Saturday, September 19, 2026
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NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी को सरकार ने फिर दिया बातचीत का ऑफर, कहा-समय और जगह आप बताएं

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों को सरकार की ओर से एक बार फिर बातचीत का प्रस्ताव दिया गया है. सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आप जिस समय चाहें बातचीत हो सकती है. बातचीत में पेच यह फंस रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी यह चाहती है कि बातचीत जंतर-मंतर पर हो, जबकि सरकार यह कह रही है कि बातचीत जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में हो.
केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी को बातचीत के लिए एक बार फिर ऑफर दिया है. इस बार सरकार की ओर से कहा गया है कि वे जहां चाहते हैं और जिन मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, हम बातचीत के लिए तैयार हैं.

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों को पिछले 24 घंटे में 4 बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह बताया है. उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे स्टूडेंट्स से मेरी विनम्र अपील है कि वे जब चाहें, दिन के किसी भी समय और जितने समय के लिए चाहें सरकार बातचीत के लिए तैयार है.

जितेंद्र सिंह ने कहा कि हम उन सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं जिस पर आंदोलन हुआ है. इसके अलावा इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर भी बात करने के लिए सरकार तैयार है. बातचीत खुले मन से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के घर पर हो सकती है और बेशक मैं उनके साथ रहूंगा. बातचीत नड्डा के घर या ऑफिस में या दोनों में से जहां भी आप चाहें हो सकती है.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोेदी बहुत ही संवेदनशील हैं. वे यह चाहते हैं कि छात्रों की समस्याओं का समाधान हो. सरकार ने बातचीत करने को अपनी प्रतिष्ठा से जुड़ा मुद्दा नहीं बनाया है. हम सहजता से यह चाहते हैं कि छात्रों से बातचीत हो. इसकी वजह यह है कि बातचीत होगी, तभी आगे का रास्ता निकलेगा और समस्याओं का समाधान होगा. जितेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर भी बातचीत के ऑफर का वीडियो अपलोड किया है.

NATIONAL : वांगचुक ने तोड़ा अनशन: आज सरकार और CJP के प्रतिनिधियों की बैठक, दीपके बोले- जारी रहेगा जंतर-मंतर पर धरना

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नीट पेपर लीक मामले में बढ़ते छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने कई बड़े फैसले लिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और मानसून सत्र में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने की घोषणा की। सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर नए अधिकारियों की नियुक्ति भी की।
नीट पेपर लीक मामले में युवाओं के आक्रोश और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच सरकार फास्ट ट्रैक मोड में आ गई है। गुरुवार की सुबह से लेकर देर रात तक सरकार ने ताबड़तोड़ कई घोषणाएं और फैसले किए। सबसे पहले सुबह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का एलान करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, दोषी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। युवाओं का कल्याण और हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अमित शाह के नेतृत्व में हुई कई बैठकें
इस घोषणा के बाद सरकार में गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में उच्च स्तर पर बैठकों के कई दौर चले और देर रात होते-होते दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की अधिसूचना जारी कर दी। हालांकि सरकार की तत्परता यहीं नहीं रुकी।

पीएम मोदी के करीबी अफसर का तबादला
छात्रों के प्रदर्शन की गाज उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी पर गिरी। पीएम मोदी के करीबी अधिकारियों में गिने जाने वाले जोशी को सरकार ने पंचायती राज विभाग के सचिव के रूप में तबादला कर दिया और पशुपालन सचिव नरेश गंगवार नए उच्च शिक्षा सचिव बना दिए गए। टीके अनिल कुमार नए शिक्षा सचिव बनाए गए हैं।

पीएम मोदी ने की अहम घोषणा
इसके बाद, आधी रात के करीब पीएम मोदी ने तीसरी बड़ी घोषणा की। उन्होंने एक्स पर वीडियो संदेश पोस्ट कर कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून बनाने जा रही है। खास बात यह है कि पीएम मोदी ने इसी मानसून सत्र में यह कानून लाने का एलान किया।

प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी सीजेपी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने गुरुवार को कहा कि पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा में जवाबदेही के मुद्दे पर कोई बात नहीं की गई। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर नहीं छोड़ने का एलान किया। पीएम मोदी के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधान की एक तस्वीर साझा की। इस पर लिखा था, हाय, मेरा कोई नाम नहीं है।

पीएम की प्रतिक्रिया का सीजेपी ने किया स्वागत
वहीं सीजेपी ने पोस्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री ने आखिरकार इस पर ध्यान दिया। शायद उनके विदेश दौरे खत्म हो गए हैं और वे भारत लौट आए हैं, जो कि एक अच्छी बात है। लेकिन पेपर लीक हो जाने के बाद आप क्या सजा दे रहे हैं? इससे पेपर लीक की समस्या हल नहीं होगी। असली सवाल यह है कि पेपर लीक हो ही क्यों रहे हैं। इस सवाल का जवाब मिलना चाहिए।

‘सरकार ने हमारी शर्तें मानीं…हिंसा टालने के लिए तोड़ा अनशन’
नीट पेपर लीक मुद्दे पर 26 दिन से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात 12:48 बजे अनशन तोड़ दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मेदांता अस्पताल में जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। नड्डा के साथ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो भी मौजूद थीं। अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि देश में फैलने वाली संभावित हिंसा टालने के लिए अनशन खत्म करने का फैसला लिया है।

नड्डा ने कहा-वांगचुक से ये वादे किए
वांगचुक का अनशन खत्म कराने के बाद केंद्रीय स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार ने वांगचुक से जो वादे किए उनमें जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों और 22 जुलाई को संसद मार्च करने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी। नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। पेपर लीक पर लगाम लगाने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव के लिए सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है।

सीजेपी के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बातचीत आज
नीट पेपर लीक पर सीजेपी के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे वार्ता होगी। हालांकि बैठक की जगह का खुलासा नहीं किया गया है। सीजेपी ने इससे पहले, देश के अलग-अलग हिस्सों में पुलिस कार्रवाई के शिकार लोगों के साथ एकजुटता जताते हुए 24 जुलाई को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की थी।

NATIONAL : ‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे’, CJP के संसद मार्च के बाद NEET पेपर लीक पर पहली बार बोले PM मोदी

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पीएम मोदी ने कहा, पेपर लीक राजनीति का विषय नहीं है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामले में सरकार की ओर से तुरंत कार्रवाई की गई. छात्रों को लेकर सरकार संवेदनशील है.

कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नीट पेपर लीक पर पहली बार बयान सामने आया है. पीएम मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे. पेपर लीक के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी. पीएम मोदी ने कहा, पेपर लीक राजनीति का विषय नहीं है. उनके भविष्य का नुकसान ना हो, इसलिए री-एग्जाम लिया गया और उसे सफलतापूर्वक पूरा किया. उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामले में सरकार की ओर से तुरंत कार्रवाई की गई. छात्रों को लेकर सरकार संवेदनशील है.

पीएम ने कहा कि यह सिर्फ केन्द्र सरकार का मामला नहीं है. पेपर लीक के दोषियों को सजा दिलाने के लिए सबको एकजुट होना होगा. उन्होंने कहा कि आगे ऐसा ना हो, इसके लिए इंतजाम करेंगे.

पीएम मोदी का ये बयान कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के बाद आया है, जिसमें विपक्ष के कई सांसद भी शामिल हुए थे. इस मार्च के दौरान हिंसा की भी घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और आरएएफ ने उन पर लाठीचार्ज किया था. जब प्रदर्शनकारी संसद के पास पहुंचे तो वहां आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया.

कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष राकां ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच दो दौर की बातचीत हुई, लेकिन सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की किसी भी मांग पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया. हालांकि, नड्डा ने उनसे धरना खत्म कर सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की.

बातचीत के दौरान जेपी नड्डा ने पूछा कि उनकी मांगें क्या हैं. इस पर प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों की सूची बताई. नड्डा ने उनसे कहा कि यदि वे अपनी मांगों पर सरकार से विचार चाहते हैं तो उन्हें लिखित रूप में ज्ञापन सौंपें. इसके बाद सीजेपी के प्रतिनिधियों ने शाम करीब 4 बजे केंद्रीय मंत्री को अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा.

NATIONAL : प्रधानमंत्री मोदी ने सुभाषित के माध्यम से बताया शुभ विचार, वाणी और कर्म का महत्व

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नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए जीवन में शुभ विचारों, मधुर वाणी और श्रेष्ठ कर्मों को अपनाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जिन विचारों, शब्दों और कर्मों का निरंतर अभ्यास करता है, अंततः वही उसके व्यक्तित्व और जीवन की दिशा निर्धारित करते हैं।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि

“कर्मणा मनसा वाचा यदभीक्ष्णं निषेवते।

तदेवापहरत्येनं तस्मात् कल्याणमाचरेत्॥”

इस सुभाषित का अर्थ है कि मनुष्य अपने कर्मों, विचारों और वाणी के माध्यम से जिस प्रवृत्ति का बार-बार अनुसरण करता है, उसका प्रभाव धीरे-धीरे उसके स्वभाव और चरित्र पर पड़ता है। अंततः वही उसके व्यक्तित्व को आकार देता है और उसे उसी दिशा में अग्रसर करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने विचारों में सकारात्मकता, अपनी वाणी में मधुरता और अपने कर्मों में लोककल्याण की भावना को स्थान देना चाहिए। जीवन में कल्याणकारी आचरण अपनाने से न केवल व्यक्ति का चरित्र सुदृढ़ होता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण निर्माण में भी उसकी सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित होती

BUSINESS : देश के ज्यादातर सर्राफा बाजार में गिरावट का रुख, चेन्नई में सोने की बढ़ी चमक

नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान चेन्नई के अलावा ज्यादातर जगहों पर कमजोरी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। भाव में आई गिरावट के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजार में सोना 250 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 3200 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है। जबकि चेन्नई में सोना 700 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 870 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया है। वहीं चांदी के भाव में आज 200 रुपये प्रति किलोग्राम की सांकेतिक कमजोरी नजर आ रही है।

भाव में हुए बदलाव के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,46,170 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,47,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 1,33,990 रुपये प्रति 10 ग्राम से लेकर 1,35,010 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी के भाव में भी मामूली कमजोरी आने के कारण ये चमकीली धातु दिल्ली सर्राफा बाजार में आज 2,39,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।

दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 1,46,320 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,34,140 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,46,170 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,33,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 1,46,220 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,34,040 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 1,47,290 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 1,35,010 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,46,170 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,33,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,46,220 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,34,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,46,320 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,34,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,46,220 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,34,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 1,46,320 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 1,34,140 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में कमजोरी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,46,170 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 1,33,990 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।

NATIONAL : राजस्थान में मानसून : बांसवाड़ा-डूंगरपुर में रेड अलर्ट

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जयपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान में मानसून का जोर लगातार बना हुआ है। शुक्रवार को मौसम विभाग ने बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों के लिए भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि नौ जिलों में ऑरेंज और शेष कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में सक्रिय तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियों के कारण 27 जुलाई तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

शुक्रवार सुबह अलवर समेत कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई। अलवर में तड़के करीब 20 मिनट तक झमाझम बारिश होने से बाला किला की पहाड़ियों पर झरने बह निकले। जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और सीकर सहित कई शहरों में भी बारिश और बादलों की आवाजाही से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली तथा अधिकांश स्थानों पर दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे मापा गया।

गुरुवार को बाड़मेर, जालोर, सिरोही, उदयपुर, पाली, भीलवाड़ा और जैसलमेर सहित कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। उदयपुर जिले के लसाड़िया क्षेत्र में 24 घंटे के दौरान 11 इंच से अधिक वर्षा मापी गई, जबकि भीलवाड़ा के बागोर में 60 मिमी, हमीरगढ़ में 50 मिमी, सलूंबर में 61 मिमी, झालड़ा में 62 मिमी, पचपदरा में 51 मिमी, पाटौदी में 55 मिमी, आमेट में 61 मिमी, सरदारगढ़ में 54 मिमी, राजसमंद शहर में 49 मिमी, राश्मी में 53 मिमी, भदेसर में 45 मिमी तथा जालौर में 51 मिमी बारिश हुई।

भीलवाड़ा जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के कलाल खेड़ी गांव में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हुआ। तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से चरवाहे धर्मा नाथ और उनकी 11 वर्षीय दोहिती गायत्री नाथ की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में सात बकरियां भी झुलसकर मर गईं। घटना के समय ग्रामीणों ने तेज धमाके की आवाज सुनने की भी जानकारी दी।

लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। डूंगरपुर में सोम और माही नदियां उफान पर हैं। कई जगह बरसाती नदियां बहने, पुलियाओं के क्षतिग्रस्त होने और जलभराव के कारण गांवों तथा छोटे कस्बों का संपर्क टूट गया है।

हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, ब्यावर, भीलवाड़ा और उदयपुर सहित कई जिलों में खेत जलमग्न हो गए हैं।

इधर महाराष्ट्र और गुजरात में हो रही मूसलाधार बारिश का असर राजस्थान के रेल यातायात पर भी पड़ा है। घोलवड़ और उमरगांव के बीच रेलवे पुल के नीचे जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे ने 24 जुलाई को बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर एक्सप्रेस (22931) और दादर-भगत की कोठी एक्सप्रेस (20484) को रद्द कर दिया है। वहीं 25 जुलाई को जैसलमेर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस (22932) भी रद्द रहेगी।

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार दक्षिणी राजस्थान पर बने शियर जोन तथा पश्चिम और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाओं के प्रभाव से राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के कारण अगले चार दिनों तक अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी तथा दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

BUSINESS : वैश्विक दबाव में लुढ़का शेयर बाजार, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आई जोरदार तेजी और कमजोर ग्लोबल संकेतों की वजह से घरेलू शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान बड़ी गिरावट का रुख बना हुआ है। आज के कारोबार की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई थी। बाजार खुलने के बाद खरीदारों ने कुछ देर के लिए लिवाली का जोर भी बनाया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की चाल में सुधार होता हुआ नजर आया। हालांकि लिवाली का यह दौर अधिक देर तक टिक नहीं सका। थोड़ी देर बाद ही बिकवालों ने दोबारा दबाव बना दिया, जिससे इन दोनों सूचकांकों की कमजोरी बढ़ने लगी। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच पहले एक घंटे का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 1.16 प्रतिशत और निफ्टी 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

शुरुआती एक घंटे का कारोबार होने के बाद स्टॉक मार्केट की दिग्गज कंपनियों में से सिप्ला, एचसीएल टेक्नोलॉजी, नेस्ले, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और सन फार्मास्यूटिकल्स के शेयर 2.56 प्रतिशत से लेकर 0.07 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एवियेशन, भारती एयरटेल, एटरनल और बजाज फाइनेंस के शेयर 2.78 प्रतिशत से लेकर 2.08 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार करते हुए नजर आ रहे थे।

अभी तक के कारोबार में स्टॉक मार्केट में 2,732 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें से 545 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 2,187 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से सिर्फ एक शेयर लिवाली के सपोर्ट से हरे निशान में था। दूसरी ओर 29 शेयर बिकवाली के दबाव में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से चार शेयर हरे निशान में और 46 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आ रहे थे।

बीएसई का सेंसेक्स आज 638.20 अंक यानी 0.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,708.19 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होने के थोड़ी देर बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया, जिससे यह सूचकांक ओपनिंग लेवल से 287.54 अंक की रिकवरी कर 75,995.73 अंक के स्तर तक आ गया। बाजार में खरीदारी का यह दौर अधिक देर तक टिक नहीं सका। थोड़ी देर बाद ही बाजार में बिकवाली शुरू हो गई, जिसकी वजह से सेंसेक्स की कमजोरी दोबारा बढ़ने लगी। लगातार हो रही बिकवाली के कारण यह सूचकांक गिर कर 75,491.82 अंक के स्तर तक आ गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच पहले एक घंटे का कारोबार होने के बाद सुबह 10:15 बजे सेंसेक्स 886.32 अंक लुढ़क कर 75,505.07 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने आज 203.25 अंक यानी 0.85 प्रतिशत टूट कर 23,666.35 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलने के कुछ देर बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया, जिससे यह सूचकांक ओपनिंग लेवल से लगभग 100 अंक सुधर कर 23,763.55 अंक तक पहुंच गया। इसके बाद बाजार में बिकवाली शुरू हो गई, जिससे निफ्टी की कमजोरी बढ़ती चली गई।

हालांकि, खरीदार बीच-बीच में लिवाली का जोर बनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि खरीदारों की कोई भी कोशिश सफल नहीं हो सकी। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच शुरुआती एक घंटे का कारोबार होने के बाद सुबह 10:15 बजे निफ्टी 254.60 अंक फिसल कर 23,615 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसके पहले पिछले कारोबारी दिन गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,391.39 अंक के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी ने 126.65 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,869.60 अंक के स्तर पर गुरुवार के कारोबार का अंत किया था।

HEALTH : आ रहा है डेंगू मलेरिया का मौसम, अपने बच्चों का ऐसे रखें ख्याल, पछताने से पहले पढ़ लें खबर

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बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है. जानिए बच्चों को इन बीमारियों से बचाने के आसान उपाय, जरूरी सावधानियां और शुरुआती लक्षण.

बारिश का मौसम शुरू होते ही डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. इस मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है, जिससे बच्चों के बीमार होने का खतरा ज्यादा रहता है. छोटे बच्चों की रोगों से लड़ने की क्षमता बड़ों के मुकाबले कम होती है. इसलिए माता-पिता को पहले से ही सावधानी बरतनी चाहिए. थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में जरूरी है कि घर की साफ-सफाई से लेकर बच्चों के खान-पान तक हर बात का ध्यान रखा जाए.

घर के आसपास पानी जमा न होने दें

डेंगू और मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलते हैं. इसलिए घर और उसके आसपास साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. कूलर, गमले, बाल्टी, टायर या किसी भी ऐसी जगह पर पानी जमा न होने दें, क्योंकि ऐसी जगहों पर मच्छर आसानी से बढ़ जाते हैं. हफ्ते में एक बार कूलर का पानी जरूर बदलें और पानी की टंकियों को हमेशा ढककर रखें.

बच्चों को सुबह और शाम के समय पूरे बाजू के कपड़े पहनाएं. अगर बच्चा बाहर खेलने जाता है, तो मच्छर भगाने वाली क्रीम या पैच का इस्तेमाल किया जा सकता है. रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें. साथ ही कोशिश करें कि घर के अंदर मच्छर न रहें.

खाने-पीने का रखें खास ध्यान

बारिश के मौसम में बच्चों को हमेशा साफ और ताजा खाना खिलाएं. बाहर का खुला या बासी खाना खाने से बचाएं. उन्हें पर्याप्त पानी पिलाएं और खाने में फल, हरी सब्जियां, दाल और दूसरी पौष्टिक चीजें शामिल करें, ताकि उनका शरीर मजबूत बना रहे. अगर बच्चा कम पानी पीता है, तो उसे थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या दूसरे स्वस्थ पदार्थ देते रहें. अच्छी डाइट बच्चों की रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाने में मदद करती है.

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

अगर बच्चे को तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, उल्टी, कमजोरी, आंखों के पीछे दर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई दें, तो इसे हल्के में न लें. बिना देर किए डॉक्टर को दिखाएं और उनकी सलाह के बिना कोई भी दवा न दें. समय पर इलाज मिलने से बीमारी गंभीर होने का खतरा कम हो सकता है. अगर बुखार दो-तीन दिन तक बना रहे, तो जांच जरूर करानी चाहिए.

LIFESTYLE : मोबाइल की लत बना रही है ‘Smartphone Brain’ का शिकार! युवाओं में बढ़ रहे ये लक्षण

एक्सपर्ट लगातार नोटिफिकेशन आना, बिना रुके सोशल मीडिया स्क्रॉल करना और एक ऐप से दूसरे ऐप पर जाना दिमाग को हर समय सक्रिय बनाए रखता है.

कुछ साल पहले तक न्यूरोलॉजिस्ट के पास जाने का मतलब स्ट्रोक, पार्किंसन, मिर्गी या डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ा माना जाता था. ऐसे मरीजों में ज्यादातर बुजुर्ग होते थे और याददाश्त कमजोर होना या चलने-फिरने में परेशानी जैसी शिकायतें आम थीं. लेकिन अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है. आजकल न्यूरोलॉजिस्ट के पास बड़ी संख्या में युवा और किशोर ऐसे लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं, जिनका संबंध लंबे समय तक स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की आदत से जोड़ा जा रहा है. बार-बार सिरदर्द होना, ध्यान न लगना, नींद खराब होना, चक्कर आना, दिमाग में धुंधलापन महसूस होना और छोटी-छोटी बातें भूल जाना जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं.

काम, पढ़ाई और लोगों से जुड़ने का तरीका बदला

सीके बिड़ला हॉस्पिटल्स, सीएमआरआई के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. दीप दास के मुताबिक, मोबाइल फोन ने काम करने, पढ़ाई करने और लोगों से जुड़ने का तरीका बदल दिया है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा और बिना कंट्रोल के इस्तेमाल ध्यान लगाने की क्षमता, नींद, मूड और दिमाग की कार्यक्षमता पर असर डाल सकता है.एक्सपर्ट लगातार नोटिफिकेशन आना, बिना रुके सोशल मीडिया स्क्रॉल करना और एक ऐप से दूसरे ऐप पर जाना दिमाग को हर समय सक्रिय बनाए रखता है. धीरे-धीरे दिमाग को लगातार नए उत्तेजना की आदत पड़ जाती है और फिर किसी एक काम पर लंबे समय तक ध्यान लगाना मुश्किल होने लगता है. यही वजह है कि कई युवा अब किताब पढ़ने, मीटिंग में बैठने या पढ़ाई करने के दौरान भी बार-बार फोन देखने लगते हैं.

इन चीजों पर होता असर?

डॉक्टरों के अनुसार, स्मार्टफोन का असर सिर्फ ध्यान पर ही नहीं पड़ता, बल्कि नींद और याददाश्त पर भी दिखाई देता है. रात में देर तक फोन चलाने से आंखें ब्लू लाइट के संपर्क में रहती हैं, जिससे मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है. यही हार्मोन शरीर के सोने और जागने के चक्र को नियंत्रित करता है. जब नींद पूरी नहीं होती, तो एकाग्रता और याददाश्त प्रभावित होती है. इसके साथ ही चिंता, अवसाद और लंबे समय तक रहने वाले सिरदर्द की समस्या भी बढ़ सकती है.

क्या होते हैं इसके लक्षण?

लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल देखने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर भी दबाव पड़ता है. इससे टेंशन हेडेक और माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है. इस स्थिति को ‘टेक्स्ट नेक’ कहा जाता है. इसके अलावा लगातार स्क्रीन देखने से डिजिटल थकान भी होने लगती है, जिससे व्यक्ति मानसिक रूप से थका हुआ, चिड़चिड़ा और काम में रुचि न लेने वाला महसूस कर सकता है. कई लोगों को लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करने के बाद नई जानकारी समझने और याद रखने में भी परेशानी होने लगती है.

डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों और किशोरों पर इसका असर ज्यादा हो सकता है, क्योंकि उनका दिमाग अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ होता. जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम उनकी पढ़ाई, नींद, शारीरिक गतिविधियों और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है.

एक्सपर्ट यह भी स्पष्ट करते हैं कि समस्या स्मार्टफोन नहीं, बल्कि उसका गलत इस्तेमाल है. वे 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह देते हैं। यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए करीब 20 फीट दूर किसी चीज को देखें. इसके अलावा स्क्रीन से नियमित ब्रेक लें, सोने से कम से कम एक घंटे पहले फोन का इस्तेमाल बंद करें, सही तरीके से बैठें, नियमित व्यायाम करें और रोज कुछ समय खुली हवा में बिताएं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

NATIONAL : दिल्ली प्रोटेस्ट के 25वें दिन जंतर-मंतर पर क्या है हाल? भारी संख्या में छात्रों का प्रदर्शन जारी, और बच्चे पहुंचे

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प्रदर्शन स्थल पर और समर्थक जुटे तथा स्वयंसेवकों को समर्थकों की ओर से भेजा गया भोजन एवं अन्य सामान मिला. सुबह से जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों ने बुधवार (22 जुलाई) को जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखा. इस दौरान रातभर में प्रदर्शन स्थल पर और समर्थक जुटे तथा स्वयंसेवकों को समर्थकों की ओर से भेजा गया भोजन एवं अन्य सामान मिला. नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है.

सीजेपी ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया, “आज सुबह जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं.” सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को भी दोहराया. पोस्ट में कहा गया, “प्रधानमंत्री भारत के युवाओं से ज्यादा मंत्री प्रधान से प्यार क्यों करते हैं?”

मंगलवार (21 जुलाई) की रात जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए कई लोगों ने भोजन भेजा, जबकि वहां और समर्थक भी जुटे. सोमवार को सीजेपी के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना जारी रखा.

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते. उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक हम यह जगह नहीं छोड़ेंगे. 20 जुलाई भारत के राजनीतिक इतिहास में, खासकर आजादी के बाद के भारत में, एक महत्वपूर्ण पड़ाव था. युवा अब चुप नहीं बैठेंगे.”

अभिजीत दीपके ने जारी किया स्पष्टीकरण
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार देर रात स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि आंदोलन ने जंतर-मंतर के अलावा कहीं भी किसी तरह के जमावड़े का आह्वान नहीं किया था. दीपके ने एक बयान में कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर के अलावा कहीं भी जुटने का आह्वान नहीं किया है, जहां हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी है.”

उन्होंने आरोप लगाया कि समूह को सूचना मिली है कि दिल्ली के कुछ अन्य हिस्सों में अशांति फैलाने के लिए “कुछ गुंडों” को भेजा गया हो सकता है. वे सीजेपी के साथ नहीं हैं. यह आंदोलन 20 जून को शुरू हुआ था, जिसमें परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है.

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे और तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. वांगचुक को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थांनातरित किए जाने के बाद भी वह अपना अनशन जारी रखे हुए हैं.

बंगाल से बुलाई जा रही सीआरपीएफ की 20 कंपनियां
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है.

गृह मंत्रालय ने मंगलवार रात इन कंपनियों को राष्ट्रीय राजधानी में तत्काल तैनात करने का आदेश दिया था. इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की इन सभी कंपनियों को पश्चिम बंगाल से विमानों के जरिये दिल्ली लाया जा रहा है.

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