Tuesday, February 3, 2026
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SPORTS : विराट कोहली ने उतारी अर्शदीप सिंह की नकल…

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विराट कोहली शानदार फॉर्म में हैं और वो भारतीय खिलाड़ियों की हौसला अफजाई कर रहे हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले उनकी ट्रेनिंग का मस्तीभरा अंदाज फैन्स और टीम दोनों के लिए एक पॉजिटिव संकेत है.

भारत और न्यूजीलैड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 11 जनवरी से होने जा रही है. शुरुआती मुकाबला वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेला जाना है, जिसके लिए भारतीय खिलाड़ी प्रैक्टिस में जुटे हुए हैं. 9 जनवरी (शुक्रवार)को प्रैक्टिस सेशनल के दौरान टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली बेहद मस्ती और जोश भरे अंदाज में नजर आए.

ट्रेनिंग के दौरान विराट कोहली साथी खिलाड़ियों के साथ हंसते-मुस्कुराते दिखे. सबसे मजेदार पल तब आया, जब किंग कोहली ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की रन-अप की नकल की. उन्होंने अर्शदीप की तरह दौड़कर दिखाया, जिस पर टीम के बाकी खिलाड़ी खूब हंसे. इससे साफ दिखा कि कोहली मैदान पर सिर्फ गंभीर नहीं रहते, बल्कि टीम का माहौल हल्का-फुल्का और पॉजिटिव रखने में भी माहिर हैं.

लंबे समय बाद विराट कोहली ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ट्रेनिंग सेशन की तस्वीरें भी पोस्ट की थीं, जिनमें वो केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और हर्षित राणा के साथ नजर आए. दो सालों में यह पहला मौका था, जब उन्होंने अपनी तैयारियों की झलक शेयर की. साउथ अफ्रीका के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में विराट कोहली धमाकेदार फॉर्म में रहे थे.

विराट कोहली ने उस सीरीज में 151 की औसत से 302 रन बनाए, जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल रहे. इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था. इस प्रदर्शन के बाद कोहली आईसीसी की ओडीआई बैटिंग रैंकिंग में दूसरे नंबर पर पहुंच गए थे. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा फिलहाल नंबर-1 पर हैं.

MP : ‘मैं गरीब हूं, डॉक्टर बनना चाहती हूं…’ मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंची फरियाद तो फूट-फूटकर रो पड़ी छात्रा

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मध्य प्रदेश के सीधी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान एक गरीब आदिवासी परिवार की होनहार बेटी का दर्द सबके सामने आ गया। पढ़ाई और भविष्य के लिए मदद की उम्मीद लेकर पहुंची छात्रा मुख्यमंत्री से नहीं मिल सकी और निराशा में फूट-फूटकर रो पड़ी। डॉक्टर बनने का सपना लिए छात्रा की आंखों से छलके आंसू अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक गरीब आदिवासी परिवार की बेटी मुख्यमंत्री से गुहार लगाने पहुंची थी. जब वह सीएम से नहीं मिल पाई तो दर्द उसकी आंखों से छलक पड़ा. बहरी में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अपनी पढ़ाई और भविष्य की मदद की गुहार लगाने पहुंची छात्रा सीएम तक नहीं पहुंच सकी और निराशा में फूट-फूटकर रो पड़ी.यह छात्रा सीधी के आदिवासी बहुल क्षेत्र चिनगवाह गांव की रहने वाली है और बैगा समुदाय से आती है. छात्रा का नाम अनामिका है. वह हाथ में आवेदन लेकर मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश करती रही, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम की व्यस्तता के चलते उसे मुख्यमंत्री तक पहुंचने का मौका नहीं मिला.

रोते हुए छात्रा ने कहा कि उसका सपना डॉक्टर बनने का है. वह पढ़-लिखकर समाज और देश की सेवा करना चाहती है, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है. उसके पिता मजदूरी करते हैं, जिससे घर का खर्च चलाना भी मुश्किल होता है. ऐसे में मेडिकल जैसी महंगी पढ़ाई का सपना उसके लिए दूर होता जा रहा है.छात्रा ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूं, डॉक्टर बनना चाहती हूं, लेकिन पैसे नहीं हैं. पापा मजदूरी करते हैं. पढ़ाई का खर्च कहां से आएगा, यही चिंता हर दिन मुझे परेशान करती है.

अनामिका ने कहा कि उसने अपनी पढ़ाई के लिए पहले भी कई बार मदद के लिए गुहार लगाई है. वह सीधी जिले के धौहनी क्षेत्रीय विधायक, सांसद और कलेक्टर से भी मिल चुकी है, लेकिन अब तक उसे किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई.आखिरी उम्मीद लेकर वह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंची थी. उसे उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री से मिलकर छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता या किसी शासकीय योजना का लाभ मिल सकेगा, जिससे उसका मेडिकल की पढ़ाई का सपना पूरा हो सके.

ENTERTAINMENT : उदयपुर में नुपुर सेनन की शाही शादी का जश्न शुरू, हल्दी-संगीत सेरेमनी में दिल खोलकर नाचीं कृति

उदयपुर के फेयरमोंट पैलेस में बॉलीवुड क्वीन कृति सेनन की बहन नुपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन की हल्दी-संगीग सेरेमनी का भव्य आयोजन हुआ. वेडिंग फंक्शन में स्टेबिन येलो कुर्ता-पायजामा में ढोल पर नाचे, जबकि नुपुर येलो लहंगे में खूबसूरत नजर आईं.

उदयपुर एक बार फिर से शाही शादी का गवाह बनने जा रहा है. बॉलीवुड क्वीन कृति सेनन की बहन नुपुर सेनन, सिंगर स्टेबिन बेन की दुल्हन बनने के लिए रेडी हैं. उदयपुर के फेयरमोंट पैलेस में भव्य शादी का जश्न शुरू हो चुका है. छोटी बहन की शादी में कृति दिल खोलकर नाच रही हैं. सोशल मीडिया पर फंक्शन के कई इनसाइड वीडियोज और तस्वीरें सामने आ रही हैं. आइए देखते हैं कि कैसा रहा नुपुर और स्टेबिन की हल्दी-संगीत सेरेमनी का फंक्शन.

हल्दी सेरेमनी में दूल्हे राजा स्टेबिन बेन येलो कलर के कुर्ता-पायजामा में ढोल पर नाचते दिखे. स्टेबिन ने हल्दी फंक्शन में धमाकेदार डांस किया और हर किसी का ध्यान खींचा. हल्दी सेरेमनी में नुपुर येलो कलर के लहंगे में बेहद खूबसूरत नजर आईं. नुपुर और स्टेबिन अपनी हल्दी सेरेमनी में खूब डांस करते दिखे.ढोल पर डांस करने के बाद कपल ने ये लो… ये लो गाने पर एनर्जेटिक परफॉर्मेंस दी. उन्हें डांस करता देख कर साफ समझ आ रहा था कि वो अपनी शादी के हर फंक्शन को खूब एंजॉय कर रहे हैं.

होने वाली दुल्हनिया नुपूर ने बड़ी बहन कृति के साथ मिलकर सजना जी वारी गाने पर होने वाले पति स्टेबिन के लिए प्यारी सी परफॉर्मेंस दी. नुपुर के चेहरे की खुशी बता रही थी कि वो प्यार को हमसफर बनाकर खुद को खुशकिस्मत महसूस कर रही हैं. नुपुर सेनन के वेडिंग फंक्शन के वीडियोज और तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर त्योहार सा माहौल बना दिया है.

छोटी बहन की शादी में कृति सेनन ने भोजपुरी गाने लॉली पॉप पर धमाकेदार परफॉर्मेंस दी. संगीत सेरेमनी के मंच पर उनके साथ एक्टर वरुण शर्मा भी नजर आए. वरुण और कृति ने अपने डांस मूव्स से महफिल में आग लगा दी. कुल मिलाकर कृति अपनी मौजूदगी से बहन की शादी में चार चांद लगाती नजर आईं. नुपुर सेनन परिवार की छोटी बेटी हैं. छोटी बेटी की शादी पर उनकी मां गीता सेनन ने दिल तू जान तू गाने पर इमोशनल परफॉर्मेंस दी. मां के साथ कृति भी बहन और जीजा के लिए इमोशनल होती दिखीं.

सेनन परिवार का वेडिंग फंक्शन देखकर फैन्स का दिल खुशी से झूम उठा है. हर इंसान सेनन सिस्टर्स को बेस्ट बता रहा है. कृति ने जिस तरह बहन की शादी में रौनक लगाई है. फैन्स उन्हें बेस्ट सिस्टर का टैग दे रहे हैं. फैन्स का कहना है कि बड़ी बहन हो तो कृति जैसी. नुपुर और स्टेबिन की जोड़ी भी फैन्स की फेवरेट है. फैन्स ने होने वाले दुल्हा-दूल्हन को ढेर सारी बधाई दे रहे हैं. आप नुपुर और स्टेबिन की शादी में आने के लिए तैयार हैं ना?

UP : ‘प्यार में धोखा मिलने पर मार डाला…’, झांसी में महिला ऑटो चालक केस में मुख्य आरोपी का हाफ एनकाउंटर

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उत्तर प्रदेश के झांसी में पहली महिला ऑटो चालक की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने आधी रात हाफ एनकाउंटर में दबोच लिया है. एनकाउंटर के दौरान आरोपी को गोली लगी, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.

झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. चार दिन से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने हाफ एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के पास से तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैंपुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले चार दिनों से फरार चल रहा था. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और बरुआसागर थाना क्षेत्र में बेतवा नदी के नोटघाट पुल पर अपनी कार छोड़कर फरार हो गया था. कार के अंदर से पुलिस ने एक तमंचा भी बरामद किया था.

बता दें कि रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात नवाबाद थाना क्षेत्र के सुकुवां-ढुकवां कॉलोनी के पास अनीता चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. शुरुआत में यह मामला सड़क हादसे का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आई.पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि अनीता की कनपटी में गोली मारी गई थी. गोली लगने के बाद वह गिर गई और गोली गले में फंस गई थी, जिस वजह से शुरुआत में मामला एक्सीडेंट जैसा प्रतीत हुआ. बाद में पोस्टमार्टम में गोली मिलने से हत्या की पुष्टि हुई.

महिला के पति की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया. झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया था कि मुख्य आरोपी मुकेश झा ने अपने बेटे शिवम झा और बहनोई मनोज झा के साथ मिलकर अनीता की हत्या की.पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी शिवम झा और मनोज झा को पहले ही हिरासत में ले लिया था. वहीं, मुख्य आरोपी मुकेश झा फरार चल रहा था, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.

शुरुआती जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मुकेश झा पिछले 6–7 वर्षों से महिला के संपर्क में था. कुछ समय से दोनों के बीच विवाद चल रहा था. बताया जा रहा है कि आरोपी ने प्यार में धोखा मिलने के बाद एनिवर्सरी की रात अनीता की गोली मारकर हत्या कर दी.

मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं. पुलिस को उसकी कार बेतवा नदी के नोटघाट पुल पर मिली थी, जिससे यह आशंका जताई जा रही थी कि आरोपी ने नदी में कूदकर आत्महत्या की है. पुलिस ने नदी और आसपास के जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका.

आखिरकार पुलिस ने आरोपी को आधी रात हाफ एनकाउंटर में दबोच लिया. पुलिस के अनुसार आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी. मौके से तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं. फिलहाल, आरोपी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

NATIONAL : मुंबई में घर में लगी भीषण आग, परिजन को बचाने तक का मौका नहीं मिला… तीन लोगों की जलकर मौत

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मुंबई में शनिवार तड़के एक रिहायशी इलाके में आग ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया. गोरेगांव (पश्चिम) में हुए इस हादसे में 12 साल के बच्चे और 19 साल की युवती समेत तीन लोगों की जान चली गई.

मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) स्थित भगत सिंह नगर में शनिवार तड़के एक रिहायशी मकान में आग लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई. आग इतनी तेजी से फैली कि घर में फंसे लोगों को बचाने का मौका नहीं मिल सका.मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) इलाके के भगत सिंह नगर में शनिवार तड़के एक दर्दनाक हादसा सामने आया. यहां राजाराम लेन स्थित एक रिहायशी मकान में आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई. मृतकों में 12 साल का बच्चा और 19 साल की युवती भी शामिल हैं.

फायर ब्रिगेड के मुताबिक यह घटना सुबह करीब 3:06 बजे हुई. आग एक ‘ग्राउंड प्लस वन’ (G+1) ढांचे वाले मकान में लगी. शुरुआती जानकारी के अनुसार आग घर के भूतल पर बिजली के तारों और घरेलू सामानों में लगी थी, जो देखते ही देखते पहली मंजिल तक फैल गई.आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई. दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने बाल्टियों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की. इसके बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बिजली की सप्लाई काटकर आग पर काबू पाया.

घर में फंसे तीन लोगों को बाहर निकालकर पुलिस वैन और निजी वाहनों की मदद से तुरंत ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया. हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तीनों को ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया.मृतकों की पहचान हर्षदा पावस्कर (19 वर्ष), कुशल पावस्कर (12 वर्ष) और संजोग पावस्कर (48 वर्ष) के रूप में हुई है. हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है.

फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है. दमकल विभाग और पुलिस की टीम मामले की जांच कर रही है.

NATIONAL : बॉयफ्रेंड को गिफ्ट की 25 लाख की कार… 5 करोड़ की चोरी मामले में फंसी आरटीओ की भतीजी की कहानी

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छत्तीसगढ़ के जशपुर में करोड़ों की हाई-प्रोफाइल चोरी की कहानी हैरान कर देने वाली है. एक आईफोन खरीदने के लिए की गई पहली चोरी ने आरटीओ अधिकारी की सगी भतीजी को अपराध के रास्ते पर डाल दिया. युवती ने अफसर के घर से चोरी कर बॉयफ्रेंड को 25 लाख की कार गिफ्ट की. उसके साथ जमकर लग्जरी पार्टियां कीं.

छत्तीसगढ़ के जशपुर में सामने आई करोड़ों की हाई-प्रोफाइल चोरी की कहानी एक आईफोन की चाहत से शुरू हुई थी. आरटीओ अफसर की सगी भतीजी ने पहले आईफोन के लिए घर में चोरी की, तो किसी को कुछ पता नहीं चला. उसका हौसला बढ़ गया तो फिर चोरी की. चोरी के पैसों से उसने बॉयफ्रेंड को 25 लाख की लग्जरी कार गिफ्ट की. आलीशान पार्टियां कीं, फिर जब कहानी से पर्दा उठा तो पुलिस ने इस केस में शामिल सभी आरोपियों को पकड़ लिया.

यह कहानी जशपुर के जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज के घर की है. पुलिस जांच में सामने आया कि आरटीओ की सगी भतीजी मीनल निकुंज ने पहली बार चोरी एक आईफोन खरीदने के लिए की थी. उसने घर की अलमारी से करीब दो लाख रुपये निकाले. जब कई दिनों तक किसी को पैसे गायब होने का एहसास नहीं हुआ, तो मीनल को लगा कि यह काम आसान है… और यहीं से उसका हौसला बढ़ गया.

तीसरी बार मीनल ने अपनी दादी के कमरे की चाबी चुराई और वहां रखा पूरा सूटकेस ही गायब कर दिया. इस सूटकेस में करीब 15 लाख रुपये कैश के अलावा सोने के बिस्किट और कीमती जेवरात रखे थे. पुलिस के मुताबिक, इस सोने और नकदी की कुल कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी गई. मीनल अकेली नहीं थी. इस क्राइम में उसका बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान भी साझेदार था. दोनों ने चोरी की रकम को खुलकर उड़ाया.

चोरी के पैसों से मीनल ने अपने बॉयफ्रेंड को करीब 25 लाख रुपये की कार गिफ्ट कर दी. यही नहीं, दोनों ने रायपुर में एक लग्जरी विला बुक कर बर्थडे मनाया, जहां सिर्फ तीन दिनों में करीब 5 लाख रुपये खर्च कर दिए.रायपुर और दुर्ग के रिसॉर्ट, पिकनिक, पार्टी और मौज-मस्ती… सब कुछ मानो किसी फिल्मी कहानी जैसा चल रहा था. उन्हें लग रहा था कि यह ऐशो-आराम चलता रहेगा.

कहानी में दिलचस्प मोड़ तब आया, जब आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जशपुर से लगे रानीदाह वॉटरफॉल में पार्टी के दौरान उनके किराए के कमरे से कोई अज्ञात व्यक्ति वही सूटकेस चुरा ले गया, जिसमें सोने के बिस्किट और जेवरात थे. यानी जिन लोगों ने खुद चोरी की थी, उन्होंने ही खुद को भी चोरी का शिकार बताया. पुलिस इस दावे की सच्चाई की जांच कर रही है.

जब आरटीओ अधिकारी विजय निकुंज को घर से सोना और नकदी गायब होने का एहसास हुआ, तो मामला पुलिस तक पहुंचा. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, तो कुछ सुराग मिलने लगे. जशपुर पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मीनल और उसके साथियों को रांची के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने अब तक 51.82 लाख रुपये का सामान बरामद किया है, जिसमें कार, तीन सोने के बिस्किट, 86 हजार रुपये नकद, तीन मंगलसूत्र और एक आईफोन शामिल है. बाकी सोने और नकदी की तलाश जारी है. फिलहाल मीनल, उसका बॉयफ्रेंड और अन्य आरोपी पुलिस हिरासत में हैं. करोड़ों की चोरी की यह कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन चुकी है.

BHAKTI : 23 या 24 जनवरी, कब है बसंत पंचमी? जानें क्या है इसकी सही डेट और शुभ मुहूर्त

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हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का पर्व एक महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है. यह त्योहार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और इसे देवी सरस्वती की पूजा के रूप में भी मनाया जाता है. तो आइए जानते हैं बसंत पंचमी सही डेट व तिथि.

बसंत पंचमी हर साल माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है. यह दिन माता सरस्वती को समर्पित होता है. मां सरस्वती को ज्ञान, बुद्धि, विद्या, संगीत और कला की देवी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन उनकी पूजा करने से मन शांत होता है और ज्ञान में वृद्धि होती है. पढ़ाई, संगीत, कला या शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए यह दिन खास माना जाता है.

माता सरस्वती को शारदा देवी भी कहा जाता है. बसंत पंचमी को श्री पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सरस्वती का प्राकट्य माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ था, इसलिए इस दिन को उनका जन्मदिन भी माना जाता है.

द्रिक पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी की तिथि 23 जनवरी को अर्धरात्रि 2 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 24 जनवरी 2026 को अर्धरात्रि में 1 बजकर 46 मिनट पर होगा. इस दिन सरस्वती पूजा का सबसे शुभ समय सुबह 7 बजकर 15 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. मान्यता है कि इस समय पूजा करने से अच्छे फल मिलते हैं.

बसंत पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिला लें और स्नान करते समय हर हर गंगे, हर हर यमुने, हर हर सरस्वती का नाम लें. इसके बाद घर के मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई करें. फिर, एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर उस पर मां सरस्वती की फोटो या मूर्ति स्थापित करें. मां के सामने घी का दीपक जलाएं और पीले फूल अर्पित करें. हल्दी या पीले रंग का तिलक लगाएं और पीली मिठाई का भोग लगाएं. अगर आपको मां सरस्वती का कोई मंत्र आता है तो उसका जाप करें, नहीं तो सरलता से उनकी आरती कर लें. अंत में मां को प्रणाम करके अपनी मनोकामना उनके चरणों में निवेदन करें.

बसंत पंचमी से वसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है. यह त्योहार प्रेम और उल्लास से जुड़े मदनोत्सव से भी जुड़ा हुआ है. कुछ परंपराओं में इसी दिन से रतिकाम महोत्सव की शुरुआत होती है. बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है, यानी इस दिन बिना मुहूर्त देखे शुभ काम किए जा सकते हैं. इस दिन बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत, नया काम या व्यवसाय शुरू करना, मुंडन संस्कार, अन्नप्राशन और गृह प्रवेश, जैसे शुभ कार्य करना बहुत अच्छा माना जाता है.

ENTERTAINMENT : धुरंधर की सक्सेस के बाद अक्षय खन्ना ने बढ़ाई फीस, छोड़ी दृश्यम 3, मनोज देसाई बोले- गलत किया

धुरंधर की सफलता के बाद अक्षय ने फिल्म दृश्यम 3 के लिए अपनी फीस में बढ़ोतरी की मांग की, जो लगभग 21 करोड़ बताई जा रही है. फिल्म एग्जिबिटर मनोज देसाई ने इस फीस बढ़ोतरी को गलत बताया और कहा कि स्टार्स को सफलता मिलने पर संयम रखना चाहिए.

फिल्म धुरंधर की जबरदस्त सफलता ने अक्षय खन्ना के स्टारडम को बढ़ा दिया है. रहमान डकैत के रोल में उन्होंने जो उम्दा काम किया, उसकी हर किसी ने तारीफ की. अक्षय के स्वैग ने हर किसी को अपना मुरीद बनाया. फिल्म की सक्सेस का खुमार सबके सिर चढ़कर बोल रहा था. इस बीच खबर आई कि एक्टर ने फिल्म दृश्यम 3 के लिए अपनी फीस में बढ़ोतरी की है. जानकारी के मुताबिक, वो फिल्म के लिए 21 करोड़ मांग रहे थे. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की गई.

नतीजा ये हुआ कि फीस और क्रिएटिव डिफरेंस की वजह से एक्टर ने फिल्म छोड़ दी. धुरंधर की सफलता के बाद अक्षय खन्ना के यूं फीस बढ़ाने को फिल्म एग्जिबिटर मनोज देसाई ने गलत फैसला कहा है. बॉलीवुड हंगामा संग बातचीत में मनोज देसाई ने कहा- जानकारी मिली कि धुरंधर की सफलता के बाद अक्षय खन्ना जी ने अपनी फीस बढ़ाई. जिसकी वजह से वो फिल्म दृश्यम 3 से बाहर हुए. जो कि मुझे पर्सनली लगता है कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था. जब भी किसी स्टार को सक्सेस मिलती है- भले ही वो 3-4 मिनट के गाने के जरिए हो- उन्हें थोड़ा शांत रहने और ठहरने की जरूरत है. ये मेरी सोच है. यकीनन ही अक्षय खुद में मास्टर हैं, जो वो चाहे कर सकते हैं.

मनोज देसाई का मानना है कि धुरंधर की सफलता ने रणवीर को टॉप स्टार्स की लिस्ट में खड़ा कर दिया है. वो कहते हैं- ऐसी फिल्म में काम कर आप नंबर 1 बनते हैं, आप किंग बनते हैं. अगर जब सब ठीक चल रहा है तो आपको आगे भी सही फैसले लेने होंगे. अगली फिल्म काफी सोच समझकर चुननी होगी. अपने रोल को देखो, कहानी को देखो, डॉयलॉग देखो. ये हर एक्टर पर अप्लाई होता है. अभी धुरंधर आउटस्टैंडिंग है. इसलिए मैं इस पर बात कर रहा हूं.

मनोज देसाई के मुताबिक, धुरंधर की सफलता के पीछे एग्रेसिव प्रमोशन और म्यूजिक ने अहम भूमिका निभाई है. वो कहते हैं- ये एडवरटाइजिंग की ताकत है. जो ऐसे प्रमोशन में खुद को इंवेस्ट करता है, उसे रिजल्ट मिलता है. धुरंधर की टीम ने काफी मेहनत की. खासतौर पर यूट्यूब पर अक्षय खन्ना का गाना बड़ा हिट हुआ. मनोज देसाई ने बताया कि उन्होंने अभी तक धुरंधर नहीं देखी है.

मालूम हो, धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर आंधी बनकर गरजी है. इसने वर्ल्डवाइड मार्केट में 1200 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस कर लिया है. फिल्म की सक्सेस से पूरी स्टारकास्ट और डायरेक्टर आदित्य धर खुश हैं.

NATIONAL : दिल्ली के साकेत कोर्ट में कोर्ट कर्मी की आत्महत्या, सुसाइड नोट में काम का दबाव बताया कारण

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दिल्ली के साकेत कोर्ट परिसर में कार्यरत एक कर्मी ने कोर्ट की ऊपरी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने मानसिक परेशानी और कार्य दबाव को मुख्य कारण बताया.

दिल्ली के साकेत कोर्ट परिसर में एक दुखद घटना हुई जब कोर्ट में कार्यरत कर्मचारी हरिश सिंह ने आत्महत्या कर ली. हरिश सिंह साकेत कोर्ट में कार्यरत थे. उन्होंने कोर्ट भवन की ऊपरी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी, जिससे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया.पुलिस को तुरंत घटना की सूचना दी गई और वे तुरंत मौके पर पहुंच गए. वहां उन्हें हरिश सिंह का शव मिला, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी.

घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें हरिश सिंह ने अपनी मानसिक परेशानी और काम के दबाव को अपनी आत्महत्या का मुख्य कारण बताया है. परिजनों और सहकर्मियों ने बताया कि हरिश सिंह लंबे समय से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे. इसके अलावा वह शारीरिक रूप से भी विकलांग थे, जिससे उनका जीवन और भी कठिन हो गया था. वे लगातार कार्य दबाव और मानसिक तनाव के कारण परेशान थे.

इस घटना के बाद कोर्ट प्रशासन और कर्मचारियों में शोक का माहौल है. पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और मृतक के परिजनों तथा सहकर्मियों से बातचीत कर रही है, ताकि स्थिति की गहराई से समझ हासिल की जा सके. फिलहाल जांच में किसी तरह की आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं.

Lohri 2026: लोहड़ी पर अग्नि का महत्व और दुल्ला भट्टी की कहानी!

जनवरी में तिल से त्योहार बहुत खास माने जाते हैं. हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी को लोहड़ी उत्तर भारत में धूमधाम से मनाई जाती है. लोहड़ी के दिन सिख समुदाय के लोग आग में तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाते हैं. आग के चारों तरफ चक्कर लगाकर सभी लोग अपने सुखी जीवन की कामना करते हैं. लोहड़ी का महत्व इसलिए बहुत ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि यह नई फसल के तैयार होने की ख़ुशी में मनाया जाता है.

लोहड़ी के दिन सूर्यास्त का समय शाम को 5 बजकर 44 मिनट का रहेगा. ऐसे में सूर्यास्त से 2 घंटे की अवधि लोहड़ी और अग्नि के पूजन के लिए सबसे शुभ रहेगा.

लोहड़ी पर शाम के समय लकड़ियां इकट्ठा कर के घर के आसपास चौराहे या खुली जगह पर अलाव जलाया जाता है. फिर उसके इर्दगिर्द नृत्य कर के नए फसल की खुशियां मनाते हैं. इस आग को अग्नि देव का स्वरूप माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार अग्नि को देवताओं का मुख माना जाता है. लोहड़ी की पवित्र अग्नि में नवीन फसलों को समर्पित करने का भी विधान है, जैसे तिल, मूंगफली, मिठाई के तौर पर रेवड़ी-गजक आदि आग्नि में अर्पित करने से यह देवताओं तक पहुंचती है, जो प्रार्थना, भोग और कृतज्ञता का प्रतीक है.

मान्यता है कि अग्नि देव और सूर्य को फसल समर्पित करने से उनके प्रति श्रद्धापूर्वक आभार प्रकट होता है ताकि उनकी कृपा से कृषि उन्नत और लहलहाता रहे. लोहड़ी एक तरह से प्रकृति की उपासना और आभार प्रकट करने का पर्व है. इस पर्व के दिन से रात छोटी होनी शुरू हो जाती है और दिन बड़े होते हैं.

लोहड़ी पर दुल्ला भट्टी की कहानी सुनने का खास महत्व होता है. दरअसल, मुगल काल में अकबर के दौरान दुल्ला भट्टी पंजाब में ही रहता है. कहते हैं कि दुल्ला भट्टी ने पंजाब की लड़कियों की उस वक्त रक्षा की थी जब संदल बार में लड़कियों को अमीर सौदागरों को बेचा जा रहा था.

वहीं एक दिन दुल्ला भट्टी ने इन्हीं अमीर सौदागरों से लड़कियों को छुड़वाया था और तभी से इसी तरह दुल्ला भट्टी को नायक की उपाधि से सम्मानित किया जाने लगा और हर साल हर लोहड़ी पर ये कहानी सुनाई जाने लगी.

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