Thursday, June 18, 2026
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UP : मुरादाबाद में बकरीद से पहले बढ़ा बकरों का कारोबार, 60 से 70 करोड़ रुपये की कमाई की उम्मीद

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7 जून को बकरीद का त्यौहार मनाया जाएगा. ऐसे में मुरादाबाद और उसके आसपास के इलाके में बीते 15 से 20 सालों में पहली बार बकरों के कारोबार में तेजी से उभार देखने को मिला है.

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और उसके उसके आसपास के इलाकों में पिछले 15 से 20 सालों में ईद उल जुहा यानी बकरीद से पहले बकरों का कारोबार तेजी से उभरा है. अब यह देशभर के लिए बकरों का हब बन गया है. बरबरा और तोतापरी बकरे तो मुरादाबाद की ही नस्ल मानी जाती हैं और देश के कोने कोने में इनकी सबसे अधिक मांग है. इसलिए यह सबसे महंगे यानी छह लाख तक में बिकते हैं.

कारोबारियों ने इस वर्ष भी अभी से देश के दूरदराज इलाकों में बकरे पहुंचाना शुरू कर दिया है. कुछ लोगों ने अधिक मुनाफे के लिए बाहर भी अपनी ही दुकानें लगाईं हैं. जबकि आदमियों के अभाव मे कुछ लोग यहां से बकरे ले जाकर वहां के दुकानदारों को देकर आने लगे हैं. गत वर्ष बकरों का कारोबार लगभग 50 करोड़ का रहा था. इस वर्ष इसका 60 से 70 करोड़ तक का पहुंचने का अनुमान है.

इस वर्ष बकरीद 7 जून की है. इस दिन जानवरों की कुर्बानी दी जाती है. असालतपुरा निवासी मोहम्मद शाहिद कुरैशी बताते हैं कि लगभग बीस साल पहले दिल्ली के कुछ कारोबारी यहां बकरे खरीदने आए. सस्ते मिलने पर उन्होंने हर साल यहां आना शुरू कर दिया. इसके बाद यहां के भी कुछ युवा कारोबारियों ने दिल्ली आदि कई शहरों में जाकर बकरे बेचना शुरू किया. धीरे धीरे वह कारोबार पूरे देश में फैल गया. मुरादाबाद के बरबरा और तोता परी बकरों की मांग देश भर में होने लगी.

असालतपुरा के ही असमत अली ने बताया अब स्थानीय कारोबारी दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पूना, नासिक, कोलकाता, चेन्नई सहित देश भर के कोने कोने में जाकर बकरे बेच रहे हैं. हालांकि यहां पारवा, सूजर, पंजाबी, अजमेरी नस्ल के बकरों की भी मांग रहती है. स्थानीय स्तर से कई गुना मुनाफा मिलने से इनका उत्साह बढ़ा है. जिसने इनका दायरा भी बढ़ा है.

करुला निवासी मुनव्वर कुरैशी ने बताया अब कारोबारी दो से तीन महीने पहले शहरों में जाकर आर्डर ले आते हैं और बकरीद से एक सप्ताह पहले तक आर्डर पूरे कर दिए जाते हैं. असालतपुरा निवासी अल्ताफ हुसैन ने बताया बकरों की तैयारी में पूरा साल लग जाता है. असालतपुरा के मोहम्मद शाहिद कुरैशी ने बताया यह कारोबार बढ़ने के साथ ही अब भोजपुर, काशीपुर तिराहा के आसपास का क्षेत्र बिलारी, कुंदरकी, करुला आदि क्षेत्रों के लोग भी इस कारोबार में शामिल होने लगे हैं. जिससे पैदावार बढ़ गई है. अब आसपास के क्षेत्रों में भी बकरे का कारोबार बढ़ गया है. इस साल बकरीद पर यहां 60 से 70 करोड़ रुपये का बकरों का कारोबार होने की उम्मीद है.

 

BUSINESS : आपको Rail Neer पानी की बोतल बेचकर जानिए IRCTC ने कमा लिए कितने करोड़ रुपये

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IRCTC Q4 Results: आईआरसीटीसी की कैटरिंग से वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के दौरान 529 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जो तीसरी तिमाही में 555 करोड़ की हुई थी.आप जब कभी भी ट्रेन में सफर करते हैं तो आपकी प्यास को बुझाने के लिए रेल नीर पानी की बोतल 15 रुपये में आपको दी जाती है. ये सेवाएं इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी आईआरसीटीसी की तरफ से आपको दी जाती है. कई लोगों को इससे रोजगार मिलता है. लेकिन क्या आपको पता है पानी की बोतल बेचकर आईआरसीटी की साल में कितनी कमाई कर लेता है.

आईआरसीटीसी ने चौथी तिमाही के नतीजे जारी है, उसमें ये बताया गया है कि इस बार उसे 358 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि के दौरान ये मुनाफा 284 करोड़ रुपये का था. आईआरसीटीसी का ऑपरेशंस से मुनाफा 10 प्रतिशत बढ़कर 1269 करोड़ हो गया है, जो इसी अवधि के दौरान पिछले वित्त वर्ष में 1152 करोड़ रुपये था.

आइये बताते हैं कि आखिर किस चीज से आईआरसीटीसी ने कितनी कमाई की है-

रेल नीर-

रेल नीर से आईआरसीटीसी ने वित्त वर्ष 2025 की चोथी तिमाही के दौरान 96 करोड़ रुपये कमाया है. तीसरी तिमाही यानी पिछले साल अक्टूबर से दिसंबर के दौरान भी कंपनी की इतनी ही कमाई हुई थी. हालांकि, वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही की तिमाही के दौरान आईआरसीटीसी का मुनाफा 83 करोड़ रुपये था.

कैटरिंग-

आईआरसीटीसी की कैटरिंग की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के दौरान 529 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जो तीसरी तिमाही में 555 करोड़ की हुई थी. पिछले वित्त वर्ष के दौरान चौथी तिमाही के दौरान कैटरिंग से आईआरसीटीसी से 531 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी.

इंटरनेट टिकटिंग-

इंटरनेट टिकटिंग से वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के दौरान 372 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है, जो तीसरी तिमाही के दौरान 354 करोड़ रुपये का था. जबकि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के दौरान ये मुनाफा 2342 करोड़ रुपये का था.

 

NATIONAL : अंकिता भंडारी हत्याकांड में 30 मई को आएगा फैसला, पिता बोले- मेरी बेटी के हत्यारों को मिले फांसी

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बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस में अदालत के फैसले पर उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. इस मामले में कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत 30 मई को फैसला सुनाएगी. चार्जशीट के अनुसार मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो वनतंत्र रिजॉर्ट का मालिक है, पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354ए (छेड़छाड़ और लज्जा भंग) तथा अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं.

बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस में अदालत के फैसले पर उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. इस मामले में कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत 30 मई को फैसला सुनाएगी. SIT ने इस जघन्य हत्याकांड की जांच के दौरान 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें कुल 97 गवाहों को नामित किया गया था. अभियोजन पक्ष की ओर से इनमें से 47 गवाहों को अदालत में पेश किया गया.

मामला साल 2022 का है, जब 18 सितंबर को अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई थीं. इसके बाद 28 मार्च 2023 से मामले की नियमित सुनवाई अदालत में शुरू हुई.

चार्जशीट के अनुसार मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो वनतंत्र रिजॉर्ट का मालिक है, पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354ए (छेड़छाड़ और लज्जा भंग) तथा अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं.वहीं, अन्य दो आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर धारा 302, 201 और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के अंतर्गत विचारण किया गया है. अब सभी की नजरें 30 मई पर टिकी हैं, जब अदालत इस बहुप्रतीक्षित मामले में अपना फैसला सुनाएगी.

दिवंगत अंकिता के पिता वीरेन्द्र सिंह भंडारी ने कोर्ट और आम जनता से भावुक अपील की है. उन्होंने कहा कि मेरे जीते जी मेरी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा मिले. वीरेन्द्र भंडारी ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा अजय कुमार को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है और निष्पक्ष जांच में बाधा डाली गई है.

वीरेन्द्र भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि डोभ श्रीकोट नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखा जाएगा, लेकिन यह घोषणा अब तक पूरी नहीं हुई है. उन्होंने इस दिशा में भी सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है. बता दें कि अंकिता भंडारी का मर्डर साल 2022 में यमकेश्वर ब्लॉक के वनंतरा रिज़ॉर्ट में हुई थी, जिसने पूरे उत्तराखंड सहित देशभर में आक्रोश की लहर फैला दी थी. अब 2 वर्षों के लंबे संघर्ष और कानूनी प्रक्रिया के बाद यह मामला अंतिम चरण में पहुंच चुका है.

 

NATIONAL : 5 माह की गर्भवती प्रेमिका को छोड़ दूसरी लड़की से रचा रहा था शादी, मंडप से दूल्हा गिरफ्तार

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बलरामपुर जिले के कुसमी में पुलिस ने एक युवक को शादी के दौरान मंडप से गिरफ्तार किया है. यहां आरोपी ने शादी का झांसा देकर प्रेमिका से कई बार शारीरिक संबंध बनाए थे. इससे वह गर्भवती हो गई थी. फिलहाल वह 5 माह की गर्भवती है. ये जानकर भी वह गर्भवती प्रेमिका को छोडक़र दूसरी लड़की से विवाह रचाने की तैयारी में लगा था.

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी में पुलिस ने एक युवक को शादी के दौरान मंडप से गिरफ्तार किया है. यहां आरोपी ने शादी का झांसा देकर प्रेमिका से कई बार शारीरिक संबंध बनाए थे. इससे वह गर्भवती हो गई थी. फिलहाल वह 5 माह की गर्भवती है. युवक को यह बात पता थी. इसके बावजूद वह गर्भवती प्रेमिका को छोडक़र दूसरी लड़की से विवाह रचाने की तैयारी में लगा था. इसकी रिपोर्ट प्रेमिका ने थाने में दर्ज कराई. इस पर बलरामपुर जिले की कोरंधा पुलिस आरोपी को मंडप से गिरफ्तार कर ले गई और जेल भेज दिया.

युवती व आरोपी के बीच पिछले 7-8 वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था. आरोपी युवक ने युवती से शादी करने का झूठा वादा कर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए. इससे पीड़िता पांच माह से गर्भवती भी है. आरोपी युवक को पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी होने के बावजूद वह किसी अन्य लड़की से रिश्ता तय कर शादी करने की तैयारी में था. इसकी जानकारी होने पर पीड़िता द्वारा घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई.

युवती की रिपोर्ट पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके गांव में जाकर मंडप से ही उठाकर थाना ले आई. मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 64(2)(एम) व 69 बीएनएस के तहत कार्रवाई कर उसे न्यायालय में पेश किया. यहां से उसे जेल भेज दिया गया. पीड़िता द्वारा घटना के संबंध में थाना कोरंधा में लिखित आवेदन प्रस्तुत करने पर अपराध क्रमांक 19/2025 धारा 64(2)(m), 69 BNS पंजीबद्ध कर आरोपी विकेश निवासी ग्राम रामनगर थाना कुसमी को 27 मई को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है.

MP : MP में रैलियों की जंग: भोपाल में PM मोदी की सभा के दिन कांग्रेस जबलपुर में करेगी ‘जय हिंद सभा’

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MP के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत पार्टी के अन्य नेता जबलपुर में रैली को संबोधित करेंगे. इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल में महिलाओं की एक सभा को संबोधित करने वाले हैं.

मध्य प्रदेश में कांग्रेस 31 मई को जबलपुर में अपने ‘जय हिंद सभा’ ​​अभियान के बैनर तले एक रैली का आयोजन कर रही है. इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल में महिलाओं की एक सभा को संबोधित करने वाले हैं.मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत पार्टी के अन्य नेता जबलपुर में रैली को संबोधित करेंगे. यह जानकारी राज्य कांग्रेस के मीडिया समन्वयक अभिनव बरोलिया ने दी.

कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के प्रतिशोध में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सशस्त्र बलों द्वारा दिखाई गई बहादुरी का सम्मान करने के लिए देश भर में ‘जय हिंद सभा’ ​​का आयोजन कर रही है. विपक्षी पार्टी के इस कार्यक्रम को सशस्त्र बलों की बहादुरी का सम्मान करने और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का जश्न मनाने के लिए हाल ही में देश भर में आयोजित भाजपा की तिरंगा यात्राओं के जवाब के रूप में देखा जा रहा है.

बरोलिया ने कहा, “हम जबलपुर में रैली का आयोजन कर रहे हैं, क्योंकि यहां सेना के बड़े प्रतिष्ठान और आयुध कारखाने हैं, जिन्होंने चार दिवसीय ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान को धूल चटा दी थी.”

कांग्रेस सदस्य ने कहा कि वे पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई के बाद मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और भाजपा विधायक नरेंद्र प्रजापति द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर मोदी की “चुप्पी” को भी उजागर करने जा रहे हैं. शाह ने इस महीने की शुरुआत में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भारत के चेहरों में से एक कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने 12 मई को इंदौर के पास महू में एक समारोह में बोलते हुए यह बात कही थी. हालांकि, भाजपा के आदिवासी चेहरे और आठ बार विधायक रहे मंत्री ने बाद में अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद टिप्पणियों की एसआईटी जांच का आदेश दिया है.

16 मई को जबलपुर में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि आतंकवादियों और पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सशस्त्र बल और सभी सैनिक प्रधानमंत्री मोदी के चरणों में नतमस्तक हैं. 17 मई को विधायक प्रजापति ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य हमले ‘संयुक्त राष्ट्र’ के ‘आदेश’ के कारण रोके गए. प्रजापति ने रीवा में भाजपा की ‘तिरंगा यात्रा’ में कहा, “अगर हमें ‘संयुक्त राष्ट्र’ से आदेश नहीं मिलते तो प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान को खत्म कर देते.”

प्रदेश कांग्रेस मीडिया समन्वयक बरोलिया ने कहा, “यह बहुत दुखद है कि भाजपा हमारे सशस्त्र बलों की वीरता की प्रशंसा करने के बजाय ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय मोदी को दे रही है, जिन्होंने दुष्ट पाकिस्तान राज्य को सबक सिखाया है.”

कांग्रेस नेता ने कहा, “हम 31 मई को यह सब उजागर करने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री एक सेल्समैन की तरह राजनीतिक लाभ के लिए ऑपरेशन सिंदूर का सारा श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं.” मध्य प्रदेश भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि भोपाल में महिला सशक्तिकरण के लिए मोदी की रैली एक बड़ी सफलता हो. उन्होंने दावा किया कि जबलपुर में कांग्रेस की रैली एक निराशाजनक प्रदर्शन साबित होने जा रही है, क्योंकि विपक्षी पार्टी मध्य प्रदेश में गुटबाजी से घिरी हुई है.

BJP नेता ने कहा, “देशवासी कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति को अच्छी तरह जानते हैं. लोग आतंकवाद और पाकिस्तान से निपटने में मोदी जी की नीति की प्रशंसा करते हैं.”

NATIONAL : 50 फीसदी खाकी और 45 फीसदी हरी… अब नए डिजिटल पैटर्न यूनिफॉर्म में दिखेंगे BSF के जवान

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बीएसएफ की वर्दी बदलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगले एक साल के भीतर पूरा बल नए ड्रेस में नजर आएगा. नई वर्दी में रंगों के अनुपात पर भी खास ध्यान रखा गया है. इसमें पचास फीसदी खाकी, 45 फीसदी हरी और पांच फीसदी भूरा रंग होगा.

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवानों की वर्दी बदलने जा रही है. अब बीएसएफ के जवानों को एकदम नए और शानदार कॉम्बैट ड्रेस में देखने को मिलेगा. जल्द ही बीएसएफ के जवान सेना और सीआरपीएफ की तरह डिजिटल पैटर्न वाली कॉम्बैट ड्रेस में नजर आएंगे.

बीएसएफ की वर्दी बदलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगले एक साल के भीतर पूरा बल नए ड्रेस में नजर आएगा. नई वर्दी में रंगों के अनुपात पर भी खास ध्यान रखा गया है. इसमें पचास फीसदी खाकी, 45 फीसदी हरी और पांच फीसदी भूरा रंग होगा. इस बार बीएसएफ की वर्दी में जो फैब्रिक इस्तेमाल हो रहा है, वह न सिर्फ आरामदायक है बल्कि काफी मजबूत भी है. पहले जहां कॉम्बैट ड्रेस में 50 फीसदी कॉटन और 50 फीसदी पॉलिएस्टर होता था. वहीं अब यह अनुपात 80 फीसदी कॉटन, 19 फीसदी पॉलिएस्टर और एक फीसदी स्पैन्डेक्स का हो गया है, जिससे कपड़े में खिंचाव बना रहता है.

बीएसएफ की पुरानी वर्दी में प्रिंट सिर्फ कपड़े के ऊपर होता था, लेकिन अब डिजिटल प्रिंट तकनीक से यह डिजाइन सीधे फाइबर के भीतर तक जाएगा, जिससे इसकी टिकाऊपन काफी बढ़ जाएगा. खास बात यह है कि इस पूरी ड्रेस की डिजाइनिंग बीएसएफ ने खुद इन-हाउस की है. इस पर लगभग एक से डेढ़ साल तक अधिकारियों ने कड़ी मेहनत की और अब बीएसएफ ने इस डिजिटल प्रिंट का पेटेंट भी करवा लिया है. केवल प्रिंट ही नहीं बल्कि इसकी सिलाई का भी.

बीएसएफ की अनुमति के बिना कोई भी इस डिजाइन की कॉपी नहीं कर सकता, न इसे पहन सकता है और न ही सिलवा सकता है. यदि कोई ऐसा करता है, तो यह गैरकानूनी होगा और सीधे जेल हो सकती है.बता दें कि बीएसएफ की 2.7 लाख की ताकत पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ नक्सल विरोधी, उग्रवाद और आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

NATIONAL : होम गार्ड भर्ती की दौड़ में युवक की मौत, 7 अभ्यर्थी अस्पताल में भर्ती, CM ने दिए 4 लाख मुआवजे के आदेश

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ओडिशा के गजपति जिले में होम गार्ड भर्ती के दौरान बड़ा हादसा हो गया. दो किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लेते समय एक युवक की मौत हो गई, जबकि सात अन्य अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस घटना पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शोक जताते हुए मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

ओडिशा के गजपति जिले में होम गार्ड की भर्ती के लिए आयोजित शारीरिक परीक्षा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां 2 किलोमीटर की दौड़ के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जबकि सात अन्य अभ्यर्थी गंभीर रूप से बीमार पड़ गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतक की पहचान गजपति जिले के पेरिसाल गांव निवासी सुलंत मिशाल के रूप में हुई है.

एजेंसी के अनुसार, यह हादसा गजपति जिला मुख्यालय परलाखेमुंडी के पास रानीपेन्थ और पद्मपुर के बीच आयोजित दौड़ के दौरान हुआ. पुलिस का कहना है कि सुलंत मिशाल नाम का युवक दौड़ समाप्त करने से महज 30 सेकंड पहले अचानक जमीन पर गिर पड़ा. वहां मौजूद अधिकारी तुरंत पहुंचे और सुलंत को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

इसी शारीरिक परीक्षा में शामिल सात अन्य उम्मीदवारों की हालत भी दौड़ के दौरान बिगड़ गई, उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी, शरीर में पानी की कमी और संभवत: पहले से बनी शारीरिक कमजोरी के कारण अभ्यर्थी बेहोश हुए.

इस बारे में जानकारी मिलते ही ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने मृतक युवक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से एक्स पर पोस्ट किया गया, गजपति में होम गार्ड भर्ती की शारीरिक परीक्षा के दौरान सुलंत मिशाल की मृत्यु से मुख्यमंत्री @MohanMOdisha अत्यंत दुखी हैं. मुख्यमंत्री राहत कोष से परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.’

NATIONAL : ‘एक बार जो हमने कमिट कर लिया, फिर…’, एयरफोर्स चीफ ने क्यों दोहराया सलमान खान का डायलॉग

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इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज पाकिस्तान को आतंकवाद का कारोबार चलाने की भारी कीमत का एहसास हो गया है. हमने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को फिर से तैयार और परिभाषित किया है. हमने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों और बातचीत के दायरे को फिर से तय किया है. अब से जब भी बातचीत होगी, तो वह सिर्फ आतंकवाद और पीओके के बारे में होगी.

भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया है और देश में हर तरफ इसकी सफलता का जश्न मनाया जा रहा है. नई दिल्ली में आयोजित कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) की सालाना बिजनेस समिट के दौरान वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को देश की जीत बताते हुए कहा कि इस जीत में सेनाओं के साथ-साथ हर भारतीय का भी अहम योगदान है.

वायुसेना सेना प्रमुख एपी सिंह ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस ऑपरेशन को पूरी प्लानिंग और सटीकता के साथ अंजाम दिया गया. उन्होंने कहा कि इस काम में सभी एजेंसियां और सेनाओं का कॉर्डिनेशन शानदार रहा. एयरफोर्स चीफ ने कहा कि जब देशवासी साथ हों और जब सच हमारे साथ हो, तो हर काम खुद ही हो जाता है.

भारतीय वायु सेना प्रमुख ने कहा कि युद्ध का स्वरूप बदल रहा है, हर दिन, हम नई तकनीकें खोज रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर ने हमें यह स्पष्ट रूप से बता दिया है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं और भविष्य में हमें क्या चाहिए. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी हम एक राष्ट्र के रूप में वस्तुओं का वितरण करने में सक्षम होंगे और अपने मकसद को हासिल करने में सक्षम होंगे.

स्वदेशी हथियार निर्मित करने पर उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री और सेनाओं के बीच तालमेल और भरोसे की वजह से यह मुमकिन हुआ है. हमने सिर्फ ‘मेक इन इंडिया’ कहा नहीं बल्कि करके दिखाया है. एयरचीफ मार्शल ने कहा कि हमें एक-दूसरे के प्रति वफादार रहने की जरूरत है, ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’ की तरह काम करना है. उन्होंने आगे कहा, ‘एक बार जो हमने कमिट किया है, फिर मैं अपने आप की भी नहीं सुनता’, इस तर्ज पर काम करना है. एक्टर सलमान खान की फिल्म वॉन्डेट का यह डायलॉग वायुसेना प्रमुख की जुबान से सुनते ही पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा.

कार्यक्रम में मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौके पर कहा कि भारत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के साथ पाकिस्तान के आतंकी हमलों का जवाब देते हुए ज्यादा नुकसान भी पहुंचा सकता था, लेकिन हमने संयम बनाए रखा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रहने वाले लोग भारत के अपने हैं और एक दिन वे निश्चित तौर पर भारतीय मुख्यधारा में लौटकर आएंगे. उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब पीओके के लोग आत्मसम्मान और अपनी इच्छा से भारत में शामिल होंगे.

उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान को आतंकवाद का कारोबार चलाने की भारी कीमत का एहसास हो गया है. हमने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को फिर से तैयार और परिभाषित किया है. हमने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों और बातचीत के दायरे को फिर से तय किया है. अब से जब भी बातचीत होगी, तो वह सिर्फ आतंकवाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के बारे में होगी. पाकिस्तान के साथ किसी अन्य मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं होगी.

ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के लिए भारत का जवाबी सैन्य कार्रवाई थी. सात मई को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए. हमले के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा और जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से गोलाबारी की और साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन हमलों की कोशिश की, जिसके बाद भारत ने एक जवाबी हमला किया और पाकिस्तान के 11 एयरबेसों में रडार इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरबेस को तबाह कर दिया.

NATIONAL : पोंजी स्कीम चलाकर नोहेरा शेख ने की 5 हजार करोड़ की धोखाधड़ी, हीरा कंपनी बनाकर ले लिए पैसे

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5000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वाली चर्चित कारोबारी और हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की संस्थापक नोहेरा शेख को आखिरकार हैदराबाद क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया है. नोहेरा को फरीदाबाद के सुरजकुंड स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया, जहां वह परिवार के साथ छिपकर रह रही थी. नोहेरा पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी है.

5000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वाली चर्चित कारोबारी और हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की संस्थापक नोहेरा शेख को आखिरकार हैदराबाद क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया है. नोहेरा को फरीदाबाद के सुरजकुंड स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया, जहां वह परिवार के साथ छिपकर रह रही थी.

नोहेरा शेख पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी है. सितंबर 2024 में उन्हें आंध्र प्रदेश की CID ने चित्तूर से गिरफ्तार किया था. हालांकि जमानत मिलने के बाद वह वापस जेल नहीं पहुंची और पुलिस को चकमा देकर फरार हो गई. इसके बाद से वह लगातार फरार थी और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी. फरीदाबाद पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि हैदराबाद पुलिस के अनुरोध पर स्थानीय पुलिस ने पूरी मदद करते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया.

नोहेरा शेख ने अपनी एक छवि एक सफल महिला उद्यमी और धार्मिक महिला के तौर पर बनाई थी. उन्होंने ‘हीरा ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़’ (Heera Group of Companies) की स्थापना की थी, जिसमें उन्होंने निवेशकों को झूठे वादों के दम पर फंसाया. हीरा ग्रुप ने दावा किया कि वह सोने के आयात, गहनों का व्यापार, मिनरल वाटर, ई-कॉमर्स, रियल एस्टेट, टूर एंड ट्रेवल्स, और कपड़े के व्यवसाय में है. इन सभी क्षेत्रों से मोटी कमाई के झूठे दावे करते हुए, नोहेरा ने लोगों को 36% सालाना रिटर्न देने का लालच दिया. लोगों को आकर्षक मुनाफे का झांसा देकर उन्होंने करीब 2 लाख से अधिक लोगों से पैसा जमा कराया. धीरे-धीरे यह पूरी योजना एक पोंजी स्कीम (Ponzi Scheme) में बदल गई.

पोंजी स्कीम एक प्रकार की धोखाधड़ी वाली निवेश योजना होती है, जिसमें पहले निवेशकों को रिटर्न देने के लिए नए निवेशकों का पैसा इस्तेमाल किया जाता है. इसमें कोई असली निवेश नहीं होता, बल्कि पूरी योजना धोखे पर आधारित होती है. शुरुआत में कुछ निवेशकों को मुनाफा दिया जाता है ताकि वे और लोगों को इस योजना में लाने के लिए प्रेरित करें. जब नया पैसा आना बंद हो जाता है, तो पूरी योजना ढह जाती है. नोहेरा शेख की हीरा ग्रुप योजना भी एक क्लासिक पोंजी स्कीम निकली, जिसमें 36% सालाना रिटर्न का झांसा देकर लोगों को ठगा गया.

नोहेरा शेख और उनकी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के भी आरोप हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी हीरा ग्रुप पर छापेमारी की थी. इसमें करीब ₹400 करोड़ की संपत्ति जब्त (अटैच) की जा चुकी है.नोहेरा ने सिर्फ कारोबार तक खुद को सीमित नहीं रखा. उन्होंने एक राजनीतिक दल (अखिल भारतीय महिला सशक्तिकरण पार्टी) बनाकर खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाओं की हितैषी के तौर पर पेश किया, जबकि असल में यह सब एक बड़ी साजिश का हिस्सा था.

हैदराबाद क्राइम ब्रांच फिलहाल नोहेरा शेख को हैदराबाद ले गई है, जहां उनसे आगे की पूछताछ होगी. इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और संभावना है कि और भी कई गिरफ्तारियां हों. फरीदाबाद पुलिस की मदद से जिस तरह से यह गिरफ्तारी हुई है, उससे साफ है कि नोहेरा अब कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएगी.

NATIONAL : भिवाड़ी पुलिस का बड़ा एक्शन… 26 करोड़ की ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, 20 मोबाइल, 54 सिम और कैश बरामद

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राजस्थान के भिवाड़ी में पुलिस ने 26 करोड़ की ऑनलाइन निवेश ठगी मामले में दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी फर्जी एप और दस्तावेजों के जरिए निवेश का झांसा देकर लोगों से करोड़ों ऐंठते थे. पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल, सिम कार्ड और दस्तावेज जब्त किए हैं.

ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और ठगी में इस्तेमाल हुए उपकरण बरामद हुए हैं. गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों में लगभग 26 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी अब तक सामने आई है.

जानकारी के अनुसार, भिवाड़ी के यूआईटी कॉलोनी निवासी संजीव पुत्र जवान सिंह ने साइबर क्राइम थाने में 26 अप्रैल 2025 को शिकायत दर्ज करवाई थी. संजीव ने बताया कि एक मार्च 2025 को उनके वॉट्सएप पर एक मैसेज आया. मैसेज में अर्जुन रमेश मेहता नामक व्यक्ति का जिक्र था. उसे एप के जरिए इनवेस्ट करने पर 10 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया गया. संजीव ने गूगल सर्च करके देखा तो उन्हें यह व्यक्ति विश्वसनीय लगा.

इसके बाद उन्हें एक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें 100 से अधिक मोबाइल नंबर जुड़े थे. ग्रुप में लगातार मुनाफे की बातें हो रही थीं. शुरुआत में कम राशि का इनवेस्ट करवाकर ज्यादा मुनाफा दिखाया गया. झांसे में आकर संजीव ने कुल 21 लाख रुपये का निवेश कर दिया, लेकिन बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ. इस मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए थानाधिकारी जयसिंह (आरपीएस) और साइबर क्राइम थाना की टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू के नेतृत्व में जांच शुरू की.

पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों की जांच की, जिसका कथित डायरेक्टर विकास सैनी था. जांच में पता चला कि इस फर्म के विभिन्न बैंकों में 10 खाते संचालित हो रहे थे, जिनमें पिछले छह महीनों में करीब 26 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था. जांच में सामने आया कि विकास सैनी के नाम से फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था.

इस फर्म का संचालक इमरान अली पुत्र अनवर अली निवासी चौंद कॉलोनी विजय नगर ब्यावर अजमेर था. साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी सहायता से इमरान अली और उसके साथी इमरान खान पुत्र जफर मोहम्मद निवासी हनुमानगढ़ को जयपुर से गिरफ्तार किया. दोनों को भिवाड़ी लाकर छह दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान खान (हनुमानगढ़) और इमरान अली उर्फ विकास सैनी (अजमेर) के रूप में हुई है. इमरान पहले भी दिल्ली में 50 लाख रुपये के डिजिटल अरेस्ट के मामले में गिरफ्तार हो चुका है. पुलिस ने इनके कब्जे से 9,11,800 रुपये कैश, 10 तोला सोना, कार कार, 20 मोबाइल फोन, 54 सिम कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, दो नोट गिनने की मशीनें, एक लेनोवो टैबलेट और एक पोर्टेबल वाई-फाई राउटर बरामद किया है.

भिवाड़ी एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने कहा कि साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. आम जनता को साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक रहने की सलाह दी. पुलिस ने जनता से अपील की है कि वो ऑनलाइन निवेश या शेयर ट्रेडिंग से संबंधित किसी भी ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें.

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