Wednesday, June 17, 2026
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MUMBAI : धारावी में ट्रांसपोर्ट हब से लेकर सस्ती रेंटल हाउसिंग तक का खाका तैयार, 95 हजार करोड़ के मास्टर प्लान को CM की मंजूरी

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मुंबई के धारावी क्षेत्र को एक विश्वस्तरीय शहरी मॉडल में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. बुधवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ₹95,790 करोड़ के धारावी पुनर्विकास मास्टर प्लान (DRPL) को मंज़ूरी दी.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 95,790 करोड़ रुपये की धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपीएल) के मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है. ‘आजतक’ को मिली जानकारी के अनुसार, यह परियोजना जनवरी 2032 तक पूरी होने की संभावना है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कुल क्षेत्रफल 251.24 हेक्टेयर (628.82 एकड़) है. इसमे से 541.2 एकड़ जमीन सस्ती रेंटल हाउसिंग के लिए निर्धारित की गई है.

परियोजना की शुरुआत 14 जनवरी, 2025 को रेलवे सुविधाओं के निर्माण के साथ हो चुकी है, जब पहला प्रारंभ प्रमाणपत्र (फर्स्ट सीसी) जारी किया गया था. पूरी परियोजना को सात वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है.यह पुनर्विकास महाराष्ट्र सरकार की स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) और अडानी समूह की धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (अब नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड – एनएमडीपीएल) के बीच संयुक्त उद्यम के तहत स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) द्वारा किया जा रहा है.

एनएमडीपीएल ने अपने विजन में कहा, “धारावी पुनर्विकास परियोजना धारावीवासियों के जीवन और कार्य-स्थितियों को बेहतर बनाने का एक अनूठा अवसर है. मास्टर प्लान धारावी की मौजूदा विशेषताओं को बढ़ाने और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सुविधाओं के साथ एक नया मुंबई का केंद्र बनाने का प्रयास है.”

इस परियोजना के तहत मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) भी प्रस्तावित है, जिसे MMRDA द्वारा विकसित किया जाएगा. यह हब माहिम और सायन स्टेशन को जोड़ने के साथ-साथ मेट्रो लाइन 11 और 8 को भी कनेक्ट करेगा.लगभग 72,000 टेनमेंट्स प्रस्तावित हैं, जिनमें आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक पुनर्वास शामिल है. हालांकि, पात्रता सर्वेक्षण अभी अधूरा है और कुछ इलाकों जैसे कुंभारवाड़ा और अन्य निजी भू-स्वामियों द्वारा सर्वेक्षण का विरोध किया जा रहा है.

मुंबई में छह भूखंडों को किफायती आवास के लिए आवंटित किया गया है, जिसमें कुर्ला में 21 एकड़ मदर डेयरी और मुलुंड में 58.5 एकड़ जामस्प साल्ट पैन की जमीन शामिल है. इन दो भूखंडों का कब्जा एसपीवी को दे दिया गया है. अन्य चार भूखंडों में दियोनार डंपिंग ग्राउंड (124.3 एकड़), मालवानी और अक्सा मालाड (140 एकड़), आर्थर साल्ट वर्क्स (120.5 एकड़) और कांजुरमार्ग में जेनकिन्स साल्ट वर्क्स (76.9 एकड़) शामिल हैं, जिनका हस्तांतरण प्रक्रियाधीन है.

 

Karnataka: छह सब्जेक्ट्स बैकलॉग्स और पढ़ाई का दबाव, CET कॉलेज हॉस्टल में इंजीनियरिंग की छात्रा ने की खुदकुशी

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कोडगु जिले के पोंनमपेट स्थित सीईटी कॉलेज में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां पहले साल की AIML स्ट्रीम की छात्रा तेजस्विनी (19) ने हॉस्टल रूम में फांसी लगाकर जान दे दी. सुसाइड नोट में उसने छह बैकलॉग्स और पढ़ाई का दबाव झेल पाने में असमर्थता जताई, पुलिस जांच कर रही है.

कोडगु जिले के पोंनमपेट में स्थित हल्लिगट्टु सीईटी कॉलेज में बुधवार को एक दुखद घटना हुई. कॉलेज की पहले साल की छात्रा तेजस्विनी (19) ने अपने हॉस्टल रूम में आत्महत्या कर ली. वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (AIML) कोर्स की छात्रा थी और रायचूर की रहने वाली थी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की.

जानकारी के अनुसार, तेजस्विनी अपने पिता महंतप्पा की इकलौती बेटी थी. उसने तीन दिन पहले दोस्तों के साथ अपना जन्मदिन मनाया था और बुधवार को उन छात्रों को मिठाई बांटी जो पहले समारोह में शामिल नहीं हो सके थे. क्लास के बाद वह शाम 4 बजे के करीब हॉस्टल लौटी थी.

करीब साढ़े 4 बजे एक सहपाठी ने देखा कि उसका कमरा अंदर से बंद है और खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला. तुरंत यह सूचना हॉस्टल सुपरवाइजर को दी गई. जब दरवाजा तोड़ा गया तो तेजस्विनी बेहोश हालत में मिली. मौके पर ही उसकी मौत हो चुकी थी.पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तेजस्विनी ने लिखा कि वह छह बैकलॉग्स के कारण बहुत तनाव में थी और अब पढ़ाई जारी नहीं रखना चाहती थी. पोंनमपेट पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. घटना के बाद से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

NATIONAL : दिल्ली से 160 बांग्लादेशियों को किया जा रहा डिपोर्ट, त्रिपुरा से सड़क मार्ग से होगी वापसी

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सूत्रों के मुताबिक 160 बांग्लादेशियो को विशेष विमान से पहले इन्हें त्रिपुरा ले जाया जाएगा और फिर सड़क के रास्ते बांग्लादेश बॉर्डर से वापिस बांग्लादेश भेजा जाएगा.

दिल्ली से गुरुवार (29 मई) को 160 बांग्लादेशियो को हिंडन एयरबेस से डिपोर्ट किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक विशेष विमान से पहले इन्हें त्रिपुरा ले जाया जाएगा, उसके बाद सड़क के रास्ते बांग्लादेश बॉर्डर से वापिस बांग्लादेश भेजा जाएगा.

पिछले 1 महीने में दिल्ली पुलिस 470 अवैध बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें इसी रास्ते से वापिस बांग्लादेश भेज चुकी है. इसमें ज्यादातर घुसपैठ करके भारत आये थे, 50 ऐसे थे जिनका वीज़ा खत्म होने के बाद भी वो वापिस बांग्लादेश नहीं गए और इंडिया में अवैध तरीके से रह रहे थे.

 

Param Sundari: ‘सुंदरी’ जाह्नवी के प्यार में ‘परम’ सिद्धार्थ मल्होत्रा, विलेन बना परिवार, सामने आया टीजर

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‘मैडॉक फिल्म्स’ इस साल फिल्मी लवर्स के लिए नॉर्थ और साउथ की एक लव स्टोरी लेकर आ रहा है. उनकी नई फिल्म ‘परम सुंदरी’ का फर्स्ट लुक टीजर रिलीज हुआ जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर नजर आ रहे हैं.

सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘परम सुंदरी’ की चर्चा काफी समय से चल रही थी. कुछ महीनों पहले फिल्म का पोस्टर जारी किया था जिसमें दोनों लीड एक्टर्स के किरदार दिखाए गए. जहां सिद्धार्थ नॉर्थ इंडिया के परम बने हुए हैं, वहीं जाह्नवी साउथ इंडिया की सुंदरी बनी हैं. अब फिल्म का फर्स्ट लुक टीजर भी जारी हुआ है जिससे कहानी का अंदाजा लगाया जा सकता है.

मैडॉक फिल्म्स ने अपनी नई फिल्म ‘परम सुंदरी’ का टीजर जारी किया है, जिसमें उन्होंने सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर की लव स्टोरी की एक झलक नजर आती है. टीजर की शुरुआत में हमें सिद्धार्थ के किरदार परम का इंट्रोडक्शन मिलता है जो नॉर्थके गुरुग्राम शहर में काम करता है. वो एक टिपिकल लुक्स वाला हीरो है जिसे साउथ की सुंदरी जाह्नवी से प्यार होता है. दोनों के प्यार की गाड़ी आगे अच्छे से बढ़ती रहती है.

लेकिन इसी बीच एक ट्विस्ट उनकी लव स्टोरी में आता है, जिसके बाद मामला थोड़ा बिगड़ जाता है. सिद्धार्थ यानी परम के पीछे गांव के कुछ लोग चाकू, छुरी लेकर पड़ जाते हैं जिससे वो बचकर भागते नजर आते हैं. वो जाह्नवी को छोड़कर उदास उनके घर से चले जाते हैं. अब आखिर उनकी लव स्टोरी पूरी हो पाएगी या नहीं, ये फिल्म देखकर ही पता लग पाएगा. उनकी फिल्म 25 जुलाई को थिएटर्स में रिलीज होगी. फिल्म को तुषार जलोटा ने डायरेक्ट और दिनेश विजन ने प्रोड्यूस किया है.

सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर की ‘परम सुंदरी’ में नॉर्थ-साउथ वाली लव स्टोरी दिखाई गई है. इससे पहले बॉलीवुड इसपर दो फिल्मों बना चुका है. साल 2013 में शाहरुख-दीपिका की ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और अर्जुन कपूर-आलिया भट्ट की ‘2 स्टेट्स’ में नॉर्थ-साउथ लव स्टोरी वाला ट्विस्ट शामिल था. मजेदार बात ये थी कि ये दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर दमदार चली थीं. ऑडियंस को नॉर्थ-साउथ लव स्टोरी वाला ट्विस्ट अभी तक बॉलीवुड में पसंद आया है.

वहीं ‘मैडॉक फिल्म्स’ अपनी हर फिल्म में अलग कहानी लेकर आने के लिए जाना जाता है. हाल ही में आई उनकी ‘भूल चूक माफ’ एक नॉर्मल लव स्टोरी होने के बावजूद अपनी अनोखे टाइम लूप वाले ट्विस्ट के कारण थिएटर्स में धमाल मचा रही है. अब देखना होगा कि क्या ‘परम सुंदरी’ भी फैंस को पसंद आएगी या नहीं.

MATURA : टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान कार से मिला इतना कैश, मंगानी पड़ी नोट गिनने की मशीन, इनकम टैक्स विभाग ने शुरू की जांच

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पूरा मामला मांट थाना क्षेत्र स्थित यमुना एक्सप्रेसवे के जाबरा टोल प्लाजा का है, जहां पर चेकिंग के दौरान कार से मोटा कैश बरामद हुआ है. कैश के साथ करीब आधा किलो सोना भी मिला है. कैश गिनने के लिए मशीन लाई गई थी, जिससे करीब दो घंटे में गिनती पूरी हुई.

यूपी के मथुरा में चेकिंग के दौरान एक कार से करीब डेढ़ करोड़ रुपये और 450 ग्राम सोना बरामद हुआ. इतनी बड़ी मात्रा में कैश बरामद होने के चलते इनकम टैक्स विभाग की टीम को नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी. टीम को रुपये गिनने में करीब दो घंटे लग गए. फिलहाल, कार सवार एक युवक को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है.

आपको बता दें कि पूरा मामला मांट थाना क्षेत्र स्थित यमुना एक्सप्रेसवे के जाबरा टोल प्लाजा का है, जहां पर चेकिंग के दौरान कार से मोटा कैश बरामद हुआ है. कैश के साथ करीब आधा किलो सोना भी मिला है. कैश गिनने के लिए मशीन लाई गई थी, जिससे करीब दो घंटे में गिनती पूरी हुई और पता चला कि कुल 1 करोड़ 49 लाख रुपये कैश है.

दरअसल, आयकर विभाग और पुलिस को सूचना मिली कि मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र के माधव कुंज निवासी दीपक खंडेलवाल दिल्ली से चांदी लाकर आगरा में बेचते हैं. वह चांदी बिक्री के रुपये लेकर दिल्ली भी जाते हैं. ऐसे में मथुरा की थाना मांट पुलिस ने टोल प्लाजा पर नाकाबंदी कराई और मथुरा की तरफ से आ रही स्विफ्ट कार को रोककर उसकी तलाशी ली. जिसमें कार से भारी मात्रा में नगदी और सोना बरामद हुआ.

मामले में एसपी ग्रामीण सुरेश चंद रावत ने बताया कि इनपुट के आधार पर आयकर विभाग एवं मांट पुलिस ने स्विफ्ट कार से एक करोड़, 49 लाख रुपये एवं करीब आधा किलो सोना बरामद किया है. रकम और सोना बरामद होने के बाद चांदी व्यवसायी दीपक खंडेलवाल से पूछताछ की जा रही है. नोटिस देकर आगे की कार्रवाई की जाएगी. टीम में आयकर अधिकारी लोकेश उत्प्रेति, आयकर निरीक्षक रंजन सैनी, घनश्याम राठौर, संदीप गुप्ता, शिवम श्रीवास्तव शामिल रहे.

RAJASTHAN : जयपुर में जंगल उजाड़कर मॉल और होटल बनाने की तैयारी, पेड़ कटने के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग

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इलाके के लोगों ने इसे लेकर सरकारी दफ्तरों से लेकर नेताओं और अफसरों के खूब चक्कर काटे लेकिन सुनवाई नहीं हुई. पिछली सरकार में ये मुद्दा उठाने वाली बीजेपी ने भी अब चुप्पी साध ली.

अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में मशहूर शहर जयपुर के लोग इन दिनों पर्यावरण को बचाकर प्रकृति के नजदीक बने रहने के लिए न सिर्फ अनूठा संघर्ष कर रहे हैं, बल्कि सरकार और सिस्टम के खिलाफ मोर्चा भी खोले हुए हैं. खास यह है कि लोगों का यह संघर्ष अपने लिए नहीं, बल्कि ढाई हजार के करीब पेड़ों को कटने से बचाने के लिए है.

सरकारी अमला जयपुर शहर में मॉल और होटल बनाने के लिए इन पेड़ों की आहुतियां देने की कवायद में जुटा हुआ हैं. इसके लिए बरसों से बसे बसाए जंगल को काट कर वहां कंक्रीट की इमारतें खड़ी करने की तैयारी है. दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों के आशियाने भी उजाड़े जा रहे हैं. राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन ने लोगों के संघर्ष को कुचलने के लिए पेड़ो को काटकर मॉल और होटल के निर्माण की जगह ऊंची दीवारें खड़ी करा दी है और साथ ही पुलिस के डंडे व रसूख का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

जयपुर शहर के बीचो-बीच एयरपोर्ट के नजदीक सीएम भजनलाल शर्मा के चुनाव क्षेत्र सांगानेर की जमीनों पर कुछ दशकों पहले तक खेती होती थी. यहां की जिस जमीन को लेकर कोहराम मचा हुआ है, उसे तकरीबन चार दशक पहले सरकार ने अधिग्रहित कर रीको यानी राजस्थान इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन को दे दिया था.

रीको की तरफ से यहां फिनटेक पार्क का निर्माण शुरू कराया गया, लेकिन वह प्रोजेक्ट सफल नहीं हुआ. जमीन का कोई उपयोग नहीं होने से इस पर हजारों की संख्या में पेड़ उग आए और पूरा इलाका घने जंगलों में तब्दील हो गया. पशु पक्षियों ने यहां अपना आशियाना बना लिया. जंगल की वजह से एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में लोगों को शुद्ध हवा मिलने लगी. यह इलाका डोल का बाड़ कहलाता है.

तकरीबन चार साल पहले अशोक गहलोत की अगुवाई वाली तत्कालीन सरकार ने जंगल के एक बड़े हिस्से पर कुछ प्रोजेक्ट्स का निर्माण कराने का फैसला किया. इसके तहत यहां कई काम कराए जाने थे. पेड़ों को काटकर पत्थरों के प्रोजेक्ट बनाए जाने को लेकर इलाके के लोगों ने विरोध किया तो तब की विपक्षी पार्टी बीजेपी उनके साथ आ गई.

इस बीच राजस्थान में सरकार बदल गई. सीएम भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली नई सरकार ने डोल का बाड़ में चार प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला किया. इनमें मॉल और कुछ होटल के साथ ही फिनटेक पार्क वा भारत मंडपम की तर्ज पर राजस्थान मंडपम का निर्माण कराया जाना था. काम की जिम्मेदारी सरकारी संस्था राजस्थान इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन यानी रीको को दी गई.

इलाके के लोगों के मुताबिक डोल का बाड़ इलाके का जंगल तकरीबन 100 एकड़ क्षेत्रफल में है. यहां ढाई हजार के करीब पेड़ लगे हुए हैं. इनमें कई ऐसे हैं जो पर्यावरण और वनस्पति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं. इलाके के लोगों ने ही इन पेड़ों की जियो टैगिंग भी कराई. इसके साथ ही यहां तकरीबन 87 किस्म के जीव जंतुओं व पक्षियों ने भी अपना आशियाना बनाया. इनमें कई पक्षियों की प्रजाति तो माइग्रेटेड और दुर्लभ किस्म की थी.

मॉल और होटल के लिए जंगल को खत्म करने और पेड़ों को काटे जाने की जानकारी जब इलाके के लोगों को हुई तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया. रीको के लोग जब वहां काम करने के लिए पहुंचे तो लोगों ने एतराज जताया. जिन पेड़ों पर आरी चलनी शुरू हुई, लोग वहां अडिग हो गए. लोगों के जबरदस्त विरोध के चलते ना तो पेड़ों की कटाई हो पा रही थी और ना ही मॉल का काम शुरू हो पा रहा था. लोगों ने यह प्रस्ताव भी दिया कि अगर शॉपिंग मॉल और होटल बनाना बेहद जरूरी ही है तो उसे जंगल काट कर बनाने के बजाय आसपास के खाली पड़ी बंजर जमीनों पर बना लिया जाए. पेड़ों को काटकर पर्यावरण को कतई नुकसान न पहुंचा जाए. लोगों के विरोध और गुहार लगाने के सामने आए तमाम वीडियो खासे भावुक कर देने वाले हैं.

इलाके के लोगों ने इसे लेकर सरकारी दफ्तरों से लेकर नेताओं और अफसरों के खूब चक्कर काटे. मदद और दखल देने की गुहार लगाई, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई. बीजेपी के जो नेता पिछली सरकार के दौरान इस मुद्दे को जोर-जोर से उठा रहे थे, अपने राज में वह भी चुप्पी साध गए. लोगों के विरोध को देखते हुए सरकार ने भी सख्ती की. लोग अंदर जाकर विरोध ना कर सके, इसके लिए सबसे पहले उस इलाके की टिन शेड से ऊंची घेराबंदी कर दी गई, जहां मॉल का निर्माण शुरू हो रहा है.

इसके अलावा जंगल के बाहरी इलाके में कंटीले तार बांध दिए गए हैं. टिन से घेरे गए कैंपस में अब अंदर जाने की इजाजत किसी को नहीं है. एबीपी न्यूज़ की टीम ने भी अंदर जाकर सच्चाई जानने की कोशिश की लेकिन सुरक्षा गार्ड्स ने गेट खोलने से ही मना कर दिया. उसके बाद हमारी टीम पड़ोस की एक ऊंची बिल्डिंग पर चढ़ी, जहां अंदर का नजारा साफ तौर पर दिख रहा था.

हमने देखा कि घेराबंदी किए गए इलाके की आधी जगह पूरी तरह साफ हो गई है. वहां एक भी पेड़ नजर नहीं आ रहा है. कटे हुए पेड़ों के कुछ अवशेष जरूर नजर आ रहे हैं. इसके साथ ही कई जेसीबी मशीनें भी काम करती हुई नज़र आईं. आसपास के लोग इकट्ठे होकर विरोध ना कर सके, इसके लिए वहां पुलिस का पहरा बिठा दिया गया है. तमाम पुलिसकर्मी सादे ड्रेस में तैनात रहते हैं और सवाल उठाने वालों के साथ बेहद सख्ती से पेश आते हैं.

पुलिस की सख्ती के चलते पिछले कई हफ्तों से लोग अब दूसरी जगहों पर इकट्ठे होकर प्रदर्शनन कर रहे हैं. उनका कहना है कि हम इस जंगल को खत्म कर अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ कतई नहीं होने देंगे और आखिरी सांस तक लड़ते रहेंगे. लोगों का आरोप है कि पुलिस उनके घर पहुंचती है और जेल भेजे जाने की धमकी देती है.

इस बारे में हमने कई बार रीको यानी राजस्थान इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के जिम्मेदार अधिकारियों से बातचीत कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन कोई भी कुछ भी बोलने से साफ तौर पर बच रहा है. हमने चेयरमैन से लेकर एमडी और पीआरओ से लेकर प्रोजेक्ट मैनेजर समेत तमाम जिम्मेदार लोगों से संपर्क किया. आधे लोगों ने मिलने से ही मना कर दिया और आधे लोगों ने बोलने से. हमने फोन पर भी रीको का वर्जन जानना चाहा, लेकिन जिम्मेदार लोग टालमटोल कर चुप्पी ही साधे रहे. जिम्मेदार लोगों की यह चुप्पी इस बात का साफ इशारा है कि दाल में कुछ काला जरूर है और लोगों के आरोप सही हैं.

बहरहाल डोल का बाड़ के जंगल को बचाने के लिए जयपुर के लोगों ने शहर में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन करने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी मुहिम छेड़ रखी है. सोशल मीडिया पर उनकी यह मुहिम खासी चर्चा का सबब बनी हुई है.

 

UP : चाचा की प्रॉपर्टी पर थी नजर, दुबई से सुपारी देकर दो बच्चियों को मरवाया, मिली फांसी की सजा

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हाथरस के आशीर्वाद धाम कॉलोनी में जनवरी में हुए दोहरे हत्याकांड में एससी-एसटी कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. शिक्षक छोटेलाल की दो बेटियों की निर्मम हत्या और पति-पत्नी पर जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को मौत की सजा सुनाई है. जांच में सामने आया कि वारदात की साजिश छोटेलाल के दुबई में रहने वाले भतीजे ने संपत्ति के लालच में रची थी.

यूपी के हाथरस में बहुचर्चित आशीर्वाद धाम कॉलोनी में शिक्षक छोटेलाल के परिवार की निर्मम हत्या के मामले में एससी/एसटी कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को मौत की सजा सुनाई है. कोर्ट ने अभियुक्त विकास और लालू पाल को दो मासूम बच्चियों की हत्या और उनके माता-पिता पर जानलेवा हमले का दोषी मानते हुए यह कठोर सजा सुनाई है.

रिपोर्ट के मुताबिक 22 जनवरी की रात यह खौफनाक वारदात घटित हुई थी, जब विकास और लालू पाल ने मिलकर शिक्षक छोटेलाल, उनकी पत्नी वीरांगना, और दो बेटियों 12 साल की विधि और 8 साल की सृष्टि पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था. इस हमले में दोनों बच्चियों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि छोटेलाल और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना के बाद दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए थे.

जांच में यह खुलासा हुआ कि इस नृशंस हत्याकांड के पीछे छोटेलाल का सगा भतीजा सोनेलाल था जो वर्तमान में दुबई में रहता है. सरकारी वकील दिनेश यादव और पीड़ित पक्ष के वकील यज्ञदत्त गौतम ने अदालत को बताया कि सोनेलाल ने अपने चाचा की संपत्ति हड़पने के लिए सुपारी देकर इस हत्याकांड को अंजाम दिलवाया था.

सोनेलाल जानता था कि छोटेलाल की कोई संतान नहीं बची तो संपत्ति उसकी हो जाएगी. इसी लालच में उसने विकास और लालू को हत्या की सुपारी दी. पुलिस की तत्परता और मजबूत चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने दोषियों को सख्त सजा सुनाते हुए कहा कि यह अपराध समाज की आत्मा को झकझोरने वाला है और इसमें कोई रहम नहीं बरता जा सकता. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को मृत्युदंड और अन्य धाराओं के अंतर्गत भी कठोर सजा दी है.

 

ENTERTAINMENT : ‘फीडिंग छूट गई है, उसे पता है मम्मा ठीक नहीं हैं…’, लिवर कैंसर से जूझ रही दीपिका कक्कड़ का बेटे रूहान को लेकर छलका दर्द

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दीपिका कक्कड़ स्टेज 2 लिवर कैंसर से जूझ रही हैं. वहीं एक्ट्रेस ने अब एक व्लॉग शेयर कर अपनी हेल्थ अपडेट दी है. इस दौरान दीपिका ने अपने बेटे रूहान को लेकर भी बाती की है.

दीपिका कक्कड़ टीवी की मोस्ट पॉपुलर एक्ट्रेस हैं. हालांकि वे छोटे पर्दे से दूर हैं लेकिन वे सोशल मीडिया के जरिए फैंस से जुड़ी रहती हैं. इन सबके बीच दीपिका फिलहाल अपनी लाइफ का सबसे खराब फेज झेल रही हैं. एक्ट्रेस ने बीते दिन इंस्टा पर एक पोस्ट शेयर कर खुलासा किया कि उन्हें स्टेज 2 लिवर कैंसर है. वहीं दीपिका ने पति शोएब संग ब्लॉग के जरिये भी अपना हेल्थ अपडेट दिया. इस दौरान एक्ट्रेस ने अपने बेटे रूहान को लेकर भी बात की और कहा कि वो समझ गया है कि मम्मा ठीक नहीं है.

व्लॉग की शुरुआत में शोएब इब्राहिम में दीपिका का हेल्थ अपडेट दिया और बताया कि पहले हम कह रहे थे कि दीपिका के लिवर में टेनिस बॉल साइज का ट्यूमर है लेकिन अब रिपोर्ट्स से पता चला है कि दीपिका को स्टेज 2 लिवर कैंसर है. शोएब ने आगे बताया कि दीपिका की अभी सर्जरी नहीं हुई है क्योंकि उन्हें कोल्ड और कफ हैं. डॉक्टर्स ने उन्हें अगले हफ्ते सर्जरी के लिए बुलाया है. इस दौरान दीपिका कई बार इमोशन हुईं. हालांकि दीपिका ने कहा कि पहले वे कैंसर का नाम सुनकर डर गई थीं लेकिन अब ये श्योर हैं कि वे इससे बाहर आएंगीं. उन्होंने ये भी बताया कि डॉक्टर्स ने कहा है कि वे पूरी तरह ठीक हो जाएंगीं क्योंकि टाइम से इस बारे में पता चल गया है.

इसके बाद दीपिका ने अपने बेटे रूहान को लेकर बात की. पहले शोएब रूहान को लेकर कहते हैं कि वो काफी समझदार हो गया है. उसे एहसास हो गया है कि कुछ ठीक नहीं है. उसकी फीडिंग अब छूट गई है. इसके बाद दीपिका कहती हैं कि वो अब समझ गया है कि मम्मा ठीक नहीं हैं. दिन में एक बार आकर बोलता है मुझे लेकिन वो अब समझ गया है. दीपिका आगे कहती हैं कि सब लोग हैं, हम लोग स्ट्रॉन्ग रहने की कोशिश कर रहे हैं.

व्लॉग में शोएब ये भी कहते हैं कि हर कोई अपनी लाइफ में मुश्किल दौर से गुजरते हैं. हमारे लिए भी ये फेज लाइफ का सबसे टफ फेज है. इसके बाद दीपिका कहती हैं कि डॉक्टर्स ने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कहा है कि वे इसे पूरी तरह ठीक कर देंगे. डॉक्टर इतने कॉन्फिडेंट हैं तो हमारा भी कॉन्फिडेंस बढ़ा है.

दीपिका आगे कहती हैं कि कैंसर शब्द हर किसी के लिए डरावना होता है. ये मेंटली ज्यादा डराता है. लेकिन डॉक्टर्स ने कहा है कि ये आपको ऐसी सिचुएशन में हुआ है कि ये बहुत आसानी से ठीक हो जाएगा, इसके बाद शोएब कहते हैं कि ये भी अल्लाह का शुक्र है कि दीपिका को पेन गॉलब्लेडर में स्टोन की वजह से होता था. जब पेन ठीक नहीं हुआ तो हमने सिटी स्कैन कराया. जिसमें पता चला कि ट्यूमर है. फिर पता चला मेलिग्नेंट है. लेकिन ये अच्छा है कि उस वजह से ये मेजर चीज समझ में आई. उसके लिए अल्लाह का शुक्रिया है. आजमाइश का वक्त है और इंशाल्लाह ये वक्त भी गुजर जाएगा.

 

BIHAR : पटना में पीएम मोदी के रोड शो में उमड़ी भारी भीड़, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रंग में रंगी सड़कें

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पीएम मोदी ने पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो के लिए पटना में विशेष तैयारियां की गई हैं. सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त के बीच ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ और ब्रह्मोस मिसाइल की थीम पर आधारित एक स्टेज भी तैयार किया गया है.

बिहार के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना पहुंच चुके हैं. बिहार में चुनावी साल होने की वजह से प्रधानमंत्री मोदी का ये दौरा राजनीतिक तौर पर काफी अहम है. प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं.सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त के बीच, एक विशेष थीम वाला स्टेज तैयार किया गया है जो’ऑपरेशन सिन्दूर’ और ब्रह्मोस मिसाइल की पर आधारित है. यह स्टेज प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो मार्ग में लगाया गया है, जिसे देश की सुरक्षा और सैन्य ताकत के प्रतीकों के रूप में सजाया गया है.

पीएम मोदी अपने दो दिवसीय दौरे के तहत सबसे पहले पटना के नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन पहुंचे और यहा बने नए टर्मिनल का उद्घाटन किया. करीब 1200 करोड़ रुपए की लागत से बना यह नया टर्मिनल प्रति वर्ष 1 करोड़ यात्रियों को संभाल सकता है.

इसके बाद पांच बजे प्रधानमंत्री एयरपोर्ट से बीजेपी ऑफिस के लिए रोड शो करते हुए निकालेंगे. आधे घंटे का रोड शो करते हुए पीएम मोदी 5:30 बजे बिहार बीजेपी कार्यालय पहुंचेंगे. 5:30 से 6:15 बजे तक पीएम मोदी बीजेपी कार्यालय में नेताओं के साथ बैठक करेंगे. 6:15 बजे बीजेपी कार्यालय से राजभवन के लिए निकलेंगे जहां वो रात्रि विश्राम करेंगे. पीएम मोदी के पटना पहुंचने से पहले ही वहां ऑपरेशन सिंदूर की झलक दिख रही है.

UP : ग्रेटर नोएडा वेस्ट में फिर लिफ्ट हादसा, क्लब हाउस की लिफ्ट में फंसे 6 लोग…….

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट की बिसरख थाना क्षेत्र में स्थित आस्था ग्रीन सोसाइटी में क्लब हाउस की लिफ्ट अचानक बंद हो जाने से उसमें 6 लोग करीब 30 से 40 मिनट तक फंसे रहे. पुलिस ने दर्ज की शिकायत.

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में लिफ्ट से जुड़ी लापरवाहियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं दिख रहा है. ताजा मामला बिसरख थाना क्षेत्र स्थित आस्था ग्रीन सोसाइटी का है, जहां क्लब हाउस की लिफ्ट अचानक खराब हो गई और उसमें एक महिला समेत 6 लोग करीब 30 से 40 मिनट तक फंसे रहे.

घटना रात करीब 10:30 बजे की है, जब सभी लोग क्लब हाउस के चौथे माले से नीचे आ रहे थे. इसी दौरान लिफ्ट तीसरे फ्लोर पर जाकर अचानक अटक गई और उसके दरवाजे नहीं खुले. फंसे हुए लोगों ने सभी बटन दबाकर प्रयास किया, लेकिन कोई बटन काम नहीं कर रहा था. इतना ही नहीं, अलार्म बटन दबाने के बावजूद कोई सहायता नहीं पहुंची.

घटना के बाद में इनमें से एक व्यक्ति ने अपने परिचितों को कॉल किया, जिसके बाद लोग मौके पर पहुंचे और मेंटेनेंस टीम को बुलाया गया. कड़ी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे में लिफ्ट का दरवाज़ा खोला गया और लोग बाहर निकल पाए. पीड़ितों ने इस लापरवाही के खिलाफ बिसरख थाना में लिखित शिकायत दी है. उनका कहना है कि सोसाइटी में मोटी मेंटेनेंस फीस ली जाती है, लेकिन न तो लिफ्ट की समय पर जांच होती है और न ही कोई ऑपरेटर तैनात होता है.

घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे सोसाइटी प्रशासन और बिल्डर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. लोगों ने बिल्डर और मेंटेनेंस विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. आस्था ग्रीन सोसाइटी की लिफ्ट में फंसे लोगों ने लापरवाही के मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने लोगों को भरोसा दिया है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी.

 

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