Tuesday, June 16, 2026
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RAJASTHAN : राजस्थान में जून की शुरुआत आंधी-बारिश से, 19 जिलों में अलर्ट

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जयपुर, 02 जून (हि.स.)। राजस्थान में जून महीने की शुरुआत आंधी और बारिश के साथ हुई है। मौसम विभाग ने 2 जून को प्रदेश के 19 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार मौसम में यह बदलाव 5 जून तक बना रहेगा। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के तापमान में गिरावट आ गई है और कई शहरों में पारा सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को कोटा, उदयपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, नागौर, जोधपुर, पाली, टोंक, अलवर, सवाई माधोपुर और जयपुर सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। प्रदेश में सोमवार को सबसे अधिक तापमान फलोदी में 43.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया।

जैसलमेर जिले के सम सैंड ड्यून्स स्थित जुमा हेरिटेज रिसोर्ट में सोमवार रात तेज आंधी के दौरान बड़ा हादसा हो गया। लोक कलाकारों के ड्रेसिंग रूम की दीवार गिरने से बेरसियाला गांव निवासी 25 वर्षीय लोक कलाकार स्वरूप खान की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में दो युवतियों सहित तीन अन्य कलाकार घायल हो गए।

बाड़मेर जिले के रामसर उपखंड के पाबूसरिया गांव में तेज आंधी के दौरान टीनशेड का कमरा ढह गया। हादसे में पिता-पुत्र मलबे में दब गए। वहीं, दूसरे घर में आंधी से बचने के लिए बाहर निकल रही एक महिला के सिर पर लोहे की एंगल गिर गई। तीनों घायलों को ग्रामीणों और परिजनों ने मलबा हटाकर बाहर निकाला।

सोमवार दोपहर बाद प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर चला। चित्तौड़गढ़ में सबसे अधिक 20 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा टोंक के निवाई में 11 एमएम, अजमेर में 12.6 एमएम और नागौर में 13 एमएम बारिश मापी गई। फलोदी और नागौर में बारिश के साथ ओले भी गिरे।

उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र में तेज बारिश के कारण कई दुकानों में पानी भर गया। वहीं, कोटा में बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।

प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। पिछले कई दिनों से चल रही लू और तेज गर्मी के बीच बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

WORLD : ईरान समझौते के मसौदे में ट्रंप ने मांगे बड़े बदलाव, परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज पर सख्त शर्तें

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के मसौदे में बदलाव की मांग की है। उन्होंने परमाणु प्रतिबद्धताओं को सख्त बनाने और होर्मुज खोलने पर जोर दिया। वहीं, आर्थिक राहत को लेकर भी मतभेद हैं, नए संशोधनों के बाद समझौते का भविष्य और समयसीमा अनिश्चित हो गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के मसौदे को वापस भेजकर उसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव करने को कहा है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत लंबी खिंच सकती है और समझौते को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने अपने सलाहकारों के साथ हुई बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर और अधिक सख्त शर्तें जोड़ने की मांग की है। साथ ही उन्होंने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने को भी समझौते का अहम हिस्सा बनाने पर जोर दिया है।

ईरान के आर्थिक राहत पैकेज पर भी ट्रंप सतर्क
बताया जा रहा है कि ट्रंप ईरान को दिए जाने वाले आर्थिक राहत पैकेज को लेकर भी सतर्क हैं। उन्हें आशंका है कि अगर ईरान को ज्यादा वित्तीय रियायतें दी गईं तो इसकी तुलना पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर के परमाणु समझौते से की जा सकती है, जिसकी ट्रंप पहले भी आलोचना कर चुके हैं। कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने कहा था कि समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है और दोनों देशों के बीच तनाव जल्द खत्म हो सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिए थे कि एक ऐसा समझौता तैयार किया जा रहा है जिससे संघर्ष रुकेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से पूरी तरह खुलेगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत का रास्ता बनेगा.

दो घंटे की बैठक के बाद भी नहीं निकला अंतिम फैसला
हालांकि शुक्रवार को हुई करीब दो घंटे की बैठक के बाद भी कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका ईरान के उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अपने कब्जे में लेकर नष्ट करना चाहता है। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि मौजूदा वार्ता में उसके परमाणु कार्यक्रम के तकनीकी विवरण पर चर्चा नहीं हो रही है। वित्तीय मुद्दों पर भी दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं। ट्रंप का कहना है कि समझौते में धन के आदान-प्रदान पर कोई चर्चा नहीं हुई, जबकि ईरान का मानना है कि किसी भी समझौते में आर्थिक प्रावधान शामिल होना जरूरी है।

समझौते पर ईरान-अमेरिका की राय
इस बीच ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ईरान के अधिकार और हित सुरक्षित नहीं किए जाते, तब तक अमेरिका के साथ किसी समझौते को मंजूरी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल वादों पर भरोसा नहीं किया जा सकता और ईरान को ठोस लाभ मिलने चाहिए। उधर, अमेरिकी सीनेटर क्रिस कून्स ने कहा कि ट्रंप द्वारा रखी गई शर्तें कागज पर तो उचित लगती हैं, लेकिन विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर इन्हें लागू करना आसान नहीं होगा। फिलहाल दोनों देशों के बीच समझौते की भाषा और शर्तों पर बातचीत जारी है, लेकिन नए बदलावों की मांग के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम समझौता कब तक हो पाएगा।

RCB vs GT IPL 2026 final: बेंगलुरु लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन, किंग कोहली के नाबाद अर्द्धशतक से गुजरात को 5 विकेट से हराया

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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु लगातार दूसरी बार आईपीएल चैंपियन बनी. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में विराट कोहली के नाबाद अर्द्धशतक के दम पर बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को उसकी के घर पर 5 विकेट से हरा दिया. बेंगलुरु आईपीएल इतिहास की तीसरी टीम बनी है, जो अपने खिताब को डिफेंड करने में सफल हुई है. बेंगलुरु के लिए विराट कोहली ने नाबाद 75 रनों की पारी खेली. 17 साल तक आईपीएल खिताब का इंतजार करने वाली आरसीबी का यह लगातार दूसरा खिताब है.

आरसीबी को आईपीएल 2026 का चैंपियन बनने के लिए गुजरात ने 156 रन का लक्ष्य दिया था. वेंकटेश अय्यर और विराट कोहली ने आरसीबी को तेज शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 4.3 ओवर में 62 रन की साझेदारी की. अय्यर 16 गेंदों पर 2 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 32 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद देवदत्त पड्डिकल (1), कप्तान रजत पाटीदार (15) और क्रुणाल पांड्या (1) का विकेट जल्दी-जल्दी गिरा. 62 पर 1 विकेट वाली आरसीबी ने 89 पर 3 विकेट गंवा दिए थे.

विराट कोहली एक छोर पर डटे रहे. चौथे विकेट के लिए कोहली ने टिम डेविड के साथ 41 रन की अहम साझेदारी की. डेविड 17 गेंदों पर 24 रन की अहम पारी खेलकर आउट हुए. विराट कोहली अब भी क्रीज पर मौजूद रहे. 25 गेंदों पर विराट ने अपना अर्धशतक पूरा किया. यह विराट का आईपीएल में सबसे तेज अर्धशतक था. विराट ने 42 गेंदों पर 3 छक्कों और 9 चौकों की मदद से नाबाद 75 रन की पारी खेली.

इससे पहले, साई सुदर्शन के नाबाद अर्द्धशतक के दम पर गुजरात टाइटंस ने 20 ओवर में 155 रन बनाए हैं. पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी टीमों के लिए सिरदर्द साबित हुई गुजरात टाइटंस की साई सुदर्शन और शुभमन गिल की सलामी जोड़ी इस मैच में नहीं चली. शुभमन गिल 8 गेंदों पर 10 रन बनाकर जोश हेजलवुड का शिकार हुए. इसके बाद भुवी ने सुदर्शन का विकेट लिया, जो 12 गेंदों पर 12 रन बनाकर आउट हुए. सुदर्शन और गिल पर पूरे टूर्नामेंट में निर्भर रही गुजरात की बल्लेबाजी इस अहम मैच में दोनों की असफलता के बाद पूरी तरह साधारण नजर आई.

गुजरात ने लगातार विकेट गंवाए. वाशिंगटन सुंदर एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे जो आरसीबी के गेंदबाजों का दृढ़तापूर्वक सामना कर सके और अंत तक नाबाद लौटे. सुंदर 37 गेंदों पर 50 रन बनाकर नाबाद लौटे. सुंदर की पारी की वजह से ही आरसीबी 20 ओवर में 8 विकेट पर 155 तक पहुंच सकी. गुजरात के लिए निशांत सिंधु 18 गेंदों पर 20, जोस बटलर 23 गेंदों पर 19, अरशद खान 6 गेंदों पर 15 और राहुल तेवतिया 5 गेंदों पर 7, राशिद खान 3 गेंदों पर 7 रन बनाकर आउट हुए. रबाडा 3 रन बनाकर नाबाद रहे. आरसीबी की गेंदबाजी पर गौर करें तो रसिख सलाम डार ने 4 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट लिए.

SPORTS : लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी RCB पर करोड़ों की बरसात, रनर्स-अप टीम को मिले कितने रुपये?

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आईपीएल 2026 का फाइनल मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया। फाइनल मैच में आरसीबी ने जीटी को हराकर लगातार दूसरे आईपीएल सीजन में ट्रॉफी अपने नाम की।

मैच में आरसीबी की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। पहले बैटिंग करते हुए जीटी की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 155 रन बनाए।

156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत संतुलित रही। अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए अर्धशतक लगाया और टीम की जीत की नींव रखी। आरसीबी ने 18 ओवर में पांच विकेट खोकर 161 रन बनाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

IPL 2026 Prize Money: आरसीबी पर हुई करोड़ों को बरसात
खिताबी मैच के बाद चैंपियन टीम आरसीबी (RCB IPL 2026 Prize Money) पर करोड़ों की बरसात हुई। बता दें कि आईपीएल 2026 में बीसीसीआई ने कुल 46.5 करोड़ रुपये से ज्यादा का पुरस्कार दिया। विजेता टीम आरसीबी को आईपीएल ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली। पिछली बार भी विजेता आरसीबी टीम को इतने ही रुपये मिले थे। वहीं, उपविजेता टीम को 13 करोड़ रुपये की राशि इनाम के रूप में मिली।

पहुंचने वाली अंक तालिका की तीसरे और चौथे स्थान की टीमों को भी करोड़ों रुपये मिले। क्वालिफायर-2 मैच हारकर तीसरे स्थान पर रही राजस्थान रॉयल्स को 7 करोड़ रुपये, जबकि एलिमिनेटर मैच से बाहर होकर चौथे स्थान पर रही सनराइजर्स हैदराबाद को 6.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली। आइए जानते हैं विजेता-उपविजेता के अलावा कौन-कौन से अवॉर्ड्स दिए गए और उनकी इनामी राशि क्या रही।

प्लेयर ऑफ द मैच- 5 लाख रुपये- विराट कोहली
इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन- 10 लाख रुपये- वैभव सूर्यवंशी
सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन- कार- वैभव सूर्यवंशी
सुपर स्ट्राइकर ऑफ द मैच -एक लाख रुपये- वैभव सूर्यवंशी
सुपर सिक्सेस ऑफ द मैच- एक लाख रुपये- वैभव सूर्यवंशी
ऑन द गो 4s ऑफ द मैच- एक लाख रुपये- साई सुदर्शन
ग्रीन डॉट बॉल्स ऑफ द मैच -एक लाख रुपये- मोहम्मद सिराज
फेयर प्ले अवॉर्ड-ट्रॉफी-पंजाब किंग्स
पर्पल कैप-10 लाख रुपये-कगिसो रबाडा
ऑरेंज कैप- 10 लाख रुपये- वैभव सूर्यवंशी
मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर ऑफ द सीजन-15 लाख रुपये- वैभव सूर्यवंशी
पिच एंड ग्राउंड अवॉर्ड (पांच या उससे ज्यादा मैच होस्ट-50 लाख रुपये-ईडन गार्डन्स (क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ द बंगाल)
पिच एंड ग्राउंड अवॉर्ड (चार या उससे कम मैच होस्ट) -25 लाख रुपये-धर्मशाला (हिमाचल क्रिकेट एसोसिएशन)

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156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत संतुलित रही। अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए अर्धशतक लगाया और टीम की जीत की नींव रखी। आरसीबी ने 18 ओवर में पांच विकेट खोकर 161 रन बनाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

BUSINESS : लगातार तीसरे महीने विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली, मई में शेयर बाजार से निकाले 32,963 करोड़ रुपए

विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजार से दूरी बनाना मई में भी जारी रहा। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) ने महीने भर में भारतीय शेयर बाजार से 32,963 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की। इसी के साथ यह लगातार तीसरा महीना बन गया जब विदेशी निवेशक शुद्ध बिकवाल (नेट सेलर) रहे। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका असर भारतीय बाजार में विदेशी निवेश के रुख पर साफ दिखाई दे रहा है।

इस तनाव का असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ा, जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर पहुंच गईं। क्रूड ऑयल की कीमतों में इस उछाल ने भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए चिंता बढ़ा दी है। निवेशकों को आशंका है कि महंगा क्रूड भारत के आयात बिल को बढ़ा सकता है और महंगाई पर भी दबाव डाल सकता है। यही वजह है कि विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में निवेश को लेकर सतर्क रुख अपनाया है।

भारत पर क्यों पड़ रहा ज्यादा असर?
भारत अपनी एनर्जी जरूरतों का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट के देशों से आयात करता है। ऐसे में क्रूड ऑयल की कीमतों में किसी भी बड़ी बढ़ोतरी का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। महंगा क्रूड आयात लागत बढ़ाता है, जिससे चालू खाते का घाटा और महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है। यही कारण है कि क्रूड ऑयल कीमतों में तेजी आने पर विदेशी निवेशकों का भरोसा प्रभावित होता है और इसका असर भारतीय शेयर बाजार में उनके निवेश फैसलों पर भी दिखाई दिया।

AI इन्वेस्टमेंट की ओर बढ़ रहा है वैश्विक पैसा
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस समय दुनिया भर में निवेश का बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े सेक्टरों और कंपनियों की ओर जा रहा है। AI को लेकर वैश्विक स्तर पर निवेशकों का उत्साह बढ़ा है और कई देशों को इसका फायदा मिल रहा है। फिलहाल भारत को एआई-फोकस्ड इन्वेस्टमेंट के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यही वजह है कि कुछ विदेशी निवेशक भारतीय बाजार की बजाय दूसरे बाजारों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अप्रैल और मार्च में भी हुई थी भारी निकासी
NSDL के आंकड़े बताते हैं कि मई से पहले भी विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी रकम निकाली थी। अप्रैल में FPI ने 60,847 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की थी। वहीं मार्च में यह आंकड़ा 1,17,775 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था। यह 2026 का अब तक का सबसे बड़ा मंथली आउटफ्लो रहा है।

फरवरी में दिखी थी राहत
हालांकि पूरे साल का रुझान बिकवाली का रहा है, लेकिन फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में वापसी की थी। उस महीने FPI ने 22,615 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया था। इससे पहले जनवरी में भी विदेशी निवेशकों ने 35,962 करोड़ रुपए की निकासी की थी।

2026 में अब तक 2.24 लाख करोड़ रुपए निकाले
यदि पूरे वर्ष 2026 की बात करें, तो विदेशी निवेशक अब तक भारतीय शेयर बाजार से कुल 2,24,932 करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। यह दिखाता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं, क्रूड ऑयल कीमतों और निवेश के बदलते रुझानों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है।

बाजार में बदल रहा है निवेश का पैटर्न
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि हाल के दिनों में बाजार में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। निवेशक बाजार गिरने पर खरीदारी कर रहे हैं और बाजार चढ़ने पर मुनाफावसूली कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब बाजार कमजोर शुरुआत करता है तो खरीदारी बढ़ जाती है, जबकि मजबूत शुरुआत होने पर बिकवाली देखने को मिलती है। उनके अनुसार, इस ट्रेंड के पीछे संस्थागत निवेशकों की एक्टीविटी अहम भूमिका निभा रही हैं। ऐसे माहौल में रिटेल निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। वीके विजयकुमार के मुताबिक, हाल के दिनों में कुछ ऐसे संकेत भी मिले हैं जो बाजार के लिए पॉजिटिव माने जा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। इसके अलावा भारतीय रुपया भी 96.96 के स्तर से मजबूत होकर 96.20 तक पहुंचा है। ये दोनों घटनाक्रम निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में बनी हुई है तेजी
बड़ी कंपनियों के शेयरों में दबाव के बावजूद बाजार के अन्य हिस्सों में अच्छी गतिविधि देखने को मिल रही है। खासतौर पर स्मॉलकैप और मिडकैप कंपनियां बेहतर तिमाही नतीजे और मजबूत ग्रोथ अनुमान पेश कर रही हैं। इसी वजह से इन शेयरों को निवेशकों से अच्छा सपोर्ट मिल रहा है और इनमें तेजी का रुख बना हुआ है।

लार्जकैप शेयरों पर क्यों है दबाव?
वीके विजयकुमार का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और आगे भी बिकवाली जारी रहने की आशंका का सबसे ज्यादा असर लार्जकैप शेयरों पर पड़ रहा है। खास बात यह है कि कई बड़े शेयर वैल्यूएशन के लिहाज से अपेक्षाकृत सस्ते दिखाई दे रहे हैं, फिर भी निवेशकों का रुझान फिलहाल उनकी ओर कम है। FII की वापसी होने पर लार्जकैप शेयरों में भी मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।

NATIONAL : जून में 11 दिन बंद रहेंगे बैंक, कब-कब रहेगी बैंकों में छुट्टियां, तारीखें नोट कर लें

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नौकरीपेशा लोग हों या फिर अपना बिजनेस करने वाले लोग, बैंक से जुड़े कामों के लिए जरूरी नहीं कि हर दिन आपको फुरसत रहे. जरूरी ये भी नहीं कि जिस दिन आपको फुरसत मिले, उस दिन बैंक भी खुला ही हो. हो सकता है कि जिस दिन आपकी छुट्टी हो, उस दिन बैंक भी बंद हो. ऐसा अक्‍सर पर्व-त्‍यौहारों में होता है. जैसे कि 26-27 मार्च को रामनवमी पर हुआ हो, या फिर 27-28 अप्रैल को बकरीद पर. खैर जून में ऐसा न हो, इस‍के लिए ये जान लेना जरूरी है कि इस महीने बैंक कब-कब खुले रहेंगे और कब-कब बंद रहेंगे. इस खबर में हम यही बताने वाले हैं कि बैंक इस महीने कहां और कब-कब बंद रहेंगे. ताकि आप बैंकिंग से जुड़े काम अपनी सुविधानुसार करा सकें.

इस महीने बैंक 11 दिन बंद रहने वाले हैं. इनमें 4 रविवार और 2 शनिवार भी शामिल हैं. यानी 6 दिन तो देशभर में सभी बैंक बंद रहने वाले हैं. इनके अलावा बाकी 5 दिन देश के अलग-अलग राज्‍यों में अलग-अलग तारीखों को बैंक बंद रहेंगे. हालांकि जरूरी नहीं कि इन 5 दिनों में हर जगह बैंक बंद रहे. केवल प्रभावित राज्‍यों और शहरों में बैंक बंद रहेंगे. पूरी डिटेल आप नीचे देख सकते हैं.

NATIONAL : ममता बनर्जी ने बुलाई थी विधायकों की बैठक, आए महज 20; अब टीएमसी ने मीटिंग स्थगित करने की बताई वजह

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तृणमूल कांग्रेस की विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को नहीं हो सकी, क्योंकि अपेक्षित संख्या में विधायक उपस्थित नहीं हुए। पार्टी नेतृत्व ने अनुपस्थिति की वजह हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और नेताओं पर हुए कथित हमलों के बाद क्षेत्रीय स्तर पर चल रही गतिविधियों को बताया।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नवनिर्वाचित विधायकों की रविवार को प्रस्तावित बैठक स्थगित कर दी गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, करीब 80 विधायकों में से लगभग तीन-चौथाई के बैठक में नहीं पहुंचने के कारण यह फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को करनी थी। यह बैठक उनके कालीघाट स्थित आवास पर आयोजित होने वाली थी।

टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने विधायकों की अनुपस्थिति के लिए शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले और रविवार को पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी के साथ कथित मारपीट की घटनाओं के बाद बने हालात को जिम्मेदार बताया।

कुणाल घोष ने कहा, “बैठक पहले से तय थी। लेकिन हमारे नेताओं पर हुए हमलों के बाद विधायक जमीनी स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इसके बाद हमारे कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी पुलिस कार्रवाई की गई है।” उन्होंने कहा कि कई विधायक जमीनी हालात संभालने और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की मदद में व्यस्त हैं। उन्होंने पार्टी विधायक दल को स्थिति की जानकारी देते हुए बैठक स्थगित करने का अनुरोध किया था।

घोष ने कहा, “विधायकों के इस वैध अनुरोध को देखते हुए पार्टी ने फिलहाल बैठक स्थगित करने का फैसला किया, जबकि करीब 20 विधायक बैठक स्थल पर पहुंच चुके थे।” उन्होंने बताया कि यह बैठक बाद में आयोजित की जाएगी और इसकी नई तारीख की जानकारी सभी विधायकों को दी जाएगी।

ममता ने विधायकों से की अनौपचारिक बातचीत
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कम उपस्थिति के बावजूद ममता बनर्जी ने बैठक में पहुंचे नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की। इस बीच, घोष ने अगले 48 घंटों के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज करने के लिए पार्टी के दो फैसलों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा, “हमने अपने नेताओं को निर्देश दिया है कि एक जून को ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर विरोध रैलियां निकाली जाएं। इन रैलियों में अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और भाजपा के चुनाव बाद के कथित आतंक का शिकार हुए हमारे कार्यकर्ताओं पर हमलों के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।”

टीएमसी ने दो जून को कोलकाता में एक दिवसीय धरने का भी एलान किया है, जिसकी अगुवाई ममता बनर्जी करेंगी। घोष ने कहा, “यह सांकेतिक धरना एस्प्लेनेड स्थित रानी रश्मोनी रोड धरना स्थल पर होगा। इसमें चुनाव बाद की हिंसा और राज्यभर में बुलडोजर के जरिए किए जा रहे फेरीवालों के निष्कासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा।” उन्होंने बताया कि दो जून को धरना स्थल से ही पार्टी के आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।

NATIONAL : कर्नाटक में डीके शिवकुमार को मिलेगी CM की कुर्सी? राहुल गांधी के सामने दिग्गजों की पेशी

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कर्नाटक में कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हैं. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली में खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात कर रहे हैं. हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि यह बैठक कई अहम मुद्दों को लेकर है.

कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी क्या नेतृत्व परिवर्तन करने जा रही है? यह सवाल लंबे समय से उठता रहा है. लेकिन, मंगलवार को इस को लेकर एक बड़ी हलचल देखी जा रही है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मंगलवार को दिल्ली में हैं. वे कांग्रेस हेडक्वाटर इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर रहे हैं. इस अहम बैठक में AICC के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और AICC महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल भी मौजूद हैं. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक का मुख्य एजेंडा कर्नाटक में जाति जनगणना का मुद्दा है. इसके अलावा, हाल ही में बेंगलुरु में हुई भगदड़ की घटना पर भी चर्चा हो सकती है. इस मुलाकात ने कर्नाटक की सियासत में हलचल मचा दी है, क्योंकि डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की अटकलें भी तेज हो गई हैं.

कर्नाटक में जाति जनगणना लंबे समय से एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है. सिद्धारमैया सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए हैं, लेकिन इसे लागू करने में कई चुनौतियां सामने आई हैं. सूत्रों का कहना है कि खरगे और राहुल गांधी के साथ यह बैठक जाति जनगणना की प्रगति और इसके राजनीतिक प्रभावों पर केंद्रित हो सकती है. कांग्रेस इस मुद्दे को 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद और मजबूती से उठाना चाहती है, ताकि सामाजिक न्याय के अपने वादे को पूरा कर सके. सिद्धारमैया और शिवकुमार इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाने की कोशिश में हैं, लेकिन पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं.

डीके शिवकुमार का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए पहले भी उछलता रहा है. 2023 में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था. उस समय पार्टी ने दोनों नेताओं के बीच सत्ता साझेदारी का फॉर्मूला तय किया था, जिसमें शिवकुमार को बाद में कथित तौर पर मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई थी. अब, लोकसभा चुनावों में कर्नाटक में कांग्रेस के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के बाद शिवकुमार के समर्थकों ने फिर से उनके लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी की मांग शुरू कर दी है. उनकी वोकालिगा समुदाय में मजबूत पकड़ और संगठनात्मक कौशल को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

हाल ही में बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ ने भी सरकार की फजीहत करवाई है. इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए थे, जिसके बाद विपक्ष ने सिद्धारमैया सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए. सूत्रों के अनुसार इस बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा कर सकती है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

दिल्ली में यह मुलाकात कर्नाटक कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय करने में अहम हो सकती है. अगर शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो यह कर्नाटक में सत्ता समीकरणों को बदल सकता है. हालांकि, सिद्धारमैया के समर्थक भी उनकी उपलब्धियों, खासकर पांच गारंटी योजनाओं को लागू करने को रेखांकित कर रहे हैं.

India US Deal: भारत-अमेरिका के बीच होने वाली है बड़ी ट्रेड डील, 1 जून से दिल्ली में शुरू होगा फाइनल राउंड, रुबियो ने दिए थे संकेत

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भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही बड़ी ट्रेड डील शुरू होने वाली है। इससे पहले दोनों देशों के बीच भारत में 1 से 4 जून के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस डील के बारे में हाल में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिए थे।

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच अगले दौर की द्विपक्षीय वार्ता 1 से 4 जून 2026 तक भारत में होने जा रही है। इस चार दिवसीय बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच प्रस्तावित अंतरिम समझौते की बारीकियों को फाइनल करना और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत बातचीत को तेजी से आगे बढ़ाना है।

यह घटनाक्रम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस बयान के कुछ ही दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देश व्यापार समझौते के बिल्कुल अंतिम विवरणों पर काम कर रहे हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि यह डील आने वाले कुछ हफ्तों में फाइनल हो जाएगी।

बैठक में इन 5 मुद्दों पर होगी चर्चा
भारत आ रही अमेरिकी मुख्य वार्ताकार (Chief Negotiator) की अगुवाई वाली टीम और भारतीय अधिकारियों के बीच होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इन मुद्दों में ये प्रमुख हैं:

  1. बाजार तक पहुंच: दोनों देशों के उत्पादों को एक-दूसरे के बाजारों में आसान एंट्री दिलाना।
  2. गैर-टैरिफ उपाय: व्यापार में आने वाली उन तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना जो टैक्स (टैरिफ) के दायरे में नहीं आतीं।
  3. कस्टम और व्यापार सुगमीकरण: सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को आसान और डिजिटल बनाना ताकि माल की आवाजाही तेजी से हो सके।
  4. निवेश प्रोत्साहन: दोनों देशों के बीच नए निवेश और कॉर्पोरेट पार्टनरशिप के अवसरों को बढ़ाना।
  5. आर्थिक सुरक्षा समन्वय: बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच दोनों महाशक्तियों की आर्थिक सुरक्षा को एक सुर में लाना।

कब तक हो सकती है डील?
अपने भारत दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को इस डील को लेकर काफी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि यह समझौता अगले हफ्ते या उसके बाद वाले हफ्ते में हो जाएगा। हम बिल्कुल अंतिम बारीकियों पर चर्चा कर रहे हैं। मेरे पास आशान्वित होने की पूरी वजह है कि हम एक बड़े व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं।’
यह समझौता सिर्फ टैरिफ के बारे में नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच निवेश को मजबूत करने और भविष्य में मिलकर काम करने के लिए स्थितियां तैयार करने के बारे में है।

भारत और अमेरिका के बीच इस बड़ी डील की नींव 7 फरवरी 2026 को पड़ी थी। उस समय दोनों देशों ने आपसी और समान लाभ वाले व्यापार के लिए एक अंतरिम समझौते के फ्रेमवर्क पर संयुक्त बयान जारी किया था।

NATIONAL : शुभेंदु मंत्रिमंडल का विस्तार आज, 35 मंत्री लेंगे शपथ, नए चेहरों को मिलेगा मौका

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पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद सोमवार को पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। सुबह 11 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें 35 नए मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है। यह विस्तार सरकार गठन के बाद अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन का दूसरा चरण सोमवार को पूरा होने जा रहा है। सोमवार को मंत्रिमंडल का विस्तार होगा और 35 नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई जाएगी। बता दें कि शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल कर तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन का अंत किया

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य मंत्रिपरिषद का विस्तार किया जाएगा और 35 नए मंत्री शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह सोमवार सुबह 11 बजे नबन्ना (राज्य सचिवालय) में आयोजित होगा, जहां राज्यपाल आरएन रवि मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

अब मंत्रिमंडल विस्तार के साथ भाजपा सरकार प्रशासनिक स्तर पर अपनी टीम को और मजबूत करने जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नए मंत्रियों को शामिल कर सरकार विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश करेगी। नबन्ना में होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक कदम माना जा रहा है

मंत्री पद के लिए इन नामों की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, उत्तर बंगाल के माथाभांगा से विधायक निशीथ प्रमाणिक को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने और कूचबिहार-दक्षिण के विधायक रथींद्र बोस को विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद इस क्षेत्र के दो अन्य विधायकों दीपक बर्मन और शंकर घोष को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने संकेत दिया है कि मंत्रिपरिषद के विस्तार के साथ ही विभागों के बंटवारे पर भी आगे फैसला हो सकता है। चर्चा है कि कई नव-निर्वाचित विधायकों को पहली बार मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इनमें शिलिगुड़ी के विधायक शंकर घोष, कूचबिहार के मनोज ओंराओ, सिउरी के जगन्नाथ चटोपाध्याय, विधाननगर के शारद्वत मुखोपाध्याय, रसबीहारी के स्वपन दासगुप्ता, मयूरेश्वर के दुधकुमार मंडल और मानिकतला के तापस राय जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार में दो या उससे अधिक महिला चेहरों को भी जगह मिल सकती है। इसके अलावा एक महिला अभिनेत्री को भी मंत्री पद दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं अभिनेता से नेता बने रुद्रनील घोष भी मंत्रिमंडल में स्थान पाने की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पत्रकारिता से राजनीति में आए दो नेताओं स्वपन दासगुप्ता और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को भी सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता को उच्च शिक्षा मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी। उनके साथ पांच अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल थे।

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