Wednesday, May 13, 2026
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NATIONAL : मां ने टीवी देखने से रोका तो नाराज हो गया 14 साल का बेटा… पढ़ने को कहा तो कर लिया सुसाइड

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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां मां ने अपने 14 साल के बेटे को टीवी देखने से मना किया और पढ़ाई करने को कहा. इस बात से बेटा नाराज हो गया और गुस्से में घर छोड़ दिया. घर से निकलकर उसने पुराने खाली मकान में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के पनोह गांव में दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां एक 14 वर्षीय किशोर ने आत्महत्या कर ली. पुलिस का कहना है कि यह दर्दनाक घटना तब हुई, जब किशोर की मां ने उसे टीवी देखने से मना किया और पढ़ाई करने को कहा. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है.

एजेंसी के अनुसार, पुलिस का कहना है कि लड़का दसवीं का छात्र था. वह घर पर टीवी देख रहा था, लेकिन उसकी मां ने उसे टीवी देखने से रोक दिया और पढ़ाई करने को कहा. परिवार के सदस्यों ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि मां के मना करने पर लड़का घर छोड़कर चला गया.जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो परिवार वाले उसकी तलाश में जुट गए. काफी खोजबीन के बाद उसका शव घर से थोड़ी दूरी पर एक पुराने और खाली पड़े मकान में फंदे से लटका हुआ मिला. यह देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया.

इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को घुमारवी अस्पताल भेजा, जहां पोस्टमार्टम किया गया. घुमारवी के डीएसपी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि किशोर के आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

ENTERTAINMENT : कमल हासन की दमदार एक्टिंग भी नहीं बचा सकी फिल्म, बेहद सुस्त है मणिरत्नम का गैंगस्टर ड्रामा

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‘नायकन’ जैसी आइकॉनिक फिल्म देने के 37 साल बाद कमल हासन और मणिरत्नम की आइकॉनिक जिओदी एक बार फिर साथ आई है. ‘ठग लाइफ’ का टीजर, ट्रेलर और गाने बहुत पसंद किए गए थे. फिल्म में कमल के अलावा भी कई दमदार नाम थे. मगर क्या ये फिल्म इन सारे बड़े नामों का कद जस्टिफाई कर पाई? आइए बताते हैं..

मणिरत्नम भारतीय सिनेमा का वो नाम हैं जिनकी बनाई फिल्म के साथ ‘निराशाजनक’ शब्द लिखने की बात शायद कोई सिनेमा लवर कभी सोच भी नहीं सकता. अबतक की उनकी सबसे कमजोर फिल्मों में भी एक फिल्म फैन के दिमाग को ईंधन देने वाला कुछ न कुछ निकल ही आता था. मगर सबसे पावरफुल फिल्ममेकर्स की ये खासियत होती है कि अपनी फिल्म के साथ ‘निराशाजनक’ शब्द लिखने का मौका भी वो खुद ही बेहतर तैयार कर सकते हैं. और कमल हासन स्टारर ‘ठग लाइफ’ मणिरत्नम की तरफ से फैन्स को दिया गया वही मौका है.

एक फिल्म जिसमें कमल हासन गैंगस्टर का लीड किरदार निभा रहे हों. फिल्म में तमिल इंडस्ट्री के दमदार यंग स्टार STR उनके साथी हों. नासर, अशोक सेल्वन और त्रिशा जैसा दमदार एक्टर्स हों. और इस दमदार कास्ट को मणिरत्नम जैसा आइकॉनिक डायरेक्टर डायरेक्ट कर रहा हो… तो ऑडियंस की उम्मीदों का लेवल बहुत ऊपर रहना ही है. मगर ‘ठग लाइफ’ जिस तरह निराश करती है उसकी उम्मीद शायद ही टीजर-ट्रेलर देखने के बाद कभी किसी ने की होगी.

‘ठग लाइफ’ एक गैंगस्टर रंगराय शक्तिवेल (कमल हासन) की कहानी है, जिसने अपने भाई (नासर) के साथ मिलकर एक गैंगस्टर मंडली खड़ी की है. कहानी 1998 के फ्लैशबैक से शुरू होती है जहां ये गैंगस्टर बंधु एक पुलिस शूटआउट में फंसे हैं. पुलिस को उनके अड्डे तक पहुंचाया है एक दूसरे गैंगस्टर सदानंद (महेश मांजरेकर) ने. इसी शूटआउट के बीच एक अखबार बांटने वाला और उसके बच्चे भी फंस जाते हैं. अखबार बांटने वाले की गोली लगने से मौत हो जाती है.

उसके बेटे को इस अफरातफरी से बचाकर अपनी ढाल बनाते हुए शक्तिवेल भाग निकलता है. जबकि उसकी बच्ची इस अफरातफरी में खो जाती है. अखबार बांटने वाले के बेटे अमर (STR) को शक्तिवेल अपने बेटे की तरह बड़ा करता है और उससे वादा करता है कि चाहे कितना भी वक्त लगे कभी ना कभी उसकी बहन को खोज निकालेगा.

अब बात 2016 में आ गई है, जहां सदानंद मंत्री बन चुका है. उसके बेटे (रोहित सराफ) के साथ अफेयर की वजह से शक्तिवेल के भाई की बेटी आत्महत्या कर चुकी है. दुश्मनी बढ़ गई है, सदानंद का बेटा मारा जा चुका है. शक्तिवेल जेल जा रहा है और जाते-जाते अमर को अपनी जगह खड़ा कर गया है. कुछ गैर-जरूरी सीक्वेंस और शादी ब्याह के एक फंक्शन के बाद शक्तिवेल पर जानलेवा हमला होता है. वो बच तो जाता है मगर उसे शक है कि इसमें अमर भी शामिल था.

ये बात सच है या नहीं ये दिखाने में मणिरत्नम कुछ और वक्त खर्च करते हैं. फिर कुछ देर बाद शक्तिवेल पर नेपाल में एक हमला होता है और ऐसा लगता है कि अब वो नहीं बचेगा. मगर वो ना सिर्फ जिंदा है बल्कि इस बार बौद्ध भिक्षुओं से फाइट करने की स्पेशल ट्रेनिंग भी लेकर लौटा है. अब शक्तिवेल अपने ऊपर हमला करने वाले, अपने ही गैंग के लोगों को खोज रहा है. यहां देखें ‘ठग लाइफ’ का ट्रेलर:

क्या इसमें अमर भी है? क्या अमर को बच्चे की तरह पालने वाला शक्तिवेल उसपर गोली चला पाएगा? क्या अमर ने शक्तिवेल के साथ कोई छल किया है? और किया है तो क्यों किया है? क्या अमर को कभी उसकी खोई हुई बहन चंदा मिलेगी? ‘ठग लाइफ’ इन्हीं सवालों के जवाब देने की कोशिश करती है. असल में फिल्म सवालों के जवाब पहले देती है और जो हुआ वो क्यों हुआ, ये बताने पर फोकस करती है. मगर मणिरत्नम ने इस नैरेटिव स्ट्रक्चर को जिस लाइन पर चलाया है, वो आपको नींद दिलाने लगता है, खासकर सेकंड हाफ में.

सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि शक्तिवेल एंड गैंग कभी गैंगस्टरबाजी करते दिखते ही नहीं. कहानी में सदानंद एक मंत्री है और उसके बेटे को मार देने पर भी बदले में जैसा रिएक्शन आता है वो बहुत नॉन सीरियस लगता है. सदानंद के अलावा और किसी से भी ये गैंगस्टर दल की कोई दुश्मनी ही नहीं दिखती. ना ही कहानी कभी इन्हें ऐसी सिचुएशन में डालती है जहां दिखे कि ये किस तरह के गैंगस्टर हैं.

‘ठग लाइफ’ एक गैंगस्टर ड्रामा फिल्म है, मगर इसकी कहानी गैंगस्टर्स से ज्यादा उनके पारिवारिक ड्रामा पर फोकस करने लगती है. गैंगस्टर फिल्म की जान होती है मुख्य किरदारों की एंट्री. ‘ठग लाइफ’ में सभी की एंट्री बहुत साधारण है. ऐसी सिचुएशंस ही फिल्म में नहीं हैं जहां आप किसी किरदार से इम्प्रेस हों.

शक्तिवेल का इंद्राणी (त्रिशा) के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर कहानी में पूरी तरह गैर जरूरी है. शक्तिवेल की बेटी की शादी वाला पूरा सीक्वेंस, कहानी में जिस वजह से इस्तेमाल किया गया है, वो वजह आपको फिल्म में नजर ही नहीं आती. ऐसे कई सीक्वेंस इस फिल्म में हैं जो बहुत गैर-जरूरी लगते हैं और ये काटे जाते तो ‘ठग लाइफ’ कम से कम 20 मिनट छोटी हो सकती थी. अमर का किरदार पूरी तरह डेवलप ही नहीं होता. वो शक्तिवेल की परछाईं से निकलकर कभी ऐसा कुछ करता ही नहीं जिससे उसके कैरेक्टर में आपको कोई गहराई या कोई परत नजर आए.

राइटिंग की ये कमी आपको कहीं भी किरदारों से कनेक्ट ही नहीं करने देती. इंटरवल पॉइंट पर शक्तिवेल के अधमरा होने तक कहानी फिर भी कुछ दिलचस्प लगती है और आप देखना चाहते हैं कि आगे क्या होने वाला है. मगर इंटरवल के ठीक बाद जिस तरह उसकी जान बचती है वो मजेदार नहीं लगता. बदला लेने वापस लौटा शक्तिवेल भी असरदार नहीं लगता. उसकी कोई कन्वर्सेशन ऐसी नहीं है जिसमें उसके किरदार की नाराजगी या अपनों से ठगे जाने का गुस्सा झलके. शक्तिवेल की टक्कर का किरदार अमर बहुत फीका है. उसका टशन या स्वैग क्या है, वो किस तरह का बिहेव कर सकता है, बाकि गैंगस्टर्स से वो किस तरह अलग है, ऐसा कुछ भी फिल्म में नजर नहीं आता.

कमल हासन के काम में आपको नजर आता है कि वो लेजेंड क्यों कहे जाते हैं. राइटिंग की दिक्कत से आपको उनका किरदार शायद बहुत दिलचस्प ना लगे, लेकिन एक्टिंग से कमल ने शक्तिवेल को काफी मजबूत बनाया है. शक्तिवेल की बॉडी लैंग्वेज, उसके रिएक्शन मजेदार हैं. STR ने भी अपनी एक्टिंग से ही वो माहौल बनाया है कि स्क्रीन पर उन्हें देखने में इंटरेस्ट आता है.

फिल्म की बाकी कास्ट ने भी अपने-अपने किरदारों को निभाया पूरी नीयत से है चाहे त्रिशा हों या अभिरामी और नासर. अशोक सेल्वन, ऐश्वर्या लक्ष्मी और अली फजल ने भी अपने किरदारों में काम दमदार किया. मगर ‘ठग लाइफ’ की राइटिंग ने इन तीनों को जिस तरह वेस्ट किया है, वो देखने में जितना निराशजनक लगता है उतना ही अजीब भी.

कुल मिलाकर ‘ठग लाइफ’ एक ऐसा आईडिया था जो शक का बीज मन में पड़ जाने पर उगी नफरत की पौध को दिखाना चाहता था. राइटिंग की कमियों को देखने पर ऐसा लगता है कि स्क्रिप्ट में शक्तिवेल को सुपर-गैंगस्टर दिखाने के चक्कर में फिल्म का नैरेटिव स्ट्रक्चर और सब-प्लॉट गड़बड़ हुए हैं. मणिरत्नम के साथ राइटिंग में कमल हासन का भी क्रेडिट है और इन दोनों को ही तय करना है कि किससे कहां चूक हुई है. हालांकि, फिल्म का प्रोडक्शन डिजाईन और सिनेमेटोग्राफी जैसी चीजें मजबूत हैं. मगर जब कहानी ही मजेदार नहीं है तो सॉलिड फ्रेम्स में आदमी देखे क्या!

‘ठग लाइफ’ एक ऐसे आईडिया के तौर पर याद रखी जाएगी जिसमें स्क्रीन पर एक बेहतरीन फिल्म बनने का दम था और इसकी दमदार कास्ट से बहुत यादगार किरदार निकल सकते थे. मगर… ये ‘मगर’ इतना बड़ा हुआ कि पूरी फिल्म निगल गया!

NATIONAL : हाथ में तिरंगा लिए पीएम मोदी का वीडियो शेयर कर सीएम योगी बोले- आज का दिन…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 6 जून को चिनाब ब्रिज का उद्घाटन किया. इस उद्घाटन पर सीएम योगी ने एक वीडियो शेयर करते हुए बड़ी बात लिखी है.
हाथ में तिरंगा लिए पीएम मोदी का वीडियो शेयर कर सीएम योगी बोले- आज का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में चिनाब रेलवे पुल का शुक्रवार को उद्घाटन किया जो दुनिया का सबसे ऊंचा मेहराब वाला रेलवे पुल (आर्च ब्रिज) है. प्रधानमंत्री मोदी चिनाब रेलवे पुल पर तिरंगा लेकर चले.

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के निकट स्थित ‘व्यू प्वाइंट’ पर पहुंचे और उन्हें इस परियोजना के बारे में जानकारी दी गई जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से रेल द्वारा जोड़ने के लिए अहम है.

इस उद्घाटन पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया दी. सीएम योगी ने लिखा कि आज का दिन माता वैष्णो देवी के आशीर्वाद से अभिसिंचित राज्य जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा जम्मू-कश्मीर में विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च सेतु ‘चिनाब ब्रिज’ और भारत के पहले केबल-स्टेड रेल सेतु ‘अंजी ब्रिज’ का लोकार्पण ‘नए भारत’ के अद्भुत इंजीनियरिंग कौशल और अपरिमित सामर्थ्य का प्रतीक है.

सीएम ने लिखा कि यह दोनों सेतु एवं दो नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और आम नागरिकों को तीव्र, आरामदायक एवं भरोसेमंद यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी, इससे सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के भी नए द्वार खुलेंगे.उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में आज कश्मीर घाटी देश के रेल नेटवर्क से जुड़ गई है. यह वास्तव में भारत की एकता और अदम्य इच्छाशक्ति का विराट उत्सव है, साथ ही साथ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का आदर्श उदाहरण भी है. भारत की एकात्मता को मजबूत करती इन लोक-कल्याणकारी सौगातों के लिए हार्दिक आभार!

वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में भारत के पहले केबल-स्टेड रेल पुल ‘अंजी ब्रिज’, दुनिया के सबसे ऊंचे रेल आर्च ब्रिज ‘चिनाब ब्रिज’, और कटरा- नगर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. साथ ही चिनाब ब्रिज पर आधारित स्मारक सिक्के और डाक टिकट भी जारी किया.

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल – चिनाब ब्रिज का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित किया. भारत की इंजीनियरिंग क्षमता की यह अभूतपूर्व उपलब्धि है. साथ ही नए भारत के बदलते जम्मू-कश्मीर की सशक्त पहचान है.

 

NATIONAL : जरीना ने हिंदू युवक से रचाई शादी, मंदिर में लिए फेरे, बताया क्यों CM योगी के जन्मदिन पर किया विवाह

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कौशांबी जिले में मुस्लिम युवती जरीना ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया. उसने अपने प्रेमी साजन कुमार के साथ कस्बा के एक दुर्गा मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर साथ जीने-मरने की कसम खाई.

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में मुस्लिम युवती जरीना ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया. उसने अपने प्रेमी साजन कुमार के साथ कस्बा के एक दुर्गा मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर साथ जीने-मरने की कसम खाई. खास बात यह रही कि युवती ने शादी के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन वाले दिन को चुना. फिलहाल, यह शादी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है.

आपको बता दें कि मामला मंझनपुर कोतवाली के कस्बा का है. युवक साजन कुमार मंझनपुर कस्बा रहने वाला है. वह लोडर गाड़ी चलाता है. एक दिन वह सामान लादकर प्रतापगढ़ के मानिकपुर गया हुआ था, वहीं उसकी मुलाकात जरीना से हुई. इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई. लगभग चार साल से दोनों एक दूसरे से बातचीत कर रहे हैं.

धीरे-धीरे बातचीत प्यार में बदल गई और साजन-जरीना ने शादी करने का फैसला ले लिया. बीते गुरुवार को मंझनपुर कस्बा के दुर्गा मंदिर में पहुंचकर उन्होंने शादी कर ली. सीएम योगी के जन्मदिवस के मौके पर कपल ने इसलिए शादी रचाई ताकि यह दिन उनके लिए यादगार बना रहे.

विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों की उपस्थिति में मंझनपुर के दुर्गा मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ दोनों की शादी संपन्न कराई गई. भगवान को साक्षी मानते हुए दोनों ने सात फेरे लिए. युवती जरीना के अनुसार, यह दिन उसके जीवन का बेहद खास दिन है क्योंकि उसने न केवल अपने प्रेमी से विवाह किया बल्कि अपने विश्वास/धर्म को भी बदला है.

जरीना का कहना है कि मैंने मुस्लिम धर्म छोड़ कर हिंदू धर्म में शादी की है. ये दिन मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि, 5 जून को मुख्यमंत्री जी का जन्मदिन है. वहीं, वीएचपी के जिला सहमंत्री वेद प्रकाश सत्यार्थी ने बताया कि ये दूसरे वर्ग की है बेटी. आज हमारी बहन बनी है. इन्होंने ने हिंदू धर्म स्वीकार किया है. चूंकि, 5 जून को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का जन्मदिन है इसलिए जोड़े ने इसी दिन शादी की है. इस तरह हमारी बहन घर वापस आई है. पूरा हिंदू समाज इनका स्वागत करता है.

Housefull 5 Review: अक्षय-रितेश के अलावा सबकुछ बेमजा, ‘किलर’ फिल्म ने ले ली कॉमेडी की जान

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अक्षय कुमार की ‘हाउसफुल 5’ के टीजर, ट्रेलर और गानों को ठीकठाक चर्चा मिली थी. अक्षय के साथ रितेश देशमुख, श्रेयस तलपडे, चंकी पांडे, जॉनी लीवर और नाना पाटेकर जैसे कॉमेडी के उस्तादों के होने से जनता को इस फिल्म से काफी उम्मीदें भी थीं. मगर क्या ‘हाउसफुल 5’ इन उम्मीदों पर खरी उतर पाई?

कलाकार : अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, नाना पाटेकर, संजय दत्त, जैकी श्रॉफ, जैकलीन फर्नांडिस, नरगिस फाखरी, सोनम बाजवा
निर्देशक :तरुण मनसुखानी
बॉलीवुड पर ये आरोप है कि इनके फ्रैंचाइजी प्रोजेक्ट पहली फिल्म से, तीसरी फिल्म तक आते-आते सौर-मंडल में भटकते हुए किस उल्का-पिंड पर निकल जाते हैं ये साइंस भी पता नहीं लगा सकता. ‘हाउसफुल’ फ्रैंचाइजी में ये पांचवी फिल्म है और इसलिए इसे देखने के लिए हॉल में घुसते वक्त उम्मीदें पहले ही इतनी नीची रखी गईं कि उससे थोड़ा भी नीचे जाने पर शायद दिल्ली में ही पेट्रोलियम का भंडार मिल जाता.

ये शायद देश हित ना सोचकर, एंटरटेनमेंट हित में सोचने का ही नतीजा है कि इतनी नीची उम्मीदें लेकर जाने पर भी ‘हाउसफुल 5’ से निराशा ही हाथ लगी! दुस्साहस की यदि कोई सीमा है, तो मेकर्स का इस फिल्म को ‘कॉमेडी’ कहना उस सीमा से कई सौ किलोमीटर आगे निकल जाने वाली बात है.

हालांकि, उससे भी दो-चार किलोमीटर आगे का दुस्साहस ये है कि ‘हाउसफुल 5’ के दो वर्जन रिलीज हुए हैं और ऐसा दावा है कि दोनों की एंडिंग अलग-अलग है. हमने जो वर्जन देखा वो ‘हाउसफुल 5’ का ‘A’ वर्जन है. फिल्म देखने के बाद मेकर्स के इस दावे से सहमत हुआ जा सकता है कि ये ‘किलर कॉमेडी’ है. क्योंकि ये कॉमेडी की हत्या करने में बिल्कुल सफल सिद्ध होती है.
कहानीनुमा कुछ…

‘हाउसफुल 5’ का प्लॉट लंदन के सातवें सबसे बड़े रईस रंजीत डोबरियाल (रंजीत) की वसीयत पर बेस्ड है. रंजित के एम्पायर को संभालने के लिए एक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स है जिसमें चित्रांगदा सिंह, फरदीन खान और श्रेयस तलपड़े शामिल हैं. सभी को उम्मीद थी कि वसीयत में रंजीत साहब उनके लिए कुछ न कुछ छोड़ जाएंगे. लेकिन उन्होंने अपनी वसीयत में अपने असली बेटे जॉली को अपनी सारी दौलत का वारिस घोषित किया है, जो दुनिया में कहीं खोया हुआ है.

हां, अगर जॉली नहीं आता है तो सारी दौलत इन लोगों की. लेकिन जॉली की एंट्री होती है और वो भी एक नहीं तीन-तीन जॉली की. रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन और अक्षय कुमार जॉली बनकर आ जाते हैं. उनके साथ उनकी गर्लफ्रेंड्स भी हैं, जिनके कन्फ्यूजन का अलग मसला है. रंजित डोबरियाल के डॉक्टर की भी हत्या हो चुकी है और अब उसका कातिल भी खोजा जाना है.

संजय दत्त और जैकी श्रॉफ दो लूजर पुलिसवाले बने हैं, जो इस केस को सुलझाकर कुछ नाम कमा लेना चाहते हैं. इनके सीनियर नाना पाटेकर हैं. इन सभी की एंट्री के बाद जो खिचड़ी बनती है उसी का नाम है ‘हाउसफुल 5’. आखिरी पास्ता (चंकी पांडे) और बटुक पटेल (जॉनी लीवर) भी इसी खिचड़ी में अंचार और पापड़ बने हैं. यहां देखें ‘हाउसफुल 5’ का ट्रेलर:

‘हाउसफुल 5’ में कन्फ्यूजन के साथ-साथ एक हत्या का भी मामला है इसलिए फिल्म को ‘किलर कॉमेडी’ कहा गया. मगर बतौर किलर इस फिल्म ने कॉमेडी की जो हत्या की है उसकी मिसालें दी जा सकती है. सेक्सुअल रेफरेंस वाले जोक्स, एक्टर्स के चेहरों पर उतरते भोंडे एक्सप्रेशन, किरदारों की बेवकूफाना हरकतें मिलाकर उसे कॉमेडी का नाम देने की कोशिश हंसाने से ज्यादा चिढ़ाती है.

ये साफ पता लगता है कि राइटिंग में फनी सिचुएशंस नहीं लिखी गई हैं बल्कि एक्टर्स को कहा गया है कि वो सीन में कुछ फनी करें. अक्षय कुमार और रितेश देशमुख कॉमेडी के दो मंजे हुए खिलाड़ी हैं और ‘हाउसफुल 5’ में सिर्फ वही दोनों हैं जिनके कुछ रिएक्शन, कुछ बातें और कुछ एक्सप्रेशन फनी टाइप हैं. लगभग आधी फिल्म में ये दोनों भी एड़ी-चोटी का जोर लगाकर कॉमेडी क्रिएट करने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं.

संजय दत्त, जैकी श्रॉफ और नाना पाटेकर जैसे दमदार एक्टर्स को जिस तरह वेस्ट किया गया है, वैसा भगवान ना करे किसी एक्टर के साथ हो. जैकलीन फर्नांडिस, नरगिस फाखरी और सोनम बाजवा को ग्लैमरस कपड़े और सेक्सुअली इशारेबाजी वाले जुमलों के लिए इस्तेमाल किया गया है. फरदीन खान को देखकर ऐसा लगता है जैसे उन्हें कहा गया था कि उन्हें ‘रेस 4’ में कास्ट किया जा रहा है.

कई जगहों पर ये दिखता है कि अब इसके आगे क्या करना है, किसी को नहीं पता. ऐसे में फिर से किसी एक्टर की विचित्र हरकतों का सहारा लिया जाता है. फिल्म के गाने अच्छे हैं, मगर ये आपको फिल्म में पूरे-पूरे दिखाए गए हैं, जैसे फिल्म में अब कुछ भी और बचा ही नहीं है दिखाने के लिए. इस हाल में फिल्म के अंत में एक बड़े स्टार का कैमियो भी आप पर कुछ असर नहीं कर पाता.

‘हाउसफुल 5’ के साथ सबसे विचित्र बात ये है कि इसमें भी राइटर का बाकायदा क्रेडिट है. ये राइटिंग का महत्व सिखाने वाला एक सबक है… अगर लिखने के बावजूद कोई फिल्म इस कदर खराब हो सकती है, तो बिना लिखे वो कितनी खराब हो सकती थी. इसलिए राइटर्स को सम्मान दिया जाना चाहिए. ऐसी फिल्मों का एक पूरा टाइप है जिनमें इतनी अजीब चीजें होती हैं कि आप उस विचित्रता को एन्जॉय करने लगते हैं. ये फिल्में इतनी बुरी होती हैं कि उनकी बुराई में मजा आने लगता है. मगर डायरेक्टर तरुण मनसुखानी की फिल्म इस लिस्ट में भी नहीं आती.

कुल मिलाकर कॉमेडी अगर आर्ट है, तो ‘हाउसफुल 5’ केमिस्ट्री है. ‘हाउसफुल 5’ ऐसी फिल्म है जिसे देखते हुए सिनेमा हॉल में लोग रील्स चला सकते हैं, आधे दशक से व्हाट्सएप पर पड़े अनदेखे मैसेज पढ़ सकते हैं. मामा-मौसी-फूफा-चाचा के मिस कॉल्स का हिसाब बराबर कर सकते हैं और फिर भी इस साल का डिटेल्ड राशिफल पढ़ने भर का वक्त बच जाएगा. और ये सब करते हुए भी आप फिल्म में कुछ मिस नहीं करेंगे.

‘हाउसफुल 5’ खत्म होने के बाद, क्रेडिट्स के साथ जो बिहाइंड द सीन फुटेज दिखाई गई है, वो पूरी फिल्म से ज्यादा मजेदार है. बल्कि फिल्म देखने के बाद तो आप में वो स्टेमिना आ जाएगा कि आप 3 घंटे तक इसकी बिहाइंड द सीन फुटेज पूरी खुशी से एन्जॉय कर लेंगे. ‘हाउसफुल 5’ देखने के बाद सबसे पहला काम ये सूझता है कि जल्दी से पहली ‘हाउसफुल’ फिल्म देखी जाए ताकि कुछ पाप धुलें.

NATIONAL : ‘अब जीने की इच्छा नहीं…’ 25 साल की इंजीनियर ने 21वें फ्लोर से कूदकर दी जान

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पुणे के हिंजेवाड़ी में एक युवती ने एक आवासीय इमारत की 21वीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. 25 साल की मृतका की पहचान अभिलाषा भाऊसाहेब कोथिंबिरे के रूप में हुई है. अभिलाषा पेशे से आईटी इंजीनियर थी.


महाराष्ट्र में पुणे के हिंजेवाड़ी में एक युवती ने एक आवासीय इमारत की 21वीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. 25 साल की मृतका की पहचान अभिलाषा भाऊसाहेब कोथिंबिरे के रूप में हुई है. अभिलाषा पेशे से आईटी इंजीनियर थी.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभिलाषा घटना के दिन सुबह करीब 4:30 बजे हिंजेवाड़ी में क्राउन ग्रीन्स सोसाइटी पहुंची थी. सीसीटीवी फुटेज में वह मुंह पर कपड़ा बांधे 21वीं मंजिल पर अपने अपार्टमेंट के लिए लिफ्ट लेती हुई दिखाई दे रही है और सुबह करीब 4:42 बजे उसके इमारत से कूदने का संदेह है. उसके घर से बरामद एक सुसाइड नोट में लिखा है: ‘माफ करें, कृपया मुझे माफ़ करें. मैं यह अपनी मर्जी से कर रही हूं. मुझे अब जीने की कोई इच्छा नहीं है.’ प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि वह डिप्रेशन से पीड़ित हो सकती है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि उसके शरीर के अंगों में गंभीर चोटें आई हैं. हिंजेवाड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कन्हैया थोराट ने पुष्टि की है कि मामले में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की गई है. उन्होंने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान किसी गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं.

Health benefits of eating walnuts: बच्चों और बड़ों के लिए बेस्ट है ये नट, रोज खाने से मिलते हैं कई फायदे

अखरोट हेल्दी एजिंग को प्रमोट करने का काम करता है. अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हार्ट हेल्थ, ब्रेन हेल्थ और ओवरऑल बॉडी के लिए फायदेमंद माना जाता है.

नट्स हमारी हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद साबित होते हैं. हालांकि कुछ नट्स में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं जो इन्हें बाकी नट्स से खास बना देते हैं. इन्हीं नट्स में से एक अखरोट है. अखरोट हेल्दी एजिंग को प्रमोट करने का काम करता है. अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हार्ट हेल्थ, ब्रेन हेल्थ और ओवरऑल बॉडी के लिए फायदेमंद माना जाता है.

अखरोट को पोषक तत्वों का पावर हाउस कहा जाता है क्योंकि इसमें पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं. अखरोट एक ऐसा इकलौता नट है जिसमें एल्फा- लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है. इसके अलावा, अखरोट में प्रोटीन और मैग्नीशियम की भी भरपूर मात्रा पाई जाती है.

अखरोट में फैटी-एसिड, जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स के साथ ही एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं. अखरोट हार्ट के साथ ही पेट के लिए भी फायदेमंद होता है. इससे इंफ्लेमेशन कम होती है, साथ ही ये हेल्दी वेट को भी मेनटेन रखता है. अखरोट में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो सेल्स को नुकसान पहुंचाने और एजिंग तेज करने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं..

कई स्टडीज में यह बात सामने आ चुकी है कि रोजाना अखरोट का सेवन करने से कई बीमारियों का खतरा कम होता है जैसे कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, डिप्रेशन और डायबिटीज. अखरोट का सेवन करने से मेमोरी बूस्ट होती है और उम्र के साथ होने वाली दिमागी समस्याएं भी कम होती है.

अखरोट खाने से हार्ट हेल्थ को भी काफी फायदे मिलते हैं. रोजाना अखरोट खाने से ब्लड प्रेशर और बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है. अखरोट खाना डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा पाई जाती है. और शरीर से ब्लड शुगर रिलीज करने में मदद करता है.

NATIONAL : कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन का किराया जान लीजिए, यात्री बोले, ‘ऐसा तो कभी सोचा नहीं था…’

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पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (6 जून) को जम्मू-कश्मीर में कटरा और श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. ये कश्मीर घाटी और जम्मू के बीच पहली ट्रेन सेवा है. इसमें सफर करने वाले यात्रियों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और वो उस ट्रेन सेवा के शुरू होने पर खुशी जता रहे हैं.

जायदा बेगम नाम की महिला ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है. हम दिल्ली से आए हैं.” एक और शख्स ने कहा, “ये तो बहुत अच्छा है. अगर किसी को जम्मू जाना है तो कम से कम पहले गाड़ी में जाते थे, उनको 8-9 घंटे लग जाते थे. 10 घंटे भी लग जाते थे. आज तो तीन चार घंटे में सफर पूरा हो जाता है. यहां तक कि अगर एक आदमी सुबह जाएगा तो शाम को वापस आ सकता है. ये हम लोगों के लिए बहुत अच्छी फैसिलिटी है.”

इसके आगे उन्होंने कहा, “ऐसा तो कभी सोचा नहीं था लेकिन उम्मीद थी कि हमारी ये परेशानी दूर हो जाएगी. पीएम मोदी साहब ने बहुत अच्छा किया है.” टूरिज्म से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “हां, इससे बहुत फायदा मिल सकता है.” उन्होंने कहा कि इस ट्रेन सेवा का शुरू होना बहुत जरूरी था. जब बाढ़ आती थी या मौसम खराब हो जाता था तो दो-दो, तीन-तीन दिन ट्रैफिक जाम रहती थी. तमाम कश्मीर के लोगों के लिए ये बहुत अच्छा हुआ. हम सरकार का बहुत शुक्रगुजार हैं.

इस ट्रेन के संगलदान रेलवे स्टेशन पहुंचने पर लोको पायलट रामपाल शर्मा ने कहा, “ये अद्भुत नमूना है इंजीनियरिंग का. हमारे भारत के प्रधानमंत्री मोदी, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे के इंजीनियर उनकी दिन रात की मेहनत का नतीजा है कि आज हम कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ पाए हैं. मैं सभी का शुक्रगुजार हूं कि इतनी जल्दी काम हो सका. नहीं तो कई साल और लग जाते. इसका सारा क्रेडिट मोदी सरकार को जाता है.”

बता दें कि पीएम मोदी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा और सीएम उमर अब्दुल्ला की मौजूदगी में ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। ट्रेन में दो क्लास चेयर कार (सीसी) और एक्जीक्यूटिव क्लास (ईसी) हैं. चेयर कार के टिकट की कीमत 715 रुपये और एक्जीक्यूटिव क्लास के टिकट की कीमत 1320 रुपये है.

 

ENTERTAINMENT : ‘मरा हुआ इंसान किसी को खुशी नहीं देता’, शादी के सवाल पर निया शर्मा ने दिया चौंकाने वाला बयान

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निया शर्मा (Nia Sharma) का नाम टीवी की टॉप, टैलेंटिड और खूबसूरत एक्ट्रेसेस की लिस्ट में शुमार है. फैंस उनकी एक्टिंग और फिटनेस दोनों के कायल हैं. एक्ट्रेस 34 साल की हो चुकी हैं और अभी भी कुंवारी हैं. हर किसी को उनकी शादी का बेसब्री से इंतजार है. इसी बीच एक्ट्रेस ने अपने वेडिंग प्लान और होने वाले पति को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया.

दरअसल हाल ही में निया शर्मा कॉमेडियन भारती सिंह के पॉडकास्ट में पहुंची थी. जहां पर उन्होंने अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर खुलकर बात की. एक्ट्रेस से जब पूछा गया कि अगर उन्हें कोई अमीर लड़का मिलता है और उनसे कहता है कि तुम अपना काम छोड़ दो. तो क्यों वो छोड़ देंगी.?

इसपर निया कहता हैं कि, ‘इस काम को मैंने अपने 14 साल दिए हैं. कैमरे के सामने मैं खुश रहती हूं. अगर मुझसे कोई ये छीन लेगा, तो मैं कैसे खुश रहूंगा. मेरी शादी हो भी गई तो हम दोनों कबतक एक दूसरे की शक्ल ही देखेंगे. काम छोड़कर मैं अंदर से मर जाऊंगी. जब मैं अंदर से मर ही जाऊंगी तो फिर किसी और क्या खुशी दूंगी. मरा हुआ इंसान किसी को खुश नहीं रखता. फिर अगर आप सही पार्टनर के साथ नहीं हो तो लाइफ भी खत्म ही है. मैंने तो कईयों को देख लिया है.’

निया शर्मा ने इस दौरान अपने फ्यूचर हसबैंड की क्वालिटी पर भी बात की. एक्ट्रेस ने कहा कि, ‘मुझे एक अच्छा, ईमानदारी औऱ जिंदा लड़का चाहिए..’ बता दें कि निया शर्मा इन दिनों टीवी शो ‘लाफ्टर शेफ्स 2’ में नजर आ रही हैं. जिसमें उनकी जोड़ी सुदेश लहरी संग बनी है.

 

MAHARASHTRA : घरेलू विवाद में नाराज हो गई बीवी… रात ढाई बजे पति पर फेंका खौलता तेल, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

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महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक महिला का उसके पति के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया. दोनों के बीच कहासुनी इतनी ज्यादा बढ़ गई कि रात करीब ढाई बजे पत्नी ने अपने पति पर खौलता तेल फेंक दिया. इससे महिला का पति गंभीर रूप से झुलस गया. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.

महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां घरेलू विवाद के दौरान एक महिला ने अपने पति पर खौलता हुआ तेल फेंक दिया. इस हमले में पति बुरी तरह झुलस गया है और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है.

एजेंसी के अनुसार, यह घटना ठाणे जिले के कल्याण इलाके में बुधवार तड़के करीब 2:30 बजे की है. पुलिस का कहना है कि ऑटो रिक्शा चालक 48 वर्षीय इमरान अब्दुल गफ्फार शेख का उसकी पत्नी के साथ किसी घरेलू मुद्दे को लेकर झगड़ा हो गया था. दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि महिला ने गुस्से में आकर खौलता तेल इमरान पर फेंक दिया. गर्म तेल के कारण इमरान के सिर, चेहरे, आंखों और हाथों में गंभीर रूप से जलने की चोटें आई हैं.

इस पूरे मामले को लेकर बाजारपेठ पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि गर्म तेल से झुलसे इमरान को तुरंत पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है, लेकिन वह गंभीर जलन से जूझ रहा है.पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. फिलहाल पुलिस इस मामले में लोगों के बयान दर्ज कर रही है. पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह घरेलू विवाद का मामला लग रहा है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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