Friday, June 19, 2026
Home Blog Page 614

NATIONAL : ‘एक बार जो हमने कमिट कर लिया, फिर…’, एयरफोर्स चीफ ने क्यों दोहराया सलमान खान का डायलॉग

0

इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज पाकिस्तान को आतंकवाद का कारोबार चलाने की भारी कीमत का एहसास हो गया है. हमने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को फिर से तैयार और परिभाषित किया है. हमने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों और बातचीत के दायरे को फिर से तय किया है. अब से जब भी बातचीत होगी, तो वह सिर्फ आतंकवाद और पीओके के बारे में होगी.

भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया है और देश में हर तरफ इसकी सफलता का जश्न मनाया जा रहा है. नई दिल्ली में आयोजित कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) की सालाना बिजनेस समिट के दौरान वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को देश की जीत बताते हुए कहा कि इस जीत में सेनाओं के साथ-साथ हर भारतीय का भी अहम योगदान है.

वायुसेना सेना प्रमुख एपी सिंह ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस ऑपरेशन को पूरी प्लानिंग और सटीकता के साथ अंजाम दिया गया. उन्होंने कहा कि इस काम में सभी एजेंसियां और सेनाओं का कॉर्डिनेशन शानदार रहा. एयरफोर्स चीफ ने कहा कि जब देशवासी साथ हों और जब सच हमारे साथ हो, तो हर काम खुद ही हो जाता है.

भारतीय वायु सेना प्रमुख ने कहा कि युद्ध का स्वरूप बदल रहा है, हर दिन, हम नई तकनीकें खोज रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर ने हमें यह स्पष्ट रूप से बता दिया है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं और भविष्य में हमें क्या चाहिए. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी हम एक राष्ट्र के रूप में वस्तुओं का वितरण करने में सक्षम होंगे और अपने मकसद को हासिल करने में सक्षम होंगे.

स्वदेशी हथियार निर्मित करने पर उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री और सेनाओं के बीच तालमेल और भरोसे की वजह से यह मुमकिन हुआ है. हमने सिर्फ ‘मेक इन इंडिया’ कहा नहीं बल्कि करके दिखाया है. एयरचीफ मार्शल ने कहा कि हमें एक-दूसरे के प्रति वफादार रहने की जरूरत है, ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’ की तरह काम करना है. उन्होंने आगे कहा, ‘एक बार जो हमने कमिट किया है, फिर मैं अपने आप की भी नहीं सुनता’, इस तर्ज पर काम करना है. एक्टर सलमान खान की फिल्म वॉन्डेट का यह डायलॉग वायुसेना प्रमुख की जुबान से सुनते ही पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा.

कार्यक्रम में मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौके पर कहा कि भारत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के साथ पाकिस्तान के आतंकी हमलों का जवाब देते हुए ज्यादा नुकसान भी पहुंचा सकता था, लेकिन हमने संयम बनाए रखा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रहने वाले लोग भारत के अपने हैं और एक दिन वे निश्चित तौर पर भारतीय मुख्यधारा में लौटकर आएंगे. उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब पीओके के लोग आत्मसम्मान और अपनी इच्छा से भारत में शामिल होंगे.

उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान को आतंकवाद का कारोबार चलाने की भारी कीमत का एहसास हो गया है. हमने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को फिर से तैयार और परिभाषित किया है. हमने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों और बातचीत के दायरे को फिर से तय किया है. अब से जब भी बातचीत होगी, तो वह सिर्फ आतंकवाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के बारे में होगी. पाकिस्तान के साथ किसी अन्य मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं होगी.

ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के लिए भारत का जवाबी सैन्य कार्रवाई थी. सात मई को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए. हमले के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा और जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से गोलाबारी की और साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन हमलों की कोशिश की, जिसके बाद भारत ने एक जवाबी हमला किया और पाकिस्तान के 11 एयरबेसों में रडार इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरबेस को तबाह कर दिया.

NATIONAL : पोंजी स्कीम चलाकर नोहेरा शेख ने की 5 हजार करोड़ की धोखाधड़ी, हीरा कंपनी बनाकर ले लिए पैसे

0

5000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वाली चर्चित कारोबारी और हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की संस्थापक नोहेरा शेख को आखिरकार हैदराबाद क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया है. नोहेरा को फरीदाबाद के सुरजकुंड स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया, जहां वह परिवार के साथ छिपकर रह रही थी. नोहेरा पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी है.

5000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वाली चर्चित कारोबारी और हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की संस्थापक नोहेरा शेख को आखिरकार हैदराबाद क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया है. नोहेरा को फरीदाबाद के सुरजकुंड स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया, जहां वह परिवार के साथ छिपकर रह रही थी.

नोहेरा शेख पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी है. सितंबर 2024 में उन्हें आंध्र प्रदेश की CID ने चित्तूर से गिरफ्तार किया था. हालांकि जमानत मिलने के बाद वह वापस जेल नहीं पहुंची और पुलिस को चकमा देकर फरार हो गई. इसके बाद से वह लगातार फरार थी और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी. फरीदाबाद पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि हैदराबाद पुलिस के अनुरोध पर स्थानीय पुलिस ने पूरी मदद करते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया.

नोहेरा शेख ने अपनी एक छवि एक सफल महिला उद्यमी और धार्मिक महिला के तौर पर बनाई थी. उन्होंने ‘हीरा ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़’ (Heera Group of Companies) की स्थापना की थी, जिसमें उन्होंने निवेशकों को झूठे वादों के दम पर फंसाया. हीरा ग्रुप ने दावा किया कि वह सोने के आयात, गहनों का व्यापार, मिनरल वाटर, ई-कॉमर्स, रियल एस्टेट, टूर एंड ट्रेवल्स, और कपड़े के व्यवसाय में है. इन सभी क्षेत्रों से मोटी कमाई के झूठे दावे करते हुए, नोहेरा ने लोगों को 36% सालाना रिटर्न देने का लालच दिया. लोगों को आकर्षक मुनाफे का झांसा देकर उन्होंने करीब 2 लाख से अधिक लोगों से पैसा जमा कराया. धीरे-धीरे यह पूरी योजना एक पोंजी स्कीम (Ponzi Scheme) में बदल गई.

पोंजी स्कीम एक प्रकार की धोखाधड़ी वाली निवेश योजना होती है, जिसमें पहले निवेशकों को रिटर्न देने के लिए नए निवेशकों का पैसा इस्तेमाल किया जाता है. इसमें कोई असली निवेश नहीं होता, बल्कि पूरी योजना धोखे पर आधारित होती है. शुरुआत में कुछ निवेशकों को मुनाफा दिया जाता है ताकि वे और लोगों को इस योजना में लाने के लिए प्रेरित करें. जब नया पैसा आना बंद हो जाता है, तो पूरी योजना ढह जाती है. नोहेरा शेख की हीरा ग्रुप योजना भी एक क्लासिक पोंजी स्कीम निकली, जिसमें 36% सालाना रिटर्न का झांसा देकर लोगों को ठगा गया.

नोहेरा शेख और उनकी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के भी आरोप हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी हीरा ग्रुप पर छापेमारी की थी. इसमें करीब ₹400 करोड़ की संपत्ति जब्त (अटैच) की जा चुकी है.नोहेरा ने सिर्फ कारोबार तक खुद को सीमित नहीं रखा. उन्होंने एक राजनीतिक दल (अखिल भारतीय महिला सशक्तिकरण पार्टी) बनाकर खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाओं की हितैषी के तौर पर पेश किया, जबकि असल में यह सब एक बड़ी साजिश का हिस्सा था.

हैदराबाद क्राइम ब्रांच फिलहाल नोहेरा शेख को हैदराबाद ले गई है, जहां उनसे आगे की पूछताछ होगी. इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और संभावना है कि और भी कई गिरफ्तारियां हों. फरीदाबाद पुलिस की मदद से जिस तरह से यह गिरफ्तारी हुई है, उससे साफ है कि नोहेरा अब कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएगी.

NATIONAL : भिवाड़ी पुलिस का बड़ा एक्शन… 26 करोड़ की ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, 20 मोबाइल, 54 सिम और कैश बरामद

0

राजस्थान के भिवाड़ी में पुलिस ने 26 करोड़ की ऑनलाइन निवेश ठगी मामले में दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी फर्जी एप और दस्तावेजों के जरिए निवेश का झांसा देकर लोगों से करोड़ों ऐंठते थे. पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल, सिम कार्ड और दस्तावेज जब्त किए हैं.

ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और ठगी में इस्तेमाल हुए उपकरण बरामद हुए हैं. गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों में लगभग 26 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी अब तक सामने आई है.

जानकारी के अनुसार, भिवाड़ी के यूआईटी कॉलोनी निवासी संजीव पुत्र जवान सिंह ने साइबर क्राइम थाने में 26 अप्रैल 2025 को शिकायत दर्ज करवाई थी. संजीव ने बताया कि एक मार्च 2025 को उनके वॉट्सएप पर एक मैसेज आया. मैसेज में अर्जुन रमेश मेहता नामक व्यक्ति का जिक्र था. उसे एप के जरिए इनवेस्ट करने पर 10 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया गया. संजीव ने गूगल सर्च करके देखा तो उन्हें यह व्यक्ति विश्वसनीय लगा.

इसके बाद उन्हें एक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें 100 से अधिक मोबाइल नंबर जुड़े थे. ग्रुप में लगातार मुनाफे की बातें हो रही थीं. शुरुआत में कम राशि का इनवेस्ट करवाकर ज्यादा मुनाफा दिखाया गया. झांसे में आकर संजीव ने कुल 21 लाख रुपये का निवेश कर दिया, लेकिन बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ. इस मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए थानाधिकारी जयसिंह (आरपीएस) और साइबर क्राइम थाना की टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू के नेतृत्व में जांच शुरू की.

पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों की जांच की, जिसका कथित डायरेक्टर विकास सैनी था. जांच में पता चला कि इस फर्म के विभिन्न बैंकों में 10 खाते संचालित हो रहे थे, जिनमें पिछले छह महीनों में करीब 26 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था. जांच में सामने आया कि विकास सैनी के नाम से फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था.

इस फर्म का संचालक इमरान अली पुत्र अनवर अली निवासी चौंद कॉलोनी विजय नगर ब्यावर अजमेर था. साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी सहायता से इमरान अली और उसके साथी इमरान खान पुत्र जफर मोहम्मद निवासी हनुमानगढ़ को जयपुर से गिरफ्तार किया. दोनों को भिवाड़ी लाकर छह दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान खान (हनुमानगढ़) और इमरान अली उर्फ विकास सैनी (अजमेर) के रूप में हुई है. इमरान पहले भी दिल्ली में 50 लाख रुपये के डिजिटल अरेस्ट के मामले में गिरफ्तार हो चुका है. पुलिस ने इनके कब्जे से 9,11,800 रुपये कैश, 10 तोला सोना, कार कार, 20 मोबाइल फोन, 54 सिम कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, दो नोट गिनने की मशीनें, एक लेनोवो टैबलेट और एक पोर्टेबल वाई-फाई राउटर बरामद किया है.

भिवाड़ी एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने कहा कि साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. आम जनता को साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक रहने की सलाह दी. पुलिस ने जनता से अपील की है कि वो ऑनलाइन निवेश या शेयर ट्रेडिंग से संबंधित किसी भी ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें.

NATIONAL : उल्टी करते समय चलती ट्रेन से गिरी नवविवाहिता तो चेन खींचकर कूदा पति, गोद में उठाकर 1 KM चला, मगर नहीं बचा सका जान

0

विकास ने पुलिस को बताया कि ट्रेन करीब एक किलोमीटर आगे निकल गई थी. उसने अंधेरे में अपनी पत्नी की तलाश की और उसे रातौर क्रॉसिंग के पास सड़क पर लाया. वहां एक कार सवार ने मदद की और दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया.

शिवपुरी के रातौर रोड रेलवे ट्रैक के पास बीती रात एक नवविवाहिता चलती ट्रेन से नीचे गिर गई. घटना का पता चलते ही पति ने चेन खींचकर ट्रेन रुकवाई और करीब एक किलोमीटर पीछे जाकर पत्नी को मरणासन्न हालत में पाया. बाद में वह किसी तरह पत्नी को जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है.

दरअसल, ग्वालियर निवासी वकील विकास जोशी की शादी 16 अप्रैल 2025 को उरई (जालौन) की शिवानी शर्मा से हुई थी. शिवानी LLB की छात्रा थी और हाल ही में वह परीक्षा देने पति के साथ उरई गई थी. परीक्षा के बाद दोनों मंगलवार, 27 मई को ग्वालियर लौटे और बुधवार शाम को ट्रेन से इंदौर के लिए रवाना हुए. विकास इंदौर में वकालत करते हैं और वहीं रहते हैं.

मंगलवार रात करीब 9 बजे जब दोनों ट्रेन से इंदौर जा रहे थे, तब शिवपुरी रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर शिवानी को उल्टी आने लगी. वह कोच के दरवाजे पर पहुंच गई. इसी दौरान विकास पानी लेने गया था. जब वह गेट पर वापस आया, तो पास खड़े एक युवक ने बताया कि महिला का पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गई. यह सुनते ही विकास ने ट्रेन की चेन खींची और तुरंत नीचे कूद गया.

विकास ने पुलिस को बताया कि ट्रेन करीब एक किलोमीटर आगे निकल गई थी. उसने अंधेरे में अपनी पत्नी की तलाश की और उसे रातौर क्रॉसिंग के पास सड़क पर लाया. वहां एक कार सवार ने मदद की और दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया. कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है.

विकास ने बताया कि घटना की सूचना के बाद भी जीआरपी ने उसकी कोई मदद नहीं की. वह अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में पत्नी को ढूंढता रहा. पत्नी को मिलने के बाद उसने आधी दूरी तक उसे गोद में उठाकर चलना पड़ा. बाद में जीआरपी कर्मचारी आए और नियम-कानून की बात कर कागजों पर हस्ताक्षर करने को कहा, जबकि उस समय पत्नी को इलाज की जरूरत थी. बड़ी मुश्किल से एक कार सवार मिला, जिसके बाद वह अस्पताल पहुंच पाया.

BIHAR : परिवार के साथ खाना खाकर सोई लड़की, अगले दिन हुई लापता, फिर बोरे में मिला शव

0

मुजफ्फरपुर के कमतौल गांव में गुरुवार सुबह 15 साल की लड़की का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. ये शव नहर के पुल के नीचे चावल के बोरे में बंद अवस्था में बरामद किया गया है. लड़की एक रात पहले ही लापता हुई थी.

बिहार में मुजफ्फरपुर के कमतौल गांव में गुरुवार सुबह 15 साल की लड़की का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. ये शव नहर के पुल के नीचे चावल के बोरे में बंद अवस्था में बरामद किया गया है. मृतका की पहचान 15 साल की पूजा कुमारी के रूप में हुई है, जो वैशाली जिले के देसरी गांव की रहने वाली थी. पूजा बीते दस दिनों से अपने नाना-नानी के घर कमतौल गांव में रह रही थी.

परिजनों के मुताबिक, बुधवार की रात पूजा ने घर के अन्य सदस्यों के साथ खाना खाया और फिर सोने चली गई. सुबह जब वह दिखाई नहीं दी तो खोजबीन शुरू हुई, जिसके बाद नहर में उसका शव मिलने की सूचना से गांव में कोहराम मच गया. घटना की जानकारी मिलते ही कुढ़नी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) भेज दिया. साथ ही, घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य एकत्रित किए.

इस पूरे मामले को लेकर एसडीपीओ एसी ज्ञानी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है. उन्होंने बताया,’लड़की कमतौल के मोहनी गांव में अपने मामा के घर आई हुई थी. आशंका है कि बुधवार की रात उसकी हत्या कर शव को बोरे में बंद कर नहर में फेंक दिया गया है. मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. हर पहलू पर बारीकी से नजर रखी जा रही है.’

पूजा की दर्दनाक मौत से परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी. फिलहाल, पुलिस हत्या समेत तमाम संभावित एंगल से जांच में जुटी है. पूरे इलाके में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है, और लोग जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.

NATIONAL : 16 वर्षीय छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में टीचर गिरफ्तार, स्कूल सील

0

मुजफ्फरनगर जिले में 16 वर्षीय छात्रा का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल, स्कूल को सील कर दिया गया है और आरोपी को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में 16 वर्षीय छात्रा का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि फिलहाल, स्कूल को सील कर दिया गया है और आरोपी को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है. ये घटना स्कूल के अंदर हुई थी.

मुजफ्फरनगर के शिक्षा विभाग ने “अनियमितताओं” के कारण बुढ़ाना थाना क्षेत्र में स्थित स्कूल को सील किया है. क्योंकि, इस स्कूल को कक्षा 8 तक के छात्रों को दाखिला देने की अनुमति थी, लेकिन वह कक्षा 9 और 10 भी चला रहा था. यौन उत्पीड़न के आरोपी शिक्षक शहजाद (35) को बुधवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 (महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 75 (यौन उत्पीड़न) और 351 (आपराधिक धमकी) तथा यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया. बुढ़ाना सर्कल अधिकारी गजेंद्र पाल सिंह ने इसकी जानकारी दी है.

पीड़िता ने बताया कि बुधवार सुबह टीचर शहजाद ने उसे फोन कर टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) लेने के बहाने स्कूल बुलाया था. इसी दौरान उसने कमरे में गलत हरकत करनी शुरू कर दी. विरोध पर जोर-जबरदस्ती करने लगा. किसी तरह मौके से भागकर जान बचाई. इसके बाद घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में भीड़ स्कूल के बाहर पहुंच गई और लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस ने मामला शांत कराया.

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी स्कूल प्रबंधन पर छात्राओं से दुर्व्यवहार के आरोप लग चुके हैं. फिलहाल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल को “अनियमितताओं” के कारण सील किया गया है और इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं.

MAHARASHTRA : CM देवेंद्र फडणवीस के सरकारी बंगले के बाहर शख्स ने की आत्मदाह की कोशिश, कर रहा था ये जिद

0

मुंबई में सीएम देवेंद्र फडणवीस के ‘वर्षा’ बंगले के बाहर एक व्यक्ति ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने समय रहते रोक लिया. पुलिस घटना की जांच में जुट गई है.

महाराष्ट्र के मुंबई में बुधवार (28 मई) को एक बड़ी घटना होने से बच गई. दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी निवास ‘वर्षा’ बंगले के बाहर एक सनसनीखेज घटना घट गई. एक व्यक्ति ने दिनदहाड़े खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की. घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है. हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर व्यक्ति को बचा लिया और एक बड़ी अनहोनी टाल दी.

मलबार हिल पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिया गया व्यक्ति अजित रामकृष्ण मैन्दरगी (उम्र 39) है, जो मूल रूप से सोलापुर जिले के उत्तर कस्बा बलिवेस का निवासी है. पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 121 (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना), 125 (राज्य के खिलाफ युद्ध में सहायता देना) और 226 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य से हटाने के लिए बल प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया है. इसके साथ ही BNSS की धारा 35 (3) के तहत नोटिस देकर उसे अस्थायी रूप से छोड़ दिया गया है.

सूत्रों के अनुसार, अजित वर्षा बंगले के बाहर पहुंचा और उसने अंदर जाने की जिद की. जब पुलिस ने उसे रोका, तो वह अजीब तरह से व्यवहार करने लगा. उसने अचानक अपनी जेब से एक बोतल निकाली और पेट्रोल जैसा पदार्थ खुद पर डाल लिया. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे काबू में कर लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

फिलहाल, मलबार हिल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है. हालांकि, अजित द्वारा आत्मदाह की कोशिश के पीछे की असली वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसका इरादा क्या था और क्या उसके पीछे कोई संगठित योजना थी या वह मानसिक तनाव में था. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं.

 

NATIONAL : ग्रेटर नोएडा की आस्था ग्रीन सोसाइटी में AC में लगी आग, 8 साल के बच्चे ने दिखाई बहादुरी, बचाई बहन की जान

0

जिस वक्त एसी में आग लगी उस समय कमरे में आठ साल की बच्चा और चार महीने बच्ची मौजूद थी. जिसके बाद बच्चा बहादुरी दिखाते हुए अपनी बहन को गोद में लेकर दूसरे कमरे में चला गया.

ग्रेटर नोएडा वेस्ट वेस्ट की आस्था ग्रीन सोसाइटी में सुबह एक फ्लैट में एसी की इनर यूनिट में अचानक आग लग गई, जिससे पूरी यूनिट पिघलकर अलमारी पर गिर गई. जिस वक्त एसी में आग लगी उस समय कमरे में आठ साल की बच्चा अपनी चार महीने की छोटी बहन के साथ था. आग लगते ही बच्चे ने बहादुरी दिखाते हुए बच्ची को उठा लिया और दूसरे कमरे में ले गया. बच्चे की समझदारी से घर में बड़ा हादसा होने से बच गया.

गर्मियों के मौसम में अक्सर एसी में आग लगने की घटनाएं आम हो जाती है. एसी के ज्यादा इस्तेमाल की वजह ऐसा हो जाता है. इसी क्रम में बुधवार की सुबह ग्रेटर नोएडा की आस्था ग्रीन सोसाइटी के फ्लैट नंबर 103,में रहने वाले प्राशिक के घर में लगे एसी में आग लग गई. उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त वो अपने दफ्तर में थे. घर में पत्नी और दो बच्चे मौजूद था. एसी से आवाज आने के बाद धुंआ और फिर आग निकलने लगी. कमरे में मौजूद दोनों बच्चे खतरे में थे. लेकिन, आग बढ़ने से पहले बेटे ने बहादुरी दिखाते हुए बहन को दूसरे कमरे में सुरक्षित ले गया.

परिवार का आरोप है कि आग लगने के बावजूद फ्लैट में लगा फायर स्प्रिंकलर काम नहीं कर पाया. पीड़ित ने तुरंत बिल्डर प्रबंधन को सूचना दी. लेकिन, उसकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. जिसके बाद उन्होंने सोसाइटी के ग्रुप में मैसेज किया तब कर्मचारी फ्लैट में पहुंचे. लेकिन तब तक एसी पूरी तरह जल चुका था और पिघलकर अलमारी पर गिर गया, जिससे अलमारी भी क्षतिग्रस्त हो गई.

इस घटना के बाद सोसाइटी के लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है. यहां रहने वाले बिपिन सिंह ने बताया कि वो हर महीने नियमित रूप से मेंटेनेंस चार्ज देते हैं बावजूद इसके बिल्डर प्रबंधन सुरक्षा उपायों में लापरवाही बरत रहा है. फायर सेफ्टी के लिए लगे उपकरण सिर्फ शो-पीस बनकर रह गए हैं. बिल्डर प्रबंधन के कर्मचारी अंकुश ने तमाम आरोपों से इनकार किया और कहा कि एसी में धमाका हुआ था, आग नहीं लगी थी. सोसाइटी में लगे सभी सुरक्षा उपकरण ठीक तरीके से काम कर रहे हैं.

 

NATIONAL : घर के आगे बकरा बांधने पर विवाद, दिल्ली में दो समुदायों के बीच चले लाठी-डंडे, पुलिस तैनात

0

दिल्ली के खजूरी इलाके में बकरी बांधने को लेकर दो समुदायों में हिंसक झड़प हो गई. एक युवक की पिटाई के बाद तनाव बढ़ गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया.दिल्ली के खजूरी इलाके में 30 फीटा रोड पर बुधवार (28 मई) की शाम को दो समुदायों में जमकर बवाल हो गया. बताया जा राह है कि यह विवाद मामूली सी बात पर शुरू हुआ था, जिसने हिंसक झड़प का रूप ले लिया. शुरुआत घर के आगे बकरी बांधने से हुई और शाम होते होते एक समुदाय के घर पर दूसरे समुदाय के करीब 7-8 लड़रे लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए और युवक की पिटाई कर दी.

इसके बाद पीड़ित लड़के के समुदाय वालों ने नारेबाजी शुरू कर दी. इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर पुलिस फोर्स लगाई गई है. पुलिस मौके पर है और फिलहाल इलाके में शांति है. किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं हुई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक व्यक्ति के घर के सामने बंधे बकरे हटान के लिए उसने बकरे के मालिकों से अनुरोध किया. उसका कहना था कि यह कोई बकरा मार्केट नहीं है, यहां बकरे खड़े करने से गंदगी होती है और सफाई मुश्किल हो जाती है. इसपर बकरा मालिक बहस करने लगे और फिर गाली-गलौज शुरू कर दी. जो शख्स बकरा लेकर आया था, वो चला गया लेकिन दूसरा व्यक्ति गाली-गलौज करने लगा और बाद में वहां से चला गया.

दोपहर में जब उन्हें समझा बुझा कर भेज दिया गया, तो वे चले गए. हालांकि, उसी रात करीब 9.30 बजे कुछ 7-8 लड़के लाठी-डंडों के साथ वापस आए और शिकायत करने वाले शख्स की बुरी तरह से पिटाई कर दी.

दरअसल, जिस बिल्डिंग के नीचे बकरे खड़े थे, वो पांच मंजिला इमारत है. हर फ्लोर पर फ्लैट बने हैं. ऐसे में मकान मालिक का कहना था कि जो लोग यहां रहते हैं, वो अपनी गाड़ियां कहां खड़ी करेंगे? अगर लोगों को दिक्कत है तो जाहिर है कि बकरे हटाने के लिए बोला जाएगा. लोगों का आरोप है कि बकरा खड़े करने वाले लोग लगातार इलाके पर ऐसे ही कब्जा कर रहे हैं. दोपहर तक इलाके की हालत खराब हो जाती है.

ENTERTAINMNET : बेटी को बचाने के लिए राक्षसों से भी लड़ जाएंगी काजोल, ट्रेलर देखकर कांप जाएगी रूह

0

काजोल की फिल्म मां का ट्रेलर रिलीज हो गया है. इस हॉरर फिल्म में काजोल अपनी बेटी को राक्षसों से बचाती हुई नजर आने वाली हैं. ये फिल्म 27 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

काजोल की फिल्मों का फैंस को बेसब्री से इंतजार रहता है. जब से उनकी फिल्म मां की अनाउंसमेंट हुई है तब से फैंस इसके रिलीज होने का इंतजार कर रहे थे. अब ये इंतजार खत्म होने वाला है. फिल्म का ट्रेलर आज रिलीज हो गया है. ट्रेलर में काजोल अपनी बेटी को बचाने के लिए हर किसी से लड़ने के लिए तैयार नजर आ रही हैं.

ट्रेलर में एक मां की कहानी दिखाई गई है जो एक ऐसी जगह पर जाती है जहां पर एक डरावनी जगह है. इस जगह पर अगर कोई कुंवारी लड़की जाती है तो राक्षस उसे ले जाते हैं. गांव से पिछले कुछ महीनों में कई लड़कियां गायब हो चुकी हैं. लड़कियों के गायब होने के बाद उनके साथ क्या होता है ये दिखाया गया है. जब काजोल की बेटी गायब होती है तो उसे ढूंढने में वो जमीन आसमान एक कर देती है. ये ट्रेलर लोगों को डरा रहा है. आप इसे जब देखेंगे तो जरुर डर लग जाएगा.

फिल्म ‘मां’ को अजय देवगन और ज्योति देशपांडे प्रोड्यूस कर रहे हैं. फिल्म में काजोल के अलावा इंद्रनील सेनगुप्ता, रोनित रॉय और जितिन गुलाटी अहम किरदारों में नजर आएंगे. यह एक महिला की कहानी है, जो अपनी बेटी को बुरी ताकतों से बचाने के लिए किसी भी हद तक जाती है.

 

- Advertisement -

News of the Day