Thursday, June 18, 2026
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MP: पहले पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर जहर खाकर पति ने भी कर ली जीवनलीला समाप्त

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शराब के आदी रामविलास कुशवाह ने शराब के नशे में पत्नी पर दरांती से हमला कर दिया. बाद में उसने जहर खा लिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. बाद में उसकी पत्नी ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया.

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक शख्स ने अपनी पत्नी पर दरांती से हमला कर उसकी हत्या कर दी और फिर जहर खाकर खुदकुशी कर ली. आरोपी शराब पीने का आदी था. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. दरअसल, यह घटना बुधवार को जिला मुख्यालय से करीब 47 किलोमीटर दूर कैलारस थाना क्षेत्र के खुमानपुरा गांव में हुई. मृतक दंपति की पहचान लीलाधर का पुरा गांव के रामविलास कुशवाह (55) और सरोज (50) के रूप में हुई है.

कैलारस थाना प्रभारी संतोष बाबू गौतम ने बताया, “शराब के आदी रामविलास कुशवाह ने शराब के नशे में पत्नी पर दरांती से हमला कर दिया. बाद में उसने जहर खा लिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. बाद में उसकी पत्नी ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया.” उन्होंने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की जांच जारी है.

अधिकारी ने बताया कि कुशवाह की बड़ी बहू गुड़िया ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद उसने अपनी बड़ी बेटी नंदिनी को फोन किया और लड़खड़ाती आवाज में बताया कि उसने अपनी मां की हत्या कर दी है और खुद भी जहर खा लिया है. इसके बाद कुशवाह के परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने उसे मृत पाया. गंभीर हालत में उसकी पत्नी को कैलारस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. हालांकि, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

Jagannath Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा कब से शुरू ? यात्रा से पहले और बाद में क्या-क्या होता है जानें

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जगन्नाथ रथ यात्रा आषाढ़ में निकाली जाती है. मान्यता है कि जो इस यात्रा में शामिल होता है उसके जन्मों जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं. इस साल जगन्नाथ रथ यात्रा कब निकाली जाएगी.

जगत के नाथ यानी भगवान जगन्नाथ का धाम ओडिशा के पुरी में माना गया है. हर साल जगन्नाथ जी के भक्तों को आषाढ़ माह में होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा का इंतजार रहता है. इस दौरान तीन रथों पर भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र विराजमान होते हैं.

वह नगर भ्रमण कर भक्तों का हालचाल जानने मंदिर से बाहर निकलते हैं. इस दौरान सात दिनों के लिए गुंडिचा मंदिर ही जगन्नाथ जी का निवास होता है. इस रथ यात्रा की प्रसिद्धि विश्वभर में है. जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 में कब शुरू होगी.

जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से होती है और इसका समापन दशमी तिथि को होता है. यात्रा से पहले कई परंपराएं निभाई जाती है. इसकी शुरुआत सहस्त्रस्नान से होती है. इस रथ यात्रा में लाखों लोग देश और दुनिया से शामिल होने पुरी आते हैं.

जगन्नाथ रथ यात्रा 27 जून 2025 से शुरू होगी और 5 जुलाई को इसका समापन होगा.

ऐसा माना जाता है जगन्नाथ जी के दर्शन करने के बाद उनके भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन के अंत में भी मोक्ष को प्राप्त करते है.

यात्रा से पहले ज्येष्ठ पूर्णिमा पर जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और सुभद्रा जी तीनों का 108 घड़ों के जल से स्नान कराया जाता है, इस स्नान को सहस्त्रधारा स्नान के नाम से जाना जाता है. 108 घड़ों के ठंडे जल स्नान के कारण तीनों देवी-देवता बीमार हो जाते हैं. ऐसे में अब वे तीनों 14 दिनों तक एकांतवास में रहते हैं और एकांतवास के बाद वे अपने भक्तों को दर्शन देते हैं.

पद्म पुराण की कहानी के अनुसार एक बार आषाढ़ के महीने में सुभद्रा ने भगवान जगन्नाथ से शहर देखने की इच्छा जताई. तब जगन्नाथ भगवान ने अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को रथ पर बैठाया और नगर भ्रमण करते हुए अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर में निवास किया.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

NATIONAL : CM योगी की नीति से बदली सहकारिता विभाग की तस्वीर, 5 गुना तक बढ़ा सहकारी बैंकों का लाभ

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सहकारी बैंकों की अच्छी हालत को लेकर सीएम योगी ने इसे सहकारिता क्षेत्र में एक नई क्रांति कहा है. इन बैंकों से सीधा फायदा उन किसानों और छोटे उद्यमियों को मिला, जो बैंकिंग सुविधा से दूर थे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में उत्तर प्रदेश में सहकारी बैंकों की हालत तेजी से सुधरी है. पहले जो बैंक घाटे में चल रहे थे, आज वो मुनाफा कमा रहे हैं. किसानों को खेती के लिए आसान कर्ज मिल रहा है और छोटे कारोबारियों को व्यापार बढ़ाने का मौका. सरकार की पारदर्शी नीति और मजबूत योजना की वजह से सहकारिता क्षेत्र में एक नई क्रांति आई है.

साल 2017 में उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक ने जहां 9190 करोड़ रुपये का ऋण बांटा था, वहीं 2025 में यह बढ़कर 23061 करोड़ रुपये हो गया है. यानी ढाई गुना से ज्यादा. इसका सीधा फायदा उन किसानों और छोटे उद्यमियों को मिला, जो बैंकिंग सुविधा से दूर थे.

सिर्फ कर्ज देना ही नहीं, बल्कि बैंक खुद भी आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है. यूपी कोऑपरेटिव बैंक का शुद्ध लाभ 2017 में 32.82 करोड़ रुपये था, जो अब 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो गया है. यानी तीन गुना की बढ़त. यह बताता है कि बैंक अब अच्छी कमाई भी कर रहे हैं. प्रदेश के 50 जिला सहकारी बैंकों का कुल कारोबार बढ़कर अब 41234 करोड़ रुपये पहुंच गया है. साथ ही इन बैंकों का शुद्ध लाभ 36 करोड़ से बढ़कर 162 करोड़ रुपये हो गया है. यह पांच गुना की बढ़त है, जो दर्शाता है कि सरकार की योजनाएं सही दिशा में काम कर रही हैं.

किसानों को खेती के लिए जरूरी कर्ज यानी फसली ऋण में भी बड़ा उछाल आया है. यह ऋण 2017 में जितना था, अब वह दोगुना होकर 11516 करोड़ रुपये हो गया है. इसका असर गांव-देहात में साफ देखा जा सकता है, जहां किसान अब बिना साहूकार के खेती कर पा रहे हैं. सरकार ने 13 नए सहकारी बैंक शाखाएं खोली हैं और 3000 से ज्यादा पैक्स समितियों को बहुसेवा केंद्र के रूप में बदला है. अब गांवों में ही बीज, खाद, बीमा और बैंक की सभी सुविधाएं मिल रही हैं. इससे लोगों को शहर नहीं भागना पड़ता.

गौरतलब है कि 2017 में जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने थे, तब प्रदेश का सहकारी ढांचा कमजोर था. कई बैंक घाटे में चल रहे थे और किसानों को समय पर कर्ज नहीं मिल पाता था. लेकिन बीते 7 वर्षों में सहकारिता विभाग में सुधार, डिजिटलीकरण और पारदर्शी प्रक्रिया ने इस पूरी तस्वीर को बदल दिया है. अब सहकारी बैंक सिर्फ नाम के नहीं, बल्कि गांव और किसान की असली ताकत बन चुके हैं. सीएम योगी का साफ कहना है, “ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है तो सहकारिता को सशक्त बनाना ही होगा.

 

UP : स्टार बन गई हैं कुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा, ये वीडियो देख आप भी कहेंगे- क्या किस्मत है

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित किए गए महाकुंभ की वजह से कई लोगों की किस्मत चमकी. उनमें से एक मोनालिसा भोसले भी हैं. महाकुंभ में माला बेचने वाली ये लड़की देखते ही देखते महाकुंभ की वायरल गर्ल बन गई. दरअसल सावंला रंग, नीली कजरारी आंखें और कंटीले नयन-नक्श ने मोनालिसा को चर्चा में ला दिया था. किस्मत देखिए मोनालिसा आज ना केवल सोशल मीडिया सेंसेशन बन गई हैं बल्कि अब फिल्मी दुनिया में भी आ गई हैं और अब वे जल्द ही एक म्यूजिक वीडियो में भी नजर आएंगीं. मोनालिसा की पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब वे जहां भी जाती हैं वहां किसी स्टार की तरह उनका वेलकम होता है.

मोनालिसा ने अपने इंस्टा पर एक वीडियो शेयर की है जिसमें वे ओपन रूफ वाली गाड़ी में खड़ी हुई नजर आ रही हैं. इस दौरान महाकुंभ वायरल गर्ल पिंक दुपट्टा और ब्लू सूट में काफी खूबसूरत लग रही हैं. गाड़ी के साथ में एक शख्स मोनालिसा के सिर पर छाता लिए हुए चल रहा है. वीडियो में मोनालिसा किसी स्टार से कम नही लग रही हैं.

वहीं जैसे ही उनकी कार गांव में एंट्री करती है वैसे ही काफी संख्या में लोग उनकी एक झलक पाने के लिए बेकरार दिखते हैं. इस दौरान काफी लोग उनकी गाड़ी के साथ चलते हुए नजर आते हैं. वहीं कई उनकी तस्वीरें खींचने की होड़ में भी नजर आ रहे हैं. इधर मोनालिसा भी स्माइल के साथ अपने चाहने वालों को हाथ हिलाकर ग्रीट करती नजर आ रही हैं.

वहीं मोनालिसा की इस वीडियो को देखने के बाद लोग यही कह रहे हैं कि किस्मत बदलते देर नहीं लगती है. एक ने लिखा है किस्मत कब कहां पहुंचा दे कह नहीं सकते.

मोनालिसा बॉलीवुड में फिल्म डायरी ऑफ मणिपुर से कदम रखने जा रही थीं. इस फिल्म को सनोज मिश्रा डायरेक्ट कर रहे हैं. हालांकि सनोज पर कभी गंभीर आरोप लगे हैं. जिसके बाद से फिल्म को लेकर फिलहाल कोई अपडेट सामने नहीं आया है. इन सबके बीत मोनालिसा अक्सर इवेंट का हिस्सा बनती नजर आती हैं. उनका सिंगर उत्कर्ष शर्मा के म्यूजिक वीडियो से फर्स्ट लुक भी आउट हुआ था जिसे खूब पसंद किया गया. इनके अलावा मोनालिसा अपने ट्रांसफॉर्मेशन की तस्वीरें भी शेयर कर फैंस को हैरान करती रहती हैं.

 

NATIONAL : देहरादून में गजब मामला, रिश्वत लेते पकड़ा गया तो पैसे चबा गया पटवारी, अब विजिलेंस कराएगी एंडोस्कोपी

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पटवारी के खिलाफ विजिलेंस को शिकायत मिली थी, जिसके बाद टीम ने पटवारी को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया लेकिन इससे पहले टीम कुछ करती पटवारी ने सारे पैसे चबा लिए.

उत्तराखंड के देहरादून में बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां एक पटवारी पकड़े जाने पर रिश्वत के पैसे चबा गया. विजलेंस ने शिकायत के बाद पटवारी को 2000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था लेकिन इससे पहले कि विजलेंस कुछ कर पाती पटवारी ने रिश्वत में मिले 500-500 के चारों नोटों को चबाकर निगल लिया. जिसके बाद विजिलेंस की टीम उसे अस्पातल ले गई और पेट का अल्ट्रासाउंड कराया लेकिन उसमें पैसे नहीं दिखे.

घटना देहरादून के कालसी की है जहां तैनात पटवारी के खिलाफ विजिलेंस को शिकायत मिली थी, जिसके बाद टीम ने पटवारी को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया. आरोपी को जैसे ही खुद के पकड़े जाने का एहसास हुआ वो फौरन 500-500 के चार नोटों चबाकर निगल गया. जिसके बाद मौके पर मौजूद विजलेंस का अधिकारी उसे पकड़कर अस्पताल ले गए, जहां उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया. लेकिन, उसमें भी कुछ नहीं दिखाई दिया. जिसके बाद अब पटवारी की एंडोस्कोपी कराने की तैयारी है.

इस मामले पर निदेशक सतर्कता डॉ.वी मुरुगेशन ने बताया कि शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनके चचेरे भाइयों ने मूल निवास प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. लेकिन उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया. जिसके बाद उन्होंने कालसी तहसील के कोटी डिमोऊ में तैनात पटवारी गुलशन हैदर से फोन पर संपर्क किया. पटवारी ने उन्हें आवेदकों की फोटो आईडी और दो हजार रुपये लेकर सोमवार को तहसील कार्यालय में बुला लिया.

शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना विजिलेंस की टीम को भी दे दी. जिसके बाद विजिलेंस सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने पटवारी गुलशन हैदर को तहसील कालसी के निजी कमरे से दो हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. रेडियोलॉजिस्ट ने टीम को पटवारी की एंडोस्कोपी जांच करवाने का सुझाव दिया है. टीम पटवारी को अपने साथ देहरादून ले गई. उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है.

 

ENTERTAINMNET : नीसा देवगन कब करेंगी बॉलीवुड डेब्यू? पापा अजय देवगन ने तोड़ दी चुप्पी

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काजोल और अजय देवगन की बेटी नीसा ने बॉलीवुड में कदम नहीं रखा है फिर भी उनकी सोशल मीडिया पर तगड़ी फैन फॉलोइंग है. किसी स्टार से ज्यादा लोग नीसा को फॉलो करते हैं. नीसा के बॉलीवुड डेब्यू का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अब पापा अजय ने नीसा के डेब्यू को लेकर चुप्पी तोड़ दी है.

काजोल की फिल्म मां का ट्रेलर आज लॉन्च हो गया है. इस फिल्म को अजय देवगन ने प्रोड्यूस किया है. फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर काजोल और अजय ने खूब मस्ती की और बेटी नीसा को लेकर भी किए सवालों का जवाब दिया.

ट्रेलर लॉन्च के दौरान अजय ने मीडिया से बात की. जब मां फिल्म में काजोल की बेटी के किरदार के लिए पूछा गया, तो अजय देवगन ने खुलासा किया कि ‘उन्हें फिलहाल फिल्मों में आने में कोई दिलचस्पी नहीं है’ अजय देवगन ने अपनी बात से साफ कर दिया है कि नीसा का अभी बॉलीवुड में जाने में कोई इंटरेस्ट नहीं हैं. अब देखना होगा वो बॉलीवुड में आती भी हैं या नहीं.

मां के ट्रेलर लॉन्च पर काजोल को सपोर्ट करने के लिए उनका बेटा युग देवगन भी पहुंचा था. वो अपनी मां के साथ नजर आए थे. ट्रेलर लॉन्च पर काजोल ब्लैक साड़ी पहन पहुंची थीं.

काजोल की फिल्म मां की बात करें तो ये एक माइथो-हॉरर फिल्म है. जिसमें काजोल अपनी बेटी को राक्षसों से बचाती हुई नजर आ रही हैं. ये ट्रेलर काफी डरावना है. फिल्म में एक भूतिया पेड़ और झने जंगल की कहानी दिखाई गई है. ट्रेलर काफी दिलचस्प है. अब देखना होगा ये फिल्म कितना फैंस का दिल जीत पाती है. काजोल की मां 27 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. ये फिल्म हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु और बंगाली भाषाओं में भी रिलीज होगी.

 

UP : मुरादाबाद में बकरीद से पहले बढ़ा बकरों का कारोबार, 60 से 70 करोड़ रुपये की कमाई की उम्मीद

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7 जून को बकरीद का त्यौहार मनाया जाएगा. ऐसे में मुरादाबाद और उसके आसपास के इलाके में बीते 15 से 20 सालों में पहली बार बकरों के कारोबार में तेजी से उभार देखने को मिला है.

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और उसके उसके आसपास के इलाकों में पिछले 15 से 20 सालों में ईद उल जुहा यानी बकरीद से पहले बकरों का कारोबार तेजी से उभरा है. अब यह देशभर के लिए बकरों का हब बन गया है. बरबरा और तोतापरी बकरे तो मुरादाबाद की ही नस्ल मानी जाती हैं और देश के कोने कोने में इनकी सबसे अधिक मांग है. इसलिए यह सबसे महंगे यानी छह लाख तक में बिकते हैं.

कारोबारियों ने इस वर्ष भी अभी से देश के दूरदराज इलाकों में बकरे पहुंचाना शुरू कर दिया है. कुछ लोगों ने अधिक मुनाफे के लिए बाहर भी अपनी ही दुकानें लगाईं हैं. जबकि आदमियों के अभाव मे कुछ लोग यहां से बकरे ले जाकर वहां के दुकानदारों को देकर आने लगे हैं. गत वर्ष बकरों का कारोबार लगभग 50 करोड़ का रहा था. इस वर्ष इसका 60 से 70 करोड़ तक का पहुंचने का अनुमान है.

इस वर्ष बकरीद 7 जून की है. इस दिन जानवरों की कुर्बानी दी जाती है. असालतपुरा निवासी मोहम्मद शाहिद कुरैशी बताते हैं कि लगभग बीस साल पहले दिल्ली के कुछ कारोबारी यहां बकरे खरीदने आए. सस्ते मिलने पर उन्होंने हर साल यहां आना शुरू कर दिया. इसके बाद यहां के भी कुछ युवा कारोबारियों ने दिल्ली आदि कई शहरों में जाकर बकरे बेचना शुरू किया. धीरे धीरे वह कारोबार पूरे देश में फैल गया. मुरादाबाद के बरबरा और तोता परी बकरों की मांग देश भर में होने लगी.

असालतपुरा के ही असमत अली ने बताया अब स्थानीय कारोबारी दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पूना, नासिक, कोलकाता, चेन्नई सहित देश भर के कोने कोने में जाकर बकरे बेच रहे हैं. हालांकि यहां पारवा, सूजर, पंजाबी, अजमेरी नस्ल के बकरों की भी मांग रहती है. स्थानीय स्तर से कई गुना मुनाफा मिलने से इनका उत्साह बढ़ा है. जिसने इनका दायरा भी बढ़ा है.

करुला निवासी मुनव्वर कुरैशी ने बताया अब कारोबारी दो से तीन महीने पहले शहरों में जाकर आर्डर ले आते हैं और बकरीद से एक सप्ताह पहले तक आर्डर पूरे कर दिए जाते हैं. असालतपुरा निवासी अल्ताफ हुसैन ने बताया बकरों की तैयारी में पूरा साल लग जाता है. असालतपुरा के मोहम्मद शाहिद कुरैशी ने बताया यह कारोबार बढ़ने के साथ ही अब भोजपुर, काशीपुर तिराहा के आसपास का क्षेत्र बिलारी, कुंदरकी, करुला आदि क्षेत्रों के लोग भी इस कारोबार में शामिल होने लगे हैं. जिससे पैदावार बढ़ गई है. अब आसपास के क्षेत्रों में भी बकरे का कारोबार बढ़ गया है. इस साल बकरीद पर यहां 60 से 70 करोड़ रुपये का बकरों का कारोबार होने की उम्मीद है.

 

BUSINESS : आपको Rail Neer पानी की बोतल बेचकर जानिए IRCTC ने कमा लिए कितने करोड़ रुपये

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IRCTC Q4 Results: आईआरसीटीसी की कैटरिंग से वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के दौरान 529 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जो तीसरी तिमाही में 555 करोड़ की हुई थी.आप जब कभी भी ट्रेन में सफर करते हैं तो आपकी प्यास को बुझाने के लिए रेल नीर पानी की बोतल 15 रुपये में आपको दी जाती है. ये सेवाएं इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी आईआरसीटीसी की तरफ से आपको दी जाती है. कई लोगों को इससे रोजगार मिलता है. लेकिन क्या आपको पता है पानी की बोतल बेचकर आईआरसीटी की साल में कितनी कमाई कर लेता है.

आईआरसीटीसी ने चौथी तिमाही के नतीजे जारी है, उसमें ये बताया गया है कि इस बार उसे 358 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि के दौरान ये मुनाफा 284 करोड़ रुपये का था. आईआरसीटीसी का ऑपरेशंस से मुनाफा 10 प्रतिशत बढ़कर 1269 करोड़ हो गया है, जो इसी अवधि के दौरान पिछले वित्त वर्ष में 1152 करोड़ रुपये था.

आइये बताते हैं कि आखिर किस चीज से आईआरसीटीसी ने कितनी कमाई की है-

रेल नीर-

रेल नीर से आईआरसीटीसी ने वित्त वर्ष 2025 की चोथी तिमाही के दौरान 96 करोड़ रुपये कमाया है. तीसरी तिमाही यानी पिछले साल अक्टूबर से दिसंबर के दौरान भी कंपनी की इतनी ही कमाई हुई थी. हालांकि, वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही की तिमाही के दौरान आईआरसीटीसी का मुनाफा 83 करोड़ रुपये था.

कैटरिंग-

आईआरसीटीसी की कैटरिंग की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के दौरान 529 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जो तीसरी तिमाही में 555 करोड़ की हुई थी. पिछले वित्त वर्ष के दौरान चौथी तिमाही के दौरान कैटरिंग से आईआरसीटीसी से 531 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी.

इंटरनेट टिकटिंग-

इंटरनेट टिकटिंग से वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के दौरान 372 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है, जो तीसरी तिमाही के दौरान 354 करोड़ रुपये का था. जबकि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के दौरान ये मुनाफा 2342 करोड़ रुपये का था.

 

NATIONAL : अंकिता भंडारी हत्याकांड में 30 मई को आएगा फैसला, पिता बोले- मेरी बेटी के हत्यारों को मिले फांसी

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बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस में अदालत के फैसले पर उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. इस मामले में कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत 30 मई को फैसला सुनाएगी. चार्जशीट के अनुसार मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो वनतंत्र रिजॉर्ट का मालिक है, पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354ए (छेड़छाड़ और लज्जा भंग) तथा अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं.

बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस में अदालत के फैसले पर उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. इस मामले में कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत 30 मई को फैसला सुनाएगी. SIT ने इस जघन्य हत्याकांड की जांच के दौरान 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें कुल 97 गवाहों को नामित किया गया था. अभियोजन पक्ष की ओर से इनमें से 47 गवाहों को अदालत में पेश किया गया.

मामला साल 2022 का है, जब 18 सितंबर को अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई थीं. इसके बाद 28 मार्च 2023 से मामले की नियमित सुनवाई अदालत में शुरू हुई.

चार्जशीट के अनुसार मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो वनतंत्र रिजॉर्ट का मालिक है, पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354ए (छेड़छाड़ और लज्जा भंग) तथा अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं.वहीं, अन्य दो आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर धारा 302, 201 और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के अंतर्गत विचारण किया गया है. अब सभी की नजरें 30 मई पर टिकी हैं, जब अदालत इस बहुप्रतीक्षित मामले में अपना फैसला सुनाएगी.

दिवंगत अंकिता के पिता वीरेन्द्र सिंह भंडारी ने कोर्ट और आम जनता से भावुक अपील की है. उन्होंने कहा कि मेरे जीते जी मेरी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा मिले. वीरेन्द्र भंडारी ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा अजय कुमार को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है और निष्पक्ष जांच में बाधा डाली गई है.

वीरेन्द्र भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि डोभ श्रीकोट नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखा जाएगा, लेकिन यह घोषणा अब तक पूरी नहीं हुई है. उन्होंने इस दिशा में भी सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है. बता दें कि अंकिता भंडारी का मर्डर साल 2022 में यमकेश्वर ब्लॉक के वनंतरा रिज़ॉर्ट में हुई थी, जिसने पूरे उत्तराखंड सहित देशभर में आक्रोश की लहर फैला दी थी. अब 2 वर्षों के लंबे संघर्ष और कानूनी प्रक्रिया के बाद यह मामला अंतिम चरण में पहुंच चुका है.

 

NATIONAL : 5 माह की गर्भवती प्रेमिका को छोड़ दूसरी लड़की से रचा रहा था शादी, मंडप से दूल्हा गिरफ्तार

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बलरामपुर जिले के कुसमी में पुलिस ने एक युवक को शादी के दौरान मंडप से गिरफ्तार किया है. यहां आरोपी ने शादी का झांसा देकर प्रेमिका से कई बार शारीरिक संबंध बनाए थे. इससे वह गर्भवती हो गई थी. फिलहाल वह 5 माह की गर्भवती है. ये जानकर भी वह गर्भवती प्रेमिका को छोडक़र दूसरी लड़की से विवाह रचाने की तैयारी में लगा था.

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी में पुलिस ने एक युवक को शादी के दौरान मंडप से गिरफ्तार किया है. यहां आरोपी ने शादी का झांसा देकर प्रेमिका से कई बार शारीरिक संबंध बनाए थे. इससे वह गर्भवती हो गई थी. फिलहाल वह 5 माह की गर्भवती है. युवक को यह बात पता थी. इसके बावजूद वह गर्भवती प्रेमिका को छोडक़र दूसरी लड़की से विवाह रचाने की तैयारी में लगा था. इसकी रिपोर्ट प्रेमिका ने थाने में दर्ज कराई. इस पर बलरामपुर जिले की कोरंधा पुलिस आरोपी को मंडप से गिरफ्तार कर ले गई और जेल भेज दिया.

युवती व आरोपी के बीच पिछले 7-8 वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था. आरोपी युवक ने युवती से शादी करने का झूठा वादा कर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए. इससे पीड़िता पांच माह से गर्भवती भी है. आरोपी युवक को पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी होने के बावजूद वह किसी अन्य लड़की से रिश्ता तय कर शादी करने की तैयारी में था. इसकी जानकारी होने पर पीड़िता द्वारा घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई.

युवती की रिपोर्ट पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके गांव में जाकर मंडप से ही उठाकर थाना ले आई. मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 64(2)(एम) व 69 बीएनएस के तहत कार्रवाई कर उसे न्यायालय में पेश किया. यहां से उसे जेल भेज दिया गया. पीड़िता द्वारा घटना के संबंध में थाना कोरंधा में लिखित आवेदन प्रस्तुत करने पर अपराध क्रमांक 19/2025 धारा 64(2)(m), 69 BNS पंजीबद्ध कर आरोपी विकेश निवासी ग्राम रामनगर थाना कुसमी को 27 मई को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है.

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