चूरू में अचानक मौसम का मिजाज बदल जाने से आई धूल भरी आंधी ने पूरे आसमान को ढंक दिया और बाजारों में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि बाद में हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम खुशनुमा हो गया।
जिले में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली और एक बार फिर रेतीले तूफान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। जिले के कई हिस्सों में उत्तर दिशा से उठे धूल भरे बवंडर ने देखते ही देखते आसमान को अपनी चपेट में ले लिया। काली-पीली आंधी के कारण दिन में ही अंधेरे जैसे हालात बन गए और लोगों को वाहनों की लाइट जलाकर सफर करना पड़ा।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का असर रतनगढ़, तारानगर, रतननगर और सरदार शहर सहित कई क्षेत्रों में देखने को मिला। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी शुरू हुई, जिसने कुछ ही मिनटों में दृश्यता को काफी कम कर दिया। करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर धूल का गुबार इतना घना था कि कुछ मीटर दूर तक भी देख पाना मुश्किल हो गया।

आंधी के दौरान बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदारों ने सामान को सुरक्षित करने के लिए जल्दबाजी में दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं, जबकि राहगीरों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। तेज हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। खुले स्थानों पर रखा सामान भी प्रभावित हुआ और लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।
धूल भरी आंधी के बाद मौसम ने एक और करवट ली और जिले के कई हिस्सों में हल्की बारिश शुरू हो गई। बारिश से वातावरण में फैली धूल बैठ गई और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत मिली। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में इस तरह के मौसम परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञों ने चूरू जिले में अगले कुछ दिनों तक तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।
रेतीली आंधी और हल्की बारिश के इस मिश्रित मौसम ने जहां कुछ समय के लिए जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत भी मिली। किसानों और आमजन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह राहत पहुंचाता रहेगा।


