिरिक्त वैलिडिटी पाई जा सकती है।

निष्कर्ष
BSNL का यह प्लान उन ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो कम बजट में ज्यादा डेटा और लंबी वैलिडिटी चाहते हैं। जबकि Jio अपने अतिरिक्त सेवाओं जैसे JioCinema और JioCloud के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में ग्राहक अपनी जरूरत और प्राथमिकताओं के अनुसार सही विकल्प चुन सकते हैं।

प्रयागराज महाकुंभ 2025: यूपी की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल, 1% जीडीपी वृद्धि का अनुमान

प्रयागराज में 2025 में आयोजित होने वाला महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार इस आयोजन से राज्य की जीडीपी में 1% से अधिक की वृद्धि हो सकती है और कुल आर्थिक गतिविधि लगभग 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। महाकुंभ का आर्थिक प्रभाव व्यापक होगा, जो न केवल राज्य की तिमाही जीडीपी को मजबूत करेगा, बल्कि भारत की वार्षिक जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। खासकर जीएसटी संग्रहण में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जो प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

45 दिन का आयोजन में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

महाकुंभ 2025 में करीब 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इन श्रद्धालुओं की खरीदारी क्षमता में वृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ होगा। अनुमान है कि प्रत्येक श्रद्धालु का औसत खर्च 10,000 रुपये तक हो सकता है। इससे अनुमानित आर्थिक गतिविधि 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इस आंकड़े के अनुसार, केवल जीएसटी संग्रहण से लगभग 50,000 करोड़ रुपये की आय हो सकती है, और अन्य अप्रत्यक्ष करों से यह आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये तक जा सकता है।

महाकुंभ का बुनियादी ढांचे पर प्रभाव

महाकुंभ के दौरान सरकार द्वारा किए गए 16,000 करोड़ रुपये के निवेश से यूपी के बुनियादी ढांचे में भारी सुधार होगा। परिवहन, रेलवे, बिजली, और भूमि किरायों से होने वाली आय भी लगभग 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इस आयोजन से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, खासकर विदेशी पर्यटकों के आगमन से। प्रयागराज में अब 5-स्टार और 7-स्टार होटल की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे पर्यटन के क्षेत्र में भी बड़ा विकास होगा।

सरकार के विकास योजनाओं में योगदान

आर्थिक गतिविधियों से होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा राज्य के विकास में लगेगा, जिससे “सबका साथ, सबका विकास” का सपना साकार होगा। महाकुंभ का आध्यात्मिक महत्व तो है ही, लेकिन इसके साथ-साथ इसका आर्थिक महत्व भी बहुत बड़ा है। यह आयोजन राज्य के हर कोने में विकास को प्रेरित करेगा, और छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों तक सभी को आर्थिक लाभ मिलेगा। महाकुंभ के दौरान जीएसटी संग्रहण में तीन गुना तक बढ़ोतरी और पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। वरिष्ठ अर्थशास्त्री और सीए पंकज गांधी जायसवाल के अनुसार, महाकुंभ यूपी की जीडीपी और समग्र आर्थिक गतिविधि में ऐतिहासिक वृद्धि का कारण बनेगा।

दो चीजों से ही कंट्रोल हो जाएगा Uric Acid, दवाइयों की नहीं पड़ेगी जरूरत !

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लगातार एड़ियों और जोड़ों में दर्द रहता है तो इसके पीछे का कारण यूरिक एसिड भी हो सकता हैं। यूरिक एसिड की समस्या तब शुरू होती है जब किडनी शरीर में बनने वाले यूरिक एसिड को ठीक से फिल्टर कर यूरिन के रास्ते बाहर नहीं निकाल पाती और ये एसिड जोड़ों में ही जमने लगता है। जब समस्या बढ़ जाती है तो जोड़ों- पैरों में दर्द सूजन दिखने लगती है। एड़ियों में जलन भी होती है। अगर इसे कंट्रोल ना किया जाए तो यह गाउट यानि गठिया बन जाता है। जो लोग अपनी डाइट में हाई प्रोटीन आहार ज्यादा ले रहे हैं और बाकी तत्व कम, उनके शरीर में सारा लेवल गड़बड़ा जाता है। जंक फूड खाना, पानी कम पीना और फिजिकल एक्टिविटी ना करना आदि। यह सब चीजें यूरिक एसिड को बढ़ावा देती हैं।

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यूरिक एसिड क्या है और क्यों बढ़ता है?

यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन (Purine) नामक पदार्थ के टूटने से बनता है। यह रक्त में घुलकर किडनी के जरिए बाहर निकलता है। लेकिन जब यह ज्यादा बनता है या सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाता तो यह जोड़ों में जमा हो सकता है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है। यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे बहुत से कारण भी हो सकते हैं।
ज्यादा प्यूरीन युक्त आहार जैसे मांस और शराब।
किडनी की कार्यक्षमता में कमी।
मोटापा, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर।
अत्यधिक तनाव और डिहाइड्रेशन।
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यूरिक एसिड को कंट्रोल कैसे करें?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, आप घरेलू तरीके से यूरिक एसिड को कंट्रोल में कर सकते हैं। इसके लिए गिलोय के पत्तों का इस्तेमाल सबसे फायदेमंद साबित हो सकता है। वैसे गिलोय सिर्फ यूरिक एसिड ही नहीं बल्कि बुखार ठीक करने और इम्यूनिटी स्ट्रांग करने के लिए भी लोग मजे से पीते हैं। आप गिलोय का पानी उबाल कर पी सकते हैं।

गिलोय के अलावा अखरोट भी इसे कंट्रोल में रखेगा। अखरोट में ओमेगा-3 भरपूर होता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के साथ-साथ विटामिन बी6, कॉपर, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। अखरोट में हैल्दी प्रोटीन भरपूर होता है जो घुटनों में जमे यूरिक एसिड को बाहर निकालने का काम करता है। अगर अखरोट की तासीर गर्म लगती हैं तो आप इसे पानी में भिगोकर खा सकते हैं। इससे यूरिक एसिड तो कम होगा ही साथ ही में यह दिल और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे तनान कम होता है और इम्यूनिटी स्ट्रांग होती है।दिन के 2 से 3 अखरोट खाने से आपको फायदा होगा। आप सलाद में डालकर, स्मूदी और शेक में डालकर इसका सेवन कर सकते हैं।

हैल्दी लाइफस्टाइल से कंट्रोल होगा यूरिक एसिड

बहुत सी बीमारियां ऐसी हैं जो लाइफस्टाइल को हैल्दी करने पर अपने आप ही सही हो जाती है। इसके लिए हैल्दी आहार खाएं और फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें ।याद रखिए यह रोग भी लाइफस्टाइल से जुड़ा है जब तक आप हैल्दी लाइफस्टाइल नहीं अपनाएंगे दवा भी असर नहीं दिखाएगी।

यूरिक एसिड को कंट्रोल करना है तो हाई प्रोटीन कम लें। राजमाह, मटर, चने और छिलके वाली दालों का सेवन डिनर में ना करें।
30 से 45 मिनट सैर व एक्सरसाइज करें।
हरी सब्जियों का जूस पीएं।
रात का खाना जल्दी खाएं।
8 से 10 गिलास भरपूर पानी पीएं।
8 घंटे की नींद लें।
स्ट्रेस लेने से बचें। योग व मेडिटेशन का सहारा लें।
एल्कोहल का सेवन ना करें। ज्यादा नॉनवेज जैसे रेडमीट खाने से बचें।

यूरिक एसिड में क्या खाएं? (What to Eat in Uric Acid)

फल और सब्जियांः  गाजर, टमाटर, पालक, लौकी, तोरई, कद्दू।
फल: सेब, चेरी, संतरा, नींबू, अमरूद। चेरी और स्ट्रॉबेरी यूरिक एसिड कम करने में मददगार हैं।
साबुत अनाजः दलिया, ब्राउन राइस, जौ, रागी। ओट्स और क्विनोआ भी फायदेमंद हैं।
कम वसा वाले डेयरी उत्पादः टोंड दूध, दही, पनीर। यह यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।
लिक्विड आहार: पानी ज्यादा से ज्यादा पिएं (8-10 गिलास)। नींबू पानी, नारियल पानी, हर्बल टी। पानी यूरिक एसिड को किडनी के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है।
अखरोट और बीजः बादाम, अखरोट, अलसी के बीज। ये शरीर में सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।
जड़ी-बूटियां और मसाले: अदरक, हल्दी, तुलसी, दालचीनी। अदरक और हल्दी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती हैं।
वेजिटेबल जूस और सूप: टमाटर, गाजर, लौकी का जूस या सूप पीएं।

यूरिक एसिड में क्या नहीं खाएं? (What Not to Eat in Uric Acid)

प्यूरीन युक्त आहार: सीफूड: झींगा, केकड़ा, मछली (सैलमन, सार्डीन), बकरा, भेड़, लीवर, किडनी।
प्रोसेस्ड फूडः केक, पेस्ट्री, जंक फूड, इंस्टेंट नूडल्स। मैदा और चीनी से बने खाद्य पदार्थ।
अत्यधिक प्रोटीन युक्त आहार: अधिक मात्रा में दालें जैसे अरहर, मूंग, मसूर। सोयाबीन और सोया प्रोडक्ट्स।
शराब : खासतौर पर बीयर और वाइन, क्योंकि इनमें प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है।
मीठी ड्रिंक्स : सॉफ्ट ड्रिंक्स, फ्रूट जूस (पैक्ड)। फ्रुक्टोज युक्त पेय यूरिक एसिड को बढ़ा सकते हैं।
डीप फ्राई चीजें: समोसा, कचौरी, पकोड़े। ये चीजें शरीर में सूजन बढ़ाती हैं।
सूखे मेवे: किशमिश और खजूर से बचें क्योंकि इनमें शुगर ज्यादा होती है।

Mercedes Benz ने लॉन्च की दो कारें, जानें क्या है कीमत

Mercedes Benz ने Auto Expo 2025 के दौरान अपनी दो नई कारें EQS Maybach 680 Night Series और GLS 600 Night Series लॉन्च की हैं। EQS Maybach 680 Night Series की एक्‍स शोरूम कीमत 2.63 लाख रुपए रखी है और GLS 600 Night Series की एक्‍स शोरूम कीमत 3.71 लाख रुपए तय की गई है। नाइट सीरीज को कुल तीन रंगों के विकल्‍प में लाई गई है, जिसमें Obsidian Black, Diamond White Bright के अलावा Obsidian Black के साथ Mojave Silver शामिल हैं।

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कारों की खासियत

इन दोनों नई कारों को डार्क क्रोम और ग्लॉस ब्लैक पेंट स्कीम के साथ लॉन्च किया गया है, जो इन्हें और भी आकर्षक बनाती है। इसके अलावा इन दोनों कारों का इंटीरियर भी डार्क थीम पर आधारित है, जिससे इनकी प्रीमियम लुक और फील को और बढ़ाया गया है। EQS Maybach 680 Night Series में में ड्यूल मोटर सिस्टम दिया गया है, जो इसे 658 बीएचपी की पावर और 950 न्यूटन मीटर का टॉर्क प्रदान करता है। यह गाड़ी केवल 4.4 सेकंड में 0-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। इसमें 122 kWh की बैटरी दी गई है, जिसे 10 से 80 प्रतिशत चार्ज करने में केवल 31 मिनट का समय लगता है। एक बार फुल चार्ज करने पर यह कार 611 किलोमीटर तक चल सकती है।

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अन्य कारें भी की गईं शोकेस

Mercedes Benz ने दो कारों के लॉन्च के अलावा कई और कारों को भी शोकेस किया है। Mercedes G Wagon Electric (जो जनवरी 2025 में लॉन्च हुई), LWB E-Class 450 4MATIC, AMG SL 55 4MATIC+, AMG S 63 E PERFORMANCE और
Concept CLA शामिल हैं।

गाजर के सीजन में बनाएं ये स्पेशल डिशेज, मजे से खाएंगे बच्चे और बनेंगे ताकतवर

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सर्दी में बच्चों को स्वस्थ रखने और उनके शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए गाजर बेहद फायदेमंद है।  गाजर पोषक तत्वों से भरपूर होती है, इसमें सोडियम, पोटेशियम, आयरन, प्रोटीन, फाइबर, फोलेट, विटामिन ए और सी पाया जाता है। हम आपको गाजर की कई ऐसी  रेसिपीज के बारे में बताने जा रहे हैं  बच्चों के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक होते हैं। इसे बनाना भी बेहद आसान है।

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गाजर का हलवा

 सामग्री

– गाजर 500 ग्राम (कद्दूकस की हुई)
– दूध 1 लीटर
– चीनी 150 ग्राम
– घी  2-3 टेबलस्पून
– इलायची पाउडर 1/2 चम्मच
– काजू, बादाम, पिस्ता (कटे हुए): 2-3 टेबलस्पून

विधि

1. कढ़ाई में घी गर्म करें और उसमें कद्दूकस की हुई गाजर को 10-15 मिनट तक भूनें।
2. भुनी हुई गाजर में दूध डालकर धीमी आंच पर पकाएं जब तक दूध पूरी तरह से सूख न जाए।
3. अब इसमें चीनी डालें और तब तक पकाएं जब तक हलवा गाढ़ा न हो जाए।
4. इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
5. गरमागरम गाजर का हलवा परोसें।

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गाजर और मटर की सब्जी

 सामग्री

– गाजर 250 ग्राम (कटी हुई)
– मटर 100 ग्राम
– तेल 2 टेबलस्पून
– जीरा 1/2 चम्मच
– हल्दी पाउडर 1/2 चम्मच
– धनिया पाउडर 1 चम्मच
– लाल मिर्च पाउडर 1/2 चम्मच
– नमक स्वादानुसार

विधि

1. कढ़ाई में तेल गरम करें, उसमें जीरा तड़काएं।
2. अब कटे हुए गाजर और मटर डालकर मिलाएं।
3. हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
4. धीमी आंच पर ढककर 10-12 मिनट तक पकाएं जब तक सब्जियां नरम न हो जाएं।
5. गरमागरम गाजर-मटर की सब्जी रोटी या पराठे के साथ परोसें।
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गाजर का सूप

सामग्री

– गाजर 250 ग्राम (कटी हुई)
– प्याज 1 (कटा हुआ)
– अदरक 1 चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
– मक्खन 1 टेबलस्पून
– नमक स्वादानुसार
– काली मिर्च 1/2 चम्मच
– पानी या वेजिटेबल स्टॉक 2 कप

विधि

1. पैन में मक्खन गरम करें, उसमें प्याज और अदरक को हल्का भूनें।
2. अब कटी हुई गाजर डालें और 2-3 मिनट तक भूनें।
3. पानी या वेजिटेबल स्टॉक डालें, नमक और काली मिर्च मिलाकर गाजर को नरम होने तक पकाएं।
4. मिश्रण को ठंडा करें और मिक्सी में पीसकर सूप बना लें।
5. तैयार सूप को हल्की आंच पर दोबारा गरम करें और गरमागरम परोसें।

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गाजर के लड्डू

सामग्री

– गाजर 500 ग्राम (कद्दूकस की हुई)
– मावा 250 ग्राम
– चीनी 150 ग्राम
– घी 2 टेबलस्पून
– इलायची पाउडर 1/2 चम्मच
– काजू, बादाम, पिस्ता (कटे हुए) 2-3 टेबलस्पून
– नारियल बूरा (कद्दूकस किया हुआ नारियल) 2 टेबलस्पून (वैकल्पिक)

विधि

1. एक कढ़ाई में घी गरम करें और उसमें कद्दूकस की हुई गाजर डालें।
2. गाजर को मध्यम आंच पर 10-12 मिनट तक भूनें जब तक वह नरम न हो जाए और उसका कच्चापन खत्म न हो जाए।
3. अब भुनी हुई गाजर में मावा डालकर अच्छे से मिलाएं और 5-7 मिनट तक पकाएं।
4.  जब मिश्रण हल्का गाढ़ा हो जाए, तो उसमें चीनी डालें और लगातार चलाते हुए 5-7 मिनट तक पकाएं।
5. जब मिश्रण पूरी तरह से गाढ़ा हो जाए और लड्डू बनाने लायक हो जाए, तो गैस बंद कर दें और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें।
6. ठंडा होने के बाद, हाथों में थोड़ा घी लगाकर मिश्रण से मनचाहे आकार के लड्डू बनाएं।

क्या Pimples हो सकते हैं Skin Cancer के लक्षण ? जानें फर्क

पिंपल्स और स्किन कैंसर दोनों की अपनी अलग-अलग पहचान होती है, लेकिन कभी-कभी दोनों के लक्षण आपस में मिल सकते हैं, जिससे कंफ्यूजन हो सकता है।आमतौर पर पिंपल्स चिंता का कारण नहीं होते हैं, लेकिन ये पिंपल्स अजीब हों या लंबे समय तक बने रहें, तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। इस लेख में हम पिंपल्स और स्किन कैंसर के बीच के अंतर को समझेंगे और यह जानेंगे कि क्या पिंपल्स स्किन कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं या नहीं।

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पिंपल्स क्यों होते हैं?

पिंपल्स एक नार्मल स्किन प्रॉब्लम है जो ज्यादातर टीनएजर्स और जवानों में होती है। यह उस समय होते हैं जब त्वचा के पोर मे तेल, डेड सेल्स और बैक्टीरिया से भर जाते हैं। इसके कारण सूजन, रेडनेस और पिंपल्स होते हैं। पिंपल्स आमतौर पर चेहरे, पीठ, और कंधों पर होते हैं, लेकिन ये शरीर के अन्य हिस्सों पर भी हो सकते हैं।

पिंपल्स और स्किन कैंसर के बीच अंतर

हालाँकि पिंपल्स और स्किन कैंसर में कुछ समानताएं हो सकती हैं, जैसे कि त्वचा पर उभरी हुई गांठ या घाव, लेकिन दोनों के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर हैं।
रेडनेस और सूजन: पिंपल्स आमतौर पर लाल, सूजे हुए और दर्दनाक होते हैं। जबकि स्किन कैंसर के घाव पर सूजन या दर्द नहीं होता है।

घाव का आकार और रूप: पिंपल्स ज्यादातर छोटे होते हैं और उनमें पुस (pus)होता है, जबकि स्किन कैंसर के घाव का आकार बड़ा हो सकता है और इसका रंग असामान्य (जैसे काले या नीले रंग के) हो सकता है।

समय के साथ बदलाव: कुछ हफ्तों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर त्वचा पर कोई गांठ या घाव महीनों तक ठीक नहीं हो रहा है या धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो यह स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है।

मलिनता का लक्षण: स्किन कैंसर के घाव का रंग और रूप समय के साथ बदल सकता है। घाव का आकार बढ़ सकता है, उसका रंग बदल सकता है, और उसकी सीमा (edge) असमान हो सकती है।

क्या पिंपल्स स्किन कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं?

आमतौर पर, पिंपल्स को स्किन कैंसर का शुरुआती लक्षण नहीं माना जाता। हालांकि, कुछ मामलों में, यदि किसी व्यक्ति को बार-बार या लंबे समय तक ठीक नहीं होने वाले पिंपल्स हो रहे हों, तो यह संकेत हो सकता है कि वह किसी गंभीर त्वचा समस्या का सामना कर रहा है, जिसमें स्किन कैंसर भी शामिल हो सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि आपको त्वचा पर कोई नया निशान, गांठ या घाव दिखाई दे, जो समय के साथ बढ़ता है, बदलता है या ठीक नहीं हो रहा है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कुछ लक्षण जो स्किन कैंसर के हो सकते हैं
1.घाव का आकार बढ़ना।
2. घाव का रंग बदलना (काला, नीला, लाल या सफेद हो जाना)।
3. घाव के किनारे असमान (uneven) होना।
4. घाव पर खून आना या उससे मवाद निकलना।
5. कोई नया निशान या गांठ जो जल्दी बढ़ रही हो।

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अगर आपको किसी भी प्रकार के त्वचा पर होने वाले बदलाव के बारे में संदेह हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Telecom Sector में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में सरकार! Vodafone Idea को होगा सबसे ज्यादा फायदा

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सरकार टेलीकॉम सेक्टर में एक अहम कदम उठाने की योजना बना रही है, जिसके तहत एजीआर (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाए पर टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत दी जा सकती है। इस राहत से सबसे अधिक फायदा कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया को होने की संभावना है। 2019 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल जैसी कंपनियों पर भारी बकाया है, जिसमें ब्याज और जुर्माने का बड़ा हिस्सा शामिल है। सूत्रों के मुताबिक सरकार 50% ब्याज और 100% जुर्माना माफ करने का प्रस्ताव विचाराधीन है, साथ ही जुर्माने पर ब्याज भी माफ करने का विचार हो रहा है। यदि यह योजना लागू होती है, तो यह टेलीकॉम बिजनेस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा और इससे टेलीकॉम सेक्टर में दो प्रमुख प्राइवेट कंपनियों का दबदबा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

सूत्रों ने बताया कि अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो टेलीकॉम कंपनियों को 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय राहत मिलेगी। इसमें सबसे ज्यादा फायदा वोडाफोन आइडिया को मिलेगा। इस कंपनी पर सरकार का हजारों करोड़ रुपया बकाया है। प्रस्तावित राहत के तहत वोडाफोन आइडिया का एजीआर बकाया 52,000 करोड़ रुपए से अधिक कम हो सकता है। वित्तीय रूप से मजबूत भारती एयरटेल को करीब 38,000 करोड़ रुपए और टाटा टेलीसर्विसेज को 14,000 करोड़ रुपए की राहत मिलेगी। रिलायंस जियो पर कोई एजीआर बकाया नहीं है। टाटा टेली अब रिटेल सर्विसेज नहीं देती है बल्कि एंटरप्राइजेज मोबिलिटी सर्विसेज देती है।

बजट में हो सकती है घोषणा

एक सूत्र ने कहा कि इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और कैबिनेट सचिवालय सहित उच्चतम स्तर पर चर्चा की जा रही है। सरकार 1 फरवरी के बजट में इस उपाय की घोषणा करने के लिए काम कर रही है। टेलीकॉम इंडस्ट्री साल 2016 में रिलायंस जियो की एंट्री के बाद से कड़ी प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है। अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के रुख का समर्थन करते हुए टेलीकॉम कंपनियों पर 1.47 लाख करोड़ रुपए का एजीआर बकाया लगाया। इसमें 92,642 करोड़ रुपए लाइसेंस शुल्क और 55,054 करोड़ रुपए स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) शामिल थे। बकाया राशि का लगभग 75% ब्याज, जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज था।

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